मध्य प्रदेश
बीजेपी में यति की 'अती' का पता चलते ही संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने लगाई परेड हाथ-पर हाथ रखे नजर आए यति
मध्य प्रदेश भाजपा के नव नियुक्त संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर तिवारी जिला इकाइयों को पूरी तरह से सशक्त बनाने में जुट गए हैं। अलग-अलग जिलों का दौरा करने क...
• Oct 18, 2026• 3 min read

📷 Cover Photo: बीजेपी में यति की 'अती' का पता चलते ही संगठन महामंत्री चन्द्
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मध्य प्रदेश भाजपा के नव नियुक्त संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर तिवारी जिला इकाइयों को पूरी तरह से सशक्त बनाने में जुट गए हैं। अलग-अलग जिलों का दौरा करने के अलावा मौका मिलते ही प्रदेश कार्यालय में भी स्थानीय इकाई के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनके संगठनात्मक अनुभव की जानकारी ले रहे हैं। इस बीच भोपाल की जिला इकाई में बढ़े आपसी विवाद की जानकारी भी संगठन महामंत्री को लग चुकी है। शनिवार को जब भोपाल जिला कोर ग्रुप की बैठक हुई तो सभी विधायकों के अलावा पदाधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं पर जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति संगठन महामंत्री के बगल में हाथ से हाथ जोड़ कर खड़े नजर आए। इस बात में कोई सक नहीं कि भोपाल से दो मंत्री और तीन विधायक होने के कारण सभी नेता संगठन में अपना दबदबा बनाए रखना चाहते हैं ऊपर से जिला अध्यक्ष होने के नाते रविन्द्र यति चाहते हैं कि संगठन में उनकी भी चले क्योंकि वो अध्यक्ष हैं लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। बड़े नेताओं की दखलंदाजी के चलते रविन्द्र यति अब खुद को ठगा सा महसूस करने लगे हैं। संगठन महामंत्री ने जब सभी नेताओं के साथ बैठक की तो उन्हें संगठन की दिशा और दशा समझने में देर नहीं लगी। राउंड टेबल में हुई बैठक से जब नेता बाहर निकले तो सभी के चेहरे पर मुस्कान थी लेकिन उस मुस्कान के पीछे दर्द कितना था वो भाजपा के नेता ही जानते हैं। दरअसल जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति ने भी जिला संगठन में आती मचा रखी है। जहां पर उनको थोड़ा सा भी मौका मिलता है तो अपनी चलाने के चक्कर में अन्य पदाधिकारियों की भावना को वो भूल जाते हैं। अध्यक्षी के मद में चूर रविन्द्र यति भोपाल भाजपा के ही प्रत्येक पदाधिकारियों को बैठक की जानकारी नहीं देते हैं। सैनिक प्रकोष्ठ के संयोजक कर्नल ईशान को कभी भी भोपाल जिले की संगठनात्मक बैठकों की जानकारी नहीं दी जाती। उनके अलावा मिलन भार्गव जो सह मीडिया प्रभारी के दायित्व पर हैं वो भी भोपाल से आते हैं उन्हें भी बैठकों में शामिल होते नहीं देखा गया इसका मतलब उन्हें भी बैठकों की जानकारी नहीं दी जाती। इन पदाधिकारियों के अलावा भी कुछ पदाधिकारी हैं जिन्हें जिले की संगठनात्मक बैठक की जानकारी नहीं दी जाती है। जबकि प्रदेश भर में सेवा संकल्प अभियान चल रहा है उसके बाद भी जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति पार्टी के पदाधिकारियों के साथ संवाद नहीं करते हैं। उनकी इसी जीवन शैली के कारण पार्टी के अन्य पदाधिकारी कार्यक्रमों से दूरी बनाने लगे हैं। खास कर राजधानी के ही कार्यकर्ता और पदाधिकारी संगठन के कार्यक्रमों में रुचि नहीं ले रहे हैं क्योंकि रविन्द्र यति की माथा देख कर टीका लगाने की आदत से सभी पदाधिकारी परिचित हो चुके हैं। उनके इन्हीं कृत्यों की जानकारी संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर तिवारी को हो चुकी है। बैठक के माध्यम से संगठन महामंत्री प्रत्येक पदाधिकारी को समझने का भी प्रयास कर रहे हैं। उनकी संगठनात्मक सोच को भी समझने का प्रयास कर रहे हैं इसके बाद जिला इकाई में चल रहे विवादों को खत्म करने पर वो तेजी से काम करेंगे।
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