युवाओं से कदमताल करने में फेल हो रहा बीजेपी का सोशल मीडिया सेल लाखों खर्च करने के बाद भी बेहतर परिणाम देने में नाकाम

आधुनिकता के दौर में सोशल मीडिया राजनीतिक पार्टियों का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक पार्टियां अपनी बात जनता तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। पिछले कुछ सालों में जिस प्रकार से सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो रहा है उससे भाजपा को चुनाव जीतने में भी काफी लाभ पहुंचा है। लेकिन हाल ही में आई काकरोच जनता पार्टी जैसे अस्थाई राजनीतिक दल ने भाजपा के सोशल मीडिया सेल की पोल खोल कर रख दी। जिस प्रकार से काकरोच पार्टी के फालोअर बढ़े और बड़ी संख्या में युवा वर्ग काकरोच पार्टी से जुड़े उससे यह सवाल उठना लाजमी है कि भाजपा जैसे सशक्त संगठन के सोशल मीडिया में काम करने वालों में वो धार नहीं बची जो नए राजनीतिक दलों में है। भारतीय जनता पार्टी सोशल मीडिया को मजबूत बनाए रखने के लिए हर महीने लाखों रुपये खर्च करती है। 50 के अधिक युवक युवतियों को भाजपा ने इसके माध्यम से रोजगार भी दे रखा है। लेकिन इतना सबकुछ करने के बाद भी जब काकरोच जैसी पार्टी भाजपा से आगे निकल रही है तो सवाल बनता है। सरकार और संगठन की प्रत्येक बात को बेहतर तरीके से जनता तक पेश करना इनका काम है। उसके अलावा नवाचार करना भी इनका काम है। समय के साथ युवाओं का इंट्रेस्ट रील्स में बढ़ा है। उसके अलावा अन्य कई काम हैं जहां पर भाजपा के सोशल मीडिया को काम करने की जरुरत है। नेताओं के सिर्फ फोटो सोशल मीडिया में डाल देना ही इनका काम नहीं है। वर्तमान में क्या विषय ट्रेंड में है इन सबकी जानकारी रखना भी इनका काम है। साथ ही कौन सा विपक्षी दल कौन सी रणनीति के तहत सोशल मीडिया में क्या परोस रहा है इन सब चीजों पर नजर रखना भी सोशल मीडिया के लोगों का ही काम है। लेकिन भाजपा का सोशल मीडिया भीषण गर्मी के बीच सुस्त सा पड़ गया है और उसका फायदा काकरोच जैसी पार्टी के युवाओं ने उठाया। उन्होंने पता किया कि कौन से मुद्दे ऐसे हैं जिनसे युवा वर्ग अट्रैक्ट होता है। Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार काकरोच जनता पार्टी के पास अभी तक उतने साधन और संसाधन भी नहीं हैं जितने भाजपा के पास हैं। करीब महीने भर पहले प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सोशल मीडिया की टीम के साथ बैठक कर उनकी रणनीति को समझने का प्रयास किया था और उन्हें अपना काम करने के लिए फ्री-हैंड भी दिया था उसके बाद भी भाजपा का सोशल मीडिया विभाग उस स्तर पर खरा नहीं उतर पाया जिस स्तर की भारतीय जनता पार्टी है। अब वक्त है नवाचार का। अगर भाजपा का सोशल मीडिया ग्रुप नवाचार को अपना कर अपडेट नहीं होता है तो ऐसे ही छोटे-मोटे दल सोशल मीडिया में तबाही मचाएंगे और जब तक भाजपा का संगठन जागेगा तब तक काफी देर हो चुकी होगी।
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