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संत प्रेमानंद महाराज की शरण में 'विराट और अनुस्का' लिया सफलता का आशीर्वाद

Jan 10, 2025 3 min read
संत प्रेमानंद महाराज की शरण में 'विराट और अनुस्का' लिया सफलता का आशीर्वाद
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आसट्रेलिया में हुई बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में टीम इंडिया के धुरंधर खिलाड़ी विराट कोहली बुरी तरह से फ्लाप रहे। इस नाकामी के बाद विराट कोहली ने पत्नी अनुस्का के साथ एक बार फिर भगवान के दरवार में हाजिरी लगाना शुरु कर दिया है। इस मौके पर वो शुक्रवार की सुबह संत प्रेमानन्द महाराज के दर्शन करने पहुंचे। सफलता और असफलता को लेकर दोनों ने अपनी जिज्ञासा प्रेमानंद महाराज जी के सामने रखी। जिसके बाद  प्रेमानंद महाराज ने उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा शांत की। इससे पहले ठीक एक साल पहले भी (जनवरी 2023 में) दोनों संत प्रेमानन्द महाराज के दर्शन करने के लिये आये थे। इस मौके पर अनुष्‍का के एक सवाल का जवाब देते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा कि ये भी इनकी साधना क्रिकेट है। ये अपने अभ्यास में रहें और इनका यही भजन है कि अपने अभ्यास को पुष्ट करें, भले ही वह खेल है। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हम साधना करके लोगों को प्रसन्नता दे रहे हैं, ये (विराट) पूरे भारत को एक खेल से प्रसन्नता दे रहे हैं। अगर ये (विराट) विजयी होते हैं तो हमारे पूरे भारत में पटाखे फूटते हैं, पूरे भारत में आनंद मनाया जाता है, ये क्या इनकी (विराट की) साधना नहीं है? ये भी इनकी साधना है, ये अपने अभ्यास में रहें और इनका यही भजन है कि अपने अभ्यास को पुष्ट करें, भले ही वह खेल है। हमें अपने अभ्यास की पुष्टता पर ध्यान देना चाहिए, हमारे अभ्यास में कमी नहीं होनी चाहिए और बीच बीच में नाम स्मरण कर लेना चाहिए, तो इनके लिये यही साधना है। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अपने-अपने लक्ष्य को अगर हम दृढ़ता से निभाएं तो हम अपनी जगह उन्नति को प्राप्त होंगे और ये अपनी जगह उन्नति को प्राप्त होंगे और दोनों एक ही जगह पहुंचेंगे, क्योंकि यह परमात्मा के इस विश्व में इस भाव से रह रहे हैं और हम संत भाव में रह रहे हैं। सेवा वो भी है और सेवा ये भी है। ऐसा नहीं कि केवल परमात्मा के चरण डौलाना ही सेवा होती है। अलग-अलग सेवाएं होती हैं। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि इनको (विराट को) भगवान ने खेल सेवा दी। अगर इस सेवा में प्रबलता पूर्वक संसार को सुख पहुंचा रहे हैं और नाम जप कर रहे हैं तो ये भगवत की सेवा ही कहलाई जाएगी।

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