डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बरसाई लाठियां आंसू गैस के गोले फेंके उठा कर थाने ले गए

दतिया उप चुनाव में भाजपा की तरफ से आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद दतिया भाजपा में ऐसी सुनामी आई कि कार्यकर्ता न सिर्फ सड़क पर उतरे हैं बल्कि 251 बूथ समिति के पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया,इनके अलावा जिला अध्यक्ष,मंडल अध्यक्ष सभी प्रकार के पदाधिकारियों ने एकसाथ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाइवे जाम किया तो वहीं हजारों कार्यकर्ता जिला भाजपा कार्यालय में रात भर डटे रहे। 'दतिया के दादा' के नाम से मशहूर पूर्व गृह मंत्री के प्रति कार्यकर्ताओं की दीवानगी का आलम उस वक्त देखने को मिला जब भाजपा के ही कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठियां बरसाना शुरु कर दिया। उतने में भी बात नहीं बनी तो आंसू गैस के गोले दागे गए लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं और डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का मनोबल नहीं टूटा। हजारों कार्यकर्ताओं को पुलिस उठा कर ले गई लेकिन कार्यकर्ता अपने दादा के टिकट की मांग पर रात भर अड़े रहे और अब भी अड़े हैं। दरअसल जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री की पीठ पर छूरा घोपने का काम किया है वो अब पूरी जनता के सामने आ चुका है। भारतीय जनता पार्टी ने एक ऐसे नेता का टिकट काट दिया जिस नेता ने अपना सर्वश्व जीवन भाजपा को दे दिया। तत्कालीन शिवराज सरकार के संकटमोचक कहे जाने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा को कभी यह अंदाज़ा नहीं रहा होगा कि जिस पार्टी के लिए वो अपना खून पसीना बहा रहे हैं वही पार्टी एक दिन उन्हें दूध में पड़ी मक्खी की तरह बाहर निकाल कर फेंक देगी। पूर्व गृह मंत्री को उन्हीं के साथियों ने धोखा दिया जिसकी मिशाल उनकी जगह दूसरे को टिकट देकर पेश की गई है। फिलहाल दतिया झुलस रहा है। आज दतिया में भाजपा का कोई नाम लेने वाला नहीं बचा है। अगर कुछ बचा है तो सिर्फ भाजपा द्वारा किया गया विश्वास घात और धोखा बचा है। जिन नरोत्तम ने दतिया को फर्श से अर्श तक पहुंचाया उन्हीं नरोत्तम को पार्टी ने टिकट नहीं दिया। दिलचस्प बात तो यह भी है कि दतिया में चुनाव की स्थिति पिछले एक महीने से बनी हुई है। और डॉ. नरोत्तम मिश्रा चुनाव की तैयारी भी कर रहे थे जिसकी जानकारी भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं को थी। ऐसी स्थिति में अगर आर्टी को उन्हें टिकट नहीं देना था तो पहले बता दिया गया होता जिससे वो चुनाव की उम्मीद ही नहीं रखते। लेकिन नामांकन प्रक्रिया के ठीक दो दिन पहले पूर्व गृह मंत्री की जगह दूसरे नेता को टिकट देने का मतलब साफ है कि यहां पर पीठ में छूरा घोपने का काम किया गया है जिसे दतिया के कार्यकर्ता बर्दास्त नहीं कर पा रहे हैं।
Reader Reactions
What is your reaction to this story?'भाजपा विहीन दतिया' नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में जिलाध्यक्ष समेत पूरा संगठन और सभी पार्षदों ने दिया इस्तीफा व्यापारियों ने सभी प्रतिष्ठान किए बंद
'ब्राह्मण नेतृत्व' खत्म करने की साजिश डॉ नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटते ही दतिया में भूचाल
Reader Discussion & Comments (0)
Moderated CommentsRelated Top News

शासकीय कर्मचारियों का मनचाही जगह पर होगा तबादला,वेतन विसंगति दूर करने पर भी सीएम का जोर
29/7/2024
संविदा एवं ठेका श्रमिक कर्मचारी संघ इंटक ने दिया ज्ञापन,वेतन वृद्धि का आदेश जारी नहीं होने के कारण दिया ज्ञापन
31/7/2024
शासकीय कर्मचारियों के तबादलों से हटेगा प्रतिबंध,जिलों को हफ्ते भर के अंदर मिलेंगे प्रभारी मंत्री,सभी मंत्रियों के जिले तय घोषणा होना बांकी
30/7/2024