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मध्य प्रदेश

भाजपा में 'गॉडफादर' वाले कार्यकर्ता 'भाई साहब' कहलाएंगे और जिनके 'गॉडफादर' नहीं वो दरी बिछाने का काम करेंगे

Feb 26, 2026 3 min read
भाजपा में 'गॉडफादर' वाले कार्यकर्ता 'भाई साहब' कहलाएंगे और जिनके 'गॉडफादर' नहीं वो दरी बिछाने का काम करेंगे
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भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी को मां कहते हैं लेकिन इसी पार्टी में अब मां से ऊपर 'गॉडफादर' के छर्रों को महत्व दिया जा रहा है। जिन कार्यकर्ताओं का भाजपा में कोई  'गॉडफादर' है उनके पास पदों की कमी नहीं है और जिन कार्यकर्ताओं के पास 'गॉडफादर' नहीं हैं वो खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं। मनोज राठौर एक ऐसा नाम है जो भोपाल नगर निगम में एमआईसी मेंबर होने के साथ सीसीएलएल के डायरेक्टर भी हैं उन्हें कुछ दिन पहले जारी भोपाल की कार्यकारिणी में जिला महामंत्री का पद भी दिया गया था। हांलांकि वो सूची रद्द हो चुकी है लेकिन खबर है कि अगली सूची में भी उनका नाम तय है। उनके अलावा योगेश परमार महज चार साल पहले पार्टी में आए थे जो हुजूर विधानसभा में रहते हैं और काम दक्षिण-पश्चिम विधानसभा का देखते हैं ये कभी बूथ अध्यक्ष तक नहीं रहे और पिछले दिनों जारी हुई सूची में इन्हें भी महामंत्री बनाया गया था और अन्य कार्यकर्ता पार्टी में वरिष्ठ नेताओं का मुंह ही ताकते रह गए। भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी माना जाता है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अध्यक्ष बनने के बाद कहा था कि वो एक व्यक्ति एक पद को ज्यादा महत्व देंगे लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। भारतीय जनता पार्टी में 'गॉडफादर' वाले कार्यकर्ताओं का वर्चस्व हावी हो रहा है जिसके कारण अन्य कार्यकर्ता खुद को बेबस सा महसूस कर रहे हैं। Mukhbir की टीम ने एक हफ्ते के दौरान भोपाल में भाजपा के करीब डेढ़ सौ कार्यकर्ताओं से बात की तो सभी कार्यकर्ताओं में पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी देखने को मिली। हर कार्यकर्ता यही कहता नजर आया कि उनका कोई 'गॉडफादर' नहीं है इसलिए वो टाट-दरी ही बिछाने का काम करेंगे जिनके पास 'गॉडफादर' हैं वो पद लेकर भाई साहब कहलाएंगे। धीरे-धीरे पार्टी के कार्यकर्ताओं में अंतर्कलह की स्थिति बनती जा रही है जिसे पार्टी का नेतृत्व देख नहीं पा रहा है अथवा देख कर भी अनदेखा कर रहा है। लेकिन पार्टी को 'गॉडफादर' की छवि से बाहर निकल कर कठिन फैसले लेने होंगें। क्योंकि अगले साल से चुनावी दौर शुरु हो रहा है और यही हालात बने रहे तो पार्टी को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एक सुलझे हुए नेता हैं और वो पार्टी में हर तरह के कार्यकर्ताओं पर बारीकी से नजर रखते हैं। उम्मीद है वो पार्टी में चल रही 'गॉडफादर' की परंपरा को खत्म कर कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

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भाजपा में 'गॉडफादर' वाले कार्यकर्ता 'भाई साहब' कहलाएंगे और जिनके 'गॉडफादर' नहीं वो दरी बिछाने का काम करेंगे | मुखबिर MP