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लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा करते हुए डॉ. नरोत्तम ने कहा मैं आपके हर सुख दुख में साथ हूं
भोपाल

लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा करते हुए डॉ. नरोत्तम ने कहा मैं आपके हर सुख दुख में साथ हूं

प्रदेश के गृह मंत्री और दतिया से भाजपा प्रत्याशी डॉ नरोत्तम मिश्रा (dr narottam mishra) जनसंपर्क के लिए बसई के ग्राम पारखेड़ा पहुंचे। यहां उनके स्वागत के लिए सैकड़ों महिलाओं का हुजूम उमड़ पड़ा ।जब बहनें और माताएँ डॉक्टर मिश्रा पर पुष्प वर्षा कर रही थी तो उन्होंने उनके हाथ से फूलों की टोकरी लेकर बहिनों तथा माताओं पर पुष्प वर्षा करते हुए कहा कि मैं सदैव आपके सुख दुख में साथ हूं ।आपसे मेरा रिश्ता राजनैतिक नहीं ,पारिवारिक है। बसई और बसई का हर गाँव मुझे जान से भी प्यारा है। यहाँ के विकास के लिए में कोई कोर कसर नहीं छोड़ूंगा। डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नागरिकों को दी और कहा कि आने वाले पाँच सालों में मैं और तेज़ी से विकास योजनाओं को यहाँ क्रियान्वित करूँगा, ताकि हर बसईवासी गर्व कर सके। ग्रामीणों ने अपने लाड़ले नेता डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा का एक हज़ार फ़ीट लंबी फूल माला से स्वागत किया।

10/11/2023165
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का जारी है जन संपर्क,जनता से मांग रहे फिर सेवा करने का आशीर्वाद
भोपाल

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का जारी है जन संपर्क,जनता से मांग रहे फिर सेवा करने का आशीर्वाद

भोपाल में 108 के नाम से मशहूर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (pc sharma) का जनसंपर्क अभियान लगातार जारी है। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट (dakshin paschim vidhan sabha ) से चुनाव मैदान में उतरे पीसी शर्मा घर-घर संपर्क कर लोगों से जीत का आशीर्वाद मांग रहे हैं। पीसी शर्मा का कहना है कि वो अपनी विधानसभा के लोगों को अपना परिवार मानते हैं यही कारण है कि उनके दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा का कोई भी व्यक्ति कभी भी पीसी शर्मा से मुलाकात कर सकता है। पूर्व मंत्री शर्मा का कहना है कि उनके जीवन का लक्ष्य जनता की सेवा है और वो इसी लिए विधानसभा का चुनाव लड़ते हैं जिससे वो जनता की अपेक्षाओं को पूरा कर सकते हैं। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा जिस क्षेत्र में जाते हैं वहां पर जनता उनका स्वागत करने के लिए आगे आती है। हर तरफ पीसी शर्मा का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया जाता है। बच्चे हों या बड़े सभी लोगों को पूर्व मंत्री शर्मा खुद जानते हैं और जो भी काम लेकर आते है वो काम पहली प्राथमिकता के साथ पीसी शर्मा करने को तैयार रहते हैं। एक ऐसा वाक्या भी देखने को मिला जब पीसी शर्मा चुनाव प्रचार कर रहे थे उसी दौरान उन्हे नाली जाम देखने को मिली तो उन्होने नगर निगम कर्मचारियों का इंतजार करने के बजाय खुद हाथ में फावड़ा उठाया और नाली साफ करने लगे।

6/11/2023129
जगदीश मीणा ने सैकड़ों समर्थकों सहित ली बीजेपी की सदस्यता
भोपाल

जगदीश मीणा ने सैकड़ों समर्थकों सहित ली बीजेपी की सदस्यता

मीणा समाज के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश मीणा (Jagdish Meena) ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। जगदीश मीणा को प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलाई है। जगदीश मीणा चाचौड़ा से आते हैं और मीणा समाज के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उनके भाजपा ज्वाइन करने से विधानसभा चुनाव में काफी फायदा हो सकता है। प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव(Bhupendra Yadav) के मुयाबिक प्रदेश की करीब 32 विधानसभा सीटों में मीणा समाज का वर्चश्व है लिहाजा जगदीश मीणा के बीजेपी ज्वाइन करने से पार्टी को काफी लाभ होने की संभावना जताई जा रही है। दगदीश मीणा के साथ दो सरपंच और दो पूर्व सरपंच के अलावा एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।

4/11/2023168
शक्ति की आराधना करते नरोत्तम,आस्था में झुके सिर
भोपाल

शक्ति की आराधना करते नरोत्तम,आस्था में झुके सिर

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक ऐसी सख्सियत हैं जो दतिया की जनता को भगवान मानते हैं। जनता उनका स्वागत करने पहुंचती है तो वो फूलों का हार खुद पहनने के बजाय उसी जनता को पहना देते हैं। (दादा) के नाम से मशहूर नरोत्तम मिश्रा के दिल में दतिया बसता है (Narottam Mishra)। जिस प्रकार से दतिया की जनता ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को वोट का आशीर्वाद देकर लगातार सियासत के शिखर पर पहुंचाया है उसका ऋण वो अगले पांच साल तक उतारते हैं। दतिया का एक बच्चा भी भोपाल में आता है तो उनके 'दादा' नरोत्तम मिश्रा उनकी आव भगत में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। लगातार जनता की सेवा करने के बाद अब डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर जनता के बीच उपस्थित हैं। इस दौरान उनके अलग-अलग रुप भी देखने को मिल रहे हैं। लेकिन आज तो उनका एक ऐसा रुप देखने को मिला जो नवरात्रि की याद को ताजा कर गया। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ना सिर्फ लोगों के घर पहुंचे बल्कि उन घरों की लक्ष्मी स्वरुपा महिलाओं की आरती कर उनके पैर छुए और जीत का आशीर्वाद भी लिया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा की यही विनम्रता उनको अन्य नेताओं से अलग बनाती है। गृह मंत्री ना सिर्फ खुद के लिए मेहनत कर रहे हैं बल्कि प्रदेश में भाजपा की सरकार एकबार फिर स्थापित करने के लिए वो स्टार प्रचारक के रुप में प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा सीटों में दौरा कर पार्टी प्रत्याशियों के लिए भी वोट की अपील कर रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं में गिने जाते हैं उनका प्रभाव प्रदेश की कई सीटों पर है। विंध्य की जनता भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उतना ही चाहती है जितना दतिया और डबरा की जनता नरोत्तम मिश्रा को चाहती है। फिलहाल डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपने कर्तब्य पथ पर लगातार लगे हैं और जनता से खुद के साथ पार्टी की जीत के लिए आशीर्वाद मांग रहे हैं।

31/10/2023234
'जय वीरु' की दोस्ती में दरार,दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रचार से बनाई दूरी
भोपाल

'जय वीरु' की दोस्ती में दरार,दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रचार से बनाई दूरी

विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों और 'पुराने दोस्तों' में ठन गई है(MP Elections)। कमलनाथ से नाराज होकर दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने प्रचार अभियान से दूरी बना ली है। दमोह में प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के कार्यक्रम से भी वह नदारद रहे। टिकट वितरण और उससे उपजे असंतोष पर कमलनाथ (Kamal Nath) के 'दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़ो' वाले बयान ने कांग्रेस में असहज स्थिति बना दी है। कांग्रेस के चुनाव अभियान के दो अग्रणी नेताओं में मनभेद हो गया है। कमलनाथ से नाराज होकर दिग्विजय सिंह कोपभवन में चले गए हैं। न तो कांग्रेस के कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं और न ही बगावत शांत करने में सक्रिय दिख रहे हैं। दमोह में प्रियंका गांधी की सभा में भी वह नहीं दिखे। नदारद ही रहे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार दिग्विजय सिंह अपने कुछ समर्थकों को टिकट दिलाना चाहते थे (congress candidate list)। कमलनाथ ने फीडबैक सर्वे के बहाने उनकी इच्छा को अस्वीकार कर दिया। इससे उखड़े दिग्विजय सिंह ने खुद को अपने भोपाल के बंगले में कैद कर लिया है। शुक्रवार को उन्होंने पार्टी के मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) से भी मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। इसमें भी कोई रास्ता नहीं निकला है। उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि दिग्विजय सिंह फिर से बागियों और बगावत करने वाले नेताओं का गुस्सा शांत करने की अपनी भूमिका को निभाएं। हालांकि, दोनों ही तरफ से नाराजगी या असंतोष को लेकर कोई बयान नहीं है। दिग्विजय सिंह खुले तौर पर स्वीकार कर चुके हैं कि कोलारस विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रहे वीरेंद्र रघुवंशी (Veerendra Raghuvanshi) को कांग्रेस में शामिल होने के बाद शिवपुरी में टिकट मिलना चाहिए था। टिकट नहीं मिल सका, इसका उन्हें खेद है। कमलनाथ के कपड़ा फाड़ बयान को लेकर उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों बहुत पुराने दोस्त हैं। उन्हें मुझे गाली देने और मेरे कपड़े फाड़ने की पॉवर ऑफ अटॉर्नी दे रखी है। भाजपा भी इसका लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। लगातार हमले किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) से लेकर केंद्रीय नेता तक दिग्विजय सिंह की नाराजगी और कपड़े फाड़ने के बयान को मुद्दा बना चुके हैं। भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी (Pankaj Chaturvedi) ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कपड़ा फाड़ से बहिष्कार तक बात पहुंच गई है। दिग्विजय सिंह शुक्रवार को प्रचार के लिए नहीं निकले। वह पीसीसी चीफ कमलनाथ से नाराज होकर कोप भवन में चले गए हैं।

28/10/2023172
'जय और वीरु' की दोस्ती में दरार नहीं डाल पाएगा 'गब्बर सिंह'
भोपाल

'जय और वीरु' की दोस्ती में दरार नहीं डाल पाएगा 'गब्बर सिंह'

मप्र विधानसभा चुनाव में जय वीरु और गब्बर सिंह की एंट्री हो चुकी है। दरअसल खबर है कि प्रत्याशी चयन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh)!कमलनाथ (Kamal nath) और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) से नाराज चल रहे हैं। जिस पर सफाई देते हुए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस में किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है। सवाल इस बात का उठता है कि कांग्रेस में क्या चल रहा है इस बात के लिए भाजपा वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है। गौरतलब है कि प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस (mp congress) में अलग-अलग जिलों से लेकर प्रदेश कार्यालय तक जम कर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। और यही कारण है कि दिग्विजय सिंह पार्टी से नाराज चल रहे हैं उन्हे मनाने के लिए प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला दिग्विजय सिंह के निवास भी गए थे और अब उसके बाद ही रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की जोड़ी जय वीरु वाली दोस्ती है जिसे कोई गब्बर तोड़ नहीं पाएगा। जिसके चलते कांग्रेस ने कई उम्मीदवारों को बदला भी है। कुछ उसी प्रकार से कांग्रेस में अलग-अलग जगहों पर विरोध हो रहा है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी की ओर से दोनों नेताओं को जय वीरु कहने के बाद अब यह बात चल रही है कि दोनों के बीच कुछ तो चल रहा है। रणदीप सुरजेवाला ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर कई तरह का आरोप लगाया है। उन्होने सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) पर किसानों के साथ छल करने का भी आरोप लगाया है।

28/10/2023159
गृह मंत्री को विधानसभा चुनाव में हरा कर पीसी शर्मा ने लहराया था जीत का पर्चम
भोपाल

गृह मंत्री को विधानसभा चुनाव में हरा कर पीसी शर्मा ने लहराया था जीत का पर्चम

भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट को भाजपा अपनी सीट मान कर चलती है और इस सीट से तत्कालीन गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता (umashankar gupta) चुनाव लड़ा करते थे। उमाशंकर गुप्ता का बड़ा राजनीतिक कद माना जाता है वो भोपाल के महापौर भी रह चुके हैं। लेकिन साल 2018 में उन्हे पीसी शर्मा (PC Sharma) से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। भारतीय जनता पार्टी यह मान कर चल रही थी कि दक्षिण-पश्चिम से किसी भी भाजपा नेता को कोई कांग्रेस नेता शिकस्त नहीं दे पाएगा लेकिन भाजपा के मुगालते उस वक्त दूर हो गए जब कांग्रेस पार्टी ने अपने तुरुप के इक्के यानि पीसी शर्मा को चुनाव मैदान में उतार दिया। पीसी शर्मा कांग्रेस के उन नेताओं में शुमार किए जाते हैं जिन्हे भोपाल की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा दो वो पार्टी के लिए पूरी क्षमता के साथ जी जान लगा कर जुट जाते हैं । उनकी छवि भी निर्दाग और मिलनसार है यही कारण है कि कांग्रेस ने जब पीसी शर्मा पर दांव लगाया तो भाजपा को बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी कि पीसी शर्मा उमाशंकर गुप्ता को हरा पाएंगे लेकिन आखिर में वही परिणाम आए जिसकी भाजपा को उम्मीद भी नहीं थी। अब एक बार फिर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा दक्षिण-पश्चिम (dakshin paschim) विधानसभा से चुनाव मैदान में हैं और जनता का आशीर्वाद चाहते हैं। इस बात में कोई शक नहीं कि पीसी शर्मा को भोपाल की 108 भी कहा जाता है मतलब घटना होने के बाद एंबुलेंस भले लेट पहुंचे लेकिन पीसी शर्मा घटना स्थल पर तुरंत पहुंचते हैं।

25/10/2023204
मौन होकर चुनाव की बिसात बिछा रहे भाजपा के नेता,असंतुष्टों को भी साधने में हो रहे कामयाब
भोपाल

मौन होकर चुनाव की बिसात बिछा रहे भाजपा के नेता,असंतुष्टों को भी साधने में हो रहे कामयाब

भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने इन दिनों प्रदेश विधानसभा की चुनाव कमान संभाल रखी है। केन्द्रीय मंत्री और मप्र के चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) और सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) दोनों ही नेता मौन रह कर पार्टी की सारी रणनीति तैयार कर रहे हैं। कई दिनों से दोनों नेताओं ने मध्य प्रदेश में ही डेरा जमाया हुआ है। ये नेता ना सिर्फ मप्र पर नजर रखे हुए हैं बल्कि टिकट वितरण से लेकर कार्यकर्ताओं में उठ रहे असंतोष को थामने के साथ समन्वय भी बिठा रहे हैं (mp elections)। प्रतिदिन दोनों नेता मप्र के सैकड़ों नेताओं से संवाद भी कर रहे हैं। इनके वार रुम से विपक्ष की पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर, कई नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव आयोग प्रबंधन के कार्य में एसएस उप्पल,अशोक विश्वकर्मा सहित छह लोगों की टीम लगाई गई है। इसी तरह चुनाव प्रबंधन के कार्य की जिम्मेदारी प्रदीप त्रिपाठी,आलोक संजर,विनोद गोटिया और राजेन्द्र सिंह को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री,गृह मंत्री राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रवास के दौरान उनके आवागमन और ठहरने की व्यवस्था के लिए अलग से समिति बनाई गई है। इसका जिम्मा आनंद सिंह सेंगर को दिया गया है। विमानन का काम राजेन्द्र राजपूत देख रहे हैं। मीडिया समन्वय का काम आशीष अग्रवाल और इंटरनेट मीडिया का काम अभिषेक शर्मा के जिम्मे है। विज्ञापन क्रिएशन और काल सेंटर के लिए पांच-पांच लोगों की टीम कार्य कर रही है। यह व्यवस्था प्रदेश से लेकर संगठनात्मक 57 जिला मुख्यालयों तक बनाई गई है।

24/10/2023154
भाजपा और कांग्रेस में धधकी  विरोध की ज्वाला,प्रत्याशी चयन में पीसीसी चीफ कमलनाथ के निवास पर प्रदर्शन
भोपाल

भाजपा और कांग्रेस में धधकी विरोध की ज्वाला,प्रत्याशी चयन में पीसीसी चीफ कमलनाथ के निवास पर प्रदर्शन

एमपी में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस पार्टी की तरफ से उम्मीदवारों का ऐलान हो चुका है (Madhya Pradesh Elections)। लेकिन दोनों ही दलों की सूचियां जारी होते ही विरोध की आग दोनों दलों में धधकने लगी है। इसका असर भाजपा से ज्यादा कांग्रेस कार्यालय में ज्यादा देखने को मिल रहा है (congress protest)। अलग-अलग सीटों पर कांग्रेस के अन्य दावेदार खुद को ज्यादा मजबूत बता कर पार्टी के नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं। विरोध इतना बढ़ गया है कि कुछ समर्थकों ने पीसीसी कार्यालय के बाहर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) का पुतला दहन कर दिया तो कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) के निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए टायर में आग लगा कर अपना विरोध दर्ज कराया। हाल कुछ ऐसा ही भाजपा का भी है जहां प्रदेश कार्यालय में तो जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ ही है साथ ही भाजपा के अलग-अलग जिला कार्यालयों में भी जमकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है (BJP Protest)। हांलाकि भारतीय जनता पार्टी विरोध को शांत करने में काफी माहिर मानी जाती है। इसी लिए भाजपा ने अप्रिय स्थितियों से निपटने और कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया है जो डैमेज को कंट्रोल करने का पूरा प्रयास कर रही है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की 47 सीटों पर बगावत की आग धधक रही है तो भाजपा की 27 सीटों पर कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। विरोध का आलम ये है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के नाराज कार्यकर्ता 5 - 5 सीटों से बागी होकर चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं। अब बात उन सीटों की करते हैं जिनमें कांग्रेस के कार्यकर्ता काफी नाराज हैं। सुमावली, ग्वालियर, दतिया, पिछोर, निवाड़ी, नागौद, सिरमौर, सेमरिया, रीवा, गोटेगांव, पिपरिया, कुरवाई, भोपाल उत्तर, बैरसिया, गोविंदपुरा, हुजूर, नरसिंहगढ़, खातेगांव, नेपानगर, बुराहनपुर, बदनावर, रतलाम ग्रामीण, जावरा, जौरा, ग्वालियर ग्रामीण, डबरा, सेवढ़ा, भांडेर, सुर्खी, नरयावली, खरगापुर, बिजावर, पवई, गुन्नौर, नागोद, त्योंथर, हरदा, बुधनी, इंदौर 4, उज्जैन उत्तर, आलोट शामिल हैं। वहीं बीजेपी की बात करें तो उनको इन सीटों पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। टीकमगढ़, पवई, भोपाल दक्षिण पश्चिम, त्योंथर, जबलपुर उत्तर, बुराहनपुर, जोबट, अलीराजपुर, कालापीपल, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर दक्षिण, अटेर, रैगांव, नागौद, वारासिवनी, नर्मदापुरम, भिंड, महू, मनावर, महेश्वर और देपालपुर शामिल हैं। अब सवाल इस बात का उठता है कि मतदान 17 नवंबर को होना है और 30 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख है ऐसी स्थिति में भाजपा और कांग्रेस किस प्रकार से डैमेज कंट्रोल कर पाएंगी यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

22/10/2023178
दक्षिण-पश्चिम की 108 V/S 'भगवान' की लड़ाई,सतह पर आई
भोपाल

दक्षिण-पश्चिम की 108 V/S 'भगवान' की लड़ाई,सतह पर आई

भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी सूची में 92 वे उम्मीदवारों की घोषणा कर अब तक 228 सीटों में अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है (bjp candidate list)। इस सूची में भोपाल की दक्षिण -पश्चिम विधानसभा सीट भी शामिल है। इस सीट के इतिहास पर जाएं तो इस सीट से जिस पार्टी का विधायक जीता है उसी की प्रदेश में सरकार बनी है। पहले इस सीट से पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता (Umashankar Gupta) जीता करते थे लेकिन साल 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने जीत दर्ज की और प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई। पीसी शर्मा उन नेताओं में शुमार किए जाते हैं जो 24 घंटे अपने क्षेत्र की जनता के लिए उपलब्ध रहते हैं। 2019 में गणेश चतुर्थी के दौरान एक घटना खटलापुरा में हुई थी जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कई बच्चे तालाब में डूब गए थे। रात के करीब दो बजे थे पीसी शर्मा जी को कहीं से घटना की जानकारी हुई,उस वक्त उनके पास ड्राइवर तक नहीं था लेकिन पीसी शर्मा ने सबकुछ परवाह किए बगैर घटना स्थल पर पहुंचे और अपनी तरफ से यथासंभव मदद की। उसके बाद कोरोनाकाल का दौर आया जब ना सिर्फ दक्षिण-पश्चिम विधानसभा (Bhopal Dakshin Paschim) बल्कि भोपाल की अलग-अलग विधानसभा सीटों की जनता राशन से लेकर उपचार तक के लिए परेशान होकर भटक रही थी उस दौरान भी पीसी शर्मा के दरवाजे लगातार जनता की मदद के लाए खुले रहे। पीसी शर्मा जनता की भलाई के लिए ना सिर्फ शारीरिक अथवा आर्थिक रुप से मदद करने के लिए तैयार रहते हैं बल्कि उनके क्षेत्र की जनता खुशहाल और समृद्ध रहे उसके लिए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सावन के महीने में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन कराया लगातार पार्थिव शिवलिंग का भी निर्माण कराया,हाल ही में जब भाजपा और कांग्रेस के नेता टिकट के लिए अपने हाई कमान के पास चक्कर काट रहे थे उस दौरान पीसी शर्मा शास्त्री नगर में तीन दिवसीय भागवत कथा का आयोजन कर रहे थे। पीसी शर्मा हमेशा कहते हैं कि वो दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में आने वालों को वोटर नहीं बल्कि अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। चुनाव वो पद अथवा प्रतिष्ठा के लिए नहीं लड़ते बल्कि जनता की सेवा के लिए वो चुनाव लड़ते हैं जिससे वो अपने क्षेत्र के जनता की पूरी शक्ति के साथ सेवा कर सकें।

22/10/2023156
सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा का टिकट मिलते ही पुराने जख्म हुए हरे,मूल भाजपाइयों ने किया किनारा
भोपाल

सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा का टिकट मिलते ही पुराने जख्म हुए हरे,मूल भाजपाइयों ने किया किनारा

भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को 92 वे प्रत्याशियों की घोषणा कर कुल 228 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है अभी दो सीटों की घोषणा होनी बांकी है (bjp candidate list)। इस बीच सबसे चौकाने वाला जो नाम आया वो त्योंथर विधानसभा सीट से श्रीनिवास तिवारी (shrinivas tiwari) के नाती सिद्धार्थ तिवारी (siddharth tiwari) का नाम रहा है। सिद्धार्थ तिवारी काफी समय से त्योंथर (teonthar) में सक्रिय थे और उन्हे पूरी उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी उन्हे टिकट जरुर देगी। लेकिन उनके अरमानों में उस वक्त पानी फिर गया जब कांग्रेस ने दो बार हार चुके रमाशंकर पटेल (Ramashankar Patel) को टिकट दे दिया। सिद्धार्थ तिवारी को अपना राजनीतिक भविष्य अंधकार में दिख रहा था ऐसे में उनके लिए मंत्री राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) उम्मीद की किरण बन कर आए और सिद्धार्थ को भाजपा में ज्वाइन करवा दिया। महज दो दिन पहले हाथ छोड़ फूल थामने वाले सिद्धार्थ तिवारी को भाजपा ने टिकट भी दे दिया। लेकिन भाजपा को यह नहीं मालूम था कि सिद्धार्थ को टिकट देने से वो सीट उसके हाथ से जा सकती है। एक कहावत है कि आधी छोड़ पूरी को धावे,पूरी मिलै ना आधी पावै, भाजपा के इस फैसले से त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विद्रोह का बिगुल फूंक दिया। श्यामलाल द्विवेदी (shyamlal dwivedi) जैसे पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता का टिकट कटने के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं में काफी विरोध देखने को मिल रहा है। दूसरी तरफ श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh government) सरकार में जिस प्रकार से कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया और उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज करवाए गए उससे त्योंथर भाजपा के कार्यकर्ता अब तक उबर नहीं पाए थे कि श्रीनिवास तिवारी के नाती को भाजपा ने टिकट देकर उन पुराने जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया है। सिद्धार्थ तिवारी को टिकट मिलते ही कौशलेश द्विवेदी जैसे नेता फिर सक्रिय हो गए बिना भाजपा ज्वाइन किए सभी सिद्धार्थ के कार्यक्रम में शामिल होने लगे और परिणाम यह निकला कि भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं ने सिद्धार्थ और भाजपा से दूरी बना ली। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार रमाशंकर पटेल पटेल का चुनाव जीतना आसान नजर आने लगा है।

21/10/2023329
भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी सूची की जारी,त्योंथर से सिद्धार्थ तिवारी को मिला टिकट
भोपाल

भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी सूची की जारी,त्योंथर से सिद्धार्थ तिवारी को मिला टिकट

लंबे इंतजार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पांचवी लिष्ट जारी कर दिया है (bjp candidate list)। भोपाल में कई बैठकें और फिर दिल्ली में हुई कई दौर की बैठकों के बाद भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय संगठन ने सूची जारी कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी 92 वे नामों की सूची जारी की गई है दो नाम अब भी होल्ड किए गए हैं। भोपाल की दक्षिण पश्चिम से भाजपा ने प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी पर विश्वास दिलाया है,अब पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और भगवानदास सबनानी के बीच लड़ाई देखने को मिलेगी। त्योंथर से सिद्धार्थ तिवारी को मिरा टिकट,सुभाष वर्मा,देवसर,आष्टा से गोपाल सिंह सहित कुल 92 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। विजयपुर से- बाबूलाल मेवरा,जौरा से सुबेदार सिंह,अंबाह (अजा) से कमलेश जाटव,भिंड से नरेन्द्र सिंह कुशवाह,मेहगांव से राजेन्द्र शुक्ला,ग्वालियर पूर्व से माया सिंह,नेपानगर (अजजा) से मंजू राजेन्द्र दादू को मिला टिकट।

21/10/2023530
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