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ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान,अपने अंत की ओर बढ़ रही कांग्रेस पार्टी
भोपाल

ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान,अपने अंत की ओर बढ़ रही कांग्रेस पार्टी

4/5/2024134
निर्वाचन आयोग को 'सी-विजिल एप' पर उल्लंघन की मिली 4 हजार 292 शिकायतें
भोपाल

निर्वाचन आयोग को 'सी-विजिल एप' पर उल्लंघन की मिली 4 हजार 292 शिकायतें

2/5/202493
INDORE NEWS: इंदौर 'बम' धमाके की गूंज पहुंची दिल्ली,केन्द्रीय नेत्रृत्व ने कांग्रेस नेताओं से मांगी रिपोर्ट,जीतू की बढ़ेंगी मुस्किलें
भोपाल

INDORE NEWS: इंदौर 'बम' धमाके की गूंज पहुंची दिल्ली,केन्द्रीय नेत्रृत्व ने कांग्रेस नेताओं से मांगी रिपोर्ट,जीतू की बढ़ेंगी मुस्किलें

2/5/2024185
वोटिंग प्रतिशत को लेकर निर्वाचन आयोग सतर्क,मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने दिए गंभीर आदेश
भोपाल

वोटिंग प्रतिशत को लेकर निर्वाचन आयोग सतर्क,मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने दिए गंभीर आदेश

2/5/2024112
70000 अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त,हजारों अतिथि शिक्षकों को वेतन तक का नहीं हुआ भुगतान
भोपाल

70000 अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त,हजारों अतिथि शिक्षकों को वेतन तक का नहीं हुआ भुगतान

1/5/2024954
भाजपा जल्द फोड़ेगी और बम,दो विधायक जल्द ले सकते हैं बीजेपी की सदस्यता,आखिरी दौर में चल रही बात
भोपाल

भाजपा जल्द फोड़ेगी और बम,दो विधायक जल्द ले सकते हैं बीजेपी की सदस्यता,आखिरी दौर में चल रही बात

30/4/202495
रीवा नगरीय विकास एवं आवास विभाग में नियम विरुद्ध नियुक्तियां,छह अधिकारी निलंबित
मध्य प्रदेश

रीवा नगरीय विकास एवं आवास विभाग में नियम विरुद्ध नियुक्तियां,छह अधिकारी निलंबित

30/4/2024142
अब ‘राम’ करेंगे बीजेपी में निवास,थामेंगे हाथ में फूल,फिर लगेगा कांग्रेस को बड़ा झटका
भोपाल

अब ‘राम’ करेंगे बीजेपी में निवास,थामेंगे हाथ में फूल,फिर लगेगा कांग्रेस को बड़ा झटका

29/4/2024153
इंदौर में 'बम' हुआ डिफ्यूज,कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने वापस लिया अपना नामांकन
मध्य प्रदेश

इंदौर में 'बम' हुआ डिफ्यूज,कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने वापस लिया अपना नामांकन

29/4/2024393
सरकार से नाराज शासकीय कर्मचारियों ने दिखाई मतदान में उदासीनता,वोटिंग में नहीं ली दिलचश्पी
भोपाल

सरकार से नाराज शासकीय कर्मचारियों ने दिखाई मतदान में उदासीनता,वोटिंग में नहीं ली दिलचश्पी

28/4/2024287
भोपाल लोकसभा सीट पर तीन चुनाव से लगातार बढ़ा भाजपा का वोटबैंक,कांग्रेस का घटा
भोपाल

भोपाल लोकसभा सीट पर तीन चुनाव से लगातार बढ़ा भाजपा का वोटबैंक,कांग्रेस का घटा

मोदी की गारंटी हो या फिर भाजपा की सरकार द्वारा किए गए काम हों लेकिन भोपाल की लोकसभा सीट (bhopal lok sabha) पर भारतीय जनता पार्टी का वोटबैंक लगातार बढ़ा है। पिछले तीन चुनाव की बात करें तो भाजपा ने हर बार एअ नए कैंडीडेट को मौका दिया है और हर बार भाजपा के उम्मीदवार भोपाल में रिकार्ड मतों से जीत दर्ज करने में कामयाब हुए हैं। वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस का वोटबैंक लगातार खिसकता चला गया है। तीसरे मोर्चों में शामिल बसपा,सपा और जदयू के वोटिंग शेयर भी लगातार कम हो रहे हैं। पिछले तीन चुनावों पर नजर डालें तो इन चुनावों में प्रदेश के मतदाताओं का भरोसा भी भारतीय जनता पार्टी पर बढ़ा है। वर्ष 2009 के चुनाव में भाजपा को कुल मतदाताओं में से 43.45 प्रतिशत यानि 84 लाख 65 हजार 532 मतदाताओं ने भाजपा को वोट दिया। इसके अगले साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ कर 54.02 प्रतिशत हो गया। और एक करोड़ 60 लाख मतदाताओं ने भाजपा उम्मीदवारों को जिता कर संसद भेजा। इसके बाद अगले पांच साल में भाजपा की रीति-नीति ने मतदाताओं को फिर प्रभावित किया और 2019 में भाजपा वोटिंग शेयर बढ़ कर 58 प्रतिशत हो गया। कुल दो करोड़ 14 लाख 6 हजार 887 मतदाताओं ने भाजपा उम्मीदवारों को जिताने में सार्थक भूमिका का निर्वहन किया। इस मामले में बीजेपी प्रदेश मीडिया विभाग के प्रभारी आशीष अग्रवाल का कहना है कि भाजपा की सेवा और सुशासन की नीतियों ने भाजपा के प्रति मतदाताओं का रुझान बढ़ाया है। जनता अब मेनिफेस्टो को मानने लगी है। पिछले तीन चुनाव में जिस तरह से भाजपा को बढ़त मिली है यही वो कारण हैं कि लगातार जनता का रुझान भाजपा की तरफ हो रहा है।

18/4/2024197
संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, नियमितीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया अहम फैसला
भोपाल

संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, नियमितीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया अहम फैसला

देश की सर्वोच्च आदलत ने संविदा (samvida employees) और अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दरसअल संविदा कर्मचारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बारहमासी/स्थायी प्रकृति के काम करने के लिए नियोजित श्रमिकों को अनुबंध श्रम (विनियमन और उन्मूलन) अधिनियम, 1970 के तहत उन्हें सिर्फ स्थायी नौकरी के लाभ से वंचित करने के लिए अनुबंध श्रमिक नहीं माना जा सकता है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक जस्टिस नरसिम्हा ने अपने आदेश में हाई कोर्ट और इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें रेलवे लाइन के किनारे सफाई करने वाले मजदूरों को संविदा कर्मी से हटाकर स्थायी कर्मी का दर्जा और वेतन-भत्ते का लाभ देने का आदेश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि रेलवे लाइन के किनारे गंदगी हटाने का काम ना सिर्फ नियमित है बल्कि बारहमासी और स्थायी प्रकृति का है। कोर्ट ने कहा कि इन कारणों से अनुबंध पर बहाल कर्मचारियों को स्थायी किया जाना चाहिए। दरअसल, महानदी कोलफील्ड्स ने इस तरह के 32 कॉन्ट्रक्ट कर्मचारियों में से 19 की नौकरी परमानेंट कर दी थी, जबकि 13 को अनुबंध कर्मी के रूप में ही छोड़ दिया था, जबकि सभी कर्मियों की ड्यूटी एक समान और एक ही प्रकृति की थी। इसके खिलाफ यूनियन ने केंद्र सरकार और महानदी कोलफील्ड्स को ज्ञापन सौंपा लेकिन जब कार्रवाई नहीं हुई तो इंडस्ट्रियल ट्रबियूनल में मामला पहुंचा, जहां ट्रिब्यूनल ने सभी 13 अनुबंध कर्मियों को नियमित करने का आदेश दिया। बाद में उसी फैसले को हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा, जिसके खिलाफ महानदी कोलफील्ड्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन वहां से भी उसे निराशा हाथ लगी है।

17/4/20241421
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