विजयपुर में बसपा के वोटर निभाएंगे निर्णायक भूमिका,कांग्रेस और भाजपा की नजर में बसपा के वोटर,13 नवंबर को होनी है वोटिंग

मप्र में पिछले दो पंचवर्शीय से बसपा का अस्तित्व करीब खत्म के बराबर है| साल 2018 के विधानसभा सीट में प्रदेश भर में बसपा की दो सीटें आई थी लेकिन साल 2023 के विधानसभा सीट में बसपा के हाथ में कुछ नहीं लगा है लेकिन प्रदेश के अलग-अलग जिलों और विधानसभा सीटों में बसपा का वोट बैंक आज भी है| उसी वोट बैंक को भाजपा और कांग्रेस अपनी ओर लगातार खींचने का प्रयास कर रहे हैं| बात हो रही है विजयपुर विधानसभा सीट की जहां बसपा ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच बसपा के वोट को अपनी तरफ खींचने की लगातार कोशिशें हो रही हैं| खासकर कांग्रेस पार्टी लगातार प्रयास कर रही है कि बसपा के वोटर कांग्रेस में वोट दें| क्योंकि बसपा में वोट देने वाले लोग किसी समय पर कांग्रेस के ही वोटर हुआ करते थे लिहाजा कांग्रेस को उम्मीद है कि पूरी कोशिश की जाए तो बसपा के वोटरों को अपनी तरफ किया जा सकता है| कांग्रेस पार्टी ने आदिवासी उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतार कर यह भी बता दिया है कि वो जातीय समीकरण को साधने का प्रयास कर रही है लिहाजा आदिवासी बाहुल सीट से मुकेश मल्होत्रा को चुनाव मैदान में उतार कर कांग्रेस पार्टी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है| बसपा के वोट बैंक पर सेंध लगाने के लिए कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष फूल सिंह बरैया और बाबू जंडेल को आगे करके बसपा के वोटरों को कांग्रेस की ओर लाने का पूरा प्रयास कर रही है| कांग्रेस पार्टी घर-घर अभियान चलाकर यह भी बताने का प्रयास कर रही है कि भाजपा की सरकार में किस प्रकार से दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामले बढ़े हैं| वहीं बुंधनी की बात करें तो यहां पर हमेशा मुकाबला दो दलीय रहा है मतलब भाजपा और कांग्रेस के बीच ही यहां पर हमेशा मुकाबला होता रहा है इस लिए कांग्रेस विजयपुर में जीत का पर्चम लहराने के लिए हर प्रकार के दांव आजमा रही है| कांग्रेस को उम्मीद है कि विजयपुर में वो जीत कर अपनी प्रतिष्ठा को बचा सकती है इसी लिए कांग्रेस के नेता विजयपुर में हर प्रकार के दांव आजमाने का प्रयास कर रहे हैं|
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