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मध्य प्रदेश

भोपाल कलेक्टर को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लगाई फटकार अवैध शराब दुकान प्रकरण में दी अंतिम चेतावनी

Feb 12, 2026 3 min read
भोपाल कलेक्टर को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लगाई फटकार अवैध शराब दुकान प्रकरण में दी अंतिम चेतावनी
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भोपाल की अरेरा कॉलोनी स्थित आवासीय प्लॉट पर संचालित अवैध शराब दुकान के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त रुख अपनाते हुए भोपाल कलेक्टर को कड़ी फटकार लगाई है तथा चार सप्ताह के भीतर ठोस कार्यवाही कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह भी चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में निष्पक्ष कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के अंतर्गत आयोग भोपाल कलेक्टर पर सक्त कार्यवाही करेगा। गौरतलब है कि आयोग ने रहवासियों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर जांच के आदेश दिए थे जिसके बाद भोपाल कलेक्टर ने जांच समिति गठित कर जांच करवाई लेकिन शराब माफिया ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर जांच प्रतिवेदन में असत्य और भ्रामक जानकारी आयोग को भिजवाई जिसकी सूचना शिकायतकर्ताओं को मिली तो उन्होंने तत्काल आयोग को वस्तुस्तिथि से अवगत कराया जिसके चलते आयोग ने पुनः जांच शुरू कर दी है। पिछले  दिनों आयोग के सदस्य प्रियांक क़ानूनगों ने अरेरा कॉलोनी स्थित सोम ग्रुप की दुकान का औचक निरीक्षण किया जहां रहवासियों द्वारा अपनी व्यथा बताई गई प्रशासन शराब माफिया के इशारे पर अपनी जांच रिपोर्ट में मंदिर को मंदिर मानने से इंकार कर दिया,साथ ही नगर निगम द्वारा जारी बिल्डिंग परमिशन को छुपाया गया स्थल पंचनामे में दुकान और मंदिर की दूरी का कोई उल्लेख नहीं है आयोग को भ्रमित करने का पूरा प्रयास किया गया, मौके पर उपस्थित आबकारी अधिकारियों से पूछने पर वो क़ानूनगों को कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए जिस पर आयोग ने अपनी गहरी नाराज़गी व्यक्त की। सोम ग्रुप द्वारा अवैध अहाते का संचालन पाया गया सवाल है। कांग्रेस नेता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि अरेरा कॉलोनी जैसे आवासीय क्षेत्र में, आर्य समाज मंदिर से लगभग 50 मीटर से भी कम दूरी पर तथा अनुश्री चिल्ड्रन हॉस्पिटल के समीप शराब दुकान का संचालन आबकारी नीति का खुला उल्लंघन है। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि केवल नगर निगम के संपत्ति कर अभिलेखों के आधार पर दुकान की वैधता नहीं मानी जा सकती।कलेक्टर को निर्देशित किया गया है कि लीज शर्तों, मास्टर प्लान एवं भवन अनुमति की शर्तों के आलोक में स्वतंत्र जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि उक्त भूखंड का व्यावसायिक उपयोग विधिसम्मत है या नहीं। यदि उल्लंघन पाया जाता है तो दुकान को स्थानांतरित अथवा बंद करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ऐसा ना होने पर आयोग ठोस कार्यवाही करेगा। स्थानीय रहवासी लवनीश भाटी ने कहा कि “यह केवल एक शराब दुकान का मुद्दा नहीं है, बल्कि  अरेरा कॉलोनी रहवासियों के मानवाधिकार, महिलाओं की सुरक्षा, धार्मिक आस्था और कानून के शासन का प्रश्न है। यदि प्रशासन ने अब भी ढिलाई बरती तो कांग्रेस पार्टी जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी।”उन्होंने मांग की है कि अवैध आवंटन और संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए तथा दुकान को किसी चिन्हित व्यावसायिक बाजार क्षेत्र –जैसे नंबर 7 मार्केट या चार इमली मार्केट – में स्थानांतरित किया जाएगा। मानवाधिकार आयोग द्वारा 20 मार्च 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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भोपाल कलेक्टर को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लगाई फटकार अवैध शराब दुकान प्रकरण में दी अंतिम चेतावनी | मुखबिर MP