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रीवा की धरती पर बजी 'मोहन' की मुरली,सीएम के स्वागत के लिए हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़
अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रीवा की देश भर में अलग ही पहचान है। रीवा में अतिथि देवो भवह की परंपरा को सबसे आगे रखा जाता है। और बात जब प्रदेश के मुखिया की हो तो रीवा की जनता पलक पावड़े बिछा कर उनका स्वागत करती है। कुछ ऐसा ही नजारा शुक्रवार को उस वक्त देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) रीवा पहुंचे। सबसे पहले उन्होने रीवा के कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक की उसके बाद भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत पर वो आभार यात्रा निकालते नजर आए। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ रीवा के विकास पुरुष और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के साथ सांसद जनार्दन मिश्रा भी मौजूद रहे। रीवा के प्रमुख मार्गों से मुख्यमंत्री का रोड शो निकाला गया। मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए रीवा की जनता सड़क पर उतर आई (mohan yadav in rewa)। मुख्यमंत्री का काफिला जिस गली से गुजरा उसी गली में फूलों की बारिश हुई। रीवा की जनता का स्वागत देख मुख्यमंत्री भी काफी प्रसन्न नजर आए। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार संभागवार समीक्षा कर रहे हैं और वहां जाकर आभार यात्रा निकाल कर स्थानीय जनता का भाजपा के उम्मीदवारों को वोट देने पर आभार भी ब्यक्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रीवा में दौरा प्रस्तावित किया गया था जहां पर मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट में एक समीक्षा बैठक करते हुए रीवा में करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी है। जो अलग-अलग क्षेत्रों में इस्तेमाल की जाएगी। विधानसभा चुनाव में रीवा की आठ सीटों में सात सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई हैं और पूरे विंध्य की बात करें तो सीत सीटों में 25 सीटें भाजपा के खाते में गई हैं जो 2018 की तुलना में एक सीट अधिक है। विंध्य और रीवा को इस समय भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से राजेन्द्र शुक्ला को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। माना जा रहा है कि जिस प्रकार से विंध्य में भाजपा ने सीटें जीती हैं उसमें राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) की रणनीति काफी कारगर साबित हुए है यही कारण है कि मुख्यमंत्री भी रीवा की तरफ काफी ध्यान दे रहे हैं।

लाड़ली बहना योजना से जुड़ी बड़ी खबर,इस तारीख को महिलाओं के खाते में आएगी राशि
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने स्पष्ट कर दिया है कि लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) निरंतर चलती रहेगी। करीब 1 करोड़ 31 लाख पात्र लाड़ली बहनों के खातों में 10 तारीख (10 जनवरी 2024) को राशि पहुँच जाएगी, राज्य शासन ने इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को आदेश जारी किये हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार (पूर्व शिवराज सरकार) द्वारा शुरू की गई लाड़ली बहना योजना पर एक बड़ी अपडेट सामने आई है, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त डॉ राम राव भोंसले ने एक आदेश प्रदेश के सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पात्र महिला हितग्राहियों को जनवरी 2024 की मासिक आर्थिक सहायता राशि का ट्रांसफर 10 जनवरी 2024 बुधवार को किया जाना है, भुगतान से संबंधित निर्देश संचालनालय द्वारा पहले ही दिए जा चुके हैं, शासन ने भुगतान की अंतिम तारीख से पहले ही सभी तैयारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी 8 जनवरी 2024 को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपने जिले के रजिस्टर अंतिम रूप से पात्र हितग्राहियों की सूची के आधार पर पोर्टल में अपने लॉग इन से ई पेमेंट के लिए इलेक्ट्रोनिक स्वीकृति आदेश एवं डिजिटली साइनड इलेक्ट्रोनिक भुगतान आदेश पोर्टल के माध्यम से भुगतान के लिए बैंक को भेज दें जिससे बैंक द्वारा खाते में अग्रिम जमा राशि में से हितग्राहियों के खातों में राशि 10 जनवरी 2024 को ट्रांसफर की जा सके।

कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी भंग होने के बाद भी कुछ लतमार कार्यालय छोड़ने के लिए नहीं हो रहे तैयार
मप्र प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी को भंग हुए कई दिन बीच चुके हैं लेकिन कांग्रेस के कुछ ऐसे पदाधिकारी हैं तो अपना अधिकार जमाते हुए अब भी प्रदेश कार्यालय में आ जाते हैं (congress working committee)। ऐसे पदाधिकारियों में एक तथाकथित पत्रकार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का समन्वयक भी शामिल है। जिसके नेम प्लेट को भी तोड़ कर फेंक दिया गया लेकिन वो हैं कि अब भी कांग्रेस कार्यालय में अपना अधिकार जमाने के लिए आ जाते हैं। पूर्व अध्यक्ष की तरफ से इन्हे तीन लाख की सैलिरी पर रखा गया था और इनका काम था प्रवक्ताओं की जासूसी करना। इतने तक तो ठीक था लेकिन इन्होने पार्टी के सभी प्रवक्ताओं को अपना गुलाम समझ लिया था। अपनी धुन पर ये प्रवक्ताओं को नचाने का काम करने लगे थे। एक प्रवक्ता ने तो इनका ऐसे दामन थामा था कि वो उनका पल्लू ही नहीं छोड़ते थे। जो प्रवक्ता इनकी बात नहीं मानता था उसको स्क्रीन से बाहर कर दिया जाता था यानि कि उसको डिवेट नहीं दी जाती थी। दिल्ली से आए इन महाशय को बड़ा पत्रकार भी कहा जाता है मतगणना से पहले तक तो ये इतने आत्मविश्वास से भरे थे कि फोन लगा कर लोगों को धमकियां देने का काम करने लगे थे कि हमारी सरकार आ रही है हमारे हिसाब से ही काम करो नहीं तो ठिकाने लगा दिया जाएगा। इनका रुतवा इतना ज्यादा था कि कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष भी इनकी जी हुजूरी करने के लिए मजबूर थे। मतगणना के पहले तक ये कमलनाथ को कहते थे कि हुजूर हमारी सरकार प्रचंड बहुमत के साथ बन रही है और करीब 180 सीटें लेकर कांग्रेस आ रही है। सुनने में आया है कि जब प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी भंग हुई तो इनके कक्ष में रखे नेम प्लेट को किसी कार्यकर्ता ने तोड़ कर फेंक दिया लेकिन ये इतने बेशर्म हैं कि जब तक नई कार्यकारिणी नहीं आ जाती तब तक तो वो कार्यालय आ ही सकते हैं।

आज रीवा दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,विकास की देंगे सौगात
मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) आज रीवा के एक दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव कालेज चौराहे से लेकर साईं मंदिर तक आयोजित आभार यात्रा में रीवा की स्थानीय जनता से संवाद करेंगे (mohan yadav in rewa)। इसके अलावा मुख्यमंत्री एनसीसी मैदान टीआरएस कालेज में आयोजित आम सभा में निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में रीवा संभाग में शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। रीवा संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरा कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने कहा कि समीक्षा बैठक में रीवा संभाग की प्रमुख योजननाओं की समीक्षा की जाएगी। इसमें सड़क,सिंचाई,कृषि,शिक्षा और अन्य विभागों की प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। सभी अधिकारी समीक्षा बैठक में संभाग में एक दशक में हुई प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी भी प्रस्तुत करेंगे। गौरतलब है कि इस बैठक में सांसद,मंत्री गण और विधायक भी शामिल होंगे। संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर बैठक में अनिवार्य रुप से शामिल रहेंगे। रीवा के कलेक्ट्रेट में सीएम मोहन यादव की होने वाली इस पहली बैठक पर खुद उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला बारीकी से नजर रख रहे हैं। इस बात में कोई शक नहीं कि राजेन्द्र शुक्ला का रीवा के विकास में हमेशा ध्यान रहता है और वो विकास के लिए अलग-अलग तरह से रोड मैप तैयार करते रहते हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह दौरा रीवा वासियों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

मंत्री प्रतिमा बागरी पहुंची हमीदिया अस्पताल,घायलों से पूछा हालचाल
सतना से भोपाल आ रही चार्टेड बस रायसेन रोड पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमे सफर कर रहे यात्री घायल हो गए। सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस दुर्घटना की जानकारी जब नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी (pratima bagri) को मिली तो वे आनन फानन में दुर्घटना में घायल सभी मरीजों से मिलने हमीदिया अस्पताल पहुंची और मरीजों से मुलाकात कर उन्हें उपचार में हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया । घायलों से मुलाकात के बाद मंत्री प्रतिमा बागरी ने हमीदिया अस्पताल के डाक्टरों से भी बात करते हुए उन्हें आदेशित किया कि सभी मरीजों का उपचार सुव्यवस्थित हो सके इसका खास तौर पर ध्यान रखा जाए ।

मुख्यमंत्री का पद आता जाता रहता है,मामा भांजे का पद हमेशा रहता हैःशिवराज
सीएम का पद आता-जाता रहता है लेकिन भाई बहन और मामा भांजे पा पद हमेशा बना रहता है। ये कहना है प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) का। गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान अपने निर्वाचन क्षेत्र बुंदनी के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होने एक जनसभा को संबोधित करते हुए इस प्रकार की बातें कह कर स्थानीय जनता का दिल जीत लिया। शिवराज को इस बार प्रचंड बहुमत मिलने के बाद भी भाजपा के केन्द्रीय नेत्रृत्व ने मुख्यमंत्री नहीं बनाया और कई जगहों पर लाड़ली बहनें भी उनको घेर कर उनके समर्थन में नारे लगाती नजर आती हैं। शिवराज सिंह चौहान को लेकर केन्द्रीय नेत्रृत्व के पास बहुत शिकायतें थी। जिस प्रकार से उन्होने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में अपने पास पावर रखा किसी मंत्री को कुछ भी नहीं करने दिया उससे केन्द्रीय नेत्रृत्व काफी नाराज था। और उसकी बानगी के तौर पर इस विधानसभा चुनाव में भाजपा बिना सीएम के चेहरे मोदी की गारंटी के बल पर चुनाव लड़ी और 163 सीटें लाकर प्रदेश में पांचवी बार भाजपा की सरकर स्थापित की। हांलाकि शिवराज सिंह चौहान अंत तक हार नहीं मान रहे थे। मतगणना समाप्त होते ही जिस प्रकार शिवराज सिंह चौहान ने अपने दौरे शुरु किए थे उससे यही लग रहा था कि शायद केन्द्रीय नेत्रृत्व उन पर फिर महरवान हो जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ और मोहन यादव की लाटरी लग गई।

प्रसूताओं का 'मोहन' सरकार ने छोड़ा साथ,56 करोड़ रुपये देना बांकी,भटकने को मजबूर प्रसूताएं
मप्र की तत्कालीन शिवराज सरकार (shivraj government) ने मुख्यमंत्री प्रसूति सहायता योजना (mukhyamantri prasuti yojana) शुरु की थी। लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद इस महत्वाकांक्षी योजना को शायद मोहन सरकार भूल गई है। Mukhabirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश की 35 हजार प्रसूताओं के 55 जिलों में 56 करोड़ रुपये अटके पड़े हैं। पिछले तीन माह से इन्हे राशि नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि योजना के तहत प्रसूताओं को दी जाने वाली राशि का बजट राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को अक्टूबर से नहीं मिला है। जिसके कारण प्रदेश भर के जिला अस्पताल कार्यालय में प्रसूताओं की सहायता राशि के लिए प्रकरण बड़ी संख्या में लंबित हो गए हैं। भोपाल में करीब 385,नर्मदापुरम में 1050 और बैतूल में 1346 प्रकरण लंबित हैं इसी प्रकार प्रदेश के सभी जिलों की हालत है। प्रसूताओं के परिजन राशि के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं। और अधिकारी उन्हे बजट आने पर राशि खाते में डालने का आश्वासन दे रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रसूति सहायता योजना शुरु की थी। इसमें सरकारी अस्पताल में प्रसव पर महिला को 16 हजार रुपये दिये जाते हैं। योजना के तहत प्रसव से पहले पोषण के लिए चार हजार और प्रसव के बाद 12 हजार रुपये जच्चा-बच्चा के लिए मिलते हैं। प्रदेश में कुपोषण को दूर करने और हाई रिस्क महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए शिवराज सरकार ने प्रसूता सहायता योजना शुरु की थी। इसमें जच्चा-बच्चा के लिए लड्डू सहित अन्य पोषण आहार दिया जाता है।

पुलिस में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर, PHQ बोर्ड लेगा परीक्षा, कर्मचारी चयन मंडल से नहीं होंगे एग्जाम
धांधली के आरोपों से घिरने के बाद कर्मचारी चयन मंडल (employee selection board) से पुलिस भर्ती परिक्षाएं न करवाए जाने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इसके लिए अब अलग से पीएचक्यू बोर्ड बनाया जाएगा। मध्यप्रदेश में अब "वर्दी" वाली सभी भर्तियां पुलिस मुख्यालय की ओर से बनाए जा रहे बोर्ड के जरिए होंगी। कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती परीक्षाओ में होने वाले विवादों को देखते हुए यह बदलाव किया जा रहा है। इसमें पुलिस, वन, आबकारी में आरक्षक के साथ ही जेल प्रहरियों की भर्ती अब कर्मचारी चयन मंडल से नहीं होगी। यह फैसला शासन स्तर पर हो गया है। इन भर्तियों के लिए नया बोर्ड बनाया जा रहा है जो सभी वर्दी वाले आरक्षक और प्रहरियों की भर्ती परीक्षा का आयोजन करेगा। यह बोर्ड इसी साल से काम शुरू करेगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार इस बोर्ड को बनाने का जिम्मा पुलिस मुख्यालय को दिया गया है। इस पर काम भी शुरू हो चुका है। पुलिस मुख्यालय के आला अफसर इस बोर्ड को बनाने के काम में जुटने वाले हैं। अफसरों को यह संदेश भी मिला है कि पुलिस के साथ ही यह बोर्ड वनरक्षक, जेल प्रहरी और आबकारी आरक्षक की भी भर्ती करेगा। इस बोर्ड का स्वरूप क्या होगा किस-किस रैंकिंग के पद इसमें शामिल होंगे लिखित परीक्षा के लिए पेपर कैसे और कौन बनाएगा इस सब पर अभी काम होना है। ऐसा माना जा रहा है कि यह बोर्ड जल्द से जल्द बनाया जाएगा। इस साल पुलिस आरक्षकों के 5000 पद पर भर्ती की जाना है। यह भर्ती नए बोर्ड से करने की तैयारी है। इसीलिए यह माना जा रहा है कि भर्ती के लिए बनाए जा रहे नए बोर्ड से सबसे पहले पुलिस आरक्षकों की भर्ती परीक्षा आयोजित होगी। इसके बाद अन्य विभागों की भर्ती परीक्षा इस बोर्ड के द्वारा कराई जाएगी। बता दें, पुलिस आरक्षकों की भर्ती के लिए पूर्व में भी पुलिस का बोर्ड था जो भर्ती परीक्षा आयोजित करता था बाद में इस बोर्ड को भंग कर दिया गया और भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का जिम्मा व्यापमं को दे दिया गया।

मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना बनेंगी लखपति, मिलेगा पक्का मकान,गरीब बच्चियों की मुफ्त में होगी पढ़ाई
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(shivraj singh chouhan) द्वारा लाड़ली बहना आवास योजना (ladli behna awas yojana)की शुरुआत की गई थी मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) ने इस अभियान को गति देने का कार्य कर रहे हैं। लगातार लाड़ली बहनों के लिए एक के बाद एक बड़ी घोषणाएं की जा रही हैं आपको बता दें कि लाडली बहना योजना की किस्त जनवरी माह की 10 तारीख को सभी के खातों में जारी होने वाली है। लाड़ली लखपति बहना योजना के तहत एक लाख पूरे साल में देने का प्रावधान बना दिया गया है जिसमें लखपति बहना योजना में अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा इसकी शुरुआत करने की तैयारी पूरी कर ली गई है आपको बता दें की 15 लाख से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।2023 विधानसभा चुनाव के पहले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के द्वारा अनेकों घोषणाएं की गई थी अब जब मध्य प्रदेश की सरकार बनी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को बनाया गया तो मोहन यादव के द्वारा लगातार शिवराज सिंह चौहान के द्वारा किए गए वादों को पूरा किया जा रहा है अब 450 रुपए में लाडली बहनों को गैस सिलेंडर देने का काम मध्य प्रदेश सरकार कर रही है आपको बता दे की अक्टूबर नवंबर महीने में महिलाओं के अकाउंट में सब्सिडी भी भेजी जा चुकी है लेकिन वर्तमान में मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा नए साल 2024 पर सभी लाड़लियों के अकाउंट में सब्सिडी डायरेक्ट भेजी जाएगी। मध्य प्रदेश में गरीब परिवार की बेटियां जिनका बीपीएल कार्ड बना हुआ है उनके बेटियों की पढ़ाई मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री फ्री में करवाएंगे और उन्हें पढ़ाई करवाने के बाद आत्मनिर्भर बनाने का काम मध्य प्रदेश सरकार कर रही है ।

ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल, भोपाल-इंदौर, जबलपुर-ग्वालियर सब जगह पहिए जाम,पेट्रोल पंपों में लगी भीड़
भारतीय न्याय संहिता की धारा 104-2 के विरोध में पूरे मध्य प्रदेश में वाहन चालकों की हड़ताल शुरू हो गई है (truck drivers strike)। विरोध प्रदर्शन कर रहे ड्राइवर ने न केवल अपने वाहन बंद कर दिए बल्कि जो वाहन सड़क पर चल रहे थे, उन्हें भी बलपूर्वक रोका गया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 104-2 के तहत, एक्सीडेंट की स्थिति में घटनास्थल से भागना गंभीर अपराध माना गया है। हिट एंड रन मामले में 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। अधिकतर जिलों में बसों के पहिए थमे हुए हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य शहरों के स्टैंड से बसें नहीं चल रही हैं। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ड्राइवर हिट एंड रन मामले में लागू नए कानून (भारतीय न्याय संहिता की धारा 104(2)) का विरोध कर रहे हैं, जिसमें 10 साल की सजा और 7 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा ट्रक ड्रायवर्स ने भी रात 2 बजे से ट्रक खड़े कर दिए हैं। हड़ताल ट्रांसपोर्टर्स ने नहीं, बल्कि सिर्फ ड्रायवर्स ने की है। अभी इसमें चार्टर्ड और अन्य ड्राइवर्स शामिल नहीं हुए हैं।

शासकीय कर्मचारियों को 4% डीए की जल्द मिलेगी सौगात,सीएम यादव जल्द करेंगे घोषणा
मोहन सरकार ने सरकारी खजाना खोलने का मन बना लिया है और अब 7.5 लाख सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर उनको नए साल का उपहार देने वाले हैं (madhya pradesh government)। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) ने मध्य प्रदेश के तकरीबन 7.5 लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफा करने का फैसला कर लिया है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर वित्त विभाग द्वारा प्रस्ताव भी तैयार कर दिया गया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक CM डॉ. मोहन यादव द्वारा कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करने से राज्य सरकार को भारी बजट तैयार करना पड़ सकता है (mp government employees)। नए साल के शुभ अवसर पर राज्य के 7.5 लाख कर्मचारियों को CM डॉ. मोहन यादव द्वारा महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी करने की कभी भी घोषणा की जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को वर्तमान में 42 फ़ीसदी महंगाई भत्ता मिलता है। आने वाले नए साल के शुभ अवसर पर राज्य के 7.5 लाख कर्मचारियों को CM डॉ. मोहन यादव द्वारा महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी करने की घोषणा की जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को वर्तमान में 42 फ़ीसदी महंगाई भत्ता मिलता है। और साल 2024 में CM डॉ. मोहन यादव राज्य के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का उपहार देने वाले हैं। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को प्रतिवर्ष जनवरी और जुलाई के महीने में ही बढ़ाया जाता है। राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव वित्त विभाग में मुख्यमंत्री कार्यालय में भेज दिया है अब इंतजार है तो बस CM मोहन यादव की घोषणा का। मध्य प्रदेश राज्य के सरकारी कर्मचारियों को वर्तमान में 42% महँगाई भत्ता राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फ़ीसदी की बढ़ोतरी यानी की 42 फ़ीसदी से बढ़ाकर 4 फ़ीसदी करने की घोषणा सीएम यादव करने वाले हैं। जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में पहले ही 4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 46 फ़ीसदी कर दिया गया है इसके बाद राज्य में भी DA में बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य सरकार ने मुख्य निर्वाचन के समक्ष रखा था पर विधानसभा चुनाव की निकटता के कारण प्रस्ताव को मंजूरी देने में देरी हुई इसलिए अब इस प्रस्ताव को पुनः वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा है। 7.5 लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी बढ़ोतरी करने पर राज्य सरकार को 480 करोड़ो रुपए का बोझ झेलना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2024 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया
साल 2024 के शासकीय कैलेंडर (2024 calendar) का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने विमोचन किया है। म.प्र. शासन के कैलेंडर में 12 महीनों के चित्र अलग-अलग विशेषताएं दिखाने का कार्य करते हैं। कैलेंडर में देश और प्रदेश की विविध छवियों को छायाचित्रों द्वारा चित्रित किया गया है। इनमें प्रथम पृष्ठ में श्री राम मंदिर अयोध्या दर्शाया गया है। विभिन्न महीनों में संत रविदास स्मारक सागर, विकसित भारत संकल्प यात्रा, नव संवत्सर गुड़ी पड़वा, महाकालेश्वर मंदिर के साथ ही भव्य महाकाल लोक, मोहनपुरा कुंडलिया सिंचाई परियोजना राजगढ़, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल, पीएम किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और प्रदेश के शिक्षा स्तर को उत्कृष्ट बनाने के लिए सीएम राइज विद्यालय की छवियां शामिल की गई हैं। इसके साथ ही कैलेंडर में बेटियों के संरक्षण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, समाज को स्वस्थ बनाने के लिए आयुष्मान भारत योजना, सामान्य जन के आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पीएम सम्मान निधि योजना से जुड़ा विवरण शामिल किया गया है। कैलेंडर विमोचन के अवसर पर नियंत्रक शासकीय मुद्रणालय चंद्रशेखर वालिंबे उपस्थित थे।