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बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की आव भगत से खुश हुए केन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव
भोपाल

बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की आव भगत से खुश हुए केन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव

मप्र में चुनाव प्रचार पूरे शबाब पर है। इस बीच बीजेपी के राष्ट्रीय नेता एमपी में लगातार पहुंच रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) और अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) के कंधे पर तो चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी है लिहाजा वो लगातार एमपी में ही रुक रहे हैं और अक्शर बीजेपी के मीडिया सेंटर में वो आते रहते हैं। इस बीच एक ऐसा वाक्या देखने को मिला जब सभी लोग हैरान रह गए,दरअसल प्रदेश शह चुनाव प्रभारी अश्वनी वैष्णव ने अचानक बीजेपी मीडिया सेंटर की तारीफ कर दी और कहा कि बीजेपी मीडिया सेंटर में खाने की अच्छी चीजें मिलती हैं और आशीष अग्रवाल जी का मैनेजमेंट काफी शानदार है। दरअसल हुआ यूं कि केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता थी और प्रहलाद पटेल का सोमवार ब्रत था। तो प्रहलाद पटेल के लिए साबूदाने की खिचड़ी परोसी गई। इस दौर अश्वनी वैष्णव भी मौजूद थे हाथ में उनके जैसे ही खिचड़ी आई तो वो बीजेपी मीडिया सेंटर और प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल के मैनेजमेंट की तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाए और कई लोगों के सामने ही तारीफ कर डाली। हांलाकि यह पहला मौका नहीं है जब आशीष अग्रवाल के प्रबंधन की तारीफ हुई है इससे पहले जो भी नेता भोपाल के बीजेपी मीडिया सेंटर पहुंचा है उसने मीडिया सेंटर की ब्यवस्था देखकर जरुर तारीफ की है।

6/11/2023173
सुरखी विधानसभा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता
भोपाल

सुरखी विधानसभा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता

मप्र की सुरखी विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की सदस्यता ले ली (bjp membership)। सभी कार्यकर्ताओं को प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) ने सदस्यता दिलाई है।सुरखी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के समक्ष ग्राम ककरुआ में वीर सिंह कुशवाहा, धन सिंह कुशवाहा, पवन कुशवाहा, गणेश अहिरवार, कामता अहिरवार, डमरू अहिरवार, संतोष अहिरवार , रमेश अहिरवार, बाबू अहिरवार, हीरालाल अहिरवार, चेतू अहिरवार , मोहन अहिरवार, बसंत अहिरवार, महेश अहिरवार, रामकृष्ण अहिरवार, प्रदीप अहिरवार तथा राजू धनक ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेते हुए संकल्प लिया कि वो भी भाजपा के साथ क्षेत्र के विकास में कदम से कदम मिलाकर सुरखी विधानसभा क्षेत्र के विकास में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी सदस्यों का भाजपा का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाइयां देते हुए कहा कि भाजपा विकास करने वाली पार्टी है, जिसने बिना भेदभाव के सभी वर्गों के लिए योजनाएं बनाई तथा विकास कार्य किय है। जिससे प्रभावित होकर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ली है और यह क्रम इसी तरह चलता रहेगा क्योंकि कांग्रेस सिर्फ आश्वासन और झूठे वादे करती है। भाजपा काम करके दिखाती है। इस अवसर पर क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सहित सैकड़ों ग्राम वासी मौजूद रहे। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी कार्यकर्ताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि क्षेत्र में विकास की कोई कमी नहीं रहेगी। जहां भी विकास की आवश्यकता है वहां पर विकास किया जाएगा। क्षेत्र की जनता के हर सुख और दुख का ध्यान रखा जाएगा।

4/11/2023106
जगदीश मीणा ने सैकड़ों समर्थकों सहित ली बीजेपी की सदस्यता
भोपाल

जगदीश मीणा ने सैकड़ों समर्थकों सहित ली बीजेपी की सदस्यता

मीणा समाज के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश मीणा (Jagdish Meena) ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। जगदीश मीणा को प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलाई है। जगदीश मीणा चाचौड़ा से आते हैं और मीणा समाज के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उनके भाजपा ज्वाइन करने से विधानसभा चुनाव में काफी फायदा हो सकता है। प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव(Bhupendra Yadav) के मुयाबिक प्रदेश की करीब 32 विधानसभा सीटों में मीणा समाज का वर्चश्व है लिहाजा जगदीश मीणा के बीजेपी ज्वाइन करने से पार्टी को काफी लाभ होने की संभावना जताई जा रही है। दगदीश मीणा के साथ दो सरपंच और दो पूर्व सरपंच के अलावा एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।

4/11/2023117
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने विपक्ष पर साधा निशाना,कहा मै सुख दुख का साथी-राजनीतिक पर्यटक नहीं
भोपाल

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने विपक्ष पर साधा निशाना,कहा मै सुख दुख का साथी-राजनीतिक पर्यटक नहीं

प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का चुनाव प्रचार लगातार जारी है। दतिया की जनता के दिल में रहने वाले प्रदेश के गृह मंत्री रोजाना नए रुप में दिखाई पड़ते हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा शक्ति स्वरुपा महिलाओं की आरती करते हैं तो आम लोगों पर वो फूल की बारिश भी करते नजर आते हैं। गुरुवार को गृह मंत्री ने नुक्कड़ सभाओं में उनसे मिलने आए ग्रामीणों पर पुष्प वर्षा की और फूल मालाएं पहनाईं। इस दौरान डॉक्टर मिश्रा ने कहा मैं कांग्रेसियों की तरह राजनीतिक पर्यटक नहीं हूं ,कि चुनाव हुए तो आपके बीच आ गए , और झूठी घोषणाएं करने लगे । मैं पिछले 15 सालों से आपके सुख दुख में साथ हूं ,और रहूंगा। गृह मंत्री डॉ मिश्रा ने आज, महुआ, कुम्हेड़ी, लिधौरा, केवलारी, चक बहादुरपुर का दौरा कर ग्रामीणों का आशीर्वाद लिया। दौरे के दौरान संबंधित ग्रामों में भारतीय जनता पार्टी के विकास कार्यों की योजनाओं के बारे में ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम वासियों को विस्तृत जानकारी दी (MP BJP)। गृह मंत्री के दौरों को स्थानीय जनता की ओर से जमकर जन समर्थन मिल रहा है।

2/11/2023133
हवा का रुख बदलने में कामयाब हो रहा भाजपा का संगठन,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की रणनीति कर रही काम
भोपाल

हवा का रुख बदलने में कामयाब हो रहा भाजपा का संगठन,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की रणनीति कर रही काम

विधानसभा चुनाव से पहले यही माना जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने कहीं नहीं टिक पाएगी (madhya pradesh elections)। लेकिन किसी को इस बात का अहसास नहीं था कि भाजपा बाजी पलटने में महिर है। जिस पार्टी ने सरकार जाने के बाद प्रदेश में तख्ता पलट कर दिया हो वो पार्टी खुद की सरकार रहते हुए अपनी सरकार आसानी से कैसे जाने देगी। करीब दो महीने पहले तक राजनीतिक पंडित मान रहे थे कि भाजपा इस चुनाव में 70 से 80 सीट लेकर आएगी। लेकिन समय बीतने के साथ भाजपा ने यह बता दिया कि उसका संगठन कितना मजबूत और सशक्त है। संगठन के अगुआ वीडी शर्मा (vd sharma) को अनुभव के मामले में कम माना जा रहा था लेकिन उन्होने भी यह साबित किया कि उनकी उम्र पूर्व के अध्यक्षों की तुलना में भले कम हो लेकिन विद्यार्थी परिषद के दौरान उन्होने जिस प्रकार से युवाओं की टीम प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में तैयार की थी वही टीम चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। टीकट वितरण के दौरान पार्टी में काफी असंतोष भी देखने को मिला लेकिन प्रदेश अध्यक्ष ने उस पूरे असंतोष को शांत करने में भी सफलता पाई। हांलाकि कुछ क्षेत्रों में अब भी असंतोष की स्थिति है जिससे निपटने के लिए प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के अलग-अलग नेताओं को लगा रखा है। प्रवास के मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बहुत आगे रहते हैं अपने साढे तीन साल के कार्यकाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों का दौरा कर लिया है। उनकी खासियत है कि वो अपने सभी मंडल अध्यक्षों को पहचानते हैं उनसे फोन पर बात करने से लेकर समय-समय पर मीटिंग करते हैं और संगठन को बूथ स्तर पर कैसे मजबूत करना है इस विषय पर वो हमेशा काम करते है। और इस वक्त तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका और बढ़ गई है। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने इस बार सीएम के चेहरे का अनाउंसमेंट नहीं किया है। मतलब साफ है कि ये चुनाव भाजपा का संगठन लड़ रहा है। केन्द्रीय नेतृत्व से मिले दिशा निर्देशों को जमीन में उतारने का काम बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लगातार कर रहे हैं। कांग्रेस पर हमला करने की बात होती है तो वीडी शर्मा खुद सामने खड़े मिलते हैं। भाजपा ने अपने कई केन्द्रीय मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतार दिया है जिसके बाद बीजेपी अध्यक्ष की भूमिका और बढ़ गई है। इन दिनों प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का ना सिर्फ दौरा कर रहे हैं बल्कि जहां पार्टी प्रत्याशी कमजोर है वहां के लिए वो विशेश रणनीति बना कर अन्य नेताओं को तैनात कर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा संगठन की मेहनत का नतीजा है कि आज अब राजनीतिक पंडितों की राय बदल चुकी है और अब सभी यही कहते नजर आ रहे हैं कि दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है। सरकार किसी की भी बन सकती है। लोगों की राय बदलने से मतलब साफ है कि भाजपा के संगठन ने कड़ी मेहनत की है जिसका नतीजा दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है।

1/11/2023118
तीन राज्यों की नारी शक्ति प्रदेश में खिलाएंगी 'कमल' महिलाओं से घर-घर करेंगी संपर्क
भोपाल

तीन राज्यों की नारी शक्ति प्रदेश में खिलाएंगी 'कमल' महिलाओं से घर-घर करेंगी संपर्क

मध्यप्रदेश में भाजपा को जीत दिलाने के लिए अन्य राज्यों का पार्टी संगठन भी जुट गया है। तीन राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा (bjp mahila morcha) की बहनें मध्य प्रदेश की महिलाओं को साधने के लिए 15 दिन तक प्रदेश प्रवास पर रहेगी (madhya pradesh elections)।

31/10/2023122
शक्ति की आराधना करते नरोत्तम,आस्था में झुके सिर
भोपाल

शक्ति की आराधना करते नरोत्तम,आस्था में झुके सिर

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक ऐसी सख्सियत हैं जो दतिया की जनता को भगवान मानते हैं। जनता उनका स्वागत करने पहुंचती है तो वो फूलों का हार खुद पहनने के बजाय उसी जनता को पहना देते हैं। (दादा) के नाम से मशहूर नरोत्तम मिश्रा के दिल में दतिया बसता है (Narottam Mishra)। जिस प्रकार से दतिया की जनता ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को वोट का आशीर्वाद देकर लगातार सियासत के शिखर पर पहुंचाया है उसका ऋण वो अगले पांच साल तक उतारते हैं। दतिया का एक बच्चा भी भोपाल में आता है तो उनके 'दादा' नरोत्तम मिश्रा उनकी आव भगत में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। लगातार जनता की सेवा करने के बाद अब डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर जनता के बीच उपस्थित हैं। इस दौरान उनके अलग-अलग रुप भी देखने को मिल रहे हैं। लेकिन आज तो उनका एक ऐसा रुप देखने को मिला जो नवरात्रि की याद को ताजा कर गया। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ना सिर्फ लोगों के घर पहुंचे बल्कि उन घरों की लक्ष्मी स्वरुपा महिलाओं की आरती कर उनके पैर छुए और जीत का आशीर्वाद भी लिया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा की यही विनम्रता उनको अन्य नेताओं से अलग बनाती है। गृह मंत्री ना सिर्फ खुद के लिए मेहनत कर रहे हैं बल्कि प्रदेश में भाजपा की सरकार एकबार फिर स्थापित करने के लिए वो स्टार प्रचारक के रुप में प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा सीटों में दौरा कर पार्टी प्रत्याशियों के लिए भी वोट की अपील कर रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं में गिने जाते हैं उनका प्रभाव प्रदेश की कई सीटों पर है। विंध्य की जनता भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उतना ही चाहती है जितना दतिया और डबरा की जनता नरोत्तम मिश्रा को चाहती है। फिलहाल डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपने कर्तब्य पथ पर लगातार लगे हैं और जनता से खुद के साथ पार्टी की जीत के लिए आशीर्वाद मांग रहे हैं।

31/10/2023185
आशीष अग्रवाल ने बदली बीजेपी मीडिया विभाग की तस्वीर,नई प्रतिभाओं को दिया मंच
भोपाल

आशीष अग्रवाल ने बदली बीजेपी मीडिया विभाग की तस्वीर,नई प्रतिभाओं को दिया मंच

किसी भी पार्टी का चेहरा उसका अध्यक्ष होता है,और पार्टी का अहम हिस्सा उसका मीडिया विभाग होता है जो पार्टी की आवाज को हर फोरम में रखता है। पार्टी की बात सभी अपने-अपने तरीके से रखते हैं लेकिन उनका प्रजेंटेशन किस प्रकार का है वो मायने रखता है। बीजेपी मीडिया विभाग की बात करें तो उसमें अलग-अलग समय पर मीडिया प्रभारी बनाए गए (bjp media department)। सभी ने अपनी काबिलियत और क्षमता के मुताबिक बीजेपी के मीडिया विभाग को संचालित किया। लेकिन जिस दिन से भाजपा की ओर से युवा प्रवक्ता आशीष अग्रवाल (ashish agarwal) को बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाया गया उस दिन से बीजेपी मीडिया विभाग की तस्वीर बदल गई। आशीष अग्रवाल की उम्र कम है लेकिन अनुभव उससे ज्यादा है। उन्हे ऐसे समय पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया विभाग की कमान सौंपी गई जब प्रदेश में भाजपा के खिलाफ एंटीइकबेंसी की बात की जा रही थी। इतना ही नहीं टिकट की दौड़ में शामिल कई प्रवक्ताओं ने बीजेपी प्रदेश कार्यालय आना बंद कर दिया था। हर न्यूज चैनल से बीजेपी प्रदेश मीडिया विभाग की शिकायतें आ रही थी। ऐसी स्थिति में भाजपा के नेतृत्व ने युवा प्रवक्ता आशीष अग्रवाल को प्रदेश मीडिया विभाग का प्रभारी बना कर यह बता दिया कि वो युवाओं को पीछे नहीं आगे रखकर पार्टी की आवाज को बुलंद करना चाहती है। आशीष अग्रवाल को जब प्रदेश मीडिया विभाग का प्रभारी बनाया गया उस वक्त लोगों को लग रहा था कि उनमें अनुभव की कमी है और चुनाव के समय वो दबाव नहीं झेल पाएंगे। लेकिन आशीष अग्रवाल ने इस पद को ना सिर्फ अवसर मान कर स्वीकार किया बल्कि एक चुनौती के रुप में उन्होने मीडिया प्रभारी के पद को स्वीकार किया। यह चुनौती उनके लिए आसान भी नहीं थी क्योंकि जिम्मेदारी मिलने के महज कुछ दिनों के पहले ही आशीष अग्रवाल की मां का लंबी बीमारी के बाद स्वर्गवास हो गया था और वो अपनी मां के काफी करीब थे। मां के स्वर्गवासी होने का दुख उनके दिल और दिमांग में काफी दिनों तक रहा,आज भी वो अपनी मां की तस्वीर अपने साथ लेकर चलते हैं कार्यालय में अपनी कुर्सी में बैठने से पहले वो अपनी मां की पूजा करते हैं और फिर उसके बाद ही वो पार्टी के काम में लगते हैं। मां की पूजा से उनको शक्ति मिलती है और यही कारण है कि भाजपा के बहुत ऐसे युवा पैनलिष्ट थे जिन्हे घर बैठा दिया गया था उन्हे कोई पूछने वाला नहीं था। आशीष अग्रवाल ने पद सभांलते ही सभी प्रतिभाशाली युवाओं को बुलाया और काम पर लगा दिया। इतना ही नहीं समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले प्रतिभाशाली लोगों की भी आशीष अग्रवाल ने खोज की और उन्हे भी मंच देकर पार्टी की बात जनता के सामने रखने की आजादी दी। इस वक्त चुनाव पूरे शबाब पर है प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के नेता लगातार आ रहे हैं सभी को प्रजेंटेशन देना प्रदेश की भौगोलिक स्थिति की जानकारी देना और विपक्ष की रणनीति और आरोपों को बताने का काम वो बखूबी रखते हैं। चुनाव के चलते बीजेपी प्रदेश कार्यालय में वरिष्ठ प्रवक्ताओं का जमावड़ा लगा रहता है। सभी को सम्मान देना और सभी को खबर देना एक बड़ी चुनौती है लेकिन आशीष अग्रवाल किसी को मायूस नहीं करते। पार्टी की गाइडलाइन के मुताबिक वो खबर देते हैं और सम्मान का वो विशेष ध्यान देते हैं। अग्रवाल समाज से आने के नाते आशीष अग्रवाल को लोगों को मैनेज करने की खूबी जन्म से मिली है। जब कोई भी प्रवक्ता कांग्रेस से भाजपा के मीडिया सेंटर आता है तो वो बीजेपी मीडिया सेंटर की तारीफ किए बगैर नहीं रह पाता।

30/10/2023276
कांग्रेस को 'राम' से आपत्ति है या 'मंदिर' से स्पष्ट करें: सुधांशु त्रिवेदी
भोपाल

कांग्रेस को 'राम' से आपत्ति है या 'मंदिर' से स्पष्ट करें: सुधांशु त्रिवेदी

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी (sudhanshu trivedi) ने कांग्रेस पर करारा प्रहार कर राम के नाम और मंदिर पर सवाल किया है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि उसे राम से आपत्ति है अथवा मंदिर से। गौरतलब है कि कांग्रेस की तरफ से एक प्रेसवार्ता के दौरान बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराने पर शहीदी का नाम दिया गया था (babri masjid demolition)। कांग्रेस का इस प्रकार बयान आते ही भारतीय जनता पार्टी को मौका मिला और राम के नाम के साथ मंदिर के नाम पर कांग्रेस के ऊपर हमला बोल दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब न्यायालय ने मान लिया कि वहां पर राम मंदिर था और उसी को आधार मानते हुए मंदिर बनाने का आदेश दिया गया फिर भी कांग्रेस की ओर से विवादित ढांचे को शहीदी का नाम देने का तात्पर्य क्या है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वो श्री राम का विरोध कर रही है या मंदिर का। सुधांशु त्रिवेदी ने साफ आरोप लगाया कि जब चुनाव आते हैं तब कांग्रेस के नेता मंदिर जाने लगते हैं खुद को हिंदू बताने लगते हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही कांग्रेस वालों के बयान बदल जाते हैं।

29/10/2023112
चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस को चाहिए 75 प्रतिशत का स्ट्राइक रेट,भाजपा के लिए आसान
भोपाल

चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस को चाहिए 75 प्रतिशत का स्ट्राइक रेट,भाजपा के लिए आसान

क्रिकेट की तरह ही सियासत की पिच पर भी स्ट्राइक रेट का काफी महत्व होता है। पिछले तीन विधानसभा चुनावों (2008, 2013 और 2018) के आंकड़े देखें तों 'स्ट्राइक रेट' में कांग्रेस भाजपा से पीछे है (madhya pradesh elections)। हम बात कर रहे हैं पिछले तीन चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के लिहाज से सबसे मजबूत ( तीन में से तीन जीत) सीटों के बारे में। बड़े दिलचश्प हैं ये आंकड़े। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 74 सीटें ऐसी हैं,जिन पर कांग्रेस ने पिछले तीनों चुनाव में जीत दर्ज नहीं की है। वहीं भाजपा के लिए ऐसी सीटों की संख्या केवल 11 है। दूसरी ओर पिछले तीनों चुनावों में जीती जाने वाली भाजपा के सीटों की संख्या 58 है,जबकि कांग्रेस के खाते में ऐसी सिर्फ 10 सीटें हैं। इसे दूसरे अर्थों में यूं कहा जा सकता है कि कांग्रेस को इस बार सत्ता में आना है, तो 230 नहीं बल्कि 156 (230-74) सीटों में से बहुमत का आंकड़ा 116 छूना होगा। मतलब करीब 75 प्रतिशत स्ट्राइक रेट कांग्रेस को चाहिए होगा। भाजपा के लिए यह समीकरण थोड़ा आसान है। कुल सीटों मे से उसकी कमजोर 11 सीटें हटा दें, तो 219 सीटें रहती हैं, जिनमें 116 पर जीत दर्ज करने पर सरकार बनेगी। वनडे क्रिकेट में स्लाग ओवर्स मतलब आखिरी के ओवर में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की आवश्यकता होती है। कुछ ऐसा ही कांग्रेस को उन 61 सीटों पर करना होगा। जहां जहां पिछले तीन चुनावों के आंकड़े के अनुसार परिणाम कुछ भी हो सकता है। 2018 में कांग्रेस इनमें से 41 सीट जीती थी और सत्ता पर आई थी। जबकि भाजपा को सिर्फ 20 पर ही संतोष करना पड़ा था। इस बार भी ये सीट कांग्रेस की झोली में जाती है तो परिणाम कुछ भी हो सकते हैं।

27/10/202384
'गोरिल्ला' वॉर की तैयारी में भाजपा,30 अक्टूबर के बाद भाजपा कांग्रेस को करेगी 'चारों खाने चित्त'
भोपाल

'गोरिल्ला' वॉर की तैयारी में भाजपा,30 अक्टूबर के बाद भाजपा कांग्रेस को करेगी 'चारों खाने चित्त'

सियासत में शतरंज के खेल और उसकी बाजी का बड़ा महत्व होता है। और इस पूरे मामले में इस वक्त भारतीय जनता पार्टी का कोई तोड़ नहीं है (mp bjp)। मप्र के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है, अभी तक लग रहा था कि इस चुनावी चौसर में भारतीय जनता पार्टी काफी पीछे है लेकिन दिन बीतते-बीतते जैसे-जैसे मतदान की तारीख करीब आती चली जा रही है भाजपा के सियासी घोड़े उल्टी चाल चलने लगे हैं जिसका जवाब कांग्रेस पार्टी (mp congress) दे पाने में असमर्थ साबित हो रही है। प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान है और 30 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख है (MP Elections)। भाजपा ने अब तय कर लिया है कि कर्नाटक की गलतियों को एमपी में नहीं दोहराया जाएगा,और कांग्रेस को किसी प्रकार का मौका नहीं दिया जाएगा। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी ने 'गोरिल्ला' वार की तैयारी को अंजाम देना शुरु कर दिया है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी अब अपने विपक्षी दलों को किसी प्रकार का मौका नहीं देना चाहती है। शतरंज के खेल में सामने वाले खिलाड़ी की नजर में देखना बहुत जरुरी होता है कि वो अगली चाल कौन सी चलने वाला है। भाजपा भी कुछ ऐसा ही करने जा रही है। 30 अक्टूबर के बाद भाजपा अपने सभी मोहरों को एमपी विधानसभा के चुनाव में उतारने जा रही है। कांग्रेस पार्टी के पास स्टार प्रचारकों से लेकर कार्यकर्ताओं की भारी कमी है। रही सही कसर कांग्रेस के नाराज खेमे पूरी कर दे रहे हैं। जिस प्रकार से कांग्रेस के बाहर और अंदर विरोध हो रहा है उसका भरपूर फायदा भारतीय जनता पार्टी उठाने की योजना बना रही है। कांग्रेस की जब एक जगह सभा हो रही होगी तब भाजपा की पांच से छह जगहों पर एक साथ सभाएं हो रही होंगी। कांग्रेस भाजपा पर एक आरोप लगाएगी तो उसके बदले भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ताओं की पूरी फौज कांग्रेस पर काउंटर अटैक करने के लिए बैठी है। मतलब साफ है कि शह और मात के इस खेल में भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस को सोचने का भी मौका नहीं देने वाली है। जो कांग्रेस पार्टी अभी तक 180 सीटों का हिसाब लगा रही थी उसी कांग्रेस के नेता अब दबी जुवां कह रहे हैं कि जिस प्रकार से भाजपा की तैयारी चल रही है उससे लगता है कि बहुत करीबी मुकाबला होने वाला है। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियों को अंजाम दे दिया है उसको अमली जामा पहनाने के लिए 30 अक्टूबर का इंतजार किया जा रहा है। गोरिल्ला युद्ध के मास्टर माइंड केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) अगले तीन दिनों तक एमपी में ही रहने वाले हैं और वो कई बैठकें भी करेंगे। सभी 230 विधानसभा सीटों के प्रभारियों को वो जीत का मंत्र भी देंगे इस दौरान वो ये भी बताएंगे कि किस प्रकार से कांग्रेस को चारों खाने चित्त करना है। भाजपा की नजर तो सीधे सेनापति पर भी है कि उन्ही को विधानसभा चुनाव में हरा दिया जाए। जिससे प्रदेश की जनता को पता चल सके कि कांग्रेस कितने पानी में है।

27/10/2023138
'सियासत में राम' भाजपा और कांग्रेस के बीच छिड़ा संग्राम,'सबके हैं राम'
भोपाल

'सियासत में राम' भाजपा और कांग्रेस के बीच छिड़ा संग्राम,'सबके हैं राम'

चुनावी माहौल हो और राजनीतिक पार्टियों की जुवान पर भगवान श्रीराम का नाम ना हो ऐसा भारत देश में तो संभव नहीं है। समय-समय पर नेता यह बता देते हैं कि जब तक भगवान राम की क्रिपा उन पर है तब तक तो वो अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक ही सकते हैं। इसकी बानगी उस वक्त देखने को मिली जब खुद को हनुमान भक्त कहने वाले कमलनाथ (Kamal Nath) ने छिंदवाड़ा में नामांकन भरने के दौरान सियासी हुंकार भरते हुए कहा, भाजपा नेता तो ऐसे बता रहे हैं कि जैसे राम मंदिर (Ram Mandir Ayodhya) उनका हो। कमलनाथ के इस बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि कमलनाथ चुनावी हिंदू हैं और चुनाव देख कर छद्म हिंदुत्व राग अलापने लगते हैं। लेकिन देश की जनता जानती है कि उनकी ही पार्टी ने भगवान राम और राम सेतु के अस्तित्व को नकारा था। इस मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने भी कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण को लटकाने,भटकाने,अटकाने वाले और प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताने वाले कांग्रेस नेता किस मुंह से राम मंदिर पर बात कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं को राम मंदिर पर बात करने का अधिकार नहीं है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि बाबरी विध्वंस के बाद भाजपा की चार राज्य सरकारों को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बर्खास्त कर दिया था। जिसमें मप्र की भाजपा सरकार भी शामिल थी। सरकार को बर्खास्त करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी असंबैधानिक बताया था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बाबरी मस्जिद बनाने का फिर से संकल्प लिया था। यह निर्णय लेने वाली सरकार में सनातन विरोधी कमलनाथ प्रमुखता से शामिल थे। गुरुवार को केन्द्रीय मंत्री मिनाक्षी लेखी (Meenakshi Lekhi) ने भी कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कन्या पूजन को नौटंकी बताने वाले कभी भारतीय संस्कृति और सनातन के पक्ष में नहघं हो सकते। कांग्रेस में कभी महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ। जबकि भाजपा सरकार ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए कानून बनाया। तीन तलाक की कुप्रथा समाप्त की। प्रदेश में पुलिस भर्ती में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया है।

26/10/202394
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