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एमपी पुलिस में बंपर भर्ती,7500 से ज्यादा निकली पोस्ट,कब से होगा आवेदन पढिए मुखबिर

31 मार्च तक होगा समर्थन मूल्य पर खरीदी का पंजीयन,अभी तक 28 हजार 677 किसानों ने कराया पंजीयन

सतना को सीएम यादव ने दी बड़ी सौगात,स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 15 करोड़ और सिंथेटिक ट्रैक के लिए 7 करोड़ किया स्वीकृत

सतना नगर निगम परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास लाने की भाजपा नेताओं ने ही रची शाजिस,सांसद गणेश सिंह की भूमिका संदिग्ध

मंत्रियों को प्रभार के जिले मिले,सीएम ने इंदौर अपने पास रखा तो प्रहलाद को रीवा और विजयवर्गीय को सतना का प्रभार

आधार अपडेट होते ही दिग्विजय और कमलनाथ के क्षेत्र में बुजुर्गों की बंद हुई पेंशन, 600 रुपये प्रतिमाह मिलती थी पेंशन

प्रदेश के विश्वविद्यालयों को उद्योगों की तरह सुविधा देने की योजना बना रही प्रदेश सरकार

भाजपा के ‘मिशन 29’ क्लीन स्वीप पर विंध्य में फिर सकता है पानी,सतना में गणेंश के आगे ‘नारायण’ की चुनौती भारी

अबकी बार 'गणेश' विसर्जन पर ध्यान,फंसी सतना और अब रीवा की बारी
लोकसभा का चुनाव जितना आसान दिख रहा है उतना है नहीं। एमपी में करीब दस ऐसी लोकसभा सीटें हैं जहां पर जीत किसी की भी हो लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। विंध्य की बात करें तो यहां पर बीजेपी के लिए विधानसभा से ज्यादा कठिन लोकसभा का चुनाव होता चला जा रहा है। सतना से चार बार के सांसद गणेश सिंह (ganesh singh) पर बीजेपी ने एक बार फिर दांव लगाया है और उनके खिलाफ कांग्रेस के सिद्धार्थ कुशवाहा को चुनाव मैदान में उतार दिया गया है। ये वही सिद्धार्थ कुशवाहा (siddharth kushwaha) है जिन्होने विधानसभा चुनाव में गणेश सिंह को करारी पटखनी दी थी। और अब वही दोनों प्रतिद्वंदी एक बार फिर चुनाव मैदान में दो हाथ करने के लाए तैयार हैं। लेकिन इसके ठीक उलट मैहर से चार बार विधायक रह चुके नारायण त्रिपाठी (narayan tripathi) ने बीएसपी से टिकट लेकर चुनाव में उतने का ऐलान कर दिया है। मतलब साफ है ब्राम्हण बाहुल सीट में दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों ने ओबीसी उम्मीदवार पर दांव लगाया है। ऐसा माना जा रहा है कि सतना के ब्राम्हणों का पूरा वोट नारायण त्रिपाठी के पक्ष में जाएगा। उसके अलावा एससी वर्ग का वोट बीएसपी के नाते नारायण त्रिपाठी के खाते में जाएगा। और अगर ऐसा होता है तो अबकी बार गणेश विसर्जन तय है। गणेश सिंह से स्थानीय जनता काफी नाराज भी है। गणेश सिंह को कट्टर कुर्मी नेता माना जाता है। हांलाकि भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेता संभावित हार को मानने के लिए तैयार नहीं हैं बल्कि उनका यह मानना है कि नारायण त्रिपाठी का चुनाव मैदान में उतरने का मतलब है कि गणेश सिंह एक बार फिर सतना से भाजपा का पर्चम लहराने वाले हैं।

रीवा और सतना में जातीय समीकरण के आगे फेल हो सकती है मोदी की 'गारंटी'
विंध्य क्षेत्र राजनीतिक दृष्टिकोण से हमेशा कठिन माना जाता रहा है। और बात जब चुनाव की आती है तो विंध्य में जातीय समीकरण पूरे शबाब पर आ जाते हैं। बात सतना और रीवा की हो तो कुछ अलग ही समीकरण सामने आते हैं। सतना से भाजपा ने चार बार के सांसद गणेश सिंह (ganesh singh) को पांचवीं बार चुनाव मैदान में उतार दिया है जो विधानसभा चुनाव में शिकस्त खा चुके हैं फिर भी भाजपा ने उनके नाम पर ही विश्वास दिखाया है। उनके खिलाफ कांग्रेस ने शिद्धार्थ कुशवाहा (siddharth kushwaha) को चुनाव मैदान में उतारा है दोनों नेता ओबीसी वर्ग से आते हैं। गणेश सिंह को कट्टर कुर्मी और जातिवादी नेता माना जाता है इसी लिए सतना में अन्य वर्ग के वोटर गणेश सिंह को पसंद नहीं करते। अब पता चल रहा है कि मैहर विधानसभा से कई बार विधायक रह चुके नारायण त्रिपाठी फिर से चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति बना रहे हैं। नारायण त्रिपाठी एक ब्राम्हण नेता हैं और भाजपा कांग्रेस दोनों दलों से ओबीसी नेताओं के चुनाव लड़ने के कारण नारायण त्रिपाठी को ब्राम्हण वोट मिलना तय है। कुछ इसी प्रकार रीवा में भी समीकरण देखने को मिल रहे हैं जहां भाजपा ने दो बार के सांसद जनार्दन मिश्रा को फिर चुनाव मैदान में उतार दिया है। जनार्दन मिश्रा सरल और सौम्य ब्यक्तित्व के धनी हैं लेकिन उनकी क्षेत्र में उपस्थिति न के बराबर रहती है इसलिए रीवा की जनता उनसे नाराज है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस भी ब्राम्हण उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने की योजना बना रही है। अगर यहां से कांग्रेस ने किसी DMT वर्ग के नेता यानि मिश्रा,तिवारी अथवा दुबे पर दांव लगाया तो मुकाबला दिलचश्प हो जाएगा। और इनसे हट कर बीएसपी ने अगर किसी कुर्मी वर्ग (पटेल) नेता को चुनाव मैदान में उतार दिया तो मुकाबला त्रिकोणीय हो जाएगा और बीएसपी के जीतने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। रीवा और सतना में जिस प्रकार से जातीय समीकरण देखने को मिल रहे हैं उसमें मोदी की 'गारंटी' भी कुछ ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाएगी।

मंत्री प्रतिमा बागरी पहुंची हमीदिया अस्पताल,घायलों से पूछा हालचाल
सतना से भोपाल आ रही चार्टेड बस रायसेन रोड पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमे सफर कर रहे यात्री घायल हो गए। सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस दुर्घटना की जानकारी जब नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी (pratima bagri) को मिली तो वे आनन फानन में दुर्घटना में घायल सभी मरीजों से मिलने हमीदिया अस्पताल पहुंची और मरीजों से मुलाकात कर उन्हें उपचार में हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया । घायलों से मुलाकात के बाद मंत्री प्रतिमा बागरी ने हमीदिया अस्पताल के डाक्टरों से भी बात करते हुए उन्हें आदेशित किया कि सभी मरीजों का उपचार सुव्यवस्थित हो सके इसका खास तौर पर ध्यान रखा जाए ।