#da
Total published stories tagged under #da: 2342

बीजेपी आज बनाएगी जीत का मास्टर प्लान,सभी दिग्गज होंगे बैठक में शामिल
प्रदेश में आदर्श आचार संहिता (model code of conduct) लागू हो चुकी है और अब तक भाजपा 136 सीटों में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान भी कर चुकी है लेकिन अब भी भाजपा को 94 सीटों पर उम्मीदवारों के लिए मंथन करना है (bjp candidate list)। इन चीजों को देखते हुए बीजेपी प्रदेश कार्यालय (bjp office) में शाम को होने वाली कोर कमेटी की बैठक (bjp meeting) अहम हो जाती है। लिहाजा शाम को भाजपा प्रदेश कार्यालय में होने वाली बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मिशन 2023 को फतह करने के लिए अहम रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav),सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ,सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma),केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel),डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) सहित सभी दिग्गज नेता बैठ कर चुनाव जीतने की रणनीति तैयार करेंगे। भाजपा की इस बैठक में अहम बिंदु यह रहने वाला है कि सीएम शिवराज के खिलाफ प्रदेश भर में जिस प्रकार से एंटीइंकबेंसी उससे पार पा कर किस प्रकार से चुनाव में जीत हासिल की जाए। अब तक भाजपा के सर्वे में भाजपा के पक्ष में रुझान नहीं मिले हैं लेकिन भाजपा ने जिस प्रकार से रणनीति तैयार की है उसके मुताबिक भाजपा को 125 से 130 सीट मिलनी चाहिए। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी ने जब अपनी दूसरी सूची जारी की तो उसमें अप्रत्याशित नामों को शामिल किया गया। ये वो सभी नाम हैं जिन्हे प्रदेश का अगला सीएम माना जा रहा है। लेकिन ये भी सत्य है कि एक साथ इतने सीएम तो बन नही सकते, सीएम कोई एक ही बन सकता है लिहाजा शाम को होने वाली बीजेपी की बैठक में भाजपा अलग-अलग रणनीति पर विचार विमर्श करेगी। भारतीय जनता पार्टी एकजुट होकर सामूहिकता के साथ चुनाव लड़ना चाहती है जिससे प्रदेश में एक बार फिर भाजपा का पर्चम लहराया जा सके। भाजपा नेताओं का मानना है कि जनता को सरकार की योजनाएं पसंद आ रही हैं कुछ कमियां और भ्रांतियां हैं जिन्हे दूर करने के लिए पार्टी को काम करने की जरुरत है और अब उन कमियों पर ही भाजपा काम करने की योजना बना रही है। भाजपा सारे बूथों को पहले ही डिजिटल बना चुकी है और अब उन बूथों में जीत का मंत्र भी फूंका जा रहा है। जिससे हर बूथ पर 51% वोट शेयर का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।

सीएम शिवराज करेंगे हरिद्वार में चिंतन,जाते-जाते पूछा कांग्रेस की कहां है सूची,वहां तो चल रही लट्ठम-लट्ठ
भारतीय जनता पार्टी की एक और सूची (BJP Candidate list) जारी होते ही सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश ने जो अनुशंसाएं भेजी थी उसी के अनुरूप सूची में घोषित नाम आए हैं। अब हमारे कुल 230 में से 136 उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं बाकी सूची भी जल्द ही आएगी। सीएम शिवराज ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस की सूची कहां है अब तो चुनाव की तारीख भी आ गई है लेकिन कांग्रेस की सूची का पता नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे उम्मीदवार मैदान में हैं भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां चल रही है लेकिन कांग्रेस में तो लट्ठम - लट्ठा मची हुई है। हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में चुनाव के मैदान में उतर चुके हैं। अपने कार्यकर्ताओं के साथ अपने अस्तित्व की संपूर्ण क्षमता झोंककर हम लोग काम करेंगे और निश्चित तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएंगे। क्योंकि यह प्रदेश के और प्रदेश की जनता के हित में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरिद्वार और ऋषिकेश जा रहा हूं कल दिन भर मुलाकात और चिंतन दोनों करूंगा। परसों सवेरे लौटूंगा और चुनाव अभियान में हम पूरी ताकत के साथ भिड़ जाएंगे। सूची जारी करने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व का धन्यवाद। गौरतलब है कि भाजपा ने अब तक अपने 136 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है जबकि पहले कांग्रेस कह रही थी कि वो चुनाव के छह महीने पहले अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी लेकिन अभी तक एक भी सूची जारी नहीं होने के कारण अब भाजपा के नेता कांग्रेस (MP Congress) पर लगातार हमला करने लगे हैं।

भाजपा ने 57 प्रत्याशियों की चौथी सूची की जारी
भारतीय जनता पार्टी ने आदर्श आचार संहिता (Model code of conduct) लागू होते ही 57 नामों की चौथी सूची जार कर दिया है (BJP candidate list)। इस सूची में सीएम शिवराज सिंह चौहान बुंदनी, डॉ. नरोत्तम मिश्रा दतिया, भूपेन्द्र सिंह खुरई, मंत्री गोपाल भार्गव,मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल कर उन्हें क्लीनचिट दे दिया है। अब तक भाजपा 136 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। जबकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी (MP Congress) में अब भी बैठकों का दौर जारी है लेकिन अभी तक कांग्रेस ने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। भाजपा ने एक अभियान भी शुरु किया है अबकी दिवाली कमल वाली (abki diwali kamal wali)। मतलब साफ है कि भाजपा विकास के मुद्दों को लेकर जनता के बीच एक बार फिर जा रही है। और विकास के आधार पर ही भाजपा जनता से वोट की अपील कर रही है।

नारी शक्ति के भरोसे भाजपा का 51% वोट पाने का लक्ष्य,वाट्सेप ग्रुपों से जोड़ी जाएंगी महिलाएं
विधानसभा चुनाव में 51% वोट प्राप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रही भारतीय जनता पार्टी महिलाओं पर लगातार फोकस बढ़ा रही है (MP BJP)। भाजपा अब प्रत्येक मतदान केन्द्र स्तर पर महिलाओं के वाट्सेप ग्रुप भी अलग से बनवा रही है,ताकि भाजपा की केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे महिला केन्द्रित कार्यों को प्रचारित किया था सके। भाजपा ने रणनीति बनाई है कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का ब्यापक स्तर पर प्रचार- प्रसार किया जाएगा (Nari Shakti Vandan Adhiniyam)। भाजपा हर हाल में विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनाव को महिला केन्द्रित बनाने की तैयारी कर रही है। रणनीति के तहत प्रत्येक मतदान केन्द्रों पर ऐसी महिलाओं से संपर्क किया जा रहा है, जो केन्द्र या शिवराज सरकार की किसी ना किसी योजना से लाभान्वित हो रही हैं। प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (Ladli Behana Yojana) के माध्यम से एक करोड़ 31 लाख लाड़ली बहनों को प्रतिमाह एक हजार 250 रुपये दिये जा रहे हैं। वहीं,प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Ujjwal Yojana) और लाड़ली बहनों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आजीविका मिशन से भी 43 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। इन सभी से महिला मोर्चा न केवल प्रत्यक्ष संपर्क करेगा,बल्कि इंटरनेट मीडिया के विभिन्न माध्यमों से भी अपनी बात पहुंचाएगा। इसके लिए मोर्चा की कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। प्रदेश स्तर से जिला और बूथ स्तर तक की महिला कार्यकर्ताओं को तत्थ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। महिला मोर्चा की पदाधिकारियों से कहा गया है कि वे उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में दो करोड़ 72 लाख 36 हजार 229 महिला मतदाता हैं। 29 विधानसभा में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है (MP Elections)।

140 सीटों पर कांग्रेस का मंथन खत्म,पित्रपक्ष के बाद जारी होगी सूची
प्रत्याशी चयन में कांग्रेस पार्टी किसी भी प्रकार की चूक नहीं करना चाहती (congress candidates) । पहले भोपाल में बैठक होती हैं जहां पैनल तैयार किया जाता है। भोपाल में पैनल तैयार करके दिल्ली भेजा जाता है जहां केंद्रीय चुनाव समिति उसे पैनल में चुनिंदा नामों पर मुहर लगाती है। शनिवार को भी ऐसा ही देखने को मिला जब कांग्रेस की दिल्ली में चुनाव समिति की बैठक आयोजित की गई (congress meeting) । इस बात में भी कोई शक नहीं है कि कांग्रेस पार्टी उम्मीदवारों के चयन में कोई जल्दबाजी नहीं कर रही है यही वजह है कि 140 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की पहली सूची पार्टी अब पितृपक्ष के बाद जारी करेगी। प्रत्याशी चयन को लेकर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शनिवार को दिल्ली में आयोजित की गई थी। बैठक की जानकारी देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा कि बहुत सारे नाम पर चर्चा हुई है अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। लेकिन यह निर्णय हम अगले छह -सात दिन में (पित्रपक्ष के बाद) करेंगे। लगभग 140 सीटों पर चर्चा हुई है,सबके सुझाव सुने हैं। एक बार फिर से बैठक बुलाई जाएगी और फिर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि बैठक में लगातार हारने वाली 66 विधानसभा सीटों के अलावा उन सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर भी चर्चा हुई है,जहां एक ही दावेदार का नाम है। जिन नामों पर सहमति बन गई है उन पर विचार करके अंतिम रुप दे दिया गया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस दो से तीन बार में उम्मीदवारों की घोषणा करने की योजना बना रही है।

स्थायी रोजगार के लिए भटक रहे प्रदेश के 26 हजार स्वच्छाग्राही कर्मी,नोटा पर वोट देने को मजबूर
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने अलग-अलग वर्गों को खुश करने के तमाम प्रयास किए लेकिन उनमें कुछ वर्ग मुख्यमंत्री की नजर में नहीं आए और वो भटकने को मजबूर हैं। ऐसे ही प्रदेश भर में काम कर रहे करीब 26 हजार स्वच्छाग्राही कर्मी (swacchagrahi workers) आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। एक मामूली से पगार पर काम करने वाले इन स्वच्छाग्राही कर्मियों को जब पता चला कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंचायतों में काम करने वाले रोजगार सहायकों की नौ हजार से सीधे 18 हजार रुपये पगार कर दी और संविदा कर्मियों (samvida workers) को नियमित के समान वेतन और सुविधा कर दी तो स्वच्छाग्राहियों ने भी खुद के लिए न्याय की गुहार लगाना शुरु कर दिया। स्वच्छाग्राही संगठन सी.एफ. टी ने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) के बंगले से लेकर कई मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों के पास गुहार लगाई लेकिन नतीजा शिफर ही रहा। थक हार कर स्वच्छाग्राही संगठन के पदाधिकारी पवन परमार बीजेपी प्रदेश कार्यालय भी पहुंचे लेकिन वहां भी उन्हे सुनने वाला कोई नहीं मिला। अब इस संगठन का कहना है कि सरकार इनके लिए उचित फैसला नहीं लेती है तो प्रदेश भर में इनकी 26 हजार संख्या है तो वो और उनके परिवार के सभी सदस्य नोटा की बटन दबाएंगे (NOTA)। गौरतलब है कि इनकी नियुक्ति राज्य सरकार के निर्देश पर ग्राम पंचायत में शिक्षित ब्यक्तियों का चयन कर जनपद भेजा गया था। इन स्वच्छाग्राहियों ने कोरोनाकाल में वालेंटियर का कार्य किया,ई.ओ.एल कार्य, एस. एल.डब्ल्यु का योजना का कार्य विशेषकर मप्र में स्वच्छता मिशन अंतर्गत मध्यप्रदेश के समस्त पंचायतों को ओडीएफ कराने में स्वच्छाग्राहियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह स्वच्छाग्राही महज 150 रुपये प्रति दिन के हिसाब से काम करते हैं महीने में इन्हे महज तीन हजार रुपये मनदेय दिया जाता है क्योंकि इनसे काम भी सिर्फ 20 दिन लिया जाता है। लिहाजा इतने कम मानदेय में इनका गुजारा नहीं हो पा रहा है लिहाजा इनकी सरकार से गुजारिश है कि इनका मानदेय बढ़ाया जाए और नियमित कर्मचारियों की भांति इनसे काम लिया जाए जिससे ये अपने परिवार का ठीक तरीके से भरण पोषण कर सकें। सरकार इनकी बात नहीं मानती है तो ये नोटा की बटन दबाने के लिए मजबूर होंगे।

कम वाटों के अंतर से जीतने वाली विधानसभा सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में फंसा पेंच
कांग्रेस पार्टी हर सीट में उम्मीदवार की घोषणा करने से पहले काफी सोच विचार कर रही है (MP Congress)। अब कांग्रेस में कम वोटों से जीत दर्ज करने वाली सीटों पर मंथन चल रहा है और उन्ही सीटों पर पेंच फंसा है। दरअसल कांग्रेस ने 2018 में नौ सीटें एक हजार से 300 से कम मतों के अंतर से जीती थी। इनमें से तीन सीटें भाजपा (MP BJP) ने उपचुनाव में जीत लीं। वहीं भाजपा सात सीटें एक हजार 234 से कम मतों से जीती थी। इन सीटों को दोनों ही दल अपने पाले में करने का जतन कर रहे हैं। कांग्रेस ने जहां कुछ सीटों पर प्रत्याशी बदलने का मन बनाया है तो कुछ को फिर मौका दिया जा रहा है। यही स्थिति भाजपा की है। साल 2018 के चुनाव में अधिक मत प्रतिशत प्राप्त करने के बाद भी भाजपा सरकार बनाने से चूक गई थी। भाजपा को 41.02 प्रतिशत मत मिले थे और 109 प्रत्याशी जीते थे। इसमें सात ऐसे थे,जो एक हजार 234 मत या उससे कम मतों के अंतर से चुनाव जीते थे। इनमें सागर जिले की बीना से महेश राय 460 मतों से जीते थे। 720 मतों के अंतर से जीतने वाले कोलारस के भाजपा विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी अब कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। जावरा से राजेन्द्र पांडे भी 511 मतों के अंतर से जीते थे। यही स्थिति चांदला,नागौद,देवतालाव और इंदौर पांच सीट से भी भाजपा प्रत्याशी कम मतों के अंतर से जीते थे। जबकि कांग्रेस को 40.89 प्रतिशत मिले थे और 114 विधायक चुनाव जीते थे। इनमें नौ एक हजार 284 या उससे कम मतों के अंतर से जीत मिली थी। इनमें दमोह से विधायक राहुल सिंह,मंधाता नारायण पटेल,नेपानगर सुमित्रा देवी कास्डेकर और सुवासरा से विधायक चुने गए हरदीप सिंह डंग ने कांग्रेस छोड़ी और विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ले ली। राहुल सिंह को छोड़कर बांकी सभी उचुनाव में विजयी रहे। ब्यावरा से 826 मतों से जीते गोवर्धन दांगी के निधन पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के रामचंन्द्र दांगी विजयी रहे। इसके अलावा राजनगर से विक्रम सिंह 732, जबलपुर उत्तर से विनय सक्सेना और राजपुर से बाला बच्चन 932 मतों से जीते थे। प्रदेश में सबसे कम 121 मतों के अंतर से कांग्रेस के प्रवीण पाठक ने ग्वालियर दक्षिण से जीत प्राप्त की थी। भाजपा और कांग्रेस की तरफ से प्रत्याशी चयन को लेकर सर्वे कराया जा चुका है (MP Elections 2023)। कार्यकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जा चुका है। भाजपा ने तीन सूचियों में 79 नामों की घोषणा कर दी है इनमें हारी हुई सीटों के प्रत्याशी शामिल हैं। और नए चेहरों पर भी दांव लगाया गया है।

रुठे नेताओं को मनाने में जुटी भाजपा,100 पदाधिकारियों की भेजी टीम
भारतीय जनता पार्टी ने अब तक 79 नामों की घोषणा की (BJP Candidates list) है जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसद हैं। लेकिन सूची जारी जाने के बाद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में विवाद की स्थिति देखने को मिलने लगी है। बताया जा रहा है कि जिन केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को टिकट दिया गया है उन सीटों के विधायक और दावेदार नेता पार्टी से खासे नाराज चल रहे हैं। कुछ ऐसे भी नेता हैं जिन्होंने सूची जारी होने के बाद टिकट की उम्मीद खो दी है। पार्टी ने ऐसे रूठे नेताओं को मनाने के लिए 100 वरिष्ठ पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में माहौल टटोला जा रहा है। बैठक में चुनाव की कार्य योजना भी तय की जा रही है साथ ही चुनाव की तैयारी में हुई कमियों को चिन्हित कर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है (MP BJP)। यह रिपोर्ट अब चुनाव प्रबंधन समिति को सौंप जाएगी। गौरतलब है कि अब तक 79 सीटों की घोषणा हुई है जिसमें तीन विधायकों के टिकट काटे गए हैं। जिन तीन विधायकों के टिकट काटे हैं उनमें मैहर से आने वाले नारायण त्रिपाठी प्रमुख हैं उनकी जगह श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को प्रत्याशी घोषित किया गया है। वहीं सीधी से विधायक केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) का टिकट काट कर सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को उतारा गया है। नरसिंहपुर से जालम सिंह पटेल (Jalam Singh Patel) का टिकट काटा गया है उनकी जगह उनके भाई प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) को टिकट दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ हुई सीटों पर भाजपा ने उत्तर प्रदेश और गुजरात से आए मंत्री- विधायकों को जिम्मेदारी सौंप कर जीत की रणनीति तैयार करने का जिम्मा सौंप दिया है। गुजरात के कुछ मंत्रियों और विधायकों को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भेजा गया है। ये सभी नेता हारी हुई सीटों पर नाराज नेताओं के साथ बैठक कर समन्वय बनाने का काम करेंगे,और उन नेताओं की पार्टी के लिए जिम्मेदारी भी तय करेंगे।

एमपी कांग्रेस के 95 वे विधायकों में 76 के पक्ष में सर्वे रिपोर्ट,हारी हुई 66 सीटों पर मंथन जारी
मप्र की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 95 वे विधायक हैं (MP Congress)। इनमें से 76 विधायकों के पक्ष में सर्वे रिपोर्ट आई है। इसके अलावा संगठन पदाधिकारियों का लगातार फीडबैक ले रहा है। इसके साथ ही उन 66 सीटों पर भी विचार मंथन किया जा रहा है जहां पार्टी लगातार तीन चुनाव हार चुकी है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार पहली सूची में विधायकों के साथ लगातार हारने वाली सीटों के प्रत्याशी घोषित किए जा सकते हैं (congress candidate list)। पांच अक्टूबर को धार के मोहनखेड़ा में पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी की जनसभा के बाद प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा द्वारा प्रत्याशियों की तीन सूची जारी करने के बाद अब कांग्रेस ने भी पहली सूची घोषित करने की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं ने विधायक और लगातार हारने वाली 66 सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर विचार किया। अब 3 अक्टूबर को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में केंद्रीय चुनाव समिति को भेजने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। 5 अक्टूबर के बाद पार्टी 100 से अधिक प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित कर सकती है। कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम पर विचार करने के लिए 11,12 और 13 सितंबर को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी (congress screening committee)की पहली बैठक हुई थी। सर्वे रिपोर्ट और संगठन के फीडबैक के आधार पर पहले उन सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर विचार किया गया,जहां अभी पार्टी के विधायक हैं।

विंध्य में सामंजस्य बैठाने में चूकी भाजपा,गणेश सिंह और रीति पाठक दोनों सबसे कमजोर उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी सूची (BJP Second List) में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को टिकट देकर सभी को चौका तो दिया है लेकिन भाजपा का विंध्य में गणेश सिंह (Ganesh Singh) और रीति पाठक (Riti Pathak) पर लगाया दांव खाली जा सकता है। दरअसल भाजपा नेताओं के मुताबिक गणेश सिंह विंध्य से बड़े कुर्मी नेता हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि वो सिर्फ कुर्मी नेता ही हैं उसके अलावा वो और कुछ नहीं हैं। लोकसभा चुनाव में सतना की जनता पीएम मोदी का चेहरा देख कर गणेश सिंह को वोट देती है जिसके कारण गणेश सिंह चुनाव जीत जाते हैं और उनकी उस जीत को भाजपा ने गणेश सिंह की जीत मान लिया है। लेकिन गणेश सिंह पर कट्टर कुर्मी नेता होने का ठप्पा लगा है वो अपने घर में ब्राम्हणों का आना तक पसंद नहीं करते हैं जिसके कारण ब्राम्हण वर्ग के लोग गणेश सिंह से दूर ही रहती है। ऊपर से भाजपा ने गणेश सिंह को जिस सीट से टिकट दिया है वो ब्राम्हण बाहुल सीट है। गणेश सिंह को टिकट मिलते ही सतना में एक ही बात चल रही है अबकी बार गणेश विसर्जन पर वार। दूसरी तरफ सीधी से दो बार की सांसद रीति पाठक को चुनाव मैदान में उतारा गया है जिस सीट से रीति पाठक को मौका मिला है वो सीट भाजपा के कद्दावर नेता केदारनाथ शुक्ला की है जिसमें वो कई बार चुनाव जीत चुके हैं लेकिन पेशाब कांड (Sidhi Peshab Kand) के छीटे इतना ज्यादा फैले कि केदारनाथ को टिकट से हाथ धोना पड़ा। अब टिकट नही मिलने के बाद केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) बगावती मूड में आ गए हैं और अगर वो बागी होते हैं तो रीति पाठक का चुनाव जीतना संभव नहीं हो पाएगा। इसके अलावा भाजपा रीवा से राजेन्द्र शुक्ला (Rajendra Shukla) को बड़ा और ब्राम्हण नेता मानती है लेकिन उन्हे रीवा जिले की जनता अपना नेता नहीं मानती। राजेन्द्र शुक्ला की खुद की सीट खतरे में है और भाजपा उनके भरोसे रीवा की सभी आठ सीटों को टारगेट कर रही है। कुल मिला कर भाजपा के पास विंध्य में नेता नहीं है और वहां की जनता इस बार भाजपा से काफी नाराज है जिसको खत्म करने के लिए भाजपा के पास कोई खास प्लान भी नहीं है।

भाजपा की दूसरी सूची जारी होने पर कांग्रेस में हड़कंप,दिल्ली में हो रही बैठकें
भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी सूची जारी कर दी है (BJP Second list)। दूसरी सूची में जिस प्रकार से भाजपा ने अपने सबसे कद्दावर नेताओं को मौका दिया है उसे कांग्रेसी खेमे में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। सूची को देखकर कांग्रेस के अलग-अलग नेता अलग-अलग तरह से बयान भी दे रहे हैं। जिन नेताओं को भाजपा ने विधानसभा में मौका दिया है वह सभी केंद्र में बड़े पदों पर हैं और पीएम मोदी (PM Modi) के करीबी भी माने जाते हैं। तीन मंत्रियों सहित कुल 7 सांसदों को दूसरी सूची में भाजपा ने विधानसभा उम्मीदवार घोषित किया है। यह सूची घोषित होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने अपने सबसे मजबूत और विश्वसनीय सिपेसालारों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। भाजपा की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस में भी दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू हो गया है (congress meeting) । सोमवार से दिल्ली में कांग्रेस की शुरू हुई बैठक अगले एक-दो दिनों तक चलनी है। बताया जा रहा है कि जहां दावेदारों की संख्या अधिक है वहां पैनल बनाकर कांग्रेस पार्टी केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेगी। सर्वे और संगठन की ओर से दिए गए नाम के आधार पर सूची तैयार कर जातिगत और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी का नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा। प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath), प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विचार -विमर्श किया है। Mukhbirmp को मिली जानकारी के अनुसार कुछ सीटों पर सर्वे और संगठन की रिपोर्ट में अलग-अलग नाम सामने आए हैं। ऐसी सीटों के लिए पैनल तैयार किया जा रहा है। इस पर स्क्रीनिंग कमेटी में विचार होगा (congress screening committee)। पार्टी का प्रयास है कि प्रत्याशी सहमत के आधार पर चुने जाएं ताकि विरोध जैसी स्थिति ही निर्मित ना हो।

भाजपा ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट की जारी,नरेन्द्र सिंह तोमर,राकेश सिंह और प्रहलाद पटेल ने चौकाया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल से उड़ान भरते ही भारतीय जनता पार्टी ने 39 नामों की दूसरी लिष्ट जारी कर दिया है (BJP Second list)। इस लिष्ट में भाजपा ने ज्यादातर सांसदों पर विधानसभा चुनाव के लिए भरोसा दिखाया है। कुछ सीटों पर भाजपा ने चौकाने वाले नाम घोषित किए हैं तो कुछ में सांसदों को मौका देकर चौकाने का काम भी किया है। सतना सांसद गणेश सिंह (Ganesh Singh) को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट देकर स्थानीय दावेदारों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। इसी प्रकार भितरवार सीट से मोहन सिंह राठौर (Mohan Singh Rathore) को टिकट देकर चौकाया है तो वहीं सीधी से दो बार की सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को सीधी प्रॉपर से टिकट देकर एक बड़ा बदलाव करने का प्रयास किया है। मैहर से श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को मौका दिया गया है।जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह (Rakesh Singh) अपना भाग्य आजमाएंगे। नरसिंहपुर से प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) चुनाव मैदान में रहेंगे। इंदौर-1 से कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) चुनाव मैदान पर रहेंगे। भाजपा की दूसरी लिष्ट ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिस प्रकार दूसरी सूची जारी हुई है इससे भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा अपने सभी तुरुप के इक्कों को इस चुनाव मैदान में आजमाने जा रही है। मुरैना से रघुराज कंसान,दिमनी से नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,लहार से अमरीश शर्मा (गुड्डू) डबरा (अजा) इमरती देवी (Imarti Devi),सेवड़ा से प्रदीप अग्रवाल, करैरा (अजा) से रमेश खटीक, सहित अन्य नामों की हुई घोषणा।