भाजपा में ‘जनरेशन शिफ्ट’ की तैयारी 2028 तक डेढ़ दर्जन वरिष्ठ नेता हो सकते हैं ‘मार्गदर्शक’ मंडल में शामिल

मध्य प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की आहट तेज हो गई है। दतिया उपचुनाव के घटनाक्रम के बाद पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में अगली पीढ़ी को आगे लाने के लिए वरिष्ठ नेताओं की भूमिका में बदलाव होगा।
Mukhbir के अनुसार भाजपा 2028 तक प्रदेश के डेढ़ दर्जन से अधिक 65+ नेताओं को चुनावी मैदान से हटाकर उन्हें मार्गदर्शक मंडल या संगठनात्मक जिम्मेदारी देने की योजना पर काम कर रही है।
क्यों हो रहा बदलाव?
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि लगातार जीतने वाले वरिष्ठ नेताओं की वजह से नई पीढ़ी को मौका नहीं मिल पा रहा था। वहीं कार्यकर्ताओं में असंतोष और "परिवर्तन" की मांग भी बढ़ रही थी। दतिया में टिकट वितरण के बाद हुए घटनाक्रम को इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
भाजपा का तर्क है कि अब पार्टी को 2047 के "विकसित भारत" के लक्ष्य के लिए 2028 से ही युवा नेतृत्व तैयार करना है।
संभावित वरिष्ठ नेता जिन्हें नई भूमिका मिल सकती है:
1. डॉ. नरोत्तम मिश्रा - पूर्व गृह मंत्री, दतिया
2. गोपाल भार्गव - वरिष्ठ विधायक
3. राजेन्द्र शुक्ल - डिप्टी सीएम
4. गिरीश गौतम - पूर्व विधानसभा अध्यक्ष
5. राकेश सिंह - मंत्री
6. प्रहलाद पटेल - मंत्री
7. नरेन्द्र सिंह तोमर - विधानसभा अध्यक्ष
8. शिवराज सिंह चौहान - पूर्व सीएम, केंद्रीय मंत्री
9. भूपेन्द्र सिंह - पूर्व मंत्री
10. सीतासरण शर्मा - पूर्व विधानसभा अध्यक्ष
11. फग्गन सिंह कुलस्ते - सांसद
12. अरविंद सिंह भदौरिया - पूर्व मंत्री
13. लाल सिंह आर्य - पूर्व मंत्री
14. बिसाहूलाल सिंह - पूर्व मंत्री
15. नागेन्द्र सिंह - नागौद, गुढ़
नोट: यह सूची संगठन के आंतरिक आकलन और उम्र-कार्यकाल के आधार पर तैयार की गई है। अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
पार्टी का पक्ष
भाजपा नेताओं का कहना है कि यह "निपटाने" का काम नहीं, बल्कि "संगठन विस्तार" की प्रक्रिया है। पार्टी का फोकस अब 35-50 आयु वर्ग के नेताओं को फ्रंटलाइन पर लाने का है ताकि 2028 और 2033 के चुनावों के लिए नेतृत्व तैयार हो सके।
आगे क्या?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में यह सबसे बड़ा नेतृत्व बदलाव होगा। जिन नेताओं को मैदान से हटाया जाएगा, उन्हें संगठन, मार्गदर्शक मंडल या केंद्रीय भूमिका दी जा सकती है।
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