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17 जिलों के परिणाम तय करेंगे प्रदेश की भावी सरकार
मध्य प्रदेश के 17 जिलों के चुनाव परिणाम पर भाजपा और कांग्रेस,दोनों दलों की नजर है (madhya pradesh elections)। 2018 के चुनाव में यहां एकतरफा परिणाम रहे थे। टीकमगढ़,रीवा,सिंगरौली,शहडोल,उमरिया,हरदा,नर्मदापुरम,सीहोर और नीमच जिले की सभी सीटें भाजपा ने जीती थी। जबकि मुरैना,अशोक नगर,अनूपपुर,डिंडौरी,छिंदवाड़ा,अलीराजपुर और झाबुआ जिले की सभी सीटें कांग्रेस ने जीती थी। खरगोन जिले की छह में से पांच सीटें कांग्रेस ने तो एक पर कांग्रेस के बागी (केदार डाबर) निर्दलीय चुनाव लड़ कर जीते थे। अब ये कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान पर हैं। प्रदेश में बुरहानपुर और आगर जिला ऐसा है, जहां एक-एक सीट कांग्रेस और भाजपा तो एक-एक पर निर्दलीय चुनाव जीते थे। बुरहानपुर जिले में नेपानगर सीट कांग्रेस और बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा चुनाव जीते थे। शेरा अब कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। यही स्थिति आगर जिले में भाजपा के साथ बनी थी। यहां एक सीट भाजपा तो एक निर्दलीय विक्रम सिंह राणा ने जीती थी। राणा इस चुनाव में भाजपा से मैदान में हैं। इस प्रकार 17 जिलों के परिणाम या तो भाजपा के पक्ष में थे या फिर कांग्रेस के।

मतगणना से पहले कांग्रेस देगी उम्मीदवारों को ट्रेनिंग
मप्र में 17 नवंबर को वोटिंग हो चुकी है और अब तीन दिसंबर को मतगणना होनी है (madhya pradesh elections)। उसके पहले भाजपा और कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवारों को मतगणना को ट्रेनिंग देने की योजना बना रहे हैं। जिससे मतगणना के दौरान किसी प्रकार की हेरा फेरी ना होने पाए। दिलचश्प पहलू यह है कि कांग्रेस पार्टी के जितने भी एजेंट मतगणना में मौजूद रहेंगे वो हर राउंड के बाद प्रमाण पत्र लेंगे। कांग्रेस पार्टी की ओर से बकायदा ट्रेनिंग देने का काम किया जा रहा है जिसके लिए 26 तारीख तय की गई है। पार्टी के सभी 230 उम्मीदवार अथवा उनका कोई प्रतिनिधि प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में 26 नवंबर को आकर ट्रेनिंग लेगा। और फिर वो अपने क्षेत्र में जाकर अन्य कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देगा। ठीक इसी प्रकार से भारतीय जनता पार्टी ने भी रणनीति तैयार की है लेकिन भाजपा के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को भोपाल बुलाने के बजाय उन्हे जिला मुख्यालय में ही ट्रेनिंग देने का काम किया जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी एक्सपर्टों की टीम सभी जिला मुख्यालयों में भेजेगी जहां उस संबंधित जिले की सभी विधानसभा सीटों के प्रत्याशी और उनके एजेंट मौजूद रहेंगे जिन्हे एक्सपर्टों के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाएगी। गौरतलब है कि तीन दिसंबर को प्रदेश भर में मतगणना होने जा रही है (assembly elections results) भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अपनी जीत का दावा कर रही हैं और उनका दावा खोंखला साबित न होने पाए, मतगणना के दौरान किसी प्रकार की कोई कमी न रह जाए जिसके कारण भविष्य में पछताना न पड़े इसी लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देने की रणनीति तैयार की है। जिसको अमली जामा पहनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस की ओर से काम भी शुरु हो चुका है।

एमपी में सियासी जमीन की तलाश में तीसरे दलों ने कई सीटों पर भाजपा-कांग्रेस का बिगाड़ा गणित
मप्र में मतदान हो चुका है और उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है (mp elections)। साल 2018 की तुलना में इस साल बंपर वोटिंग हुई है जिससे भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। भाजपा के नेताओं का मानना है कि लाड़ली बहना योजना के कारण महिलाएं घर से बाहर निकली हैं और भाजपा कज पक्ष में वोट किया है वहीं कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि पीसीसी चीफ कमलनाथ ने जिस प्रकार से अपने वचन पत्र में गारंटियां दी हैं उसी का परिणाम है कि प्रदेश में बंपर वोटिंग हुई है। खैर किस पार्टी का वर्चश्व होगा वो तो तीन दिसंबर को ही पता चलेगा लेकिन सबसे अहम बात यह है कि मप्र में हुए इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अलावा बसपा,आमआदमी पार्टी,सपा सहित कई अन्य दलों ने भी खूब पसीना बहाया और मजबूत उम्मीदवार उतारे हैं। प्रदेश की करीब दो दर्जन से ज्यादा ऐसी सीटें हैं जहां पर त्रिकोणीय मुकाबला है। अकेले विंध्य की दर्जन भर सीटों में त्रृकोणीय मुकाबला देखने को माल रहा है। जिसमें बीएसपी और सपा दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों ने अलग-अलग सीटों पर भाजपा और कांग्रेस को खासी टक्कर दी है। पूरे एमपी में माना जा रहा है कि बीएसपी की करीब पांच से छह सीटें आने वाली हैं। जिस प्रकार से वोटिंग प्रतिशत आया है उससे दोनों पार्टियों में उत्साह तो खूब है लेकिन अंदर ही अंदर दोनों पार्टियों में चिंता की लकीरें भी देखने को मिल रही हैं। सभी नेता हिसाब लगाने में जुट गए हैं कि वोट प्रतिशत बढ़ा है तो इसका मतलब क्या है?

क्या हम सनातनी नहीं हैं? हम सनातनी,वैष्णव और शैष्णव सब हैंःराजबब्बर
भोपाल दौरे पर आए फिल्म अभिनेता और नेता राजबब्बर (raj babbar) ने प्रेसवार्ता आयोजित कर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एमपी में गरीबी का आलम ये है कि दस हजार में बच्चियां बेची जा रही हैं। इसके अलावा राजबब्बर ने पीएम मोदी और सीएम शिवराज के उस बयान पर भी कटाक्ष किया जिसमें उन्होने कहा है कि राहुल और प्रियंका मनोरंजन करने आते हैं। जिस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि चाहे हेमा मालिनी हों या प्रियंका हम महिलाओं का सम्मान करते हैं,इस प्रकार के बयान देना मतलब छिछोरा बयान की कहा जा सकता है। आयोध्या में श्रीराम मंदिर का अब तक दर्शन नहीं करने पर राजबब्बर ने कहा कि भगवान राम सबके हैं। मन में आस्था है और जब चाहेंगे तब भगवान राम के दर्शन करने जाएंगे क्या हम सनातनी नहीं हैं। हम सनातनी,वैष्णव और सैष्णव सब हैं। फिल्म अभिनेता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि इतने साल में भाजपा ने घोटालों के अलावा किया क्या है। राजबब्बर ने कांग्रेस के वचन पत्र में दी गई गारंटी को याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस महिलाओं को सम्मान के रुप में 1500 रुपये देना चाहती है। रोजगार देना चाहती है। बेरोजगारी भत्ता देना चाहती है। लेकिन भाजपा के संकल्प पत्र में ऐसा कोई भी संकल्प नहीं लिया गया है।

बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की आव भगत से खुश हुए केन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव
मप्र में चुनाव प्रचार पूरे शबाब पर है। इस बीच बीजेपी के राष्ट्रीय नेता एमपी में लगातार पहुंच रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) और अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) के कंधे पर तो चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी है लिहाजा वो लगातार एमपी में ही रुक रहे हैं और अक्शर बीजेपी के मीडिया सेंटर में वो आते रहते हैं। इस बीच एक ऐसा वाक्या देखने को मिला जब सभी लोग हैरान रह गए,दरअसल प्रदेश शह चुनाव प्रभारी अश्वनी वैष्णव ने अचानक बीजेपी मीडिया सेंटर की तारीफ कर दी और कहा कि बीजेपी मीडिया सेंटर में खाने की अच्छी चीजें मिलती हैं और आशीष अग्रवाल जी का मैनेजमेंट काफी शानदार है। दरअसल हुआ यूं कि केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता थी और प्रहलाद पटेल का सोमवार ब्रत था। तो प्रहलाद पटेल के लिए साबूदाने की खिचड़ी परोसी गई। इस दौर अश्वनी वैष्णव भी मौजूद थे हाथ में उनके जैसे ही खिचड़ी आई तो वो बीजेपी मीडिया सेंटर और प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल के मैनेजमेंट की तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाए और कई लोगों के सामने ही तारीफ कर डाली। हांलाकि यह पहला मौका नहीं है जब आशीष अग्रवाल के प्रबंधन की तारीफ हुई है इससे पहले जो भी नेता भोपाल के बीजेपी मीडिया सेंटर पहुंचा है उसने मीडिया सेंटर की ब्यवस्था देखकर जरुर तारीफ की है।

सुरखी विधानसभा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता
मप्र की सुरखी विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की सदस्यता ले ली (bjp membership)। सभी कार्यकर्ताओं को प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) ने सदस्यता दिलाई है।सुरखी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के समक्ष ग्राम ककरुआ में वीर सिंह कुशवाहा, धन सिंह कुशवाहा, पवन कुशवाहा, गणेश अहिरवार, कामता अहिरवार, डमरू अहिरवार, संतोष अहिरवार , रमेश अहिरवार, बाबू अहिरवार, हीरालाल अहिरवार, चेतू अहिरवार , मोहन अहिरवार, बसंत अहिरवार, महेश अहिरवार, रामकृष्ण अहिरवार, प्रदीप अहिरवार तथा राजू धनक ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेते हुए संकल्प लिया कि वो भी भाजपा के साथ क्षेत्र के विकास में कदम से कदम मिलाकर सुरखी विधानसभा क्षेत्र के विकास में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी सदस्यों का भाजपा का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाइयां देते हुए कहा कि भाजपा विकास करने वाली पार्टी है, जिसने बिना भेदभाव के सभी वर्गों के लिए योजनाएं बनाई तथा विकास कार्य किय है। जिससे प्रभावित होकर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ली है और यह क्रम इसी तरह चलता रहेगा क्योंकि कांग्रेस सिर्फ आश्वासन और झूठे वादे करती है। भाजपा काम करके दिखाती है। इस अवसर पर क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सहित सैकड़ों ग्राम वासी मौजूद रहे। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी कार्यकर्ताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि क्षेत्र में विकास की कोई कमी नहीं रहेगी। जहां भी विकास की आवश्यकता है वहां पर विकास किया जाएगा। क्षेत्र की जनता के हर सुख और दुख का ध्यान रखा जाएगा।

जगदीश मीणा ने सैकड़ों समर्थकों सहित ली बीजेपी की सदस्यता
मीणा समाज के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश मीणा (Jagdish Meena) ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। जगदीश मीणा को प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलाई है। जगदीश मीणा चाचौड़ा से आते हैं और मीणा समाज के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उनके भाजपा ज्वाइन करने से विधानसभा चुनाव में काफी फायदा हो सकता है। प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव(Bhupendra Yadav) के मुयाबिक प्रदेश की करीब 32 विधानसभा सीटों में मीणा समाज का वर्चश्व है लिहाजा जगदीश मीणा के बीजेपी ज्वाइन करने से पार्टी को काफी लाभ होने की संभावना जताई जा रही है। दगदीश मीणा के साथ दो सरपंच और दो पूर्व सरपंच के अलावा एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने विपक्ष पर साधा निशाना,कहा मै सुख दुख का साथी-राजनीतिक पर्यटक नहीं
प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का चुनाव प्रचार लगातार जारी है। दतिया की जनता के दिल में रहने वाले प्रदेश के गृह मंत्री रोजाना नए रुप में दिखाई पड़ते हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा शक्ति स्वरुपा महिलाओं की आरती करते हैं तो आम लोगों पर वो फूल की बारिश भी करते नजर आते हैं। गुरुवार को गृह मंत्री ने नुक्कड़ सभाओं में उनसे मिलने आए ग्रामीणों पर पुष्प वर्षा की और फूल मालाएं पहनाईं। इस दौरान डॉक्टर मिश्रा ने कहा मैं कांग्रेसियों की तरह राजनीतिक पर्यटक नहीं हूं ,कि चुनाव हुए तो आपके बीच आ गए , और झूठी घोषणाएं करने लगे । मैं पिछले 15 सालों से आपके सुख दुख में साथ हूं ,और रहूंगा। गृह मंत्री डॉ मिश्रा ने आज, महुआ, कुम्हेड़ी, लिधौरा, केवलारी, चक बहादुरपुर का दौरा कर ग्रामीणों का आशीर्वाद लिया। दौरे के दौरान संबंधित ग्रामों में भारतीय जनता पार्टी के विकास कार्यों की योजनाओं के बारे में ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम वासियों को विस्तृत जानकारी दी (MP BJP)। गृह मंत्री के दौरों को स्थानीय जनता की ओर से जमकर जन समर्थन मिल रहा है।

हवा का रुख बदलने में कामयाब हो रहा भाजपा का संगठन,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की रणनीति कर रही काम
विधानसभा चुनाव से पहले यही माना जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने कहीं नहीं टिक पाएगी (madhya pradesh elections)। लेकिन किसी को इस बात का अहसास नहीं था कि भाजपा बाजी पलटने में महिर है। जिस पार्टी ने सरकार जाने के बाद प्रदेश में तख्ता पलट कर दिया हो वो पार्टी खुद की सरकार रहते हुए अपनी सरकार आसानी से कैसे जाने देगी। करीब दो महीने पहले तक राजनीतिक पंडित मान रहे थे कि भाजपा इस चुनाव में 70 से 80 सीट लेकर आएगी। लेकिन समय बीतने के साथ भाजपा ने यह बता दिया कि उसका संगठन कितना मजबूत और सशक्त है। संगठन के अगुआ वीडी शर्मा (vd sharma) को अनुभव के मामले में कम माना जा रहा था लेकिन उन्होने भी यह साबित किया कि उनकी उम्र पूर्व के अध्यक्षों की तुलना में भले कम हो लेकिन विद्यार्थी परिषद के दौरान उन्होने जिस प्रकार से युवाओं की टीम प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में तैयार की थी वही टीम चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। टीकट वितरण के दौरान पार्टी में काफी असंतोष भी देखने को मिला लेकिन प्रदेश अध्यक्ष ने उस पूरे असंतोष को शांत करने में भी सफलता पाई। हांलाकि कुछ क्षेत्रों में अब भी असंतोष की स्थिति है जिससे निपटने के लिए प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के अलग-अलग नेताओं को लगा रखा है। प्रवास के मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बहुत आगे रहते हैं अपने साढे तीन साल के कार्यकाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों का दौरा कर लिया है। उनकी खासियत है कि वो अपने सभी मंडल अध्यक्षों को पहचानते हैं उनसे फोन पर बात करने से लेकर समय-समय पर मीटिंग करते हैं और संगठन को बूथ स्तर पर कैसे मजबूत करना है इस विषय पर वो हमेशा काम करते है। और इस वक्त तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका और बढ़ गई है। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने इस बार सीएम के चेहरे का अनाउंसमेंट नहीं किया है। मतलब साफ है कि ये चुनाव भाजपा का संगठन लड़ रहा है। केन्द्रीय नेतृत्व से मिले दिशा निर्देशों को जमीन में उतारने का काम बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लगातार कर रहे हैं। कांग्रेस पर हमला करने की बात होती है तो वीडी शर्मा खुद सामने खड़े मिलते हैं। भाजपा ने अपने कई केन्द्रीय मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतार दिया है जिसके बाद बीजेपी अध्यक्ष की भूमिका और बढ़ गई है। इन दिनों प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का ना सिर्फ दौरा कर रहे हैं बल्कि जहां पार्टी प्रत्याशी कमजोर है वहां के लिए वो विशेश रणनीति बना कर अन्य नेताओं को तैनात कर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा संगठन की मेहनत का नतीजा है कि आज अब राजनीतिक पंडितों की राय बदल चुकी है और अब सभी यही कहते नजर आ रहे हैं कि दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है। सरकार किसी की भी बन सकती है। लोगों की राय बदलने से मतलब साफ है कि भाजपा के संगठन ने कड़ी मेहनत की है जिसका नतीजा दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है।

तीन राज्यों की नारी शक्ति प्रदेश में खिलाएंगी 'कमल' महिलाओं से घर-घर करेंगी संपर्क
मध्यप्रदेश में भाजपा को जीत दिलाने के लिए अन्य राज्यों का पार्टी संगठन भी जुट गया है। तीन राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा (bjp mahila morcha) की बहनें मध्य प्रदेश की महिलाओं को साधने के लिए 15 दिन तक प्रदेश प्रवास पर रहेगी (madhya pradesh elections)।

शक्ति की आराधना करते नरोत्तम,आस्था में झुके सिर
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक ऐसी सख्सियत हैं जो दतिया की जनता को भगवान मानते हैं। जनता उनका स्वागत करने पहुंचती है तो वो फूलों का हार खुद पहनने के बजाय उसी जनता को पहना देते हैं। (दादा) के नाम से मशहूर नरोत्तम मिश्रा के दिल में दतिया बसता है (Narottam Mishra)। जिस प्रकार से दतिया की जनता ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को वोट का आशीर्वाद देकर लगातार सियासत के शिखर पर पहुंचाया है उसका ऋण वो अगले पांच साल तक उतारते हैं। दतिया का एक बच्चा भी भोपाल में आता है तो उनके 'दादा' नरोत्तम मिश्रा उनकी आव भगत में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। लगातार जनता की सेवा करने के बाद अब डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर जनता के बीच उपस्थित हैं। इस दौरान उनके अलग-अलग रुप भी देखने को मिल रहे हैं। लेकिन आज तो उनका एक ऐसा रुप देखने को मिला जो नवरात्रि की याद को ताजा कर गया। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ना सिर्फ लोगों के घर पहुंचे बल्कि उन घरों की लक्ष्मी स्वरुपा महिलाओं की आरती कर उनके पैर छुए और जीत का आशीर्वाद भी लिया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा की यही विनम्रता उनको अन्य नेताओं से अलग बनाती है। गृह मंत्री ना सिर्फ खुद के लिए मेहनत कर रहे हैं बल्कि प्रदेश में भाजपा की सरकार एकबार फिर स्थापित करने के लिए वो स्टार प्रचारक के रुप में प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा सीटों में दौरा कर पार्टी प्रत्याशियों के लिए भी वोट की अपील कर रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं में गिने जाते हैं उनका प्रभाव प्रदेश की कई सीटों पर है। विंध्य की जनता भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उतना ही चाहती है जितना दतिया और डबरा की जनता नरोत्तम मिश्रा को चाहती है। फिलहाल डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपने कर्तब्य पथ पर लगातार लगे हैं और जनता से खुद के साथ पार्टी की जीत के लिए आशीर्वाद मांग रहे हैं।

आशीष अग्रवाल ने बदली बीजेपी मीडिया विभाग की तस्वीर,नई प्रतिभाओं को दिया मंच
किसी भी पार्टी का चेहरा उसका अध्यक्ष होता है,और पार्टी का अहम हिस्सा उसका मीडिया विभाग होता है जो पार्टी की आवाज को हर फोरम में रखता है। पार्टी की बात सभी अपने-अपने तरीके से रखते हैं लेकिन उनका प्रजेंटेशन किस प्रकार का है वो मायने रखता है। बीजेपी मीडिया विभाग की बात करें तो उसमें अलग-अलग समय पर मीडिया प्रभारी बनाए गए (bjp media department)। सभी ने अपनी काबिलियत और क्षमता के मुताबिक बीजेपी के मीडिया विभाग को संचालित किया। लेकिन जिस दिन से भाजपा की ओर से युवा प्रवक्ता आशीष अग्रवाल (ashish agarwal) को बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाया गया उस दिन से बीजेपी मीडिया विभाग की तस्वीर बदल गई। आशीष अग्रवाल की उम्र कम है लेकिन अनुभव उससे ज्यादा है। उन्हे ऐसे समय पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया विभाग की कमान सौंपी गई जब प्रदेश में भाजपा के खिलाफ एंटीइकबेंसी की बात की जा रही थी। इतना ही नहीं टिकट की दौड़ में शामिल कई प्रवक्ताओं ने बीजेपी प्रदेश कार्यालय आना बंद कर दिया था। हर न्यूज चैनल से बीजेपी प्रदेश मीडिया विभाग की शिकायतें आ रही थी। ऐसी स्थिति में भाजपा के नेतृत्व ने युवा प्रवक्ता आशीष अग्रवाल को प्रदेश मीडिया विभाग का प्रभारी बना कर यह बता दिया कि वो युवाओं को पीछे नहीं आगे रखकर पार्टी की आवाज को बुलंद करना चाहती है। आशीष अग्रवाल को जब प्रदेश मीडिया विभाग का प्रभारी बनाया गया उस वक्त लोगों को लग रहा था कि उनमें अनुभव की कमी है और चुनाव के समय वो दबाव नहीं झेल पाएंगे। लेकिन आशीष अग्रवाल ने इस पद को ना सिर्फ अवसर मान कर स्वीकार किया बल्कि एक चुनौती के रुप में उन्होने मीडिया प्रभारी के पद को स्वीकार किया। यह चुनौती उनके लिए आसान भी नहीं थी क्योंकि जिम्मेदारी मिलने के महज कुछ दिनों के पहले ही आशीष अग्रवाल की मां का लंबी बीमारी के बाद स्वर्गवास हो गया था और वो अपनी मां के काफी करीब थे। मां के स्वर्गवासी होने का दुख उनके दिल और दिमांग में काफी दिनों तक रहा,आज भी वो अपनी मां की तस्वीर अपने साथ लेकर चलते हैं कार्यालय में अपनी कुर्सी में बैठने से पहले वो अपनी मां की पूजा करते हैं और फिर उसके बाद ही वो पार्टी के काम में लगते हैं। मां की पूजा से उनको शक्ति मिलती है और यही कारण है कि भाजपा के बहुत ऐसे युवा पैनलिष्ट थे जिन्हे घर बैठा दिया गया था उन्हे कोई पूछने वाला नहीं था। आशीष अग्रवाल ने पद सभांलते ही सभी प्रतिभाशाली युवाओं को बुलाया और काम पर लगा दिया। इतना ही नहीं समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले प्रतिभाशाली लोगों की भी आशीष अग्रवाल ने खोज की और उन्हे भी मंच देकर पार्टी की बात जनता के सामने रखने की आजादी दी। इस वक्त चुनाव पूरे शबाब पर है प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के नेता लगातार आ रहे हैं सभी को प्रजेंटेशन देना प्रदेश की भौगोलिक स्थिति की जानकारी देना और विपक्ष की रणनीति और आरोपों को बताने का काम वो बखूबी रखते हैं। चुनाव के चलते बीजेपी प्रदेश कार्यालय में वरिष्ठ प्रवक्ताओं का जमावड़ा लगा रहता है। सभी को सम्मान देना और सभी को खबर देना एक बड़ी चुनौती है लेकिन आशीष अग्रवाल किसी को मायूस नहीं करते। पार्टी की गाइडलाइन के मुताबिक वो खबर देते हैं और सम्मान का वो विशेष ध्यान देते हैं। अग्रवाल समाज से आने के नाते आशीष अग्रवाल को लोगों को मैनेज करने की खूबी जन्म से मिली है। जब कोई भी प्रवक्ता कांग्रेस से भाजपा के मीडिया सेंटर आता है तो वो बीजेपी मीडिया सेंटर की तारीफ किए बगैर नहीं रह पाता।