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भाजपा और कांग्रेस में धधकी विरोध की ज्वाला,प्रत्याशी चयन में पीसीसी चीफ कमलनाथ के निवास पर प्रदर्शन
एमपी में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस पार्टी की तरफ से उम्मीदवारों का ऐलान हो चुका है (Madhya Pradesh Elections)। लेकिन दोनों ही दलों की सूचियां जारी होते ही विरोध की आग दोनों दलों में धधकने लगी है। इसका असर भाजपा से ज्यादा कांग्रेस कार्यालय में ज्यादा देखने को मिल रहा है (congress protest)। अलग-अलग सीटों पर कांग्रेस के अन्य दावेदार खुद को ज्यादा मजबूत बता कर पार्टी के नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं। विरोध इतना बढ़ गया है कि कुछ समर्थकों ने पीसीसी कार्यालय के बाहर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) का पुतला दहन कर दिया तो कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) के निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए टायर में आग लगा कर अपना विरोध दर्ज कराया। हाल कुछ ऐसा ही भाजपा का भी है जहां प्रदेश कार्यालय में तो जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ ही है साथ ही भाजपा के अलग-अलग जिला कार्यालयों में भी जमकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है (BJP Protest)। हांलाकि भारतीय जनता पार्टी विरोध को शांत करने में काफी माहिर मानी जाती है। इसी लिए भाजपा ने अप्रिय स्थितियों से निपटने और कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया है जो डैमेज को कंट्रोल करने का पूरा प्रयास कर रही है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की 47 सीटों पर बगावत की आग धधक रही है तो भाजपा की 27 सीटों पर कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। विरोध का आलम ये है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के नाराज कार्यकर्ता 5 - 5 सीटों से बागी होकर चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं। अब बात उन सीटों की करते हैं जिनमें कांग्रेस के कार्यकर्ता काफी नाराज हैं। सुमावली, ग्वालियर, दतिया, पिछोर, निवाड़ी, नागौद, सिरमौर, सेमरिया, रीवा, गोटेगांव, पिपरिया, कुरवाई, भोपाल उत्तर, बैरसिया, गोविंदपुरा, हुजूर, नरसिंहगढ़, खातेगांव, नेपानगर, बुराहनपुर, बदनावर, रतलाम ग्रामीण, जावरा, जौरा, ग्वालियर ग्रामीण, डबरा, सेवढ़ा, भांडेर, सुर्खी, नरयावली, खरगापुर, बिजावर, पवई, गुन्नौर, नागोद, त्योंथर, हरदा, बुधनी, इंदौर 4, उज्जैन उत्तर, आलोट शामिल हैं। वहीं बीजेपी की बात करें तो उनको इन सीटों पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। टीकमगढ़, पवई, भोपाल दक्षिण पश्चिम, त्योंथर, जबलपुर उत्तर, बुराहनपुर, जोबट, अलीराजपुर, कालापीपल, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर दक्षिण, अटेर, रैगांव, नागौद, वारासिवनी, नर्मदापुरम, भिंड, महू, मनावर, महेश्वर और देपालपुर शामिल हैं। अब सवाल इस बात का उठता है कि मतदान 17 नवंबर को होना है और 30 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख है ऐसी स्थिति में भाजपा और कांग्रेस किस प्रकार से डैमेज कंट्रोल कर पाएंगी यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

दक्षिण-पश्चिम की 108 V/S 'भगवान' की लड़ाई,सतह पर आई
भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी सूची में 92 वे उम्मीदवारों की घोषणा कर अब तक 228 सीटों में अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है (bjp candidate list)। इस सूची में भोपाल की दक्षिण -पश्चिम विधानसभा सीट भी शामिल है। इस सीट के इतिहास पर जाएं तो इस सीट से जिस पार्टी का विधायक जीता है उसी की प्रदेश में सरकार बनी है। पहले इस सीट से पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता (Umashankar Gupta) जीता करते थे लेकिन साल 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने जीत दर्ज की और प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई। पीसी शर्मा उन नेताओं में शुमार किए जाते हैं जो 24 घंटे अपने क्षेत्र की जनता के लिए उपलब्ध रहते हैं। 2019 में गणेश चतुर्थी के दौरान एक घटना खटलापुरा में हुई थी जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कई बच्चे तालाब में डूब गए थे। रात के करीब दो बजे थे पीसी शर्मा जी को कहीं से घटना की जानकारी हुई,उस वक्त उनके पास ड्राइवर तक नहीं था लेकिन पीसी शर्मा ने सबकुछ परवाह किए बगैर घटना स्थल पर पहुंचे और अपनी तरफ से यथासंभव मदद की। उसके बाद कोरोनाकाल का दौर आया जब ना सिर्फ दक्षिण-पश्चिम विधानसभा (Bhopal Dakshin Paschim) बल्कि भोपाल की अलग-अलग विधानसभा सीटों की जनता राशन से लेकर उपचार तक के लिए परेशान होकर भटक रही थी उस दौरान भी पीसी शर्मा के दरवाजे लगातार जनता की मदद के लाए खुले रहे। पीसी शर्मा जनता की भलाई के लिए ना सिर्फ शारीरिक अथवा आर्थिक रुप से मदद करने के लिए तैयार रहते हैं बल्कि उनके क्षेत्र की जनता खुशहाल और समृद्ध रहे उसके लिए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सावन के महीने में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन कराया लगातार पार्थिव शिवलिंग का भी निर्माण कराया,हाल ही में जब भाजपा और कांग्रेस के नेता टिकट के लिए अपने हाई कमान के पास चक्कर काट रहे थे उस दौरान पीसी शर्मा शास्त्री नगर में तीन दिवसीय भागवत कथा का आयोजन कर रहे थे। पीसी शर्मा हमेशा कहते हैं कि वो दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में आने वालों को वोटर नहीं बल्कि अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। चुनाव वो पद अथवा प्रतिष्ठा के लिए नहीं लड़ते बल्कि जनता की सेवा के लिए वो चुनाव लड़ते हैं जिससे वो अपने क्षेत्र के जनता की पूरी शक्ति के साथ सेवा कर सकें।

सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा का टिकट मिलते ही पुराने जख्म हुए हरे,मूल भाजपाइयों ने किया किनारा
भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को 92 वे प्रत्याशियों की घोषणा कर कुल 228 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है अभी दो सीटों की घोषणा होनी बांकी है (bjp candidate list)। इस बीच सबसे चौकाने वाला जो नाम आया वो त्योंथर विधानसभा सीट से श्रीनिवास तिवारी (shrinivas tiwari) के नाती सिद्धार्थ तिवारी (siddharth tiwari) का नाम रहा है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर (teonthar) में सक्रिय थे और उन्हे पूरी उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी उन्हे टिकट जरुर देगी। लेकिन उनके अरमानों में उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने दो बार हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया। सिद्धार्थ तिवारी को अपना राजनीतिक भविष्य अंधकार में दिख रहा था ऐसे में उनके लिए मंत्री राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) उम्मीद की किरण बन कर आए और सिद्धार्थ को भाजपा में ज्वाइन करवा दिया। महज दो दिन पहले हाथ छोड़ फूल थामने वाले सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा ने टिकट भी दे दिया। लेकिन भाजपा को यह नहीं मालूम था कि सिद्धार्थ को टिकट देने से वो सीट उसके हाथ से जा सकती है। एक कहावत है कि आधी छोड़ पूरी को धावे,पूरी मिलै ना आधी पावै, भाजपा के इस फैसले से त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विद्रोह का बिगुल फूंक दिया। श्यामलाल द्विवेदी (shyamlal dwivedi) जैसे पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता का टिकट कटने के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं में काफी विरोध देखने को मिल रहा है। दूसरी तरफ श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh government) सरकार में जिस प्रकार से कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया और उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज करवाए गए उससे त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ता अब तक उबर नहीं पाए थे कि श्रीनिवास तिवारी के नाती को भाजपा ने टिकट देकर उन पुराने जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया है। सिद्धार्थ तिवारी को टिकट मिलते ही कौशलेश द्विवेदी जैसे नेता फिर सक्रिय हो गए बिना भाजपा ज्वाइन किए सभी सिद्धार्थ के कार्यक्रम में शामिल होने लगे और परिणाम यह निकला कि भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं ने सिद्धार्थ और भाजपा से दूरी बना ली। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार रमाशंकर पटेल पटेल का चुनाव जीतना आसान नजर आने लगा है।

भाजपा में पांचवी सूची की नहीं सुलझ रही गुत्थी,पहले प्रदेश और अब दिल्ली में चल रही माथापच्ची
भारतीय जनता पार्टी ने पहली सूची जारी कर बहुत बड़ा दंभ भरा था कि कांग्रेस कहती रही और भाजपा ने सूची जारी कर दिखा दिया कि चुनावी तैयारी में कौन तेज चल रहा है (bjp candidate list)। भाजपा ने पहली सूची अगस्त के महीने में जारी कर सभी को चौंकाया उसके बाद सितंबर के महीने में भाजपा ने तीन सूचियां जारी की और लगातार कांग्रेस पर सूची को लेकर हमला किया। भाजपा ने चार सूचियों में 136 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया लेकिन पांचवीं सूची से भाजपा भटक गई,भाजपाई खेमें में हार का फोविया ऐसे हावी हुआ कि भाजपा का संगठन सूची जारी करने की हिम्मत ही नही जुटा पा रहा है। उधर कांग्रेस ने दो सूचियों में ही अपने सारे तुरुप के इक्कों को चुनावी मैदान में उतार कर यह बता दिया कि वो इस चुनाव को टेस्ट स्टाइल में नहीं टी20 की स्टाइल में देख रहे हैं। अब बारी भाजपा की है लेकिन एक-एक दिन कर बढ़ते चले जा रहे हैं आज से नामांकन की तारीख भी शुरु हो चुकी है और आलम यह है कि भाजपा ने अभी तक 94वे नामों पर सहमति नहीं बनाई है। एमपी बीजेपी से लेकर दिल्ली तक भाजपा की कई चरणों में बैठक हो चुकी है लेकिन पार्टी सही उम्मीदवारों का चयन करने में अब तक नाकाम साबित हुई है (bjp meeting)। भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का भी दंभ भरती है और हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि 94वे नाम भाजपा को नही मिल रहे जो कांग्रेस को चुनौती दे पाएं। मतलब साफ है। भाजपा के सर्वे में पार्टी की स्थिति ठीक नहीं है यही कारण है कि भाजपा अपने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं कर पा रही है।

आज जारी होगी भाजपा की सूची,27 हारी सीटों पर भी होंगे चौकाने वाले नाम
कांग्रेस पार्टी ने 230 विधानसभा सीटों में 229 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है,एक नाम बैतूल का रोका गया है (congress candidate list)। लेकिन भारतीय जनता पार्टी को 94वे सीटों पर अब भी उम्मीदवारों का ऐलान करना बांकी है (bjp candidate list)। भाजपा अभी 136 सीटों में ही उम्मीदवारों की घोषणा कर पाई है। अब कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद भाजपा पर भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने का दबाव है लिहाजा दिल्ली में आज होने वाली भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक में बची हुई सीटों पर मंथन होना है,सबसे बड़ी बात यह है कि इन 94वे सीटों पर 27 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां पर साल 2018 में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। लिहाजा ऐसी सीटों पर भाजपा को काफी माथापच्ची करनी पड़ रही है। बैठक के दौरान 58 विधायकों की किस्मत का भी भाजपा हाई कमान को फैसला करना बांकी है। ये वो नाम हैं जिनका परफॉर्मेंश खराब बताया गया है। भाजपा के हर सर्वे में इन विधायकों की रिपोर्ट खराब बताई जा रही है। लेकिन भाजपा संगठन टिकट काटने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा है। भाजपा को डर सता रहा है कि जिस विधायक का वो टिकट काटेंगे वो भाजपा के विरोध में गतिविधियां चलाएगा और चुनाव में काफी नुकसान हो सकता है। आज होने वाली भाजपा की दिल्ली की बैठक में इन्ही सब बातों पर विचार किया जाएगा। और फिर उम्मीदवारों के नामों को फायनर करके सूची जारी कर दी जाएगी।

सिद्धार्थ के भाजपा ज्वाइन करते ही त्योंथर भाजपा में विद्रोह,सभी ने स्थानीय उम्मीदवार की उठाई मांग,बात नहीं मानी तो होंगे सामूहिक इस्तीफे
हाल ही में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी (Shrinivas Tiwari) के नाती सिद्धार्थ (राज) तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भोपाल स्थिति भाजपा कार्यालय में भाजपा की सदस्यता ली है। सिद्धार्थ के भाजपा ज्वाइन करने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हे भाजपा त्योंथर से अपना उम्मीदवार भी घोषित कर रकती है। और यही कारण है कि त्योंथर विधानसभा के सभी भाजपा पदाधिकारियों ने बगावती तेवर अपनाते हुए इस्तीफा देने का मन बना लिया है। गुरुवार को त्योंथर भाजपा के तीनों मंडल अध्यक्षों सहित ब्लाक के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने वर्तमान विधायक श्यामलाल द्विवेदी (Shyamlal Dwivedi) के निवास पर बैठक की थी। बैठक में सभी ने प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) ,सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) और सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के नाम पर एक आवेदन तैयार किया है जिसमें उन्होने लिखा है कि कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आए सिद्धार्थ तिवारी और उनके परिवार ने भाजपा और RSS के विरुद्ध हमेशा काम किया है। तिवारी खानदान के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध बहुत सारे प्रकरण दर्ज कराने के साथ-साथ प्रताड़ित भी किया गया था। पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर मांग करते हुए कहा है कि उन्हे स्थानीय और पार्टी के किसी मूल कार्यकर्ता में से ही उम्मीदवार का चयन करके दिया जाना चाहिए। बैठक में मंडल अध्यक्ष राजनारायण तिवारी,जिला अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा प्रशांत पाठक,कौशलेश तिवारी जिला कार्यकारिणी सदस्य,विभव कुमार जायसवाल,अध्यक्ष नगर परिषद चाकघाट। सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए और सभी ने एकमत होते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मूल और स्थानीय कार्यकर्ता को ही टिकट दिया जाना चाहिए और ऐसा नहीं होने पर सभी पदाधिकारी सामूहिक रुप से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होंगे। पत्र की जानकारी सभी पदाधिकारियों ने मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को भी दी है,बैठक के दौरान मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को फोन लगाया गया और उन्हे बताया गया कि सिद्धार्थ तिवारी को टिकट दिया जाता है तो भाजपा के मूल कार्यकर्ता भाजपा के उम्मीदवार का साथ नहीं देंगे।

'चिट्ठी आई है' पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता को लिखा भावनात्मक पत्र
विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएम मोदी ने प्रदेश की जनता के नाम पर एक पत्र भेजा है (PM Modi letter)। पत्र में पीएम मोदी ने बड़े ही भावनात्मक तरीके से बीजेपी सरकार के बीस साल का जिक्र करते हुए लिखा है कि मप्र बीमारु राज्य के अपने अतीत से निकल कर सशक्त,समृद्ध और स्वाबलंबी बना है (MP Government)। मोदी आगे लिखते हैं कि पिछले 20 वर्षो से जो भरोसा आपने हम पर दिखाया है उसके चलते मध्यप्रदेश टॉप टेन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। प्रदेश में हुए पांच लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण,16 प्रतिशत से अधिक आर्थिक वृद्धि दर,65 लाख से अधिक घरों में नल से जल,28 हजार मेगावाट ऊर्जा उत्पादन को देख कर मुझे गर्व होता है। यह 20 वर्ष न सिर्फ मध्य प्रदेश के विकास रहे हैं बल्कि यह आपके हम पर विश्वास के भी रहे हैं। आज मध्य प्रदेश का विकास मॉडल (MP model) पूरे देश के लिए गरीब कल्याण महिला उत्थान एवं समग्र प्रोत्साहन का मॉडल बन गया है। पीएम मोदी के इस पत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव घर-घर पहुंचेंगे और पीएम मोदी का भावनात्मक पत्र लोगों को देकर भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील करेंगे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है और यही कारण है कि पीएम मोदी के नाम पर यह पत्र हर घर में भेजा जा रहा है जिससे जनता पीएम मोदी के ऊपर विश्वास करके एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनाने में मदद करे (MP Elections)।

'अबकी बार फिर भाजपा सरकार' रथ होंगे 50 हजार,'विकास की बात करेंगे बार-बार
भारतीय जनता पार्टी ने 230 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के लिए आज पार्टी के प्रदेश कार्यालय से हाईटेक रथों को प्रदेश के हर जिलों के लिए रवाना किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan), पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा (VD Sharma) प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (Hitanand Sharma) ने हाईटेक रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है । इसके अलावा सामूहिक एवं वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा संभागीय मुख्यालयों से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर हाईटेक प्रचार रथों (BJP hitech rath) को रवाना किया गया है। भारतीय जनता पार्टी हाईटेक रथों से प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों के गांव-कस्बों, गली-मोहल्लों में डबल इंजन की सरकार के विकास, गरीब कल्याण और जन हितैषी कार्यों को जनता को बताने के साथ आगामी पांच वर्षों में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी जनता को बताएगी। पार्टी प्रतिदिन लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान 10 रथ सभाएं करेगी। प्रदेश भर में प्रतिदिन लगभग 2300 रथा सभाओं के जरिए भाजपा जनता को अपनी सरकार की उपलब्धियां बताएगी। पूरे चुनाव प्रचार की अवधि में प्रदेश में करीब 50 हजार रथ सभाएं आयोजित की जाएंगी। प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होना है उसके पहले भाजपा इन रथों के माध्यम से यह बताने का प्रयास करेगी कि भाजपा की सरकार क्यों जरुरी है (MP Elections)। रथों के माध्यम से भाजपा 2003 से अब तक के विकास कार्यों को तो बताएगी ही साथ में 2003 से पहले यानि दिग्विजय सरकार के दौरान की सड़कें, और बिजली ब्यवस्थाओं के बारे में भी आज के युवा वोटरों को बताया जाएगा कि भाजपा से पहले प्रदेश की क्या स्थिति हुआ करती थी।

पहले आप-पहले आप के चक्कर में अटकी भाजपा कांग्रेस की अगली सूची
बड़ी पुरानी कहावत है कि पहले आप -पहले आप। और इस कहावत को चरितार्थ कर रही हैं वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और भारतीय जनता पार्टी (MP Elections)। दरअसल भाजपा ने चार सूचियों में कुल 136 विधानसभा में अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है (BJP Candidate list)। वहीं कांग्रेस ने पहली सूची में ही 144 नाम का ऐलान कर दिया था (Congress Candidate list)। लेकिन अब भाजपा (mp bjp) और कांग्रेस (mp congress) एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा ने जिन चार सूचियों में 136 नाम का ऐलान किया है उसमें से कुछ नाम पर भाजपा में अब भी संशय की स्थिति बनी है। ठीक इसी तरह कांग्रेस ने भी जिन 144 नाम की घोषणा की है उन नाम को लेकर पार्टी के अंदर ही जमकर गुटबाजी देखने को मिल रही है और कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार भाजपा की तुलना में कमजोर नजर आ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को रखते हुए भाजपा और कांग्रेस पहले आप- पहले आप के चक्कर में रुके हुए हैं और सोच रहे हैं कि पहले सामने वाली पार्टी अपने पत्ते खोले। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व (BJP meeting) ने एक दिन पहले घंटों तक मंथन किया है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee) की भी बैठक देर रात तक हुई है जिसमें प्रत्याशियों के चयन पर लगातार मंथन हुआ है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने बची हुई 86 सीटों में 49 प्रत्याशियों को फायनल कर लिया है। साथ ही कांग्रेस शिवपुरी और पिछोर के प्रत्याशियों को बदलने पर भी विचार कर रही है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता और दावेदार सूची के इंतजार में भोपाल के अलग-अलग होटलों में डेरा जमाए हुए हैं और रोजाना कार्यालयों में जाकर सूची के बारे में इधर-उधर पूछते हैं और फिर मायूस होकर होटल के कमरे में फिर चले जाते हैं।

सिद्धार्थ तिवारी के बीजेपी ज्वाइन करते ही 'इस्तीफों' की झड़ी,राजेन्द्र शुक्ला के पास पहुंचे मंडल अध्यक्ष
सिद्धार्थ तिवारी (राज) के भाजपा ज्वाइन करते ही त्योंथर विधानसभा के सभी मंडल अध्यक्ष पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल (Rajendra Shukla) के पास इस्तीफा देने पहुंचे। गौरतलब है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के पोते सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भोपाल में सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ले ली है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर विधानसभा में सक्रिय थे और उन्हे टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन उनके मनसूबों पर उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने 144 नामों की पहली सूची जारी की और उसमें सिद्धार्थ के बजाय दो बार विधानसभा का चुनाव हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया गया। टिकट नहीं मिलने से नारा सिद्धार्थ तिवारी (राज) ने बीजेपी नेताओं से संपर्क साधा जिसमें मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भूमिका अहम मानी जा रही है। सभी से संपर्क के बाद सिद्धार्थ तिवारी को भोपाल में भाजपा की सदस्यता दिला दी गई। लेकिन इस सदस्यता का साइडइफेक्ट इतना भयानक होगा भाजपा के संगठन को बिलकुल अंदाजा नहीं था। जैसे ही सिद्धार्थ ने पंजा छोड़ फूल पकड़ा त्योंथर के मंडल अध्यक्षों ने बगावती तेवर अपना लिया। परिणाम यह निकला कि त्योंथर के सभी मंडल अध्यक्ष एक साथ मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास अमहिया पहुंचे इन अध्यक्षों में पार्टी के वरिष्ठ और निष्ठावान मंडल अध्यक्ष राजनारायण तिवारी भी शामिल थे। सभी मंडल अध्यक्षों ने अपने इस्तीफे की पेसकश राजेन्द्र शुक्ला से कर दी। हांलाकी मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सभी को समझाइश देते हुए नेतृत्व से बात करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि सिद्धार्थ तिवारी का पैत्रिक विधानसभा क्षेत्र मनगवां है और वो आरक्षित सीट है जिसके कारण सिद्धार्थ तिवारी अपना राजनीतिक भविष्य त्योंथर में तलाश रहे हैं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी भी जीवन का पहला विधानसभा चुनाव त्योंथर से ही जीते थे। इसी लिए सिद्धार्थ तिवारी को उम्मीद है कि त्योंथर की जनता उनके भविष्य को भी उज्वल करेगी। लेकिन त्योंथर के भाजपा कार्यकर्ता फिलहाल सिद्धार्थ तिवारी को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।

श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी ने ली बीजेपी की सदस्यता,त्योंथर से लड़ेंगे चुनाव
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी (Shrinivas Tiwari) के पोते और सुंदरलाल तिवारी (Sundar Lal Tiwari) के बेटे सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सिद्धार्थ तिवारी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने पार्टी का अंग वस्त्र पहनकर भाजपा की सदस्यता दिलाई है। इस दौरान सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि वह भाजपा की विकास गाथा से प्रभावित होकर भाजपा में आए हैं। सिद्धार्थ तिवारी ने कहा की उन्होंने 2003 का दौर देखा है और 2023 का दौर भी देख रहे हैं। पहले सड़कों में सिर्फ गड्ढे हुआ करते थे और आज की नेशनल हाईवे सबके सामने है। हालांकि सिद्धार्थ तिवारी ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे लेकिन यह बातें मानी जा रही है कि वह रीवा की त्योंथर विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। गौरतलब है कि अभी तक भाजपा ने त्योंथर से भाजपा ने अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है और कांग्रेस पार्टी त्योंथर से रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) का ऐलान कर चुकी है।

भाजपा की सूची में फंसा पेंच, केन्द्रीय नेतृत्व के मंथन में 'विष ही विष' कहां से लाएं 'अमृत'
प्रदेश की 94 वे सीटें भाजपा के गले की फांस बनती चली जा रही हैं (MP Elections)। भाजपा ने अब तक चार सूचियों में 136 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है लेकिन 94 वे सीटों पर भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व आकर ठहर गया है (bjp candidate list)। क्योंकि पार्टी के पास दावेदार हैं कार्यकर्ता हैं लेकिन सूची जारी करने की हिम्मत नहीं है। दरअसल भाजपा ने पहली 39 नामों की सूची अगस्त के महीने में जारी की थी, दूसरी 39 नामों की सूची सितंबर के महीने में जारी की जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारा गया, इस दौरान जिन दावेदारों के नाम काटे गए वो और उनके समर्थक बगावत के मूड में आ गए, तीसरी सूची में एक ही नाम आया जिसका जमकर विरोध हुआ, चौथी सूची 57 नामों की आई जिसमें ज्यादातर नेताओं को रिपीट कर दिया गया और यहां समझ में आया की भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व कितने डर में फैसले ले रहा है। अब 94 वे नामों पर भाजपा का लगातार मंथन चल रहा है जिसमें 27 हारी हुई भी सीटें शामिल हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा करीब 20 सिटिंग एमएलए के टिकट काटने के मूड में है क्योंकि उनकी परफॉर्मेंश ठीक नहीं बताई जा रही है। अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व इस दुविधा में है कि अगर इन सीटों पर विधायकों के नाम काटे गए तो पार्टी के कार्यकर्ता विद्रोह की स्थिति में आ जाएंगे और उन्हे डैमेज कंट्रोल करते-करते मतदान का समय आ जाएगा ऐसी स्थिति में भाजपा की तैयारियां कमजोर हो सकती हैं। हांलाकि अब भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व जल्द ही फैसले लेने वाला है और माना जा रहा है कि एक दिन के अंदर भाजपा अपने बचे हुए 94 वे उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर देगी।