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10 हजार KM का सफर, 678 रथ और 211 बड़ी सभाएं, 25 सितंबर को भोपाल में होगा कार्यकर्ता महाकुंभ
विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirwad Yatra) के माध्यम से चुनाव प्रचार से पूर्व ही लोगों के बीच पहुंचेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) यात्रा की शुरुआत करेंगे। जबकि इसके समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शामिल होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। वीडी शर्मा ने बताया कि भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से जनकल्याण के कार्यों को प्रत्येक विधानसभा में जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। शर्मा के अनुसार भाजपा इस बार पांच जनआशीर्वाद यात्राएं निकालेगी। पहली जन आशीर्वाद यात्रा 3 सितंबर को विंध्य संभाग के चित्रकूट से शुरू होगी। इसका शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। दूसरी जन आशीर्वाद यात्रा महाकौशल के मंडला से 5 सितंबर को शुरू होगी। इसका भी शुभारंभ अमित शाह ही करेंगे। तीसरी जन आशीर्वाद यात्रा 4 सितंबर से इंदौर संभाग के खंडवा से शुरू होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) इसकी शुरुआत करेंगे। चौथी यात्रा उज्जैन संभाग से 4 सितंबर को ही प्रारंभ होगी, जिसका शुभारंभ भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। पांचवी और अंतिम यात्रा ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर से निकाली जाएगी। यह 6 सितंबर को शुरू होगी। जिसकी शुरुआत भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) करेंगे। जन आशीवार्द यात्रा का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया जाएगा। समापन कार्यक्रम भोपाल में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ में होगा। जिसमें 10 लाख भाजपा कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदेश में निकाली जाने वाली ये पांचों जनआशीर्वाद यात्राएं 10 हजार 643 किमी का सफर तय करेगी। इस दौरान 678 रथ सभाएं और 211 बड़ी सभाओं का आयोजन किया जाएगा।

भाजपा की नए मतदाताओं पर नजर,शुरु किया नव मतदाता सदस्यता अभियान
भारतीय जनता पार्टी ने नए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का काम शुरु कर दिया है (new voter membership campaign)। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी (MP BJP) ने नव मतदाता सदस्यता अभियान (Nav Matdata Sadasyata Abhiyan) का आगाज किया है। गौरतलब है कि प्रदेश में पांच लाख नव मतदाता जुड़े हैं और ये वो मतदाता हैं जिन्होने अभी 18 साल की उम्र पार की है। लिहाजा युवा शक्ति को अपनी तरफ करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है (bjp masterplan) विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 51% वोट शेयर का लक्ष्य रखा है और उस प्रतिशत को पाना है तो भाजपा को युवाओं के साथ की जरुरत पड़ेगी। युवा वर्ग को भाजपा विकास की बात बताएगी,18 साल में सरकार द्वारा किए कामों को बताएगी और फिर 2003 के पहले की तस्वीर भी भाजपा युवाओं को दिखाएगी । यानि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) कार्यकाल की बातें युवाओं को बताई जाएंगी। उस दौरान की वीडियो क्लिपिंग भी युवाओं को दिखाई जाएंगी। जिससे उन्हे भाजपा और कांग्रेस की सरकारों का अंतर समझ में आ सके। भारतीय जनता पार्टी का मक्शद साफ है कि युवाओं को महिलाओं को और शासकीय कर्मचारियों को अपनी तरफ कर लिया गया तो चुनाव में फतह हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। लिहाजा भाजपा ने मौके पर चौका मारने का प्रयास किया है। भाजपा नेताओं का मानना है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भाजपा की रीति नीति बताई जाएगी काम करने का तरीका बताया जाएगा तो युवा वर्ग भाजपा में जरुर जुड़ेंगे। और जब युवा जुड़ेगा तो वो अपने घर के वोट भी पार्टी में लेकर आएगा। नव मतदाता अभियान का आगाज प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ,केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar),प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा (Hitanand Sharma) ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया है इस दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे।

ढाई लाख संविदाकर्मियों को नहीं होगा ज्यादा लाभ,मिलेगी वेतन सुरक्षा
प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारियों को सौ प्रतिशत वेतन देने के लिए पदों की समकक्षता का निर्धारण अब हो गया है (samvida shikshak)। अभी तक इन्हें वेतनमान का 90% ही भुगतान होता था। ढाई घंटे चली बैठक में सभी समकक्षता तय करते हुए वित्त विभाग से कहा गया है कि वो अब सभी विभागों को वेतन निर्धारण के लिए आदेश जारी करें। सभी कर्मचारियों को वेतन सुरक्षा दी जाएगी यानी किसी भी कर्मचारी को वर्तमान में जो वेतन प्राप्त हो रहा है उससे कम नहीं मिलेगा (samvida news)। सातवां वेतनमान (7th pay commission)में जो ग्रेड पे निर्धारित किया गया है उसके अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के हिसाब से महंगाई राशि में वृद्धि होगी। मंत्रालय में बुधवार को मुख्य सचिव ने संविदा कर्मचारियों की नियमित पदों के अनुसार समकक्षता निर्धारित करने के लिए अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव स्टाफ के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके पहले वित्त विभाग ने बैठक कर विभागीय प्रस्तावों पर चर्चा की। मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में इस बात पर सहमत बनी की संविदा कर्मचारियों के लिए वेतन सुरक्षा की व्यवस्था लागू की जाए। इससे किसी भी कर्मचारी को वर्तमान में प्राप्त हो रहे वेतन से कम वेतन नहीं मिलेगा। ऐसे पद जो शासन में नहीं है उनके लिए शैक्षणिक अर्हता और आवश्यकता के आधार पर अन्य पदों के बराबर समकक्षता निर्धारित की जाएगी। दरअसल कुछ बात ऐसे हैं जो संवर्गीय पद के बराबर समकक्षता होगी,यह तय नहीं हो पा रहा था। इसकी ही कवायद एक माह से चल रही थी। सब इंजीनियर का पद संवर्गीय है लेकिन मनरेगा में सब इंजीनियर के के समकक्ष पद जोड़ दिया। मनरेगा में प्रोग्राम इंजीनियर का पद है लेकिन शासन में नहीं है। इसलिए परियोजना अधिकारी के समक्ष लाकर वेतनमान निर्धारण होगा। इसी तरह डाटा एंट्री ऑफिसर के वेतनमान का निर्धारण किया जाएगा। जानकारी के अनुसार संविदा कर्मचारियों को अधिक लाभ नहीं होगा क्योंकि वो पहले से ही अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन उन्हे क्षति न हो इसके लिए उन्हे वेतन सुरक्षा दी जाएगी।

भाजपा के चार लोग विधानसभा चुनाव फतह करने की बनाएंगे रणनीति
मिशन 2023 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस को किसी प्रकार का मौका नहीं देना चाहती है (MP elections 2023)। यही कारण है कि भाजपा ने ना सिर्फ 39 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है बल्कि चुनाव कैसे जीतना है उसके लिए भी भाजपा उम्मीदवारों को ट्रेनिंग दे रही है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सभी 39 प्रत्याशियों को बुलाया गया है। इस बैठक (BJP Meeting) में प्रत्याशियों के अलावा विधानसभा प्रभारी,विधानसभा विस्तारक और विधानसभा संयोजकों को शामिल किया गया है। इन चार लोगों के भरोसे ही हर विधानसभा सीट को जीतने की रणनीति तैयार की जा रही है। ट्रेनिंग देने वालों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan),प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav),सह प्रभारी अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw),चुनाव संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (Vd Sharma) भी ट्रेनिंग सेशन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही अपनी बात रखी और फिर वो निकल गए। इस बीच इन सभी उम्मीदवारों को वरिष्ठ नेताओं की ओर से टिप्स दिए गए। उन्हे बताया गया कि आप चुनाव मैदान में उतरेंगे मुद्दे क्या रहेंगे। जनता के सवालों का आरोपों का कैसे जवाब देना है। विपक्षी पार्टी पर कैसे पलटवार करना है इन सभी चीजों पर भाजपा पदाधिकारियों की तरफ से काफी फोकस किया जा रहा है। भाजपा में बैठकों का दौर अगले दो दिनों तक और चलने वाला है। भारतीय जनता पार्टी ने हर विधानसभा सीट में अलग-अलग तरह के चार लोगों को जिम्मेरी सौंप कर यह भी कहा है कि आपको आपसी सामंजस्य के साथ काम करना है। विधानसभा प्रभारी पार्टी की गुटवाजी को खत्म करने का काम करेंगे तो विस्तारक ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क साध कर पार्टी के प्रति माहौल तैयार करेंगे। संयोजक उम्मीदवारों के अलावा अन्य सभी के ऊपर निगरानी रखेंगे जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी वहां सुधार करने की कोशिश करेंगे स्थिति कंट्रोल से बाहर होगी तो वो सीधे भोपाल में बड़े पदाधिकारियों से संपर्क साधेंगे।

एग्रेसिव मूड में भाजपा,चुनाव से पहले सभी प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी
प्रदेश में पांचवीं बार सत्ता हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी एग्रेसिव मूड में आ गई है (BJP MP)। चुनावी रणनीति से लेकर डैमेज कंट्रोल और एंटीइनकमबेंसी जैसी बाधाओं के लिए पार्टी जहां नतीजे कारक नर्णय ले रही है तो वहीं अपने प्रत्याशियों के नामों पर भी जल्द मोहर लगाने की तैयारी में है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले लगभग सभी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर देगी। मप्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी करने में भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया है। पिछले दिनों 39 प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक कर पार्टी ने यह बता दिया है कि वो हर मोर्चे में अव्वल है,पता चला है कि 27 से 30 अगस्त के मध्य 64 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी जाएगी। उसी दौरान भाजपा के केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक भी प्रस्तावित है। इसके बाद 15 सितंबर तक भाजपा की तीसरी सूची जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। पार्टी सूत्रों की माने तो चुनाव आचार संहिता लागू होने तक भाजपा कुछ सीटों को छोड़ कर बांकी सभी सीटों में अपने प्रत्याशियों के ऐलान की योजना बना चुकी है। इसके पीछे भाजपा की रणनीति है कि कहीं भी प्रत्याशियों को लेकर विवाद या विरोध है या उन्हे लेकर गुटवाजी है तो समय रहते उसे दूर किया जा सके। जिससे पार्टी को चुनाव के दौरान किसी तरह का नुकसान ना हो। भाजपा हारी सीटों पर जल्द ही दूसरी सीट जारी करने वाली है लिहाजा उसके लिए चुनाव प्रबंधन और चुनाव संचालन से जुड़े बड़े नेता बुधवार से लेकर 25 अगस्त तक भोपाल प्रदेश कार्यालय में मंथन करेंगे। तीन दिनों में प्रत्याशियों के नामों पर विचार कर संभावित सूची तैयार की जाएगी। जिसे अंतिम मंजूरी के लिए केन्द्रीय चुनाव समिति के पास भेजा जाएगा।

जन आशीर्वाद यात्रा का मास्टर प्लान तैयार,दो सितंबर से यात्रा की होगी शुरुआत
प्रदेश सरकार की जन आशीर्वाद यात्राएं दो सितंबर से प्रारंभ हो सकती हैं (Jan Ashirwad Yatra)। इस संबंध में ग्वालियर में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि पांच संभागों में एक साथ यात्राएं निकाली जाएंगी,जिसके लिए रथ तैयार किए जा रहे हैं। भाजपा चुनाव से पहले अपने विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर जनता से आशीर्वाद लेने यात्राएं निकालती है (BJP MP)। इसी क्रम में यात्राएं निकाली जानी हैं,लेकिन इस बार पांच अलग-अलग यात्राएं निकाली जाएंगी,जिसमें वरिष्ठ नेता जनता के पास जाकर एक बार फिर से भाजपा को समर्थन देने का आग्रह करेंगे। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की यात्रा ग्वालियर से,महाकौशल क्षेत्र की जबलपुर से,मालवा की उज्जैन और खंडवा से और विंध्य क्षेत्र की यात्रा रीवा से निकाली जाएगी। शुभारंभ में पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। यात्रा का समापन 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi)भोपाल में करेंगे। यहां मोदी की जनसभा होगी। यात्राओं को लेकर सोमवार को चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव,चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की मौजूदगी में नव गठित केन्द्रीय और संभागीय टोली की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में हाल ही में बनाए गए भाजपा प्रत्याशी भी शामिल थे। इन सभी को वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि यात्राओं के माध्यम से जनता से सीधे रु-ब-रु होने का मौका मिलता है जो नेताओं और जनता के लिहाज से बढ़िया होता है।

भाजपा नेत्री रौशनी यादव छोड़ेंगी पार्टी,कांग्रेस का थामेंगी दामन
भाजपा समर्थित जन प्रतिनिधि रोशनी यादव (Roshni Yadav) ने भाजपा को छोड़ कांग्रेस में जाने का मन बना लिया है। उन्होंने लंबे नोट में कहा कि भाजपा की रीति, नीति और नेतृत्व से वो काफ़ी समय से नाखुश हैं। रोशनी का कहना है कि भाजपा सिर्फ महिलाओं को ठगने का काम करती है। जनता में प्रदेश और केंद्र की नेतृत्व दोनों से नाराजगी है, जिस दल से जानता खुश नही है उससे जुड़ा कर भला सेवा का कार्य कैसे हो सकता है। रोशनी यादव ने कहा क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ता दोनो का अपार समर्थन और स्नेह उनके साथ है। हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मैं दिनांक 24 अगस्त को कांग्रेस ज्वाइन करूंगी। रौशनी यादव ने कहा बहुत दुखी मन से मै भाजपा की सदस्यता त्याग रही हूं। मेरे राजनीतिक सफर में कई अनुभव मुझे भाजपा में रहते मिला जिसके लिए मैं आजीवन आभारी रहूंगी लेकिन कुछ महीनों से शीर्ष नेतृत्व का कार्यकर्ताओं के प्रति निराशा, नीति और नेतृत्व में उदासीनता, महिलाओं के प्रति दिखावटी योजना एवं उनके प्रति बढ़ते अत्याचार को देखकर मैं आहत हूं, भाजपा की सदस्य होकर रोजाना जनता से उठ रहे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई के सवालों का उत्तर देने में असमर्थ हूं। कार्यकर्ता केंद्रित दल अब नेता केन्द्रित है। गौर करने वाली बात ये है कि एक तरह से यह रोशनी की घर वापसी है क्योंकि इनका परिवार पुराना कांग्रेसी परिवार के रूप में देखा जाता है, रोशनी कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नरेश यादव की पुत्रवधु है इसलिए इन्हे विरासत में राजनीति प्राप्त है जिसका इन्हें अच्छा अनुभव है। जानता का ना प्रदेश सरकार में विश्वास है ना केंद्र सरकार पर, जिस दल से जनता खुश नहीं है उस दल में रहकर सेवा नही किया जा सकता है। भाजपा सरकार में भाजपा संगठन के ही कार्यकर्ताओं की अनदेखी और उनके साथ सौतेला व्योवहार के चलते प्रदेश में भाजपा की लगातार छवि खराब हो रही है। भाजपा कार्यकर्ता (MP BJP) जब भी संगठन के उच्च अधिकारियों से या सरकार के मंत्रियों और नेताओं से अपनी समस्या साझा करते हैं, तो मंत्री और नेता तथा पदाधिकारी निराकरण तो दूर उनकी बात तक नहीं सुनते। कार्यकर्ताओं की इस स्तर की उपेक्षा से रौशनी यादव आहत हैं। निवाड़ी की जनता लगातार भाजपा शासन में स्वयं को पीड़ित महसूस कर रही है। चूंकि जनता की पीड़ा मेरी अपनी भी पीड़ा है।इसलिए नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौप रही हूं।

सीएम को राखी भेज चयनित पटवारियों ने नियुक्ती की लगाई गुहार
पटवारी चयन परीक्षा में भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद चयनित पटवारियों (Patwari Result) की नियुक्ति पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी थी। चयनित पटवारियों का आरोप है कि उन्हे राजनीति की भेंट चढ़ाया जा रहा है। इस बीच चयनित पटवारियों ने हर दरवाजे पर गुहार लगाई,सीएम हाउस की बात हो अथवा भोपाल के नीलम पार्क में विरोध प्रदर्शन सबकुछ किया लेकिन राज्य सरकार का दिल नहीं पसीजा। सालों से मेहनत कर रहे चयनित पटवारियों ने जब किसी तरह से परीक्षा उत्तीर्ण की तो उनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। अब चयनित पटवारी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। सभी तरह के उपाय करने के बाद अब चयनित पटवारियों ने सीएम (Shivraj Singh Chouhan) तक अपनी बात पहुंचाने के अलग-अलग रास्ते तैयार किए हैं। चयनित पटावरियों ने ट्विटर पर पोस्ट डाल कर मामा से नियुक्ति की गुहार लगाई थी और अब उन्ही चयनित पटवारियों ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सीएम शिवराज को राखी भेज कर उन्हे नियुक्ति देने की मांग उठाई है। सभी चयनित पटवारी शांति तरीके से मर्यादाओं में रह कर अपना विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं और अपनी बात सीएम शिवराज सिंह तक पहुंचाने का भी प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इतनी मेहनत के बाद भी अब तक सरकार का दिल नहीं पसीजा है। चयनित पटवारी इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि कभी भी चुनाव आचार सहिंता लग जाएगी जिसके बाद उनकी नियुक्ति अधर में लटक जाएगी। अगली सरकार किसकी बनेगी पटवारी इस बात को लेकर भी संशय में हैं और यही कारण है कि चयनित पटवारी अपनी बात सीएम तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और अब उन्होने सीएम शिवराज को रक्षा सूत्र भेज कर भांजे होने का फर्ज निभा दिया है अब देखना यह दिलचश्प होगा कि मामा को भांजों की याद कब तक आती है।

'मामा जी एमपी पटवारी नियुक्ति दो' चयनित पटवारियों का सोशल वॉर
पटवारी चयन परीक्षा में घोटाले की खबर मिलने के बाद मप्र सरकार ने पटवारियों की नियुक्त पर रोक लगा दी है (MP Patwari)। सरकार के रोक लगाने के बाद चयनित पटवारियों का भविष्य अधर में लटक गया है। न्याय की गुहार के लिए चयनित पटवारियों ने सरकार को मनाने का हर तरह का प्रयास किया है। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) से मुलाकात से लेकर सीएम हाउस(Shivraj Singh Chouhan) के घेराव की बात हो अथवा भोपाल के नीलम पार्क में नियुक्ति की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन ही क्यों ना हो चयनित पटवारियों ने वो सब किया जो कर सकते थे लेकिन इतना सबकुछ होने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से पटवारियों को न्याय नहीं मिला। एक तरफ राज्य सरकार अलग-अलग विभागों में भर्तियां निकाल रही है वहीं दूसरी तरफ पटवारी अपनी नियुक्ति को लेकर परेशान हैं। कुछ चयनित पटवारियों का कहना है कि उन्होने ब्यावसायिक परीक्षाओं को छोड़ कर पटवारी की परीक्षा दी थी जिससे उन्हे नौकरी मिल जाए,पास होने के लिए रात दिन एक कर दिया और जब पास हुए तो उसमें भ्राष्टाचार का आरोप लगा कर नियुक्ति पर रोक लगा दी गई। कुछ चयनित पटवारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए यहां तक कहा है कि सरकार उनको नियुक्ति नहीं देती है तो वो खुदकुशी करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। अब चयनित पटवारियों ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एक अनोखा तरीका अपनाया है। पटवारियों ने सोशल वार करते हुए ट्विटर पर करीब डेढ़ लाख ट्वीट किए और उसमें लिखा है 'मामा जी एमपी पटवारी नियुक्ति दो' चयनित पटवारियों ने इतनी बड़ी संख्या में ट्वीट किया है जिसके चलते ट्विट पर वो ट्रेंड कर रहे हैं। लेकिन मूल बात यह है कि नियुक्ति को लेकर पटवारी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं लेकिन अभी तक सियासी उलझनों में फंसे पटवारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं दिख रहा। ऐसे ही हखलात चलते रहे तो आने वाले समय में चुनाव आचार संहिता लग जाएगी और पटवारियों की नियुक्ति पूरी तरह से अधर में लटक जाएगी।

भाजपा का मास्टर स्ट्रोक 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान,दूसरी सूची जल्द होगी जारी
भारतीय जनता पार्टी ने 39 (BJP MP) प्रत्याशियों की सूची जारी कर कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फेरने का काम किया है। अभी तक कांग्रेस लगातार कहती रही है कि वो लगातार हारने वाली सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर देगी लेकिन हुआ उसके ठीक उलट। कांग्रेस से पहले भारतीय जनता पार्टी ने 39 विधानसभा सीटों में अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। मतलब साफ है भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशियों को लंबा समय देना चाहती है जिसके चलते भाजपा ने एमपी और सीजी की संयुक्त रुप से पहली सूची जारी कर सभी राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के लिए अभी तीन महीनों से ज्यादा का वक्त बचा है चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है लेकिन भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने सूची जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा का नेतृत्व एमपी विधानसभा को कितनी गंभीरता के साथ देख रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा की दूसरी लिष्ट भी तैयार है। उस लिष्ट में पैनल बनाए गए हैं और पैनल में शामिल दावेदारों के नामों का सर्वे चल रहा है। जैसे ही निजी एजेंसिया अपनी सर्वे रिपोर्ट केन्द्रीय नेतृत्व को सौंपेगी ठीक उसके तुरंत बात भाजपा अपने मजबूत उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर देगी। भाजपा का मानना है कि चुनाव जीतना है तो उम्मीदवारों को वक्त देना होगा। कांग्रेस जब तक भाजपा की अगली रणनीति को समझने का प्रयास करेगी तब तक भाजपा कांग्रेस को अगला झटका दे चुकी होगी।

सीएम की तरकश में अभी और कई तीर बांकी...
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बनते चले जा रहे हैं। उनकी सभाओं में बढ़ रही महिलाओं की भीड़ ने कमलनाथ की नींद उड़ा दी है। कांग्रेस का कोई कार्ड मुख्यमंत्री के सामने नहीं चल पा रहा है। इसी फस्ट्रेशन में कांग्रेस ने फर्जी लेटर कांड गढ़ डाला। मुख्यमंत्री ना केवल महिलाओं के लिए बल्कि सभी समुदायों के लिए कोई ना कोई घोषणा कर रहे हैं। और सिर्फ घोषणाएं ही नहीं कर रहे उनका तत्काल क्रियान्वयन भी सीएम करवाते जा रहे हैं। इसी कारण कमलनाथ का कोई पत्ता नहीं चल पा रहा है। रीवा में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत तीसरी किस्त देने के बाद मुख्यमंत्री राखी के पहले 27 तारीख को कोई बड़ी घोषणा करने जा रहे हैं जिसका केन्द्रबिंदु भी लाड़ली बहने ही रहेंगी। मुख्यमंत्री ने पहले ही घोषणा कर रखा है कि लाड़ली बहना योजना की राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये तक की जाएगी। प्रदेश में सवा करोड़ लाभार्थी महिलाओं का वोट बैंक बनाने का मतलब है कि मुख्यमंत्री ने इतने ही परिवारों को अपने साथ जोड़ लिया है। क्योंकि महिलाएं परिवार की धुरी होती हैं उनको अपने तरफ करने का मतलब है कि मुख्यमंत्री ने एक बड़ा वोटबैंक भाजपा की तरफ मोड़ लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी के लाभार्थी वोटबैंक की तर्ज पर मध्यप्रदेश में महिलाओं का वोटबैंक तैयार कर लिया है। जाहिर है कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री जैसा महिलाओं में लोकप्रिय नेता नहीं है। इस मामले में कमलनाथ उनके समक्ष खड़े भी नहीं हो सकते। मुख्यमंत्री ने 12वीं में प्रथम श्रेणी में आने वाली बच्चियों को स्कूटी देने की घोषणा भी की है। इस घोषणा से भी भाजपा का वोटबैंक मजबूत होगा क्योंकि स्कूटी पूरे परिवार के काम आएगी। खास बात यह है कि यह स्कूटी इलेक्ट्रिकल होगी यानि पेट्रोल का टेंशन नहीं होगा। इस योजना को भी सीएम शिवराज का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। बीस अक्टूबर तक सीएम शिवराज लाड़ली बहनों के खाते में करीब छह किस्त डाल चुके होंगे और फिर नवंबर में चुनाव होना है इसलिए माना जा रहा है कि लाड़ली बहना योजना सीएम शिवराज के लिए और सरकार के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित होने वाली है। अब कांग्रेस पार्टी यह योजना तैयार कर रही है कि सीएम की घोषणाओं का तोड़ कैसे निकाला जाए।

'दादा' के दिल में दतिया,शिवकथा में नरोत्तम मिश्रा ने जनता के सामने प्रगट किया उद्गार
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) के माध्यम से दतिया में पांच दिवसीय शिव कथा का आयोजन किया गया है। इन पांच दिनों के दौरान दतिया में शिवलिंग निर्माण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है जिसमें लाखों की संख्या में पहुंचे भक्त शिवलिंग निर्माण कर रहे हैं। कथा के दौरान कथावाचक प्रदीप मिश्रा (Pradeep Mishra) ने गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को सनातन धर्म का रक्षक कहा तो साथ में यह भी कहा कि गृह मंत्री रहते अगर किसी ने सनातन धर्म के लिए खुल कर काम किया है तो वो डॉ. नरोत्तम मिश्रा हैं। गृह मंत्री ने कथा वाचक प्रदीप मिश्रा का आभार ब्यक्त करते हुए कहा कि इस दतिया में मेरे प्राण बसते हैं प्राण भगवान भोलेनाथ से अर्जी लगा देना कि इस दतिया में मेरे प्राण बसते हैं। इन दतिया वालों नें मुझे अंगीकार किया है इस लिए इस दतिया में कोई दुख ना आए यहां पर सिर्फ सुखों का बारिश हो सुख और समृद्धि की यहां पर बारिश होती रहे। सभी संत जन यहां पर अपना आशीर्वाद दें कि दतिया धन धान्य से समृद्ध हो जाए। गौरतलब है कि गृह मत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा हर श्रावण मास के दौरान दतिया में शिवलिंग का निर्माण करवाते हैं और किसी कथा वाचक के माध्यम से कथा का भी आयोजन करते हैं पिछले साल गृह मंत्री ने बाबा बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेन्द्र सास्त्री से श्री राम कथा का आयोजन करवाया था और इस साल उन्होने भगवान शिव की कथा का आयोजन किया है। इस कथा के दौरान ना सिर्फ दतिया की जनता रोजाना कथा सुनने के लिए पहुंच रही है बल्कि देश भर से भगवान शिव के भक्त दतिया पहुंच रहे हैं। करीब तीस एकड़ के मैदान में आयोजित कथा में लोगों के बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही है। सबसे बड़ी बात यह देखने को मिल रही है कि एक-एक ब्यक्ति के पास खुद गृह मंत्री मिलने जाते हैं उनसे मिल कर उनकी समस्याएं समझने का प्रयास करते हैं। अगर किसी भक्त को कोई समस्या है तो उसे तत्काल प्रभाव से दूर करने का प्रयास भी किया जाता है।