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मध्य प्रदेश

'बांड' भरवा कर नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों को दे सकती है टिकट जीतने के बाद पार्टी न छोड़ें इसलिए बनाई जा रही 'बांड' पॉलिसी

Jun 27, 2026 3 min read
'बांड' भरवा कर नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों को दे सकती है टिकट जीतने के बाद पार्टी न छोड़ें इसलिए बनाई जा रही 'बांड' पॉलिसी
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मध्य प्रदेश कांग्रेस साल 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। अहम बात यह है कि कांग्रेस इस चुनाव में समय से पहले प्रत्याशियों का चयन कर उन्हें फ्री हैंड करना चाहती है जिससे उन्हें चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। शनिवार को इन्हीं सब बातों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नगरीय निकाय चुनाव प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित की गई थी। जिसका नेतृत्व प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी कर रहे थे। बैठक में जिलों के प्रभारी और जिला अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया था। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी अपेक्षित थे लेकिन वो शामिल नहीं हुए। बैठक के दौरान जिला और विधानसभा प्रभारियों से कहा गया कि निकायों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रत्याशी चयन लगभग पूरा हो जाना चाहिए। पार्टी ऐसा इसलिए करने जा रही है जिससे प्रत्याशी को क्षेत्र में प्रचार करने का पर्याप्त मौका मिल सके। बैठक के दौरान एक बड़ा मुद्दा प्रत्याशियों की विश्वसनीयता रही। बैठक में यह बात उठी कि चुनाव जीतने के बाद प्रत्याशी पार्टी छोड़ कर भाजपा में शामिल हो जाते हैं जिसको लेकर बैठक में चिंता व्यक्त की गई। Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया कि अब जिताऊ उम्मीदवार का चयन होने के बाद उससे बांड भरवाया जाएगा जिसमें पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। कांग्रेस का विधि प्रकोष्ठ सभी उम्मीदवारों को B फार्म देने के साथ एक बांड भी देगा जिसमें चुनाव जीतने के बाद अगले पांच साल तक पार्टी में बने रहने और काम करने के लिए कहा जाएगा। हांलांकि इस प्रस्ताव पर सभी पदाधिकारी सहमत नहीं थे जिसके कारण प्रस्ताव पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। लेकिन जिस प्रकार से कांग्रेस नेताओं का पलायन हो रहा है उससे पार्टी नेतृत्व टेंशन में हैं। गौरतलब है कि पिछले नगरीय निकाय चुनाव में प्रदेश की 16 नगर पालिका में पांच में कांग्रेस जीती थी लेकिन उनमें तीन पार्टी छोड़ कर जा चुके हैं। इसी कारण पार्टी का सबसे ज्यादा जोर प्रत्याशी चयन पर और उनकी विश्वसनीयता है है। अगर सबकुछ सही रहा और विवाद की स्थिति नहीं बनती है तो कांग्रेस नगरीय निकाय चुनाव में बांड पॉलिसी का नया दांव खेल सकती है।

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'बांड' भरवा कर नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों को दे सकती है टिकट जीतने के बाद पार्टी न छोड़ें इसलिए बनाई जा रही 'बांड' पॉलिसी | मुखबिर MP