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बीजेपी ने पहली सूची में किये 195 नाम घोषित,विदिशा से मैदान में होंगे शिवराज
मप्र की 29 में से 24 लोकसभा सीटों पर नामों की घोषणा मुरैना - शिवमंगल सिंह तोमर भिंड - संध्या राय ग्वालियर - भारत सिंह कुशवाहा गुना - ज्योतिरादित्य सिंधिया सागर - लता वानखेड़े टीकमगढ़ - वीरेंद्र खटीक दमोह राहुल लोधी खजुराहो - वीडी शर्मा सतना - गणेश सिंह रीवा - जनार्दन मिश्रा सीधी - डॉक्टर राजेश मिश्रा शहडोल - हिमाद्री सिंह जबलपुर - आशीष दुबे मंडला - फगन सिंह कुलस्ते होशंगाबाद - दर्शन सिंह चौधरी विदिशा - शिवराज सिंह चौहान भोपाल - आलोक शर्मा राजगढ़ - रोडमल नागर देवास - महेंद्र सिंह सोलंकी मंदसौर - सुधीर गुप्ता रतलाम - अनीता नगर सिंह चौहान खरगोन - गजेंद्र पटेल खंडवा - ज्ञानेश्वर पाटिल बैतूल - दुर्गादास उईके

भाजपा की पहली सूची तैयार,आज शाम तक जारी होने की संभावना,विदिशा से होंगे शिवराज
भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची तैयार है आज किसी भी वक्त केन्द्रीय नेतृत्व सूची जारी कर सकता है (bjp lok sabha candidate list)। बताया जा रहा है कि करीब 250 सीटों पर केन्द्रीय नेतृत्व ने चर्चा की है जिसमें 100 से 150 सीटें फायनल कर ली गई हैं और अब उन्हे जारी करने की तैयारी है। Mukhbir को मिली सूचना के हिसाब से पहली सूची में वाराणसी से पीएम मोदी,गांदी नगर से अमित शाह और विदिशा से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल किया गया है। पहली सूची में उन सीटों को भी शामिल किया गया है जिनको भाजपा मुस्किल मानती है। मतलब साफ है कि एमपी की छिंदवाड़ा सीट की भी घोषणा पहली सूची में ही होने वाली है। दिल्ली में हुई बीजेपी की बैठक में 16 राज्यों की सीटों पर चर्चा की गई है। यूपी में भाजपा अपना दल को दो सीट दे रही है,निशाद पार्टी और सुभासपा को एक-एक सीट दे रही है। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में जिन नेताओं को पार्टी ने फिर से राज्यसभा नहीं भेजा है उन नेताओं को अब भाजपा लोकसभा चुनाव में उतारने की तैयारी में है। इन नेताओं में मनसुख मांडविया, भूपेन्द्र यादव, राजीव चन्द्रशेखर,धर्मेन्द्र प्रधान,पुरुषोत्तम रुपाला सहित कई अन्य नेता शामिल हैं जिन्हे भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व इस बार लोकसभा चुनाव में उतार कर उनके सियासी जमीन की भी पड़ताल करना चाहता है। बताया यह भी जा रहा है कि जिस प्रकार से भाजपा ने कई सांसदों को विधानसभा में उतारा था ठीक उसी प्रकार कुछ विधायकों को भी भाजपा लोकसभा चुनाव में उतारने जा रही है।

भोपाल लोकसभा सीट से भक्ति,नेहा और गुंजन ने की दावेदारी,केन्द्रीय नेत्रित्व की बढ़ी मुस्किलें
भारतीय जनता पार्टी का केन्द्रीय नेत्रृत्व लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन में लगातार माथापच्ची कर रहा है। और जिस प्रकार से भाजपा की हर सीट पर चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की लिष्ट सामने आ रही है उससे केन्द्रीय नेत्रृत्व की मुस्किलें लगातार बढ़ती चली जा रही हैं। (lok sabha elections) यहां पर एक कहावत चरितार्थ होती है कि एक अनार और सौ बीमार। बीजेपी में ये हाल तो प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों का है। लेकिन राजधानी भोपाल में तो गजब के दावेदार सामने आए हैं। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (dr narottam mishra) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) जैसे दिग्गजों से लेकर बीजेपी के कार्यकर्ताओं और प्रवक्ताओं ने भी अपनी दावेदारी पेश करने में कोताही नहीं बरती है। और उसमें अहम पहलू यह निकल कर सामने आया है कि तीन महिला शक्तियों ने भी भोपाल के लिए दावा ठोंक दिया है (bjp candidate list)। तीनों भाजपा की युवा और मेहनती वर्कर भी हैं जिससे भाजपा की मुस्किलें बढ़ने लगी है। तीन महिला नेत्रृयों में पहला नाम भक्ति शर्मा का है जो पहले विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमाना चाहती थीं लेकिन मौका नहीं मिला,दूसरा नाम है प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा का ये भी विधानसभा चुनाव के लिए प्रयास कर रहीं थी लेकिन सीनियरों के आगे इनको भी मौका नहीं मिला। चौकाने वाला नाम है गुंजन प्रजापति का जो पेशे से अधिवक्ता हैं और भाजपा में प्रवक्ता हैं इन्होने भी भोपाल लोकसभा सीट से अपना दावा ठोंक दिया है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार गुंजन ने तो दिल्ली तक दस्तक दी है। गुंजन ने दिल्ली दौरा करके अपने तरीके से अपने लिए माहौल तैयार करने का प्रयास किया है। अब उनको लिष्ट का इंतजार है। तो इस प्रकार महिला नेत्रियों ने भी बीजेपी की तरफ से भोपाल लोकसभा सीट में अपनी दावेदारी पेश की है। टिकट किसी एक को ही मिलना है लेकिन उम्मीदें सभी ने लगा रखी है शायद उन्ही का भाग्य चमक जाए।

भाजपा की पहली सूची तय,100 नामों की होगी पहली सूची,एमपी से बीस सांसदों के टिकट कटना तय
भारतीय जनता पार्टी में लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) को लेकर लगातार मंथन जारी है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार केन्द्रीय नेत्रृत्व अगले दो दिन में पहली सूची जारी कर देगी। पहली सूची 100 नामों की होगी जिसमें एमपी की करीब 15 सीटें हैं जिनको पहली सूची (bjp lok sabha list) में शामिल किया जाएगा। दो दिन पहले भाजपा ने उम्मीदवारों को लेकर रायशुमारी की थी इसके अलावा वरिष्ठ नेताओं की पसंद भी पूछी गई थी। बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव,अध्यक्ष वीडी शर्मा,उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारियों ने केन्द्रीय नेताओं के साथ उम्मीदवारों के चयन पर काफी देर तक माथापच्ची की है। बताया जा रहा है कि तीन से अधिक बार चुनाव लड़ने वाले सांसदों को टिकट देने से भाजपा परहेज कर रही है। इनकी जगह पर किसान, गरीब, युवा और महिलाओं को चुनाल मैदान में उतारा जाएगा। कुछ दिन पहले पीएम मोदी ने इस बात के संकेत भी दिए थे। उनकी नजर में केवल गरीब, किसान, युवा और महिलाओं की ही जातियां हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकसभा प्रत्याशियों की सूची में यही लाइन रहने की पूरी उम्मीद है। ऐसे चेहरे केन्द्रीय नेत्रृत्व में सर्वे करा कर चिन्हित कर लिए गए हैं। और भाजपा अब इन्हे लोकसभा भेजने की तैयारी में है। उम्मीदवारों के चयन के साथ भाजपा उन नेताओं के लिए भी जिम्मेदारी तय करने में जुट गई है जो पिछले कई साल से सांसद हैं और इस बार उनका टिकट केन्द्रीय नेत्रृत्व काटने जा रहा है। ऐसे नेताओं में हरिशंकर खटीक,फग्गन सिंह कुलस्ते,सतना सांसद गणेश सिंह सहित कुछ नेता शामिल हैं। इन सभी नेताओं की जगह पर भाजपा ऐसे युवा चेहरों को मौका देना चाहती है जो अगले 15 साल तक अपने संसदीय क्षेत्र का नेत्रृत्व कर सकें। बताया जा रहा है कि दिल्ली आज बड़ी बैठक होगी जिसमें सूची को अंतिम रुप देकर कल तक सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

शासकीय कर्मचारियों को मोहन सरकार का तोहफा,होली के चलते एक मार्च को मिलेगा वेतन
एमपी के शासकीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है (mp government employees)। प्रदेश की मोहन सरकार इस बार मार्च महीने की सैलिरी पहले ही कर्मचारियों के खाते में जनरेट कर देगी (mohan government)। गौरतलब है कि मार्च महीने में आठ तारीख को महाशिवरात्रि है और होली सहित अन्य पर्व भी हैं। जिसको देखते हुए लाड़ली बहना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों को भी सैलिरी का बड़ा तोहफा देने का काम करने जा रही है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के वेतन को लेकर बड़ा निर्देश दिया गया है। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी आरडी चौधरी ने जिले के सभी आहरण संवितरण अधिकारियों से 27 फरवरी तक वेतन देयक जनरेट करने का अनुरोध किया है। कोषालय अधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी निर्धारित तारीख तक अनिवार्य रुप से वेतन देयक जनरेट कर दें। जिससे एक मार्च को शत प्रतिशत अधिकारी-कर्मचारियों को वेतन का भुगतान किया जा सके। समय पर वेतन जनरेट न करने से मार्च की प्रथम तारीख को वेतन दिया जाना संभव नहीं हो पाएगा। जिन अधिकारी कर्मचारियों का वेतन किसी कारण वश रोका गया है उन्हे छोड़ कर शेष सभी के वेतन देयक जनरेट करने के निर्देश सख्ती से जारी किए गए हैं।

भ्रष्ट अधिकारियों पर मोहन सरकार की टेढ़ी नजर,रिटायरमेंट से पहले अधिकारियों-कर्मचारियों की होगी विभागीय जांच
प्रदेश की मोहन सरकार (mohan government) अलग-अलग विभागों में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त हो गई है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार अगर किसी शासकीय अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच चल रही हैं (Departmental inquiry conducted) तो उन्हें 30 जून 2024 के पहले खत्म करना होगा। ये आदेश मप्र सरकार ने जारी किए है(Mp Govt instructions)। अब प्रदेश में रिटायरमेंट से पहले भ्रष्ट अफसरों की विभागीय जांच होगी। भ्रष्टाचार में लिप्त सरकारी कर्मचारियों की विभागीय जांच के लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। एक साल के अंदर रिटायर होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ 30 जून 2024 तक जांच पूरी करने के आदेश जारी किए गए हैं। मध्यप्रदेश में भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ सरकार सख्त हो गई है। इस साल रिटायर हो रहे ऐसे अफसरों की जानकारी मांगकर जून तक जांच पूरी करने को कहा गया है (Investigation of corrupt officers before retirement)। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब 5 हजार अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच और आर्थिक अनियमितताओं के मामले लंबित हैं। प्रदेश में कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिनमें डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी के मामले ही 3-4 साल से चल रहे हैं। रिटारयमेंट हो गया, लेकिन जांच ही पूरी नहीं हुई, जिससे पेंशन रुक गई। अब इन मामलों के निराकरण की टाइम लिमिट ज्यादा से ज्यादा एक साल और कम से कम 5 महीने होगी।

लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी,इस बार एक मार्च को डाली जाएगी उनके खाते में राशि
प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने लाड़ली बहनों (ladli behna yojana) के हित में बड़ा फैसला किया है। मार्च के महीने में महाशिवरात्रि और होली का पर्व होने के कारण मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों के खाते में एक मार्च को ही राशि डालने का फैसला किया है। अभी तक यह राशि महीने की दस तारीख को डाली जाती है। छिंदवाड़ा में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अगले महीने दो बड़े त्योहार हैं। जिसमें पहले आठ मार्च को महाशिवरात्रि और फिर होली का महापर्व है। लिहाजा लाड़ली बहनों को पैसों की जरुरत होगी और उन्हे किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसलिए प्रदेश सरकार की तरफ से एक मार्च को ही लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपये की राशि डाली जाएगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए यह भी दावा किया है कि पूर्व से जितनी भी योजनाएं संचालित हो रही हैं उन किसी भी योजना को बंद नहीं किया जाएगा। भाजपा की सरकार सभी योजनाओं को संचालित करती रहेगी।

गौ पालकों के लिए खुशखबरी,बढ़ेगी राशि और मानदेय,कैबिनेट बैठक में हुआ फैसला
मोहन कैबिनेट (mohan cabinet) में बड़ा फैसला लिया गया है। सड़क में दिखने वाले गौ वंशों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) कैबिनेट में अलग से बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर वर्षा काल में प्रमुख सड़कों और राजमार्गो पर गौ माता के बैठे रहने की घटनाएं सामने आती हैं। गौ माता दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाती हैं। ऐसी व्यवस्था आवश्यक है कि गौ माता सड़कों पर न दिखें , इसके लिए गौशालाओं के लिए राशि और मानदेय वृद्धि का निर्णय लिया जाएगा। श्रेष्ठ प्रबंधन से गौ माता के सम्मान में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। यदि गौ माता मृत्यु का शिकार होती हैं तो उनके सम्मानजनक दाह संस्कार की व्यवस्था की जाए। साथ ही गौ माता के अवशेष कहीं अपमानित न हों इसके लिए समाधि अथवा अन्य व्यवस्थाओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। मंत्री परिषद के सदस्यों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का हर्ष ध्वनि के साथ मेजें थपथपाकर स्वागत किया। मंत्री परिषद के सदस्यों ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी इस कार्य में लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पशु पालन एवं डेयरी विभाग को इस संबंध में आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए। पशु पालन मंत्री लखन पटेल (lakhan patel) ने कहा कि वो शीघ्र ही गौशाला संचालकों (cow farmers) को बैठक में आमंत्रित कर सुझाव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इसी माह यह बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरों के महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल किए जाएं। बैठक में गौ शालाओं के बेहतर संचालक, गौ पालकों द्वारा भी गौ माता के स्वतंत्र विचरण पर अंकुश, पुलिस द्वारा सहयोग प्राप्त करने और केंद्र सरकार से इस संबंध में अधो संरचनात्मक कार्यों के लिए राशि प्राप्त करने पर भी चर्चा हुई।

संविदा कर्मियों को भाजपा सरकार ने दिया धोखा,नियमित के समान वेतन और सुविधा का किया वादा,आज तक नहीं किया पूरा
विधानसभा चुनाव (madhya pradesh elections) से पहले प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) ने जमकर पंचायतों का आयोजन किया। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों (samvida workers) की महापंचायत बुलाई। सभी संविदा कर्मियों को बड़े-बड़े प्रलोभन दिए गए और उसका फायदा भाजपा को वोट के रुप में हुआ। सभी संविदा कर्मियों ने एकमुस्त भाजपा को वोट दिया और उसका परिणाम ये निकला की भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाई। जबकि सर्वे और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा नहीं किया जा रहा था। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद प्रदेश के अलग-अलग विभागों में पदस्थ संविदा कर्मियों ने शिवराज सिंह चौहान के वादे पर विश्वास किया और वोट दिया। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वादे के मुताबिक संविदा कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य जितनी भी शासकीय सुविधाएं हैं वो सभी देने का वादा किया गया था। इसके लिए फर्जी आदेश भी जारी किए गए जिससे संविदा कर्मियों को लगे कि सरकार अपने किए वादे पर कायम है और प्रक्रिया जारी है। घोषणा के कुछ समय बाद चुनाव आचार संहिता लग गई तब तक संविदा कर्मी यह ढाढ़स बांध कर बैठे रहे कि चुनाव आचार संहिता लगने के कारण सरकार उनको वेतन और सुविधाएं नहीं दे पार रही। लेकिन इस बीच सरकार ने भले अपना वादा पूरा न किया हो लेकिन संविदा कर्मियों ने अपना वादा भाजपा के पक्ष में वोट देकर निभाया और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाई। सरकार तो बनी लेकिन मुख्यमंत्री बदल गए जिसके बाद प्रशासनिक अमले ने संविदा कर्मियों की सुध नहीं ली। आज तक संविदा कर्मियों से किया वादा पूरा नहीं हुआ। खुले तौर पर कहा जाए तो वोट के नाम पर भाजपा की सरकार ने संविदा कर्मियों को ठगने का काम किया है। अब सभी संविदा कर्मी लोकसभा चुनाव में अपना बदला लेने की योजना बना रहे हैं।

भाजपा सात सीटों पर हफ्ते भर के अंदर घोषित करेगी नाम,गणेश सिंह,फग्गन सिंह कुलस्ते,जनार्दन का टिकट कटना तय
मिशन 2024 (lok sabha elections 2024)फतह करने की ओर बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां अपने आखिरी पड़ाव पर हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार विधानसभा चुनाव में पहली सूची चुनाव के दो महीने पहले ही जारी कर दी थी ठीक उसी प्रकार लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी पहली सूची जारी करने वाली है (bjp lok sabha list)। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के केन्द्रीय नेत्रृत्व ने पहली सूची तैयार कर ली है। पहली सूची के नामों को केन्द्रीय नेत्रृत्व द्वारा फायनल कर लिया गया है। अब उन नामों को सार्वजनिक करना बांकी है। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों में लगी है जो 17 और 18 फरवरी को दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस अधिवेशन के समाप्त होते ही भाजपा का केन्द्रीय नेत्रृत्व सात सीटों के नाम को सार्वजनिक कर देगा। ये सातों वही सीटें हैं जिन सांसदों को भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उतारा था। उन सांसदों में पांच जीत कर विधायक बन चुके हैं कुछ को मंत्री भी बना दिया गया है। दो सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और सतना से गणेश सिंह विधानसभा का चुनाव हार गए थे जिनका टिकट काटा जा रहा है। सात नामों की सूची फायनल है। पहले नामों की घोषणा कर भाजपा उन उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी के लिए मौका देना चाहती है। बांकी 22 सीटों को लेकर भाजपा में लगातार मंथन जारी है। जानकारी के मुताबिक भाजपा इस बार एमपी की 29 लोकसभा सीटों में करीब 20 सीटों पर नए और युवा नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने जा रही है। रीवा से भी जनार्दन मिश्रा का टिकट कटना तय माना जा रहा है।

कांग्रेस पार्टी ने भी राज्यसभा उम्मीदवार का किया ऐलान
कांग्रेस पार्टी ने राज्सभा उम्मीदवार का ऐलान करते हुए अशोक सिंह (ashok singh) के नाम पर मुहर लगा दी हो। अशोक सिंह यादव समाज से आते हैं। मतलब साफ है कि भारतीय जनता पार्टी नै मप्र में यादव को मुख्यमंत्री बनाया है तो उसका जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी ने भी यादव को राज्यसभा भेजने का ऐलान किया है। नामांकन की आखिरी तारीख 15 फरवरी है यही कारण है कि कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने चारों उम्मीदवारों का सुबह ही ऐलान कर दिया था। गौरतलब है कि एमपी से राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं जिसमें चार सीट भाजपा के खाते की हैं और एक सीट कांग्रेस की राजमणि पटेल से खाली हुई है।

शासकीय कर्मचारियों के लिए अंतरिम बजट में मोहन की सौगात,4% डीए और मंहगाई राहत देने का लिया संकल्प
लगभग दो महीने पुरानी डा. मोहन यादव की सरकार ने 1,45, 229 करोड़ रुपये का पहला अंतरिम बजट (interim budget) यानी लेखानुदान विधानसभा में प्रस्तुत किया। भाजपा के मिशन 370 को केंद्र में रखकर तैयार किए गए इस अंतरिम बजट में ' मोदी की गारंटी और विकसित मध्य प्रदेश' की झलक दिखाई दे रही है, जिसमें समाज के सभी वर्गो के विकास और कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूल मंत्र को अमलीजामा पहनाने का प्रयास अंतरिम बजट में किया गया है। मोदी की चार जाति गरीब, महिला, किसान और युवा वर्ग के कल्याण के लिए भरसक प्रयत्न किए गए हैं। कर्मचारियों और पेंशनर के लिए चार प्रतिशत डीए और महंगाई राहत का प्रविधान किया गया है। एक अप्रैल से 31 जुलाई तक के लिए महिलाओं की लाड़ली बहना (ladli behna) और अन्य योजनाओं के लिए 9438 करोड़ का प्रविधान किया गया है। किसानों को ब्याजरहित ऋण देने और स्थाई विद्युत पंप पर अनुदान देने के लिए कृषक मित्र योजना को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने के लिए 9593 करोड़ रुपये किसान कल्याण विभाग को दिए गए हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्वादन पर प्रतिलीटर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सड़क, औद्योगिक कारिडोर निर्माण और एक्सप्रेस वे को गति देने के लिए पीडब्ल्यूडी को 4098 करोड़ रुपये दिए गए हैं ताकि ठेकेदारों के लंबित भुगतान पूरा कर नई परियोजनाओं के काम को तेज किया जा सके। स्वस्थ मध्य प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने के लिए एयर एंबूलेंस सेवा आरंभ की जाएगी। युवा वर्ग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पीएम एक्सीलेंस कालेज का निर्माण सभी जिलों में किया जाएगा। केरल की तरह पर्यटन क्षेत्र से रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए पांच पर्यटन केंद्रो तक हेलीकाप्टर चलाने की तैयारी मोहन सरकार ने अंतरिम बजट में की है। आदिवासी विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए 23 जिलों में प्रधानमंत्री जनमन योजना को जमीन पर उतारने के लिए अनुसूचित जनजाति कल्याण के बजट में 7500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। गरीब परिवार की महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान मिलने वाली प्रसूति सहायता योजना के लिए 2024-25 के अंतरिम बजट (लेखानुदान) में 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।श्रमिकों के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अंतरिम बजट में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी सरकार ने समान प्राथमिकता दी है। शहरी विकास के लिए 6143 और गांव के विकास के लिए 6314 करोड़ रुपये चार महीने में खर्च किए जाएंगे।