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मंत्रियों की शपथ पर रोया कुत्ता,'कांग्रेस को हुआ दुख'
भोपाल

मंत्रियों की शपथ पर रोया कुत्ता,'कांग्रेस को हुआ दुख'

शनिवार को जिस वक्त राजभवन में तीन मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही थी (Shivraj Cabinet Expansion) ठीक उसी वक्त राजभवन के बाहर एक कुत्ता (स्वान) जमकर रो रहा था। कुत्ते के रोने की दर्दनाक आवाज कांग्रेस नेताओं के कानों तक पहुंच गई (MP Congress)। कुत्ते को रोता देख कांग्रेस नेताओं का दिल भी फफक-फफक कर रोने लगा फिर क्या था कांग्रेस प्रवक्ताओं से कुत्ते का रोते हुए चेहरा देखा नहीं गया। कांग्रेस नेताओं ने कुत्ते का वीडियो बनाया और फिर उसे वायरल करने के साथ ट्वीट करने में लग गए । कुत्ते को रोता देख कांग्रेस को एक मौका भी मिल गया आनन फानन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गूगल से शकुन शास्त्र निकाला और कुत्ते के रोने के मायने निकालने लगे। अलग-अलग तरीके से गूगल से कुत्ते के रोने के मायने निकाल कर कांग्रेस प्रवक्ताओं ने उसे वायरल करने लगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने चुनाव के महज कुछ समय पहले मंत्रिमंडल का विस्तार किया है जिसमें विंध्य से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla),बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) और राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi) को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इस बात में कोई शक नहीं कि बीजेपी में इस वक्त काफी विवाद की स्थिति है पार्टी के अंदर कलह हावी हो रही है। संगठन की लाख कोशिशों के वाबजूद भी पार्टी में कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर नहीं हो रही है। यही कारण है कि मंत्रिमंडल का विस्तार कर अंतर्कलह को खत्म करने का प्रयास किया गया है। लेकिन लगता है कि तीन को खुश करने के चक्कर में 13 नाराज हो गए हैं। और जिस प्रकार से राजभवन के बाहर कुत्ता रोया है उससे फिलहाल कांग्रेसी खेमें को चुटकी लेने का बेहतर मौका मिल गया है।

26/8/2023166
सरकार में चल रही कलह के लिए तीन विधायकों को दिलाई गई शपथ
भोपाल

सरकार में चल रही कलह के लिए तीन विधायकों को दिलाई गई शपथ

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने मंत्रिमंडल विस्तार कर पार्टी की अंदरुनी कलह को खत्म करने का प्रयास किया है (MP Assembly elections)। चुनाव के लिए महज डेढ महीने का वक्त बचा है ऐसे समय में मंत्रिमंडल (shivraj cabinet expansion) का विस्तार कर भाजपा ने पार्टी की कलह को खत्म करने का प्रयास किया है लेकिन साथ में विपक्षी दलों के लिए मुद्दा भी दे दिया है। दरअसल जिस प्रकार से मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है वो सियासी पंडितों के गले से नहीं उतर रहा है। खास कर जिस प्रकार से तीन विधायकों को मंत्री की शपथ दिलाई गई है और जिस वर्ग से मंत्री बनाए गए हैं वो लोगों की समझ में नहीं आ रहा है। विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज थी खासकर सीधी पेशाब कांड (Sidhi Urination case) के बाद जिस प्रकार से आरोपी प्रवेश शुक्ला के मकान पर बुलडोजर चला था उसके बाद विंध्य की जनता भाजपा से काफी नाराज चल रही थी। संघ और संगठन के सर्वे में भी विंध्य की जनता भाजपा से नाराज चल रही थी यही कारण है कि राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को एक बार फिर मंत्री बनाया गया है। लेकिन ओबीसी वर्ग से गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) और राहुल सिंह लोधी (Rahul Singh Lodhi) को मंत्री बनाया जाना लोगों के समझ में नहीं आ रहा है । लोगों को उम्मीद थी कि एक एससी वर्ग के विधायक को भी मंत्री बनाया जाएगा लेकिन ऐसा नही हुआ। भाजपा में कुछ नेताओं से बात हुई तो उनका कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के माध्यम से नेताओं की व्यक्तिगत नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया गया है। लेकिन कुछ विधायकों से बात हुई तो वो इस मंत्रिमंडल विस्तार से और ज्यादा नाराज नजर आए। मतलब साफ है भाजपा की सरकार ने कुछ नेताओं को खुश करने के चक्कर में बहुत से नेताओं को नाराज कर दिया है। जिस प्रकार से तीन मंत्रियों के शपथ में दो ओबीसी वर्ग के विधायकों को मंत्री बनाया गया है उससे भाजपा की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ओबीसी वर्ग को भाजपा लगातार साधने का प्रयास कर रही है। एससी वर्ग को खुश करने के लिए भाजपा ने एससी वर्ग के संत सिरोमणि रविदास जी के मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ करवा दिया है। भाजपा मान कर चल रही है कि संत रविदास जी का मंदिर बनने के बाद एससी वर्ग भाजपा की ओर ही आएगा। भाजपा की योजना के मुताबिक राजेन्द्र शुक्ला को मंत्री बनाए जाने के बाद विंध्य का ब्राम्हण खुश हो जाएगा तो गौरीशंकर बिसेन और राहुल लोधी को मंत्री बनाए जाने के बाद बुंदेलखंड का ओबीसी वर्ग खुश हो जाएगा। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी ओर से जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण साधने का प्रयास किया है अब देखना यही दिलचश्प होगा कि दो महीने बाद होने वाले विधानसभा में भाजप का यह दांव कितना सही साबित होता है।

26/8/2023147
तीसरे नाम ने अटकाया मंत्रिमंडल विस्तार
भोपाल

तीसरे नाम ने अटकाया मंत्रिमंडल विस्तार

शिवराज कैबिनेट (Shivraj Cabinet) का विस्तार फिलहाल अटक गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) दो दिन के लिए राजधानी से बाहर हैं। हांलाकि मंत्री बनने की आस में दो विधायक राजधानी में रुके हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार दो विधायकों के नामों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण फिलहाल विस्तार नहीं हो पाया। गौरतलब है कि कैबिनेट के विस्तार की चर्चाएं पिछले कई दिन से चल रही है। इसके लिए पार्टी संगठन के कहने पर रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन (Gaurishankar Bisen) समर्थकों के साथ भोपाल पहुंचे हैं। इसी तरह टीकमगढ़ के खरगापुर विधायक राहुल लोधी (Rahul Lodhi) भी बुधवार को देर रात भोपाल पहुंचे थे। उन्हे उम्मीद थी कि गुरुवार को कभी भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हो सका गुरुवार सुबह सीएम हाउस में तकरीबन डेढ़ घंटे संभावित नाम को लेकर चर्चा भी चली किंतु तीसरे और चौथा नाम पर सहमत नहीं बन सकी जिससे आम सहमति बनाए जाने तक बिस्तर डाल दिया गया। सूत्रों की मानें तो तो वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गी (Kailash Vijayvargiya) की ओर से विधायक रमेश मेंदोला (Ramesh Mendola) को मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। इधर विधायक संजय पाठक (Sanjay Pathak) को भी मंत्री बनाए जाने के लिए भी कुछ नेताओं द्वारा पैरवी भी की गई है। लेकिन इन दोनों नाम पर सहमत नहीं बन पाई है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दोपहर भोपाल लौटेंगे जबकि राज्यपाल 26 अगस्त की दोपहर को 2 दिन के लिए राजधानी से बाहर रहेंगे। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार अब राज्यपाल के वापस लौटने के बाद हो सकता है। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वापस लौटने से लेकर शनिवार को राज्यपाल के भोपाल से बाहर जाने तक का समय है जिसमें विस्तार किया जा सकता है।

24/8/2023214
ढाई लाख संविदाकर्मियों को नहीं होगा ज्यादा लाभ,मिलेगी वेतन सुरक्षा
भोपाल

ढाई लाख संविदाकर्मियों को नहीं होगा ज्यादा लाभ,मिलेगी वेतन सुरक्षा

प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारियों को सौ प्रतिशत वेतन देने के लिए पदों की समकक्षता का निर्धारण अब हो गया है (samvida shikshak)। अभी तक इन्हें वेतनमान का 90% ही भुगतान होता था। ढाई घंटे चली बैठक में सभी समकक्षता तय करते हुए वित्त विभाग से कहा गया है कि वो अब सभी विभागों को वेतन निर्धारण के लिए आदेश जारी करें। सभी कर्मचारियों को वेतन सुरक्षा दी जाएगी यानी किसी भी कर्मचारी को वर्तमान में जो वेतन प्राप्त हो रहा है उससे कम नहीं मिलेगा (samvida news)। सातवां वेतनमान (7th pay commission)में जो ग्रेड पे निर्धारित किया गया है उसके अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के हिसाब से महंगाई राशि में वृद्धि होगी। मंत्रालय में बुधवार को मुख्य सचिव ने संविदा कर्मचारियों की नियमित पदों के अनुसार समकक्षता निर्धारित करने के लिए अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव स्टाफ के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके पहले वित्त विभाग ने बैठक कर विभागीय प्रस्तावों पर चर्चा की। मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में इस बात पर सहमत बनी की संविदा कर्मचारियों के लिए वेतन सुरक्षा की व्यवस्था लागू की जाए। इससे किसी भी कर्मचारी को वर्तमान में प्राप्त हो रहे वेतन से कम वेतन नहीं मिलेगा। ऐसे पद जो शासन में नहीं है उनके लिए शैक्षणिक अर्हता और आवश्यकता के आधार पर अन्य पदों के बराबर समकक्षता निर्धारित की जाएगी। दरअसल कुछ बात ऐसे हैं जो संवर्गीय पद के बराबर समकक्षता होगी,यह तय नहीं हो पा रहा था। इसकी ही कवायद एक माह से चल रही थी। सब इंजीनियर का पद संवर्गीय है लेकिन मनरेगा में सब इंजीनियर के के समकक्ष पद जोड़ दिया। मनरेगा में प्रोग्राम इंजीनियर का पद है लेकिन शासन में नहीं है। इसलिए परियोजना अधिकारी के समक्ष लाकर वेतनमान निर्धारण होगा। इसी तरह डाटा एंट्री ऑफिसर के वेतनमान का निर्धारण किया जाएगा। जानकारी के अनुसार संविदा कर्मचारियों को अधिक लाभ नहीं होगा क्योंकि वो पहले से ही अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन उन्हे क्षति न हो इसके लिए उन्हे वेतन सुरक्षा दी जाएगी।

23/8/20231335
भाजपा के चार लोग विधानसभा चुनाव फतह करने की बनाएंगे रणनीति
भोपाल

भाजपा के चार लोग विधानसभा चुनाव फतह करने की बनाएंगे रणनीति

मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस को किसी प्रकार का मौका नहीं देना चाहती है (MP elections 2023)। यही कारण है कि भाजपा ने ना सिर्फ 39 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है बल्कि चुनाव कैसे जीतना है उसके लिए भी भाजपा उम्मीदवारों को ट्रेनिंग दे रही है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सभी 39 प्रत्याशियों को बुलाया गया है। इस बैठक (BJP Meeting) में प्रत्याशियों के अलावा विधानसभा प्रभारी,विधानसभा विस्तारक और विधानसभा संयोजकों को शामिल किया गया है। इन चार लोगों के भरोसे ही हर विधानसभा सीट को जीतने की रणनीति तैयार की जा रही है। ट्रेनिंग देने वालों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav),सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw),चुनाव संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (Vd Sharma) भी ट्रेनिंग सेशन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही अपनी बात रखी और फिर वो निकल गए। इस बीच इन सभी उम्मीदवारों को वरिष्ठ नेताओं की ओर से टिप्स दिए गए। उन्हे बताया गया कि आप चुनाव मैदान में उतरेंगे मुद्दे क्या रहेंगे। जनता के सवालों का आरोपों का कैसे जवाब देना है। विपक्षी पार्टी पर कैसे पलटवार करना है इन सभी चीजों पर भाजपा पदाधिकारियों की तरफ से काफी फोकस किया जा रहा है। भाजपा में बैठकों का दौर अगले दो दिनों तक और चलने वाला है। भारतीय जनता पार्टी ने हर विधानसभा सीट में अलग-अलग तरह के चार लोगों को जिम्मेरी सौंप कर यह भी कहा है कि आपको आपसी सामंजस्य के साथ काम करना है। विधानसभा प्रभारी पार्टी की गुटवाजी को खत्म करने का काम करेंगे तो विस्तारक ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क साध कर पार्टी के प्रति माहौल तैयार करेंगे। संयोजक उम्मीदवारों के अलावा अन्य सभी के ऊपर निगरानी रखेंगे जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी वहां सुधार करने की कोशिश करेंगे स्थिति कंट्रोल से बाहर होगी तो वो सीधे भोपाल में बड़े पदाधिकारियों से संपर्क साधेंगे।

23/8/2023113
एग्रेसिव मूड में भाजपा,चुनाव से पहले सभी प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी
भोपाल

एग्रेसिव मूड में भाजपा,चुनाव से पहले सभी प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी

प्रदेश में पांचवीं बार सत्ता हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी एग्रेसिव मूड में आ गई है (BJP MP)। चुनावी रणनीति से लेकर डैमेज कंट्रोल और एंटीइनकमबेंसी जैसी बाधाओं के लिए पार्टी जहां नतीजे कारक नर्णय ले रही है तो वहीं अपने प्रत्याशियों के नामों पर भी जल्द मोहर लगाने की तैयारी में है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले लगभग सभी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर देगी। मप्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी करने में भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया है। पिछले दिनों 39 प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक कर पार्टी ने यह बता दिया है कि वो हर मोर्चे में अव्वल है,पता चला है कि 27 से 30 अगस्त के मध्य 64 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी जाएगी। उसी दौरान भाजपा के केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक भी प्रस्तावित है। इसके बाद 15 सितंबर तक भाजपा की तीसरी सूची जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। पार्टी सूत्रों की माने तो चुनाव आचार संहिता लागू होने तक भाजपा कुछ सीटों को छोड़ कर बांकी सभी सीटों में अपने प्रत्याशियों के ऐलान की योजना बना चुकी है। इसके पीछे भाजपा की रणनीति है कि कहीं भी प्रत्याशियों को लेकर विवाद या विरोध है या उन्हे लेकर गुटवाजी है तो समय रहते उसे दूर किया जा सके। जिससे पार्टी को चुनाव के दौरान किसी तरह का नुकसान ना हो। भाजपा हारी सीटों पर जल्द ही दूसरी सीट जारी करने वाली है लिहाजा उसके लिए चुनाव प्रबंधन और चुनाव संचालन से जुड़े बड़े नेता बुधवार से लेकर 25 अगस्त तक भोपाल प्रदेश कार्यालय में मंथन करेंगे। तीन दिनों में प्रत्याशियों के नामों पर विचार कर संभावित सूची तैयार की जाएगी। जिसे अंतिम मंजूरी के लिए केन्द्रीय चुनाव समिति के पास भेजा जाएगा।

23/8/2023128
कमजोर बूथों को कांग्रेस के अनुशांगिक संगठन लेंगे गोद
भोपाल

कमजोर बूथों को कांग्रेस के अनुशांगिक संगठन लेंगे गोद

प्रदेश में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी के लिए जो रोड मैप तैयार किया है उसमें सहयोगी संगठनों की बड़ी भूमिका निर्धारित की गई है (MP Congress)। सेक्टर और मंडलम् के साथ बूथ प्रबंधन का काम महिला, युवा, अनुसूचित जाति- जनजाति और किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की टीम संभालेगी। सभी कमजोर मतदान केदो को गोद लेंगे। प्रत्येक केंद्र पर कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाएगा। प्रत्याशियों के साथ सभी संगठनों के कार्यकर्ता प्रचार में जुटेंगे। मतदान के लिए मतदाताओं को घर से निकलने, पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने, पांच गारंटीयों का प्रचार करने, भाजपा सरकार की असफलता को जनता के बीच ले जाने का दायित्व भी सहयोगी संगठनों को सौंपा गया है। सभी ने अपने-अपने स्तर पर तैयारी भी तेज कर दी हैं। पूरा फोकस इस बात पर है कि प्रत्याशियों के साथ पूरा संगठन मैदान में करता दिखे। कांग्रेस संगठन की ओर से मिली जिम्मेदारी का आगाज सितंबर माह से किया जाएगा। इधर,प्रदेश कांग्रेस ने सहयोगी संगठनों के कामों पर नजर रखने के लिए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए हैं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि जो दायित्व संगठनों को दिया गया है,उसकी वास्तव में पूर्ति हो। प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा के संगठन से मुकाबला करने के लिए इस बार मतदान केंद्र पर सर्वाधिक ध्यान केंद्रित किया है। बूथ,सेक्टर और मंडलम् बनाने के बाद सहयोगी संगठनों को भी बड़े-बड़े कार्यक्रम करने के स्थान पर मतदान केन्द्र पर फोकस करने के लिए कहा गया है। संगठन चाहता है कि प्रत्याशी के साथ-साथ संगठन की भी अपनी तैयारी रहे। अभी तक मतदान केन्द्रों पर पूरी टीम प्रत्याशी की रहती थी लेकिन इस बार कांग्रेस इसमें बदलाव करने की तैयारी में है।

22/8/202388
शिक्षक भर्ती अभ्यार्थियों ने नियुक्ति की मांग के लिए किया विरोध प्रदर्शन
भोपाल

शिक्षक भर्ती अभ्यार्थियों ने नियुक्ति की मांग के लिए किया विरोध प्रदर्शन

सोमवार को जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) शिक्षक पात्रता परीक्षा-2022 के साढे पांच हजार चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे रहे थे,वहीं दूसरी तरफ ओबीसी चयनित वर्ग के करीब 500 से अधिक अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास में सुबह आठ बजे पहुंच अपनी नौकरी के लिए गुहार लगाने की कोशिश की लेकिन सीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। उन्होने द्वितीय काउंसलिंग में चयनित 882 ओबीसी अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग की। हांलाकि उनकी सीएम शिवराज से मुलाकात नहीं हो पाई इस दौरान अधिकारियों ने 25 अगस्त के बाद सीएम से मिलवाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद सभी अभ्यर्थी बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्राथमिक शिक्षक के 7500 पदों पर नियुक्ति के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरु हुई। प्रथम काउंसलिंग जिलेवार आरक्षण के अनुसार ही पूरी की गई। द्वितीय काउंसलिंग में अभ्यर्थियों ने दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम चयन सूची में स्थान प्राप्त किया और प्रक्रिया के तहत विभाग द्वारा जिला आवंटन भी किया गया,लेकिन दस अगस्त को जारी आदेश में अंतिम चयन सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 6380 में से मात्र 5498 अभ्यर्थियों के आदेश ही जारी किए गए (teacher recruitment mp)। ओबीसी वर्ग के 882 अभ्यार्थियों के आदेश बिना किसी स्पष्टीकरण के रोक दिए गए। अभ्यर्थिकों का कहना है कि उन्हे अधिकारी बता रहे हैं कि भर्तियों में आरक्षण संबंधी लंबित याचिकाएं उच्च न्यायालय में क्रियाधीन है। जबकि वर्ग-03 का आरक्षण संबंधी प्रकरण न्यायालय में दर्ज ही नहीं है। चयनित शिक्षक खोमेश ने जानकारी देते कि महे अपने भविष्य की चिंता सता रही है। सीएम साहब से बस इतनी गुजारिश है कि वो 882 अभ्यर्थियों को नियुक्त दे दें।

21/8/2023342
भाजपा नेत्री रौशनी यादव छोड़ेंगी पार्टी,कांग्रेस का थामेंगी दामन
भोपाल

भाजपा नेत्री रौशनी यादव छोड़ेंगी पार्टी,कांग्रेस का थामेंगी दामन

भाजपा समर्थित जन प्रतिनिधि रोशनी यादव (Roshni Yadav) ने भाजपा को छोड़ कांग्रेस में जाने का मन बना लिया है। उन्होंने लंबे नोट में कहा कि भाजपा की रीति, नीति और नेतृत्व से वो काफ़ी समय से नाखुश हैं। रोशनी का कहना है कि भाजपा सिर्फ महिलाओं को ठगने का काम करती है। जनता में प्रदेश और केंद्र की नेतृत्व दोनों से नाराजगी है, जिस दल से जानता खुश नही है उससे जुड़ा कर भला सेवा का कार्य कैसे हो सकता है। रोशनी यादव ने कहा क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ता दोनो का अपार समर्थन और स्नेह उनके साथ है। हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मैं दिनांक 24 अगस्त को कांग्रेस ज्वाइन करूंगी। रौशनी यादव ने कहा बहुत दुखी मन से मै भाजपा की सदस्यता त्याग रही हूं। मेरे राजनीतिक सफर में कई अनुभव मुझे भाजपा में रहते मिला जिसके लिए मैं आजीवन आभारी रहूंगी लेकिन कुछ महीनों से शीर्ष नेतृत्व का कार्यकर्ताओं के प्रति निराशा, नीति और नेतृत्व में उदासीनता, महिलाओं के प्रति दिखावटी योजना एवं उनके प्रति बढ़ते अत्याचार को देखकर मैं आहत हूं, भाजपा की सदस्य होकर रोजाना जनता से उठ रहे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई के सवालों का उत्तर देने में असमर्थ हूं। कार्यकर्ता केंद्रित दल अब नेता केन्द्रित है। गौर करने वाली बात ये है कि एक तरह से यह रोशनी की घर वापसी है क्योंकि इनका परिवार पुराना कांग्रेसी परिवार के रूप में देखा जाता है, रोशनी कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नरेश यादव की पुत्रवधु है इसलिए इन्हे विरासत में राजनीति प्राप्त है जिसका इन्हें अच्छा अनुभव है। जानता का ना प्रदेश सरकार में विश्वास है ना केंद्र सरकार पर, जिस दल से जनता खुश नहीं है उस दल में रहकर सेवा नही किया जा सकता है। भाजपा सरकार में भाजपा संगठन के ही कार्यकर्ताओं की अनदेखी और उनके साथ सौतेला व्योवहार के चलते प्रदेश में भाजपा की लगातार छवि खराब हो रही है। भाजपा कार्यकर्ता (MP BJP) जब भी संगठन के उच्च अधिकारियों से या सरकार के मंत्रियों और नेताओं से अपनी समस्या साझा करते हैं, तो मंत्री और नेता तथा पदाधिकारी निराकरण तो दूर उनकी बात तक नहीं सुनते। कार्यकर्ताओं की इस स्तर की उपेक्षा से रौशनी यादव आहत हैं। निवाड़ी की जनता लगातार भाजपा शासन में स्वयं को पीड़ित महसूस कर रही है। चूंकि जनता की पीड़ा मेरी अपनी भी पीड़ा है।इसलिए नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौप रही हूं।

21/8/2023237
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का भाजपा के प्रवासी विधायकों पर तंज 'किराए के टट्टुओं से चुनाव नहीं जीते जाते'
भोपाल

नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का भाजपा के प्रवासी विधायकों पर तंज 'किराए के टट्टुओं से चुनाव नहीं जीते जाते'

भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर प्रवासी विधायकों को भेजा है (BJP MLA)। भाजपा साशित चार राज्यों से आए विधायकों को भोपाल में ट्रेनिंग देने के बाद उन्हे अलग-अलग विधानसभा सीटों में रवाना भी कर दिया गया है। भाजपा के प्रवासी विधायक अलग-अलग विधानसभा सीटों पर जाएंगे और उन विधानसभा सीटों की क्या स्थिति है उसकी रिपोर्ट तैयार कर भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे। लेकिन इस बीच प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह (Govind Singh) ने एक विवादास्पद बयान देकर प्रवासी विधायकों के दौरे पर सवाल खड़ा कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि किराए के टट्टुओं से कभी चुनाव नहीं जीते जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने साफ कहा कि भाजपा का यह प्लान पूरी तरह से फ्लॉप साबित होगा। भारतीय जनता पार्टी की चुनाव में हालत खराब है इसी लिए भाजपा इस प्रकार के हथकंडे आजमा रही है लेकिन इसके नतीजे सार्थक साबित नहीं होंगे। नेता प्रतिपक्ष ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर भी जमकर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज देश में जो भी विकास दिख रहा है वो कांग्रेस की देन है। साथ ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) दस साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। दस सालों में अमित शाह दिग्विजय सिंह पर एक भी घोटाला साबित करके दिखा दें। अमित शाह सिर्फ जनता को बर्गलाने का प्रयास कर रहे हैं उससे ज्यादा कुछ नहीं लेकिन प्रदेश की जनता इस बार भाजपा की बातों में आने वाली नहीं है (MP BJP)।

21/8/2023205
पन्ना प्रमुखों को अमित शाह की सलाह,बीमा एजेंट की तरह करें काम,कांग्रेसियों को तोड़ें
भोपाल

पन्ना प्रमुखों को अमित शाह की सलाह,बीमा एजेंट की तरह करें काम,कांग्रेसियों को तोड़ें

ग्वालियर में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में जिला अध्यक्षों को अमित शाह ने जमकर फटकार लगाई है (Amit Shah in Gwalior)। अमित शाह ने कहा कि आप लोगों की ऐसी ही वर्किंग रही तो संभाग जीतना मुस्किल होगा। प्रदेश कार्यसमिति के बाद एक बैठक में अमित शाह ने जिलाध्यक्षों से मतदान केन्द्रों की जानकारी मांगी थी। जानकारी मिलने पर अमित शाह संतुष्ट नहीं हुए (panna pramukh)। अमित शाह ने कहा कि बतौर प्रतिनिधि आप लोग अपने कामों में काफी पीछे हैं। अमित शाह ने बूथ स्तर पर काम करने की सलाह देते हुए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को तोड़ने की बात कही। केन्द्रीय गृह मंत्री ने साफ कहा है कि बीमा एजेंटो की तरह काम करें और कांग्रेसियों को तोड़ें। इसके अलावा अमित शाह ने क्षेत्रीय स्तर पर भाजपा नेताओं के छत्रपों को जिम्मेदारी सौंपी है। ग्वालियर-चंबल को भाजपा काफी गंभीरता से ले रही है लिहाजा अमित शाह ने इस क्षेत्र में केन्द्रीय गृह मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर,ज्योतिरादित्य सिंधिया और अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालासिंह आर्य को जिम्मेदारी सौंपी है। विंध्य को लेकर भाजपा खेमें में काफी चिंता देखने को मिल रही है यही कारण है कि विंध्य का जिम्मा खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान को सौंपा गया है। महाकौशल क्षेत्र की जिम्मेदारी प्रहलाद पटेल को तो मालवा अंचल में कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल मिला कर भाजपा ऐसी रणनीति तैयार कर रही है जिसके तहत कांग्रेस को चुनाव में किसी प्रकार का मौका ना मिलने पाए। भाजपा का मानना है कि जिनके बल पर कांग्रेस चुनाव जीतने का दावा कर रही है उन्ही को कांग्रेस में नहीं रहने दिया जाएगा किसी तरह से कांग्रेस के मजबूत कार्यकर्ताओं को तोड़ो और भाजपा में शामिल करवाओ। अगले कुछ दिनों में एमपी में जमकर तोड़फोड़ की राजनीति देखने को मिलने वाली है। भोपाल में भी गरीब कल्याण योजना के तहत शिवराज सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। करीब 25 घोटालों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने साफ कहा था कि सभी मामलों की जांच चल रही है जिस दिन जांच पूरी हो जाएगी उस दिन सबकुछ सामने आ जाएगा।

20/8/202388
कांग्रेस की सरकार में गरीबों का राशन कांग्रेसी चट्टे-बट्टे ही चट कर जाते थे,हिम्मत है तो 50 साल का रिपोर्ट कार्ड दे कांग्रेस
भोपाल

कांग्रेस की सरकार में गरीबों का राशन कांग्रेसी चट्टे-बट्टे ही चट कर जाते थे,हिम्मत है तो 50 साल का रिपोर्ट कार्ड दे कांग्रेस

शिवराज सरकार का रिपोर्ट कार्ड (Shivraj Government Report Card) पेश करने आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को भोपाल (Amit Shah in Madhya Pradesh) में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। शाह ने कहा कि 53 साल में 6-7 साल छोड़कर पूरे समय मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही। कांग्रेस के 53 साल के शासन में मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, लेकिन अब डबल इंजन की सरकार में मध्य प्रदेश में तेजी से विकास हुआ। शिवराज सिंह के नेतृत्व में कई परिवर्तन हुए। गृह मंत्री ने कहा कि बीजेपी ने राजनीति में जवाबदेही की परंपरा शुरू की। अमित शाह ने कहा कि 2024 को लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी सीटें बीजेपी जीतेगी (MP Elections)। शाह ने कहा कि 2014 में लोकसभा की 29 में से 27 सीटें, 2019 में 29 में 28 सीटें भाजपा को मिली। अब मैं विश्वास के साथ कह रहा हूं कि एक सीट की कमी है, 2024 में यह कमी भी मध्य प्रदेश की जनता पूरी कर देगी, मुझे पूरा विश्वास है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मैं कांग्रेस नेताओं से कहना चाहता हूं कि इधर-उधर की बातें करके जनता को भ्रमित ना करते हुए मध्य प्रदेश के विकास के इस रिपोर्ट कार्ड का जवाब दें। कांग्रेस सरकार के 53 सालों का हिसाब दे मिस्टर बंटाधार और कमलनाथ की जोड़ी। शाह ने कहा कि कभी बंटाधार माना जाने वाला मध्य प्रदेश आज विकास की बुलंदियां छू रहा है। 20 साल में बिजली, पानी, सड़क और शिक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाते हुए भाजपा सरकार ने मध्य प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। अमित शाह ने शाह ने आगे कहा कि यहां 11,700 से 1 लाख 40 हजार तक प्रति व्यक्ति आय पहुंचाना, ये सारे पैमाने को रिकॉर्ड तोड़ने वाला विकास है। मोदी जी और शिवराज जी की जोड़ी ने मध्य प्रदेश को यहां तक पहुंचाया है। इस दौरान शाह ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर भी निशाना साधा। शाह ने कहा कि कमलनाथ ने कभी हल नहीं पकड़ा, लेकिन एमएसपी की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में राशन उनके चट्टे-बट्टे ही खा जाते थे। कांग्रेस के समय में 52 लाख राशन के लाभार्थी परिवार थे, अब एक करोड़ 25 लाख परिवारों को राशन पहुंच रहा है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस के पास अगर हिम्मत है अपने 50 साल का रिपोर्ट कार्ड लेकर आए। हमने राजनीति के अंदर जवाबदेही की परंपरा खड़ी की है। जहां-जहां हमारी सरकार है, वहां हम हिसाब लेकर जाते हैं। शाह ने कहा कि 15 महीने की कमलनाथ सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की गरीब कल्याण योजनाओं को बंद कर दिया या फिर उन योजनाओं का पोषण ना करके लंगड़ी करने का काम किया। उन्हें अपने 15 महीने के सरकार का हिसाब जनता को देना चाहिए।

20/8/202393