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स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर ने फिर लहराया पर्चम,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति से हुए सम्मानित
स्वच्छ सर्वेक्षण के मामलज में इंदौर लगातार नंबर एक बना हुआ है। इसी कड़ी में इंदौर को लगातार स्वच्छता सर्वेक्षण (swachh survekshan) की रैकिंग में नंबर वन आने पर राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू (droupadi murmu) के द्वारा सम्मानित किया गया है। इस दौरान वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी रहे उपस्थित थे। गौरतलब है कि स्वच्छता सर्वेक्षण हर वर्ष आयोजित किया जाता है जिसमें देश के विभिन्न शहर शामिल होते हैं। लेकिन इंदौर एक लौता शहर है जो स्वच्छता के मामले में लगातार नंबर वन बना हुआ है। इस मामले में मप्र के अन्य शहरों को भी अलग-अलग श्रेणी में शामिल किया गया है और उनको रेटिंग अंक भी दिए गए हैं।

संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति के सदस्यों ने की उप मुख्यमंत्री से मुलाकात
संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति (sanyukt brahmin samajik kalyan samiti) के सदस्यों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पं मनोज रावत (manoj rawat) के नेत्रृत्व में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) से मुलाकात ही। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने ब्राह्मण समाज की मातृशक्ति को परशुराम कल्याण बोर्ड एवं सामान्य कल्याण बोर्ड के गठन में प्रतिनिधित्व देने के लिए डिप्टी सीएम के निवास पर बैठक कर चर्चा करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज मात्रृशक्ति को भी समाज में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रयास रत है। उप मुख्यमंत्री ने संगठन के सदस्यों की बात को ध्यान से सुना और उनकी तारीफ करते हुए कहा कि यह एक अच्छा काम है। इस संगठन की ओर से आने वाले समय में उज्जैन में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला का सम्मान किया जाएगा।

अतिथि शिक्षकों को तत्काल निकालने का आदेश जारी
एमपी के शासकीय स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों (guest teachers) को लेकर एक आदेश जारी हुआ है जिसके तहत अगर किसी स्कूल में स्थाई शिक्षक की पूर्ति हो जाती है तो अतिथि शिक्षक को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रकार के आदेश अलग-अलग जिलों में जारी किए जा रहे हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि लोक शिक्षण संचनालय से आयोजित VC दिनांक 08 जनवरी 2024 में दिए निर्देश के अनुक्रम में स्वीकृत पदों पर नवीन नियुक्ति,उच्च प्रभार या स्थानांतरण से यदि शिक्षक उपस्थित हो चुके हैं और उस पद के विरुद्ध अतिथि शिक्षक भी कार्यरत है तो ऐसे अतिथि शिक्षकों को तत्काल GFMS पोर्टल से हटाए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। अगर कोई अतिथि शिक्षक नवीन नियुक्ति,उच्च प्रभार या स्थानांतरण से पद पूर्ति के बाद भी कार्यरत पाए जाते हैं तो संबंधित अतिथि शिक्षक का मानदेय संबंधित संस्था प्रमुख तथा संकुल प्राचार्य के वेतन से काट कर भुगतान किया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा (mp government teachers)।

लाड़ली बहना योजना की राशि पर संशय,फरवरी में कैसे आएगी राशि
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (umang singhar) ने लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होने कहा है कि लाड़ली बहना योजना बंद" करने का अंदेशा सही निकल रहा है। सरकार के लिए योजना में पैसे देने का संकट सामने खड़ा है!प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद जनवरी की 8वीं किस्त के लिए 1,596 करोड़ रुपए का इंतजाम बड़ी मुश्किल से हो पाया है, 10 जनवरी को तो लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपए की राशि जैसे तैसे आ जाएगी लेकिन, फरवरी की किस्त को लेकर विभाग बेहद परेशान और असमंजस में है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने वित्त विभाग से फरवरी की किस्त जारी करने के लिए बजट मांगा है। जबकि, वित्त विभाग ने 38 से अधिक योजनाओं में बिना अनुमति वित्तीय आहरण पर पहले ही रोक लगा दी गई है। यह आरोप नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्विटर के माध्यम से लगाया है। हालाकि विधानसभा सत्र के दौरान इस योजना को लेकर कांग्रेस की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जवाब देते हुए कहा था कि पूर्व से जो भी योजनाएं संचालित हो रहीं हैं उन किसी भी योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा।

विधानसभा में दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन,नेता प्रतिपक्ष ने विधायकों के प्रटोकाल पर उठाया सवल
मप्र वाधानसभा (mp vidhan sabha) में दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम ओम बिड़ला (om birla) के अलाव उत्तरप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष भी शामिल हुए हैं। दो दिनों तक चलने वाले प्रबोधन कार्यक्रम में नए चुन कर आए विधायकों को विधानसभा की बारीकियों के बारे में बताया जाना है। प्रबोधन के माध्यम से विधायकों को सदन में सवाल करने की ट्रेनिंग भी दी जानी है। प्रबोधन कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने (umang singhar) कुछ गंभीर बातें कही हैं। उन्होने कहा कि अब विधायक विधानसभा में सवाल लगाते हैं तो अधिकारी कर्मचारी ठीक तरीके से जवाब नहीं देते। कुछ भी गलत जानकारी भेज देते हैं और उसी गलत जानकारी को संबंधित विभाग के मंत्री विधानसभा में प्रस्तुत कर देते हैं। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विधायकों के प्रटोकाल में भी काफी लापरवाही बरती जा रही है। जातने विधायक आते हैं वो अपने क्षेत्र की जनता के प्रतिनिधि हैं लिहाजा उनको सम्मान मालना जरुरी है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) ने भी प्रबोधन कार्यक्रम में विधायकों की सुख सुविधा के मामले का प्रबोधन में उल्लेख किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जो पुराने विधायक विश्राम गृह हैं वो अनुपयोगी हो चुके हैं लिहाजा अब उनकी जगह पर नए विधायक विश्राम गृह का निर्माण किया जाना चाहिए। जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने सहस्त्र स्वीकार करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने जो मांग की है उसका पालन किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से धनराशि की समस्या नहीं आने दी जाएगी।

एमपी में नया कैलेंडर होगा लागू,68 साल पहले PM नेहरु ने करवया था बंद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने फिर पुराने कैलेंडर को लागू करने की योजना तैयार की है। अब नया कैलेंडर (new calendar) विक्रम संवत (vikram samvat) के रुप में लागू होगा। गौरतलब है कि बीते 68 सालों से यहां शक संवत का शासकीय कैलेंडर चलता था। अब एक बार फिर से मध्य प्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित विक्रम संवत कैलेंडर को लागू करने की योजना तैयार कर ली है। राज्य के संस्कृति विभाग ने यह कैलेंडर छपवा लिए हैं। शक संवत नहीं, मध्य प्रदेश में फिर होगा विक्रम संवत का शासकीय कलेंडर, 68 साल पहले पीएम नेहरु ने लागू की थी अंग्रेजी व्यवस्था मध्य प्रदेश में नवगठित डॉ. मोहन यादव की सरकार ने एक बार फिर से शासकीय कलेंडर में विक्रम संवत को मान्यता दी है. मध्य प्रदेश में शदियों से विक्रम संवत को ही मान्यता मिलती रही है, लेकिन आजादी के बाद पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने पुरानी व्यवस्था को बदल कर अंग्रेजी व्यवस्था लागू कर दी थी. इसी व्यवस्था के तहत विक्रम संवत को भी दरकिनार कर शक संवत लागू किया गया था। डॉ. मोहन यादव की सरकार ने शपथ लेने के साथ ही इस व्यवस्था को बदलने का फैसला किया और अब नए कलेंडर छप कर तैयार हो गए हैं. मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जारी आदेश पत्र के मुताबिक अब नया शासकीय कैलेंडर अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से नहीं होगा. बल्कि इसे विक्रम संवत के तहत तैयार किया गया है. इसमें विक्रम संवत की तिथियां और व्रत त्यौहार भी दिए गए हैं. बता दें कि उज्जैन के राजा सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत शुरू किया था. सैकड़ों सालों तक इसी संवत को पूरा देश मानता था। मध्यप्रदेश का सरकारी कैलेंडर भी विक्रम संवत के अनुसार प्रिंट होता था. यह व्यवस्था आजादी के बाद 1949 तक रही. साल 1955 मे देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एक आदेश के तहत विक्रम संवत को हटा दिया था. उन्हीं इसके स्थानों पर अंग्रेजों द्वारा पोषित शक संवत को महत्व दिया था. तब से आज 68 साल बाद तक यही कैलेंडर प्रकाशित होता आ रहा है. अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य के विक्रम संवत को एक बार फिर से मध्यप्रदेश के शासकीय कैलेंडर के तौर पर लागू करने के आदेश दिए हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक संस्कृति विभाग ने नए कैलेंडर छपवा लिए हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद न्याय प्रिय राजा सम्राट विक्रमादित्य में काफी प्रेरित हैं. वह उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए भी राजा विक्रमादित्य के इतिहास से जुड़े संदर्भों पर काफी काम कर चुके हैं. उन्होंने विक्रमादित्य के नाट्य मंचन का आयोजन भी कराया था, जिसे पूरे देशभर में खूब सराहा गया. उनके प्रयासों से मध्यप्रदेश के पाठ्यक्रम में राजा विक्रमादित्य को शामिल किया गया।

संविदा कर्मियों से वोट लेने के बाद भूली भाजपा की सरकार,खुद को ठगा महसूस कर रहे संविदा कर्मी
विधानसभा चुनाव के पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chluhan) ने जमकर पंचायतें लगाईं और खूब घोषणाएं की। ऐसा लगा कि अब प्रदेश में संविदा कल्चर (samvida teachers) समाप्त हो जाएगा और पहले की तरह सबकुछ ठीक हो जाएगा। और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बातों में आ कर संविदा कर्मियों (samvida) ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जमकर वोटिंग की। वोटिंग का प्रतिशत इतना बढ़ा की जिस भाजपा को लोग कह रहे थे कि इस बार किसी भी सूरत में सरकार नहीं बनेगी उसी भाजपा ने प्रदेश में प्रचंड बहुमत प्राप्त कर फिर से सरकार बना ली। सरकार बनते ही भाजपा ने पहले मुख्यमंत्री बदला और जब मुख्यमंत्री बदला तो संविदा कर्मियों की किस्मत भी बदल गई। जिस प्रकार से तत्कालीन सीएम शिवराज ने संविदा महा पंचायत में बड़ी-बड़ी घोषणाएं की वो कुछ नहीं हुआ। अब संविदा कर्मी फिर दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं। ग्रेड-पे के नाम पर सभी संविदा कर्मियों को ठग लिया गया और उनसे वोट भी ले लिया गया है। मांगे पूरी नहीं होने के बाद संविदा कर्मियों स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को इंदौर में ज्ञापन सौंपा है। जहां उन्होने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञापन के दौरान संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि उन्हे अगस्त के महीने से बढ़ा हुआ वेतन देने की बात कही गई थी जो आज तक पूरी नहीं हुई है।

मप्र में शिक्षकों के आएंगे अच्छे दिन,मिलेगी 100 फीसदी सैलिरी,वित्त मंत्री ने लिखा पत्र
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) ने ने वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर नवनियुक्त शिक्षकों को 100% वेतन और दो वर्ष परिवीक्षा अवधि मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है (mp government teachers)। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार शिक्षकों के अच्छे दिन आने वाले हैं। पत्र में लिखा है कि, श्रीमती काजल सकतावत तथा समस्त नवनियुक्ति शिक्षक संघ, स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय के द्वारा प्राप्त पत्र मूलतः संलग्न प्रेषित है। जिसमें उल्लेख किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन एवं दो वर्ष की परीविक्षा अवधि प्रदान करने की घोषणा की थी। अतः उपरोक्त के आलोक में स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन एवं 02 वर्ष की परीविक्षा अवधि प्रदान किये जाने हेतु नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें।

बेमन ही सही आखिर कमलनाथ और जीतू पटवारी ने एक दूसरे से की मुलाकात
विधासभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को पीसीसी चीफ पद से बड़ी बेरहमी के साथ हटा कर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (jitu patwari) को प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान थमा दी ग ई। और कांग्रेस ने कमलनाथ को यह सीधे तौर पर बता दिया कि 'तुमसे ने हो पाएगा' कमलनाथ लिधानसभा के सत्र में भी उपस्थित नहीं हुए थे,विधायक पद की शपथ भी उन्होने नहीं ली थी। भाजपा के नेता आरोप लगा रहे थे कि कमलनाथ को पार्टी ने जिस प्रकार अध्यक्ष पद से निकाला है उसी से वो नाराज हैं। बहरहाल देर आए दुरुस्त आए। कमलनाथ अब भोपाल आ चुके हैं। और उनके आने की खबर मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कमलनाथ के निवास पहुंचे और उनसे काफी देर तक बंद कमरे में बात की। इन सब बातों के बीच यह स्पष्ट नजर आ रहा था कि कमलनाथ जीतू पटवारी से खुश नहीं हैं। माना यह भी जा रहा है कि जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनने के बाद अब कमलनाथ का एमपी कांग्रेस में किसी प्रकार का हस्तक्षेप भी नहीं रहेगा। फिलहाल चुनाव में करारी हार के चलते अब कमलनाथ को जीवन के आखिरी दौर में फिर से अपनी जमीन तैयार करने के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ रही है।

एमपी में 25000 से ज्यादा नौकरियां,मैट्रो में की जाएंगी भर्तियां
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल भर्ती (metro recruitment) में जो व्यक्ति आवेदन करने की सोच रहे हैं उनके लिए बड़ी खुशखबरी है।बताया जा रहा है कि Madhya Pradesh के अंदर जो है करीब 25000 से अधिक पदों पर जल्द ही मेट्रो रेल विभाग भर्ती जारी करने जा रहा है। जो भी युवा बेरोजगार हैं,महिलाएं बेरोजगार है उनको जल्द ही Mp metro rail Vacancy 2024 भर्ती के तहत अब शानदार नौकरी का मौका मिलेगा। इस भर्ती के तहत लिए सबसे खास बात है कि कम से कम 10वीं 12वीं पास तक के युवाओं को रजिस्ट्रेशन का मौका दिया जाएगा। मध्य प्रदेश की भर्ती में बता दें कि 10वीं 12वीं पास तक के तमाम युवाओं को मौका दिया जाएगा । दोनों को ही अलग-अलग पदों के हिसाब से रजिस्ट्रेशन का मौका मिलेगा। 2024 के अंदर मेट्रो रेल युवाओं को बड़ा तोहफा देने जा रही है।

रीवा को सौगातों की बौछार, 337 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन और लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) शुक्रवार को रीवा जिले के दौरे पर पहुंचे। जहां वो कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जन आभार यात्रा के माध्यम से रीवा की जनता का आभार भी जताया। साथ ही उन्होने रीवा के एनसीसी मैदान में 337 करोड़ 90 लाख रुपए के जनकल्याणकारी विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित किया। जहां उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विंध्य क्षेत्र का समग्र विकास होगा। विंध्य क्षेत्र अब विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन ने विकास कार्यों के विकेंद्री करण करने की व्यवस्था बनाई गई है। सरकार अब घर-घर तक विकास ले जायेगी। हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक बेरोजगार को रोजगार मिले (mohan yadav in rewa) । उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव हो। इसके लिए आने वाले समय में मानव संसाधन पर अधिक निर्भर रहने वाले उद्योगों की स्थापना की जाएगी। खनिज संसाधन की उपलब्धता वाले जिलों में विशेष सब्सिडी देकर उद्योग विकसित किए जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपना सारा जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पित किया था। आज भी जन-जन के हृदय में राम राज्य का सपना बसा हुआ है। भगवान श्रीराम लोगों के रोम-रोम में समाये हुए हैं। इसलिए सिर्फ रोटी, कपड़ा और मकान की आवश्यकता पूर्ति नहीं होगी बल्कि सनातन संस्कृति और धर्म को भी संरक्षित और संवर्धित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आम जनता के मान सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह सरकार जनता की सरकार है। गरीबों की सरकार है। जनता के बीच से ही यह सरकार चुनी गई है। इसलिए जनता का सम्मान करना शासन और प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व है। संभागीय बैठकों में शासन के निर्णय का पालन हो यह सुनिश्चित किया जाएगा।

सरकारी कर्मचारियों की CM से DA में बढ़ोतरी की मांग,DA नहीं बढ़ने से नाराज कर्मचारी
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी न होने को लेकर राज्य के कर्मचारी संघ में नाराजगी देखने को मिल रही है (dearness allowance), राज्य के कर्मचारियों को प्रदेश सरकार की तरफ से लगातार यह आश्वासन दिया जा रहा था कि उनके DA में नए साल तक बढ़ोतरी की जाएगी लेकिन साल 2024 भी शुरू हो गया और लगभग 5-6 दिन बीत चुके हैं और शासकीय कर्मचारियों को अभी तक मोहन यादव (mohan yadav) सरकार की तरफ से महंगाई भत्ते को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी गई है। कर्मचारी संगठन के महंगाई भत्ते में हो रही देरी के कारण राजकीय कर्मचारियों की CM डॉ मोहन यादव के प्रति नाराजगी बहुत तेजी से बढ़ रही है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर पिछले दिनों वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव मुख्यमंत्री ऑफिस भेजा गया था जिस पर आखिरी फैसला नवनियुक्त CM डॉ मोहन यादव को लेना है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर राज्य कर्मचारियों के साथ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से DA को 4% बढ़ाने की डिमांड रख रहे हैं। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने DA और अन्य भत्तों को बढ़ाने की मांग राज्य सरकार के समक्ष रखी है। राज्य कर्मचारी सहित तृतीय वर्ग के कर्मचारियों को लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार है। तृतीय वर्ग के कर्मचारी संघ ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से महंगाई भत्ते में 4 फीसदी बढ़ोतरी के साथ पदोन्नति, मकान किराया और वाहन भत्ते को बढ़ाने की मांग की है। कर्मचारियों को अंतिम महंगाई भत्ता जुलाई माह में मिला था जिसके अब 6 महीने बाद तक कर्मचारियों को महंगाई भत्ते सहित अन्य भत्तों में वृद्धि का इंतजार है। अभी पिछले दिनों तृतीय वर्ग के कर्मचारी संघ द्वारा CM डॉ मोहन यादव और मुख्य सचिव वीराना को पत्र लिखा गया था जिसमें महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ DR में बढ़ोतरी करने वाली घोषणाओं को पूरा करने की मांग की है। वर्तमान में कर्मचारियों को 7वे वेतन आयोग के अनुसार 42% महंगाई भत्ता मिलता है जिसको जुलाई 2023 से नहीं बढ़ाया गया। कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की जानी है।