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मध्य प्रदेश

बीजेपी के सहयोग सेल में शिक्षा स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित आ रहीं ज्यादा शिकायतें

Feb 4, 2026 3 min read
बीजेपी के सहयोग सेल में शिक्षा स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित आ रहीं ज्यादा शिकायतें
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बीजेपी के कार्यकर्ताओं की शिकायत दूर करने के लिए मध्य प्रदेश भाजपा की तरफ से सहयोग सेल का आगाज किया गया है। बीजेपी के सहयोग सेल को करीब दो महीने से ज्यादा का वक्त बीच चुका है। सहयोग सेल को सफल बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की तरफ से कई तरह के नवाचार किए गए हैं। सभी कार्यकर्ताओं को मंत्रियों से मिलाने के लिए भी टोकन सिस्टम लागू किया गया है जिससे अनुशासन बना रहे और सभी कार्यकर्ता मंत्रियों के पास पहुंच कर अपने आवेदन और अपनी बात रख सकें। आम तौर पर 50 फीसदी मामलों को सहयोग सेल में बैठे मंत्री फोन से ही निपटारा कर देते हैं। लेकिन कुछ ऐसे मामले भी हैं जो अलग-अलग विभागों के आते हैं जिन्हें संबंधित विभागों में भेज दिया जाता है और फिर आइटी सेल की टीम उन आवेदनों का संबंधित विभाग से संपर्क करके समस्याओं का निराकरण करने की कोशिश करती है। सहयोग सेल में ट्रांसफर और पोस्टिंग जैसे मामलों को छोड़ कर सभी प्रकार की समस्याओं की सुनवाई की जाती है। समस्या का हल निकलने के बाद संबंधित व्यक्ति को आइटी सेल की तरफ से फोन पर बकायदा जानकारी भी दी जाती है। लेकिन यहां पर तीन विभाग ऐसे हैं जिनकी सबसे ज्यादा समस्याएं आ रही हैं और वही सहयोग सेल पर भारी पड़ रही हैं। ग्रामीण विकास,स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के मामले 50 फीसदी से अधिक आ रहे हैं। आमतौर पर देश में इन्हीं की मूलभूत समस्या भी है। शिक्षा और स्वास्थ ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं और उन्हीं की शिकायतें सहयोग सेल के लिए भारी पड़ रही हैं। शिक्षा,स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित आ रही शिकायतों से यह भी पता चलता है कि यही विभाग सीधे जनता से जुड़े हैं और इन्ही विभागों में ठीक से काम नहीं हो रहे हैं। फिलहाल सहयोग सेल में सभी प्रकार के आवेदन लेकर उन्हें पूरा करने का प्रयास तो किया जा रहा है और प्रदेश संगठन की ओर से संचालित सहयोग सेल भी अपनी तरफ से ठीक तरीके से काम कर रहा है लेकिन इन तमाम प्रयासों के बाद भी अगर शिक्षा,स्वास्थ और ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित मामले आ रहे हैं तो मतलब साफ है कि संगठन तो अपनी मंशा अनुरुप ठीक काम कर रहा है लेकिन यहां पर सरकार के तंत्र पर सवाल जरुर खड़े हो रहे हैं। अगर प्रशासनिक अमला ठीक से काम कर रहा होता तो शायद शिक्षा और स्वास्थ सहयोग सेल के लिए समस्या बन कर नहीं आते लेकिन इस नवाचार ने यह बता दिया है कि संगठन की मंशा ठीक है लेकिन सरकार को अपने विभागों को दुरुस्त करने के लिए प्रशासनिक कसावट की जरुरत है।

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