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बीजेपी के पोस्टरों से गायब होंगे 'मामा' मोहन युग की ओर आगे बढ़ेगी बीजेपी
मप्र बीजेपी ने अब तय कर दिया है कि 'मामा' राज खत्म हो चुका है। इसकी बानगी के तौर पर पहले सीएम पद की कुर्सी छीनी गई उसके बाद उन्हे एमपी में कोई जिम्मेदारी देने के बजाय साउथ में सक्रिय होने का निर्देश जारी किया गया। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब एमपी बीजेपी हर पोस्टर से पूर्व सीएम को हटाने की योजना पर काम कर रही है। दरअसल 18 साल तक एमपी में सीएम रहे मामा ने अन्य किसी नेता को एमपी बीजेपी में पनपने नहीं दिया यही कारण है कि आज भारतीय जनता पार्टी को चुनाव के दौरान मोदी के सहारे ही चलना पड़ता है। लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) को भी पूर्व सीएम ने केन्द्र सरकार की बगैर अनुमति के शुरु किया था जो आज मोहन सरकार (mohan government) के लिए समस्य बन चुकी है हर महीने सरकार को 1500 करोड़ से ऊपर का बजट लाड़ली बहना योजना के लिए बनाना पड़ रहा है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार लाड़ली बहना योजना की फरवरी में मिलने वाली किस्त के लिए राज्य सरकार के पास बजट नहीं है। यही कारण है कि सरकार को फिर कर्ज लेना पड़ रहा है। पूर्व सीएम के द्वारा अनेकों ऐसी योजनाएं हैं जिनमें सरकार को प्रतिमाह हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है और सरकार लगातार कर्ज के बोझ में दबती चली जा रही है। इसी लिए केन्द्रीय नेत्रृत्व ने तय किया है कि मामा द्वारा शुरु की गई योजनाओं को धीरे-धीरे बंद किया जाना चाहिए। उसके पहले पोस्टर बैनर से गायब करने की योजना है जिससे लोगों को ज्यादा भनक न लगने पाए। प्रदेश की जनता के मन में मोहन यादव को जगह दिलाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे एक नए युग की शुरुआत की जा सके। (mp bjp)

बच्चों के साथ विशेष भोज में शामिल हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव (mohan yadav) ने गणतंत्र दिवस (republic day) के अवसर पर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अन्तर्गत शासकीय जालसेवा निकेतन उमावि सीएम राइज स्कूल में आयोजित विशेष भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम जीरो वेस्ट थीम पर आयोजित किया गया था। विद्यालय के प्राचार्य डॉ.प्रदीप देशपांडे द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। अतिथियों द्वारा मां शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूल के बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कई वर्षों के कड़े संघर्ष के पश्चात हमारे देश को स्वतंत्रता मिली और उसके पश्चात गणतंत्र लागू हुआ। देश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी महापुरूषों और क्रान्तिकारियों को नमन है। हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है। भारत दुनिया में सबसे युवा जनसंख्या वाला देश है। आज गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर विद्यालय के बच्चों के साथ मध्याह्न भोजन में शामिल होने का अवसर मिला है। वर्तमान में आजादी का अमृतकाल चल रहा है। आने वाले समय में हमारा प्रदेश हर क्षेत्र में तरक्की करे, यही कामना है। सरकार द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को समय-समय पर आगे बढ़ने एवं उनकी प्रतिभाओं को निखारने के अवसर प्रदान किये जायेंगे। हमारे प्रदेश के युवा पढ़-लिखकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें एवं अपने सपनों को पूरा करें। मुख्यमंत्री ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।

संविदा और आंगनबाड़ी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर,सरकार ने बनाया खास प्लान
मप्र में संविदा कर्मचारियों (samvida workers) और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (anganwadi workers) समेत कई वर्ग के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश के आयुष्मान भारत “निरामयम” में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, अन्य संविदा कर्मियों को शामिल करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 9 सदस्यों की एक समिति गठित की गई है, जो स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ स्वीकृत करने के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी करेगी। इसके तहत हर परिवार को इलाज के लिए हर साल पांच लाख रुपये तक दिए जाएंगे। राज्य शासन ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारी/कार्यकर्ता, संविदा कर्मियों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत “निरामयम” में शामिल किये जाने के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति के सदस्य सचिव मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आयुष्मान भारत निरामयम मध्यप्रदेश होंगे। समिति में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सदस्य होंगे। समिति प्रदेश के शासकीय कर्मचारी/कार्यकर्ता / संविदा कर्मियों को आयुष्मान भारत “निरामयम” प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत, पूर्व में स्वीकृत पात्र श्रेणियों में सम्मिलित हितग्राहियों के अतिरिक्त, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, आँगनवाड़ी सहायिका, मिनी आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आशा एवं ऊषा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, कोटवार एवं संविदा कर्मियों को प्रतिवर्ष, प्रति परिवार, 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ स्वीकृत करने के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी करेगी।दरअसल, हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने संविदा कर्मचारियों, आंगनबाड़ी, आशा-ऊषा कार्यकर्ता, सहायिका, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, कोटवार सहित अन्य कर्मचारियों के संवर्ग को भी आयुष्मान कार्ड का लाभ देने का फैसला किया है , इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आदेश भी जारी किए जा चुके है। इसके तहत इन सभी कर्मियों को प्रतिवर्ष प्रति परिवार 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ स्वीकृत किया गया है।खास बात ये है कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पूर्व में स्वीकृत पात्र श्रेणियों में इन नई श्रेणियों को भी शामिल किया गया है।आयुष्मान योजना में कुछ परिवारों को अपात्र भी घोषित किया गया है। योजना का लाभ उन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य गत तीन वर्षों में से किसी भी वर्ष में आयकर दाता हो। परिवार का कोई सदस्य किसी अन्य शासकीय योजना से नि:शुल्क स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकता हो या जिस परिवार का कोई सदस्य शासकीय कर्मचारी होने के साथ-साथ राज्य या केंद्र सरकार की किसी अन्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने के लिए पात्र हो वह इसका लाभ नहीं ले सकता है। शासकीय कर्मचारी के उपचार पर होने वाले संभावित व्यय की प्रतिपूर्ति स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत प्रविधानित कर की जाएगी।

एमपी के संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, कर्मचारियों के वेतनमान में 8% की वृद्धि
मप्र के संविदा कर्मचारियों (samvida workers) के लिए बड़ी खबर है, Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारियों के वेतनमान में 8% की वेतन वृद्धि होने जा रही है। प्रदेश सरकार अब शासकीय कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों (samvida) के वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते में वृद्धि कर रही है। ताकि प्रदेश में शासकीय और संविदा कर्मचारियों को इंक्रीमेंट का लाभ मिल सके। मध्य प्रदेश में शासकीय और संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और एरियर भी दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने अब शासकीय और संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बताया गया है कि महंगाई भत्ते में भी वृद्धि की जाएगी और कर्मचारियों को एरियर भी दिया जाएगा।प्रदेश में 750000 शासकीय कर्मचारी हैं और 250000 संविदा कर्मचारी हैं। अब उनके वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन की जा रही है। वित्त विभाग ने बताया कि इन कर्मचारियों को पिछला महंगाई भत्ता और एरियर भी देना होगा। बता दे की कर्मचारियों की महंगाई भत्ते में 8% की वृद्धि की जाने के लिए कहा गया है। मध्य प्रदेश सरकार में अभी कर्मचारियों को 42% महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। और केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जनवरी 2024 से 50% महंगाई भत्ता दिया जाएगा। आपको जानकारी लिए बता दें कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों और केंद्र के कर्मचारियों के बीच 8% महंगाई भत्ते का अंतर देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश में प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों को 4% महंगाई भत्ता देने की बात कही थी। लेकिन कर्मचारियों को इसका भुगतान नहीं किया गया।

'बड़ी अभागी है कांग्रेस' मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस को क्यों बताया अभागा
भगवान राम 22 जनवरी को राम मंदिर के गर्भगृह (ram mandir pran pratishtha) में स्थापित होने जा रहे हैं। उससे पहले भक्ति के रस में देश सराबोर है तो सियासत भी पूरे शबाब पर है। राम मंदिर के लिए देश भर में निमंत्रण भेजे जा रहे हैं और उसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी को भी निमंत्रण भेजा गया था। लेकिन कांग्रेस ने इस कार्यक्रम में जाने के न्योते को ये कह कर अस्विकार कर दिया कि भाजपा ने इस पूरे कार्यक्रम को राजनीतिक बना दिया है। हांलाकि कांग्रेस आलाकमान के इस फैसले पर कांग्रेस कई अलग-अलग धड़ों में बंट गई है। कांग्रेस आला कमान ने एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए ऐसा किया है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी का कोई भी नेता तंज कसने से पीछे नहीं हो रहा है। इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने भी जमकर चुटकी ली है। मोहन यादव ने कहा कि 'कांग्रेस बड़ी अभागी है' क्योंकि भगवान राम के मंदिर और भगवान राम का सभी को इंतजार था और अब जब राम मंदिर बन रहा है और भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है तो उसमें करीब- करीब सभी शामिल हो रहे हैं लेकिन कांग्रेस आला कमान की तरफ से न्योता अस्विकार होने के बाद कांग्रेस के नेता खुद को तो ठगा सा महसूस कर ही रहे हैं लेकिन भाजपा के नेताओं को तंज कसने का अच्छा मौका भी मिल गया है।

खतरे में लाखों संविदा कर्मियों का भविष्य,मोहन सरकार ने संविदा कर्मियों के सामने रखी बड़ी शर्त,अब क्या करेंगे संविदा कर्मी
प्रदेश भर में करीब 38 विभागों में काम कर रहे लाखों की संख्या में संविदा कर्मियों (samvida workers) के सामने मोहन सरकार (mohan government) ने उनके भविष्य को चिंता खड़ी कर दी है। अभी तक यह संविदा कर्मी (Samvida) सिर्फ इस बात को लेकर परेशान थे कि रिटायर होने के बाद उन्हे पेंशन नहीं मिलेगी तो उनका गुजारा कैसे होगा। उससे पहले ही मोहन सरकार ने संविदा कर्मियों को खुद के भविष्य के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है। दरअसल संविदा कर्मियों को नियमित होना है तो उन्हे परीक्षा में उत्तीर्ण होना होगा। और सबसे बड़ी बात यह है कि परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए उन्हे कम से कम 50 फीसदी अंक लाना अनिवार्य होगा। अगर कोई अभ्यर्थी 50 फीसदी से कम अंक लेकर आता है तो उसे नौकरी से भी निकाला जा सकता है। मतलब साफ है अलग-अलग विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों को अगर नौकरी में बने रहना है तो उन्हे किसी भी हालत में 50 फीसदी से ज्यादा का अंक लाना अनिवार्य होगा। करीब तीन घंटे के पेपर में डेढ़ सौ अंक लाने होंगे। अगर कोई अभ्यर्थी 50 पीसदी से कम अंक लेकर आया तो उसे अनुत्तीर्ण माना जाएगा।

संविदा कर्मियों के लिए बड़ी खबर,परमानेंट के लिए देनी होगी परीक्षा,50% से अधिक लाने होंगे अंक
मप्र प्रदेश के संविदा कर्मचारियों (samvida workers) के नियमितीकरण को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में संविदा कर्मचारियों को अब नियमितीकरण के लिए लिखित परीक्षा देनी होगी। जिसमें पचास प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर ही संविदा कर्मियों को नियुक्ति दी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से तैयार किए गए नियमों के अनुसार सभी विभाग अपने तृतीय श्रेणी के पदों में इस प्रक्रिया का पालन करेंगे। नए नियमों के मुताबिक सीधी भर्ती में संविदा कर्मियों के लिए 20% पद आरक्षित होंगे। इसके साथ ही SC और ST उम्मीदवारों को 10% तक की छूट भी दी जाएगी। उन्हे नियमीतीकरण के लिए सिर्फ 40% अंक ही लाने होंगे। बताया था रहा है कि अगर संविदा कर्मचारी के पूरे पद 50 प्रतिशत अंक लाने वाले संविदा कर्मियों से नहीं भरे जा सके तो बांकी बचे पद 50% से कम अंक वालों को नहीं मिलेंगे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार नए नियमों अनुसार तृतीय श्रेणी के पदों पर संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए पेपर लिया जाएगा। जोकि तीन घंटे का होगा और 300 अंको का होगा। जिसमें संविदा कर्मियों को नियमितिकरण के लिए 150 अंक लाने अनिवार्य होंगे। इसके साथ ही नए नियम के मुताबिक नियमित पदों के लिए वरिष्ठता के आधार पर कर्मचारायों को निर्धारण नहीं होगा। सभी 38 विभागों में कर्मचारियों को परीक्षा देकर 50% लाने जरुरी होंगे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल से BRTS को हटाने का किया फैसला, 20 जनवरी को हटेगा BRTS
भोपाल की सड़कों में बनाए गए BRTS को हटाने का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने फैसला कर लिया है। जानकारी के मुताबिक 20 जनवरी से BRTS को हटाने की कार्रवाई शुरु की जाएगी।अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तय समय सीमा में बीआरटीएस (brts bhopal) का हटाने का काम होना चाहिए।मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि बीआरटीएस कॉरिडोर यातायात में सुगमता और जन सुविधा के लिए हटाए जा रहे हैं । अतः जहां ट्रैफिक का दबाव सर्वाधिक हो वहीं से बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का कार्य आरंभ किया जाए। कॉरिडोर हटाने का कार्य बैरागढ़ से आरंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा जन सुविधा को देखते हुए बीआरटीएस हटाने का काम रात में किया जाए और पुलिस से समन्वय करते हुए बीआरटीएस हटाने की संपूर्ण अवधि में शहर में सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का सख्त निर्देश,संविदा कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के आदेश तत्काल जारी करें
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना (aidal singh kansana) ने आत्मा प्रोजेक्ट में कार्य कर रहे संविदा कर्मियों (samvida) को मकर संक्रांति पर सौगात दी है। उन्होंने संविदा कर्मियों (samvida recruitment) के मानदेय में वृद्धि किए जाने निर्देश दिए है। मंत्री कंसाना ने तत्काल आदेश जारी करने को कहा है। कृषि मंत्री कंसाना ने बताया है कि वर्ष 2023-24 के लिए आत्मा प्रोजेक्ट में कार्य कर रहे सहायक अमले के मानदेय में वृद्धि को सहमति प्रदान कर दी गई है। इससे सहायक अमले के वेतन में 1270 रुपए से लेकर लगभग 2333 रुपए तक की वृद्धि होगी। आत्मा प्रोजेक्ट के सहायक अमले में कार्य कर रहे हैं कंप्यूटर प्रोग्रामर के वेतन में 1270 रुपए, लेखापाल सह लिपिक को 1731 रुपए, असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर को 1910 रुपए और ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर को 2333 रुपए का लाभ होगा।

60 की उम्र के बाद मोहन सरकार पेंशन देने की बना रही योजना,मंत्री प्रहलाद पटेल ने की समीक्षा
मोहन सरकार (mohan government मजदूरों को 60 की उम्र के बाद पेंशन देने की योजना पर विचार कर रही है। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है बहुत जल्दी घोषणा होने वाली है। प्रदेश के श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल (prahlad patel) ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही है। प्रहलाद पटेल ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन दिया जाना निश्चित किया जा रहा है। कितनी पेंशन दी जाएगी इस पर अभी विचार होना शेष है। इसके लिए विचार विमर्श का चल रहा है बहुत जल्दी प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की टीम पूरी तरह से प्रदेश के विकास कार्य में जुड़ चुकी है। प्रदेश के श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने विभागीय समीक्षा के दौरान असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को लेकर कई बड़े सुधार करने की घोषणा की है। साथ ही असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन देने की योजना पर काम किया जा रहा है। श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि 60 की उम्र के बाद मजदूर में काम करने की क्षमता घट जाती है ऐसे में उनके शारीरिक श्रम को ध्यान में रखते हुए पेंशन की योजना बनाई जा रही है। श्री पटेल का कहना था कि मजदूरों के संबंध में प्रावधानों और निर्णय में संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाए। मजदूरों के पंजीयन निरस्त होने की स्थिति में अनुविभागीय आधिकारिक के यहां होने वाली अपील के प्रावधान को हटाया जाएगा। श्रम मंत्री का कहना है कि गरीब व्यक्ति को अनावश्यक रूप से होने वाली परेशानी से बचाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। कहा गया है की अपील का प्रावधान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी या श्रम बोर्ड के समक्ष विचार के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को 45 वर्ष की उम्र के बाद बीमा योजना में कर करने संबंधी निर्णय लिया जाएगा। साथ ही 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन का लाभ दिया जाए। जनकल्याण संबल योजना तथा मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के विभिन्न प्रावधानों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

एमपी के शासकीय कर्मचारियों के लिए सरकार का खुलेगा खजाना,जल्द मिलेगा डीए
राज्य सरकार फरवरी में आने वाले वोट एंड अकाउंट (लेखानुदान) में कर्मचारियों को 7 से 8 प्रतिशत तक डीए (mp government employees DA) बढ़ाए जाने का वित्तीय प्रावधान करने जा रही है। दरअसल, मार्च 2025 तक कर्मचारियों का डीए 14% तक बढ़ाए जाने का की व्यवस्था की जा रही है। इसके बाद यह 56% हो जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024,25 में 6000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। अभी राज्य के 7.50 लाख कर्मचारियों को 42% डीए मिल रहा है। जो केंद्रीय कर्मचारियों को मिल रहे 46% से 04% कम है। हालांकि इस भुगतान के लिए की विश्व विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री और सचिवालय को भेज दिया है। जिस पर मंजूरी मिलना बाकी है। गौरतलब है कि मप्र विधानसभा चुनाव होने की वजह से चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई थी। इसलिए एक जुलाई 2023 से लंबित 4% प्रतिशत लंबित डीए का भुगतान नहीं किया जा सका है। इस बड़े हुए दिए का भुगतान किया जाता है तो यह खर्च 1280 करोड़ रुपये होगी। इसराज को फिलहाल अभी वोट एंड अकाउंट में शामिल नहीं किया गया है।

एमपी में नया कैलेंडर होगा लागू,68 साल पहले PM नेहरु ने करवया था बंद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने फिर पुराने कैलेंडर को लागू करने की योजना तैयार की है। अब नया कैलेंडर (new calendar) विक्रम संवत (vikram samvat) के रुप में लागू होगा। गौरतलब है कि बीते 68 सालों से यहां शक संवत का शासकीय कैलेंडर चलता था। अब एक बार फिर से मध्य प्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित विक्रम संवत कैलेंडर को लागू करने की योजना तैयार कर ली है। राज्य के संस्कृति विभाग ने यह कैलेंडर छपवा लिए हैं। शक संवत नहीं, मध्य प्रदेश में फिर होगा विक्रम संवत का शासकीय कलेंडर, 68 साल पहले पीएम नेहरु ने लागू की थी अंग्रेजी व्यवस्था मध्य प्रदेश में नवगठित डॉ. मोहन यादव की सरकार ने एक बार फिर से शासकीय कलेंडर में विक्रम संवत को मान्यता दी है. मध्य प्रदेश में शदियों से विक्रम संवत को ही मान्यता मिलती रही है, लेकिन आजादी के बाद पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने पुरानी व्यवस्था को बदल कर अंग्रेजी व्यवस्था लागू कर दी थी. इसी व्यवस्था के तहत विक्रम संवत को भी दरकिनार कर शक संवत लागू किया गया था। डॉ. मोहन यादव की सरकार ने शपथ लेने के साथ ही इस व्यवस्था को बदलने का फैसला किया और अब नए कलेंडर छप कर तैयार हो गए हैं. मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जारी आदेश पत्र के मुताबिक अब नया शासकीय कैलेंडर अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से नहीं होगा. बल्कि इसे विक्रम संवत के तहत तैयार किया गया है. इसमें विक्रम संवत की तिथियां और व्रत त्यौहार भी दिए गए हैं. बता दें कि उज्जैन के राजा सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत शुरू किया था. सैकड़ों सालों तक इसी संवत को पूरा देश मानता था। मध्यप्रदेश का सरकारी कैलेंडर भी विक्रम संवत के अनुसार प्रिंट होता था. यह व्यवस्था आजादी के बाद 1949 तक रही. साल 1955 मे देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एक आदेश के तहत विक्रम संवत को हटा दिया था. उन्हीं इसके स्थानों पर अंग्रेजों द्वारा पोषित शक संवत को महत्व दिया था. तब से आज 68 साल बाद तक यही कैलेंडर प्रकाशित होता आ रहा है. अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य के विक्रम संवत को एक बार फिर से मध्यप्रदेश के शासकीय कैलेंडर के तौर पर लागू करने के आदेश दिए हैं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के मुताबिक संस्कृति विभाग ने नए कैलेंडर छपवा लिए हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद न्याय प्रिय राजा सम्राट विक्रमादित्य में काफी प्रेरित हैं. वह उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए भी राजा विक्रमादित्य के इतिहास से जुड़े संदर्भों पर काफी काम कर चुके हैं. उन्होंने विक्रमादित्य के नाट्य मंचन का आयोजन भी कराया था, जिसे पूरे देशभर में खूब सराहा गया. उनके प्रयासों से मध्यप्रदेश के पाठ्यक्रम में राजा विक्रमादित्य को शामिल किया गया।