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जीत कर भी हारे कमलनाथ,अब राजनीति से सन्यास लेने की तैयारी,बेटे को बीजेपी में सेट करने की मजबूरी
भोपाल

जीत कर भी हारे कमलनाथ,अब राजनीति से सन्यास लेने की तैयारी,बेटे को बीजेपी में सेट करने की मजबूरी

कई बार खेल में जीतते जीतते भी टीमें हार जाती हैं। और ठीक उसी प्रकार राजनीति में भी देखने को मिलता है। ताजा उदाहरण पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) का है जिनकी बीजेपी में बात हो ग ई लेकिन अंत में बीजेपी के कुछ नेताओं ने कमलनाथ को लेकर विरोध कर दिया जिसके चलते कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ (nakul nath) की बीजेपी में ज्वाइनिंग पर सस्पेंश बन गया है।दरअसल भाजपा के नेताओं का मानना है कि सिक्ख दंगे के मुख्य आरोपी कमलनाथ थे और अभी तक भारतीय जनता पार्टी के नेता कमलनाथ पर सिक्ख दंगे को लेकर लगातार टिप्पड़ी करते रहे हैं ऐसे में कमलनाथ भाजपा ज्वाइन करते हैं तो पार्टी को दिक्कत हो सकती है। हांलाकि भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान कमलनाथ की बात भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से हुई थी और यही कारण था कि कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ के साथ दिल्ली गए थे लेकिन वहां पर ठीक से बात नहीं बन पाई। अब माना जा रहा है कि अगले कुछ समय में कमलनाथ फिर भाजपा नेताओं से बात करेंगे और भाजपा में भी कमलनाथ को लेकर आपसी सहमति बनाई जाएगी। माना जा रहा है कि कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को भाजपा में ज्वाइनिंग कराई जाएगी और कमलनाथ राजनीति से दूरी बना लेंगे। हांलाकि नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने से पहले शर्ते भी हैं जिन्हे पूरा करना कमलनाथ के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। भाजपा की शर्त है कि नकुलनाथ के साथ कमसे कम 20 विधायक भाजपा में शामिल होने चाहिए। कमलनाथ के साथ कुछ विधायक भाजपा ज्वाइन करने के लिए तो तैयार हैं लेकिन उनकी संख्या 20 तक नहीं पहुंच रही है। इधर कांग्रेस पार्टी को भी जबसे इसकी जानकारी हुई है तभी से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी विधायकों की घेराबंदी करने में जुट गए हैं। जोड़ तोड़ की राजनीति अगले कुछ समय पर पूरे शबाब में पहुंचने वाली है। आने वाले कुछ समय में कांग्रेस और भाजपा में काफी बदलाव देखने को मिलने वाले हैं।

20/2/2024146
19 फरवरी को बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं कमलनाथ के साथ सात कांग्रेस विधायक
भोपाल

19 फरवरी को बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं कमलनाथ के साथ सात कांग्रेस विधायक

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच कमलनाथ के करीबी विधायक ने बड़ा दावा किया है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के एक विधायक ने दावा किया कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ 19 फरवरी को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक बीजेपी और कमलनाथ की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं सामने आई है। बीजेपी का अभी राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में दो दिवसीय अधिवेशन चल रहा है और यह माना जा रहा है कि अधिवेशन समाप्त होने के बाद कमलनाथ अपने बेटे नकुकलनाथ के साथ बीजेपी ज्वाइन करेंगे। कमलनाथ के साथ 10 से 12 विधायक और एक मेयर भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हांलाकि कमलनाथ को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके बीजेपी में शामिल होने की उम्मीद नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि कमलनाथ हमेशा साथ खड़े रहे है, ऐसा व्यक्ति बीजेपी के साथ कैसे जा सकता है। गौरतलब है कि कमलनाथ के बारे में कहा जाता है कि वो राज्यसभा जाना चाहते थे. लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया. कांग्रेस ने अशोक सिंह को राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया. कमलनाथ की 'नाराजगी' तब भी देखने को मिली जब वो अशोक सिंह के नामांकन में शामिल नहीं हुए थे. हालांकि, जब पार्टी ने अशोक सिंह को उम्मीदवार बनाया था तो कमलनाथ ने अशोक सिंह को शुभकामनाएं दी थीं। यहां ये भी जानना जरूरी है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कमलनाथ ही कांग्रेस का सीएम चेहरा था। लेकिन पार्टी को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

17/2/2024328
भाजपा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी कमलनाथ की बहू,कमलनाथ ने दिया संकेत
भोपाल

भाजपा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी कमलनाथ की बहू,कमलनाथ ने दिया संकेत

कांग्रेस पार्टी में भगदड़ का दौर लगातार जारी है। दरअसल खबर है कि कांग्रेस के नेता प्रमोद कृष्णन भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं। इस मामले पर जब पूर्व सीएम कमलनाथ (kamal nath) से सवाल किया गया तो उन्होने खुले तौर पर कहा कि सब स्वतंत्र हैं कोई किसी पार्टी से बंधा हुआ नहीं है। गौरतलब है कि लंबे समय से माना जा रहा है कि कमलनाथ भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की जुगाड़ बना रहे हैं। एक खबर और निकल कर सामने आ रही है कि कमलनाथ,नकुलनाथ (nakul nath) दोनो लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे बल्कि नकुलनाथ की पत्नी को भारतीय जनता पार्टी छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा सकती है (lok sabha elections) । जिस प्रकार से पूरे देश में राम मंदिर का मुद्दा चल रहा है उसके बाद कांग्रेस में इस वक्त लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस के कुछ नेताओं का साफ कहना है कि वो चुनाव हारने के लिए नही लड़ेंगे क्योंकि भाजपा की लहर है और कांग्रेस से जो भी चुनाव लड़ेगा उसकी हार तय है। माना जा रहा है कि भाजपा प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीट जीतने के लिए कमलनाथ की बहू को पार्टी से टिकट दे सकती है।

3/2/2024206
बेमन ही सही आखिर कमलनाथ और जीतू पटवारी ने एक दूसरे से की मुलाकात
भोपाल

बेमन ही सही आखिर कमलनाथ और जीतू पटवारी ने एक दूसरे से की मुलाकात

विधासभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) को पीसीसी चीफ पद से बड़ी बेरहमी के साथ हटा कर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (jitu patwari) को प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान थमा दी ग ई। और कांग्रेस ने कमलनाथ को यह सीधे तौर पर बता दिया कि 'तुमसे ने हो पाएगा' कमलनाथ लिधानसभा के सत्र में भी उपस्थित नहीं हुए थे,विधायक पद की शपथ भी उन्होने नहीं ली थी। भाजपा के नेता आरोप लगा रहे थे कि कमलनाथ को पार्टी ने जिस प्रकार अध्यक्ष पद से निकाला है उसी से वो नाराज हैं। बहरहाल देर आए दुरुस्त आए। कमलनाथ अब भोपाल आ चुके हैं। और उनके आने की खबर मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी कमलनाथ के निवास पहुंचे और उनसे काफी देर तक बंद कमरे में बात की। इन सब बातों के बीच यह स्पष्ट नजर आ रहा था कि कमलनाथ जीतू पटवारी से खुश नहीं हैं। माना यह भी जा रहा है कि जीतू पटवारी के अध्यक्ष बनने के बाद अब कमलनाथ का एमपी कांग्रेस में किसी प्रकार का हस्तक्षेप भी नहीं रहेगा। फिलहाल चुनाव में करारी हार के चलते अब कमलनाथ को जीवन के आखिरी दौर में फिर से अपनी जमीन तैयार करने के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ रही है।

7/1/2024188
कांग्रेस की हार का बड़ा कारण,सर्वे एजेंसियों ने दावेदारों से डील कर कमलनाथ को दी गलत रिपोर्ट
भोपाल

कांग्रेस की हार का बड़ा कारण,सर्वे एजेंसियों ने दावेदारों से डील कर कमलनाथ को दी गलत रिपोर्ट

मप्र विधानसभा चुनाव (madhya pradesh elections) में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला है। और कांग्रेस पार्टी (mp congress) को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस हार में सबसे बड़ा हाथ कमलनाथ (kamal nath) द्वारा कराए गए उम्मीदवारों के लिए सर्वे रहा है। एक गुप्त रिपोर्ट के मुताबिक कमलनाथ ने मप्र से बाहर अलग-अलग स्टेट की सर्वे एजेंसियों को प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों में मजबूत दावेदारों का सर्वे करने का ठेका दिया था। इन सर्वे एजेंशियों ने कमलनाथ के साथ डबल क्रास किया। इन सर्वे एजेंसियों ने ना सिर्फ कमलनाथ से सर्वे के नाम पर पैसे लिया बल्किन इन एजेंसियों ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के संभावित दावेदारों की लिष्ट तैयार कर उनसे संपर्क किया और उनके पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के लिए उनसे मोटी रकम वसूल की। कमलनाथ ने उन्ही को टिकट दिया जिन्हे सर्वे एजेंसियों ने मजबूत कैंडिडेट बताया। यही कारण है कि कमलनाथ को पूरा विश्वास था कि उन्होने मजबूत उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है और वो चुनाव में जीत दर्ज करेंगे। नतीजा ये निकला कि भाजपा के अभेद्य किले को भेदने निकले कांग्रेस के कमजोर उम्मीदवारों ने कमलनाथ और कांग्रेस की लुटिया डुबो कर रख दी। इस बात में कोई सक नहीं कि भाजपा ने जोरदार तरीके से किलेबंदी की थी जिसमें मोदी की गारंटी और लाड़ली बहनों का विश्वास शामिल था। ऐसे में उनका सामना करने के लिए कांग्रेस के कमजोर उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे और भाजपा ने उन्हे चारों खाने चित्त कर दिया।

24/12/2023173
'एमपी में विवाद का रास्ता ढूढ़ रही सरकार' पीसीसी चीफ कमल नाथ ने लगाया आरोप
भोपाल

'एमपी में विवाद का रास्ता ढूढ़ रही सरकार' पीसीसी चीफ कमल नाथ ने लगाया आरोप

मध्य प्रदेश के पीसीसी चीफ और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) ने डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) सरकार पर निशाना साधा है। लाउडस्पीकर और खुले में मांस बेचने के सरकार के फैसले पर कहा है कि मोहन सरकार विवाद के लिए बहाना ढूंढ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कोई भी निर्णय ले लेकिन विवाद नहीं होना चाहिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि हमारी संस्कृति जोड़ने की है और प्यार मोहब्बत से रहने की है। लाउडस्पीकर और खुले में मांस बेचने पर रोक लगाकर प्रदेश सरकार विवाद के लिए बहाना ढूंढ रही है। पीसीसी चीफ ने कहा कि सरकार कोई भी फैसला ले लेकिन विवाद नहीं होना चाहिए। आपको बता दें कि एमपी की मोहन सरकार ने निर्णय लिया है कि किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थान में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर/डीजे) आदि का उपयोग किया जा सकेगा। राज्य शासन ने ध्वनि प्रदूषण और लाउड स्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जांच के लिये सभी जिलों में उड़नदस्ते गठित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रालय में प्रभार ग्रहण करने के बाद इससे संबंधित प्रथम नस्ती पर हस्ताक्षर किए। मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थल और अन्य स्थानों पर मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के प्रावधानों, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है।

16/12/202377
करारी हार के बाद भी कांग्रेस के एजेंडे से बाहर है सामान्य वर्ग
भोपाल

करारी हार के बाद भी कांग्रेस के एजेंडे से बाहर है सामान्य वर्ग

मप्र में करारी हार का मंथन करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को दिल्ली में बैठक बुलाई थी (aicc meeting)। जिसमें पीसीसी चीफ कमलनाथ (kamal nath),दिग्विजय सिंह (digvijaya singh),गोविंद सिंह (govind singh) सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान मप्र में कांग्रेस की हुई करारी हार के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया। करीब दो घंटे तक चली बैठक में एमपी कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं से बात की गई। बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला मीडिया से रु-ब-रु हुए । इस दौरान उन्होने बैठक के बिंदुओं का एक-एक करके जवाब दिया। रणदीप सुरजेवाला ने अपने बयान में कहा कि एमपी में कांग्रेस चुनाव भले हार गई है लेकिन जनता की सेवा कांग्रेस लगातार करती रहेगी। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एससी,एसटी और पिछड़ा वर्ग के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय भाजपा की सरकार में हुआ तो कांग्रेस पार्टी बर्दास्त नहीं करेगी। लेकिन इस बयान में सामान्य वर्ग का नाम रणदीप सुरजेवाला ने नहीं लिया। अब सवाल इस बात का उठता है कि क्या सामान्य वर्ग के लोगों के साथ अन्याय नहीं होता है,क्या सामान्य वर्ग के लोग गरीब नहीं होते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस ने टिकट वितरण के दौरान भी सामान्य वर्ग की लगातार उपेक्षा की थी जिसका परिणाम रहा कि कांग्रेस पार्टी को इतनी करारी हार का सामना करना पड़ा जिसकी उम्मीद तो भाजपा के नेताओं को भी नहीं थी। अब कांग्रेस की बैठक में सामान्य वर्ग का किसी प्रकार से नाम नहीं आने का मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी के किसी भी एजेंडे में सामान्य वर्ग शामिल ही नहीं है। कांग्रेस की सरकार नहीं बनी इतनी नाकामी मिली उसके बाद भी कांग्रेस पार्टी सामान्य वर्ग के हित की बात नहीं कर रही है। कांग्रेस का मीडिया विभाग संभालने वाले भी सामान्य वर्ग के खिलाफ ही बात करते नजर आते हैं मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी में सामान्य वर्ग के लिए कोई स्थान नहीं है।

9/12/2023105
करारी हार के बाद कमल नाथ का होगा अध्यक्ष पद से इस्तीफा,पार्टी में उठने लगे बगावती सुर
भोपाल

करारी हार के बाद कमल नाथ का होगा अध्यक्ष पद से इस्तीफा,पार्टी में उठने लगे बगावती सुर

मप्र में चुनाव के नतीजे आने के बाद करारी हार झेल रही कांग्रेस पार्टी में बदलाव की हवा चलने लगी है (madhya pradesh election result)। पार्टी के पदाधिकारी अब पार्टी के नेतृत्व में बदलाव की बात करने लगे हैं। पार्टी के ज्यादातर नेताओं और कार्यकर्ताओं का यही मानना है कि जिस नेता के बल पर वो चुनाव लड़ रहे थे उस नेता के नेतृत्व में पार्टी की इतनी करारी हार के बाद भी वो कैसे अध्यक्ष पद पर बने रह सकते हैं। कुछ कार्यकर्ताओं का यह भी मानना है कि नैतिकता के आधार पर कमलनाथ (kamal nath) को मतगणना समाप्त होते ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। फिलहाल कमलनाथ दिल्ली में हैं और माना जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी करने के बाद पीसीसी चीफ कमलनाथ कभी भी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। कमलनाथ के बाद पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा इस विषय पर भी अभी से मंथन होना शुरु हो गया है। माना यह भी जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी किसी आदिवासी नेता को भी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप सकती है। कुछ नेताओं ने तो दिल्ली दरवार में अभी से हाजिरी लगाना भी शुरु कर दिया है। पूर्व मंत्री उमंग सिंघार (umang singhar) को भी अध्यक्ष पद का दावेदार माना जा रहा है। उसके पहले कांग्रेस पार्टी में नेता प्रतिपक्ष को लेकर भी मंथन हो रहा की पार्टी की तरफ से सदन में नेता प्रतिपक्ष कौन होगा। नेता प्रतिपक्ष पद की दौड़ में कई नेता शामिल हो चुके हैं जिसमें सबसे पहला नाम पूर्व मंत्री अजय सिंह (ajay singh),जयवर्धन सिंह (jaivardhan singh) और फिर उमंग सिंघार का आ रहा है।

7/12/202395
कांग्रेस के 'पेड' वर्करों के अति उत्साह ने डुबोई कांग्रेस की नैया
भोपाल

कांग्रेस के 'पेड' वर्करों के अति उत्साह ने डुबोई कांग्रेस की नैया

मप्र में जब विधानसभा चुनाव की उल्टी गीनती चल रही थी उसी वक्त कांग्रेस मीडिया विभाग का अति उत्साह पूरे शबाब पर था (congress mp) । उत्साह तो अच्छी बात है लेकिन अति उत्साह हमेशा बरबादी की ओर लेकर ही जाता है। पीसीसी चीफ कमल नाथ (kamal nath) को मीडिया विभाग को दुरुस्त करने के लिए भी एमपी से कोई और नहीं मिला उन्होने दिल्ली में काम करने वाले एक पत्रकार को समन्वयक बनाया। और कांग्रेस कार्यालय में मीडिया विभाग को दुरुस्त करने के लिए बैठा दिया। अब जब कमलनाथ ने किसी को बैठाया है तो अन्य प्रवक्ता उनकी जी हुजूरी में लग गए। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि जिन प्रवक्ताओं ने जी हुजूरी नहीं की उन प्रवक्ताओं को ठिकाने लगा लिया गया। बांकि बचे प्रवक्ताओं ने दिल्ली से आए पेड वर्कर के सामने घुटने टेक दिए। अब पेड वर्कर साहब को खुश करने के लिए कांग्रेस के प्रवक्ता कुछ न कुछ करते रहते। आलम यह रहा कि जितने प्रवक्ता थे वो सब पेड वर्कर के साथ पीसीसी चीफ कमलनाथ की खुसामदी करने में भी जुट गए आलम ये था कि अगर कोई पत्रकार कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस के कमजोर पहलू पर बात करे तो उसे भाजपाई पत्रकार घोषित कर ब्लैक लिष्ट में डाल दिया जाता था और कहा जाता था कि हमारी सरकार आने दो उसके बाद इसको देख लिया जाएगा। दिल्ली से आए पेड वर्कर के अंडर में काम करने वाले प्रवक्ताओं का उत्साह इस सीमा पर पहुंच गया था कि वो पत्रकारों से सीधे मुंहु बात तक नहीं करते थे। आखिर ऐसा हो भी क्यों न। जब टीम का मुखिया आंख में पट्टी बांध ले तो फिर स्थिति में सुधार कैसे आएगा। कांग्रेस मीडिया विभाग पत्रकारों की लिष्ट बनाने में महगूल रहा और उसके ठीक उलट बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल बगैर किसी भेदभाव के सभी पत्रकारों का मान और सम्मान करने में जुटे रहे। स्थिति तो तब और बुरी लगती थी जब कांग्रेस के पेड वर्कर पीसीसी चीफ कमल नाथ को यह बताते थे कि कांग्रेस इस बार 180 सीटों से कम नहीं जीतेगी। और पीसीसी चीफ कमलनाथ जैसा मझा हुआ सियासी खिलाड़ी भी अपने पेड वर्कर की बात को माल लेते थे। कांग्रेस के मीडिया विभाग में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी कांग्रेस मीडिया विभाग भाजपा के मीडिया विभाग को टक्कर देने में नाकाम रहा। यहां तक कि कांग्रेस के प्रवक्ता ठीक तरीके से भाजपा के प्रवक्ताओं का सामना तक नहीं कर पाए। जबकि सत्ता धारी दल के खिलाफ कहने के लिए बहुत कुछ होता है लेकिन कांग्रेस के प्रवक्ता पेड वर्कर की खुशामदी करने में इतने ब्यस्त रहे कि उन्हे पार्टी की बात जनता तक पहुंचाने का वक्त ही नहीं मिला। कुछ प्रवक्ताओं की स्तिति तो यहां तक देखने को मिली कि वो पेड वर्कर के पीछे-पीछे घूमते और उसका बैग उठाते उसके अलावा उनके पास अन्य कोई काम नहीं था (madhya pradesh election result)। ऐसे प्रवक्ताओं की लिष्ट भी Mukhbirmp.con जल्द ही जारी करेगा जो पार्टी का काम करने के बजाय बैग और टिफिन उठाने का काम करते थे।

4/12/2023105
'कमलनाथ को अपने नेताओं पर नहीं भरोसा' निर्वाचन प्रमाण पत्र मिलते ही कमल नाथ के पास होगा जमा
भोपाल

'कमलनाथ को अपने नेताओं पर नहीं भरोसा' निर्वाचन प्रमाण पत्र मिलते ही कमल नाथ के पास होगा जमा

आपरेशन लोटस (operation lotus) एमपी में फिर ना हो इसलिए कांग्रेस पार्टी ने बड़ी रणनीति तैयार की है। कांग्रेस की इस रणनीति का यह मतलब भी निकाला जा रहा है कि पीसीसी चीफ कमल नाथ (kamal nath) को अपने नेताओं पर भरोसा नहीं है। यह कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि कांग्रेस पार्टी की ओर से सभी 230 प्रत्याशियों को फरमान जारी कर निर्देश जारी किया गया है कि मतगणना समाप्त होते ही प्रमाण पत्र को पीसीसी कमलनाथ के पास जमा कराना होगा। मतलब साफ है कि कांग्रेस के जितने संभावित विजेता हैं उनकी जीत होते ही उनको भोपाल आकर अपने प्रमाण पत्र पीसीसी चीफ कमलनाथ के हाथों में सौंपना पड़ेगा। जिससे भाजपा की तरफ से संपर्क करने के अथवा किसी भी लालच अथवा प्रलोभन देने के बाद भी कांग्रेस के विधायक भाजपा की तरफ न जाने पाएं। फिलहाल कांग्रेस के कंट्रोल रुम की तरफ से हर प्रत्याशियों से मिनट टू मिनट संवाद स्थापित किया जा रहा है जिससे उनके मन को समझने में दिक्कत न हो। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार हर जिलों में प्रदेश कांग्रेस की ओर से ऐसे पदाधिकारियों को निगरानी में तैनात किया गया है जिन्हे वहां के स्थानीय नेता अथवा प्रत्याशी ना पहचानते हैं। खैर मतगणना कल है लेकिन कांग्रेस इस बार किसी प्रकार का मौका भाजपा को नहीं देना चाहती है यही कारण है कि कांग्रेस अलग-अलग तरीकों से अपने प्रत्याशियों की निगरानी कर रही है।

2/12/2023138
दांव पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  कमलनाथ, दस लाख रुपये की लगी शर्त
भोपाल

दांव पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, दस लाख रुपये की लगी शर्त

मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में हाट सीट रही छिंदवाड़ा से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ मैदान में हैं (kamal nath)। मतगणना तीन दिसंबर को होगी। इससे पहले हार-जीत पर शर्त लगाई जाने लगी है। छिंदवाड़ा में एक पत्र व स्टांप पेपर इंटरनेट मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें कमल नाथ की हार पर 10 लाख रुपयों की शर्त लगाई गई है। दो लोगों के बीच लगी शर्त में स्टांप पेपर पर तीन गवाह भी शामिल हैं। हालांकि मामला सुर्खियों में आने के बाद शर्त लगाने वालों ने यह शर्त रद की बात कही। शहर के लालबाग निवासी प्रकाश साहू और राम मोहन साहू ने एक एग्रीमेंट तैयार किया था। इसमें लिखा गया कि अगर कमल नाथ हारते हैं तो वह राम मोहन साहू को 10 लाख रुपये देंगे। अगर भाजपा के बंटी साहू (banti sahu) हारेंगे तो राम मोहन साहू एक लाख रुपये देंगे। इस इकरारनामे में तीन गवाह भी शामिल हैं। इसी प्रकार कांग्रेस के दो युवाओं ने भी आपस में शर्त लगाई है। (madhya pradesh elections)

22/11/2023183
'शिवराज जी बेरोजगार नहीं होंगे,तीन दिसंबर के बाद मुंबई जाएंगे ऐक्टिंग करेंगेःकमलनाथ
भोपाल

'शिवराज जी बेरोजगार नहीं होंगे,तीन दिसंबर के बाद मुंबई जाएंगे ऐक्टिंग करेंगेःकमलनाथ

पीसीसी चीफ कमलनाथ (kamal nath) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) पर तंज कसते हुए कहा है कि शिवराज तीन दिसंबर के बाद बेरोजगार नहीं होंगे,मुंबई जाएंगे ऐक्टिंग करेंगे। कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा का सफाया करने जा रही है। महिलाओं में वोटिंग को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके अलावा पीसीसी चीफ ने कहा कि भाजपा जब कमजोर पड़ने लगती है तो शराब,पैसा और प्रशासन का इस्तेमाल करने लगती है लेकिन इस चुनाव में भाजपा का कोई भी हथकंडा नहीं चलने वाला है क्योंकि प्रदेश की जनता बदलाव का मन बना चुकी है। साथ ही कमलनाथ ने ये की कहा कि आज भाजपा के पास स्थिति ये है कि वो अपने सीएम उम्मीदवार का नाम तक नहीं ले सकती है क्योंकि वहां से किसी को सीएम कैंडीडेट ही नहीं बनाया गया है। वोटिंग को लेकर कांग्रेस में कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है कांग्रेस के कार्यकर्ता यह मान कर चल रहे हैं कि इस चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ कांग्रेस की सरकार बना रही है (madhya pradesh assembly elections)। महिलाएं जिस प्रकार से वोटिंग में हिस्सा ले रही हैं उसको कांग्रेस खुद से जोड़ कर यह मान रही है कि कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में जिस प्रकार से महिलाओं के लिए घोषणा की है उसी को देखते हुए महिलाएं घर से निकल रहीं हैं और कांग्रेस के पक्ष में वोट कर रही हैं।

17/11/2023131
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