हवा का रुख बदलने में कामयाब हो रहा भाजपा का संगठन,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की रणनीति कर रही काम
विधानसभा चुनाव से पहले यही माना जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने कहीं नहीं टिक पाएगी (madhya pradesh elections)। लेकिन किसी को इस बात का अहसास नहीं था कि भाजपा बाजी पलटने में महिर है। जिस पार्टी ने सरकार जाने के बाद प्रदेश में तख्ता पलट कर दिया हो वो पार्टी खुद की सरकार रहते हुए अपनी सरकार आसानी से कैसे जाने देगी। करीब दो महीने पहले तक राजनीतिक पंडित मान रहे थे कि भाजपा इस चुनाव में 70 से 80 सीट लेकर आएगी। लेकिन समय बीतने के साथ भाजपा ने यह बता दिया कि उसका संगठन कितना मजबूत और सशक्त है। संगठन के अगुआ वीडी शर्मा (vd sharma) को अनुभव के मामले में कम माना जा रहा था लेकिन उन्होने भी यह साबित किया कि उनकी उम्र पूर्व के अध्यक्षों की तुलना में भले कम हो लेकिन विद्यार्थी परिषद के दौरान उन्होने जिस प्रकार से युवाओं की टीम प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में तैयार की थी वही टीम चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। टीकट वितरण के दौरान पार्टी में काफी असंतोष भी देखने को मिला लेकिन प्रदेश अध्यक्ष ने उस पूरे असंतोष को शांत करने में भी सफलता पाई। हांलाकि कुछ क्षेत्रों में अब भी असंतोष की स्थिति है जिससे निपटने के लिए प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के अलग-अलग नेताओं को लगा रखा है। प्रवास के मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बहुत आगे रहते हैं अपने साढे तीन साल के कार्यकाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों का दौरा कर लिया है। उनकी खासियत है कि वो अपने सभी मंडल अध्यक्षों को पहचानते हैं उनसे फोन पर बात करने से लेकर समय-समय पर मीटिंग करते हैं और संगठन को बूथ स्तर पर कैसे मजबूत करना है इस विषय पर वो हमेशा काम करते है। और इस वक्त तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका और बढ़ गई है। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने इस बार सीएम के चेहरे का अनाउंसमेंट नहीं किया है। मतलब साफ है कि ये चुनाव भाजपा का संगठन लड़ रहा है। केन्द्रीय नेतृत्व से मिले दिशा निर्देशों को जमीन में उतारने का काम बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लगातार कर रहे हैं। कांग्रेस पर हमला करने की बात होती है तो वीडी शर्मा खुद सामने खड़े मिलते हैं। भाजपा ने अपने कई केन्द्रीय मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतार दिया है जिसके बाद बीजेपी अध्यक्ष की भूमिका और बढ़ गई है। इन दिनों प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का ना सिर्फ दौरा कर रहे हैं बल्कि जहां पार्टी प्रत्याशी कमजोर है वहां के लिए वो विशेश रणनीति बना कर अन्य नेताओं को तैनात कर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा संगठन की मेहनत का नतीजा है कि आज अब राजनीतिक पंडितों की राय बदल चुकी है और अब सभी यही कहते नजर आ रहे हैं कि दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है। सरकार किसी की भी बन सकती है। लोगों की राय बदलने से मतलब साफ है कि भाजपा के संगठन ने कड़ी मेहनत की है जिसका नतीजा दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है।

📷 VD Sharma
विधानसभा चुनाव से पहले यही माना जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने कहीं नहीं टिक पाएगी (madhya pradesh elections)। लेकिन किसी को इस बात का अहसास नहीं था कि भाजपा बाजी पलटने में महिर है। जिस पार्टी ने सरकार जाने के बाद प्रदेश में तख्ता पलट कर दिया हो वो पार्टी खुद की सरकार रहते हुए अपनी सरकार आसानी से कैसे जाने देगी। करीब दो महीने पहले तक राजनीतिक पंडित मान रहे थे कि भाजपा इस चुनाव में 70 से 80 सीट लेकर आएगी। लेकिन समय बीतने के साथ भाजपा ने यह बता दिया कि उसका संगठन कितना मजबूत और सशक्त है। संगठन के अगुआ वीडी शर्मा (vd sharma) को अनुभव के मामले में कम माना जा रहा था लेकिन उन्होने भी यह साबित किया कि उनकी उम्र पूर्व के अध्यक्षों की तुलना में भले कम हो लेकिन विद्यार्थी परिषद के दौरान उन्होने जिस प्रकार से युवाओं की टीम प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में तैयार की थी वही टीम चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। टीकट वितरण के दौरान पार्टी में काफी असंतोष भी देखने को मिला लेकिन प्रदेश अध्यक्ष ने उस पूरे असंतोष को शांत करने में भी सफलता पाई। हांलाकि कुछ क्षेत्रों में अब भी असंतोष की स्थिति है जिससे निपटने के लिए प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के अलग-अलग नेताओं को लगा रखा है। प्रवास के मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बहुत आगे रहते हैं अपने साढे तीन साल के कार्यकाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों का दौरा कर लिया है। उनकी खासियत है कि वो अपने सभी मंडल अध्यक्षों को पहचानते हैं उनसे फोन पर बात करने से लेकर समय-समय पर मीटिंग करते हैं और संगठन को बूथ स्तर पर कैसे मजबूत करना है इस विषय पर वो हमेशा काम करते है। और इस वक्त तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका और बढ़ गई है। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने इस बार सीएम के चेहरे का अनाउंसमेंट नहीं किया है। मतलब साफ है कि ये चुनाव भाजपा का संगठन लड़ रहा है। केन्द्रीय नेतृत्व से मिले दिशा निर्देशों को जमीन में उतारने का काम बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लगातार कर रहे हैं। कांग्रेस पर हमला करने की बात होती है तो वीडी शर्मा खुद सामने खड़े मिलते हैं। भाजपा ने अपने कई केन्द्रीय मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतार दिया है जिसके बाद बीजेपी अध्यक्ष की भूमिका और बढ़ गई है। इन दिनों प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का ना सिर्फ दौरा कर रहे हैं बल्कि जहां पार्टी प्रत्याशी कमजोर है वहां के लिए वो विशेश रणनीति बना कर अन्य नेताओं को तैनात कर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा संगठन की मेहनत का नतीजा है कि आज अब राजनीतिक पंडितों की राय बदल चुकी है और अब सभी यही कहते नजर आ रहे हैं कि दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है। सरकार किसी की भी बन सकती है। लोगों की राय बदलने से मतलब साफ है कि भाजपा के संगठन ने कड़ी मेहनत की है जिसका नतीजा दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है।
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