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बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की आव भगत से खुश हुए केन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव
भोपाल

बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की आव भगत से खुश हुए केन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव

मप्र में चुनाव प्रचार पूरे शबाब पर है। इस बीच बीजेपी के राष्ट्रीय नेता एमपी में लगातार पहुंच रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) और अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) के कंधे पर तो चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी है लिहाजा वो लगातार एमपी में ही रुक रहे हैं और अक्शर बीजेपी के मीडिया सेंटर में वो आते रहते हैं। इस बीच एक ऐसा वाक्या देखने को मिला जब सभी लोग हैरान रह गए,दरअसल प्रदेश शह चुनाव प्रभारी अश्वनी वैष्णव ने अचानक बीजेपी मीडिया सेंटर की तारीफ कर दी और कहा कि बीजेपी मीडिया सेंटर में खाने की अच्छी चीजें मिलती हैं और आशीष अग्रवाल जी का मैनेजमेंट काफी शानदार है। दरअसल हुआ यूं कि केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता थी और प्रहलाद पटेल का सोमवार ब्रत था। तो प्रहलाद पटेल के लिए साबूदाने की खिचड़ी परोसी गई। इस दौर अश्वनी वैष्णव भी मौजूद थे हाथ में उनके जैसे ही खिचड़ी आई तो वो बीजेपी मीडिया सेंटर और प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल के मैनेजमेंट की तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाए और कई लोगों के सामने ही तारीफ कर डाली। हांलाकि यह पहला मौका नहीं है जब आशीष अग्रवाल के प्रबंधन की तारीफ हुई है इससे पहले जो भी नेता भोपाल के बीजेपी मीडिया सेंटर पहुंचा है उसने मीडिया सेंटर की ब्यवस्था देखकर जरुर तारीफ की है।

6/11/2023168
सुरखी विधानसभा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता
भोपाल

सुरखी विधानसभा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता

मप्र की सुरखी विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की सदस्यता ले ली (bjp membership)। सभी कार्यकर्ताओं को प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) ने सदस्यता दिलाई है।सुरखी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के समक्ष ग्राम ककरुआ में वीर सिंह कुशवाहा, धन सिंह कुशवाहा, पवन कुशवाहा, गणेश अहिरवार, कामता अहिरवार, डमरू अहिरवार, संतोष अहिरवार , रमेश अहिरवार, बाबू अहिरवार, हीरालाल अहिरवार, चेतू अहिरवार , मोहन अहिरवार, बसंत अहिरवार, महेश अहिरवार, रामकृष्ण अहिरवार, प्रदीप अहिरवार तथा राजू धनक ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेते हुए संकल्प लिया कि वो भी भाजपा के साथ क्षेत्र के विकास में कदम से कदम मिलाकर सुरखी विधानसभा क्षेत्र के विकास में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी सदस्यों का भाजपा का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाइयां देते हुए कहा कि भाजपा विकास करने वाली पार्टी है, जिसने बिना भेदभाव के सभी वर्गों के लिए योजनाएं बनाई तथा विकास कार्य किय है। जिससे प्रभावित होकर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ली है और यह क्रम इसी तरह चलता रहेगा क्योंकि कांग्रेस सिर्फ आश्वासन और झूठे वादे करती है। भाजपा काम करके दिखाती है। इस अवसर पर क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सहित सैकड़ों ग्राम वासी मौजूद रहे। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी कार्यकर्ताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि क्षेत्र में विकास की कोई कमी नहीं रहेगी। जहां भी विकास की आवश्यकता है वहां पर विकास किया जाएगा। क्षेत्र की जनता के हर सुख और दुख का ध्यान रखा जाएगा।

4/11/2023105
जगदीश मीणा ने सैकड़ों समर्थकों सहित ली बीजेपी की सदस्यता
भोपाल

जगदीश मीणा ने सैकड़ों समर्थकों सहित ली बीजेपी की सदस्यता

मीणा समाज के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश मीणा (Jagdish Meena) ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। जगदीश मीणा को प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलाई है। जगदीश मीणा चाचौड़ा से आते हैं और मीणा समाज के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उनके भाजपा ज्वाइन करने से विधानसभा चुनाव में काफी फायदा हो सकता है। प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव(Bhupendra Yadav) के मुयाबिक प्रदेश की करीब 32 विधानसभा सीटों में मीणा समाज का वर्चश्व है लिहाजा जगदीश मीणा के बीजेपी ज्वाइन करने से पार्टी को काफी लाभ होने की संभावना जताई जा रही है। दगदीश मीणा के साथ दो सरपंच और दो पूर्व सरपंच के अलावा एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।

4/11/2023116
कांग्रेस उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता को पीसीसी चीफ कमलनाथ ने दी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
भोपाल

कांग्रेस उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता को पीसीसी चीफ कमलनाथ ने दी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

नर्मदा सेवा सेना के अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता (bhupendra gupta) को पीसीसी चीफ कमलनाथ (kamal nath) ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की ओर से मिली जिम्मेदारी के अनुसार भूपेन्द्र गुप्ता को वचन पत्र (congress vachan patra) की जानकारियां जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौपी गई है। जिसके तहत भूपेन्द्र गुप्ता आज नर्मदापुरम में प्रेसवार्ता का आयोजन करेंगे और वचन पत्र में दी गई गारंटी की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने का का करेंगे। इसी प्रकार भूपेन्द्र गुप्ता पांच नवंबर को छिंदवाड़ा और छह नवंबर को बैतूल में प्रेसवार्ताएं आयोजित कर वचन पत्र की हर बात जनता तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। भूपेन्द्र गुप्ता प्रदेश उपाध्यक्ष के रुप में कांग्रेस की ओर से मिलने वाली जिम्मेदारियों का लगातार पालन कर रहे हैं। इससे पहले उनको प्रदेश भर में जन चौपाल लगाने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी जिसके तहत भूपेन्द्र गुप्ता ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों में जन चौपाल का आयोजन किया और कांग्रेस पार्टी की बात जनता तक पहुंचाने का काम किया था।

3/11/2023551
कांग्रेस कल से करेगी महाजनसंपर्क अभियान का आगाज,भाजपा की गिनाई जाएगी नाकामी
भोपाल

कांग्रेस कल से करेगी महाजनसंपर्क अभियान का आगाज,भाजपा की गिनाई जाएगी नाकामी

कांग्रेस चार नवंबर से महाजनसंपर्क अभियान शुरू कर रही है (maha jansampark abhiyan)। इसमें पार्टी के दिग्गज नेता एक साथ अलग-अलग क्षेत्र में उतरेंगे। इसमें पार्टी के वचन पत्र की गारंटी को पूरा करने का विश्वास जनता को दिलाएंगे (congress vachan patra)। साथ ही भाजपा सरकार (mp government) के घोटाले और भ्रष्टाचार को भी गिनाएंगे। पार्टी के नेताओं का कहना है कि दोनों नेता वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा कर आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और कमलनाथ (Kamal Nath) के बीच द्वंद्व होने की चर्चा भाजपा से कांग्रेस में आए विधायक वीरेंद्र रघुवंशी की टिकट कटने के बाद सामने आई थी। इसमें कमलनाथ ने टिकट कटने पर रघुवंशी समर्थकों को दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के कपड़े फाड़ने की बात कही थी। इसके बाद से दोनों ही नेताओं के बीच सबकुछ ठीक नहीं होने की अटकलें लग रही थी। इन अटकलों पर प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने दोनों नेताओं को शोले फिल्म का जय और वीरू बताया था। वहीं, दिग्विजय सिंह ने भी दोनों के बीच लड़ाई को भाजपा को षड्यंत्र बताया था। कांग्रेस के महाजनंपर्क अभियान का मतलब है कि प्रदेश भर में पार्टी एकजुटता का मैसेज देना चाहती है। जिस प्रकार से कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच विवाद की खबर आई थी और उससे कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई थी इसी लिए पार्टी संपर्क अभियान से एकजुटता का परिचय देना चाहती है।

3/11/2023323
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने विपक्ष पर साधा निशाना,कहा मै सुख दुख का साथी-राजनीतिक पर्यटक नहीं
भोपाल

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने विपक्ष पर साधा निशाना,कहा मै सुख दुख का साथी-राजनीतिक पर्यटक नहीं

प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का चुनाव प्रचार लगातार जारी है। दतिया की जनता के दिल में रहने वाले प्रदेश के गृह मंत्री रोजाना नए रुप में दिखाई पड़ते हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा शक्ति स्वरुपा महिलाओं की आरती करते हैं तो आम लोगों पर वो फूल की बारिश भी करते नजर आते हैं। गुरुवार को गृह मंत्री ने नुक्कड़ सभाओं में उनसे मिलने आए ग्रामीणों पर पुष्प वर्षा की और फूल मालाएं पहनाईं। इस दौरान डॉक्टर मिश्रा ने कहा मैं कांग्रेसियों की तरह राजनीतिक पर्यटक नहीं हूं ,कि चुनाव हुए तो आपके बीच आ गए , और झूठी घोषणाएं करने लगे । मैं पिछले 15 सालों से आपके सुख दुख में साथ हूं ,और रहूंगा। गृह मंत्री डॉ मिश्रा ने आज, महुआ, कुम्हेड़ी, लिधौरा, केवलारी, चक बहादुरपुर का दौरा कर ग्रामीणों का आशीर्वाद लिया। दौरे के दौरान संबंधित ग्रामों में भारतीय जनता पार्टी के विकास कार्यों की योजनाओं के बारे में ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम वासियों को विस्तृत जानकारी दी (MP BJP)। गृह मंत्री के दौरों को स्थानीय जनता की ओर से जमकर जन समर्थन मिल रहा है।

2/11/2023132
हवा का रुख बदलने में कामयाब हो रहा भाजपा का संगठन,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की रणनीति कर रही काम
भोपाल

हवा का रुख बदलने में कामयाब हो रहा भाजपा का संगठन,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की रणनीति कर रही काम

विधानसभा चुनाव से पहले यही माना जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने कहीं नहीं टिक पाएगी (madhya pradesh elections)। लेकिन किसी को इस बात का अहसास नहीं था कि भाजपा बाजी पलटने में महिर है। जिस पार्टी ने सरकार जाने के बाद प्रदेश में तख्ता पलट कर दिया हो वो पार्टी खुद की सरकार रहते हुए अपनी सरकार आसानी से कैसे जाने देगी। करीब दो महीने पहले तक राजनीतिक पंडित मान रहे थे कि भाजपा इस चुनाव में 70 से 80 सीट लेकर आएगी। लेकिन समय बीतने के साथ भाजपा ने यह बता दिया कि उसका संगठन कितना मजबूत और सशक्त है। संगठन के अगुआ वीडी शर्मा (vd sharma) को अनुभव के मामले में कम माना जा रहा था लेकिन उन्होने भी यह साबित किया कि उनकी उम्र पूर्व के अध्यक्षों की तुलना में भले कम हो लेकिन विद्यार्थी परिषद के दौरान उन्होने जिस प्रकार से युवाओं की टीम प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में तैयार की थी वही टीम चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। टीकट वितरण के दौरान पार्टी में काफी असंतोष भी देखने को मिला लेकिन प्रदेश अध्यक्ष ने उस पूरे असंतोष को शांत करने में भी सफलता पाई। हांलाकि कुछ क्षेत्रों में अब भी असंतोष की स्थिति है जिससे निपटने के लिए प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के अलग-अलग नेताओं को लगा रखा है। प्रवास के मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बहुत आगे रहते हैं अपने साढे तीन साल के कार्यकाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों का दौरा कर लिया है। उनकी खासियत है कि वो अपने सभी मंडल अध्यक्षों को पहचानते हैं उनसे फोन पर बात करने से लेकर समय-समय पर मीटिंग करते हैं और संगठन को बूथ स्तर पर कैसे मजबूत करना है इस विषय पर वो हमेशा काम करते है। और इस वक्त तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका और बढ़ गई है। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने इस बार सीएम के चेहरे का अनाउंसमेंट नहीं किया है। मतलब साफ है कि ये चुनाव भाजपा का संगठन लड़ रहा है। केन्द्रीय नेतृत्व से मिले दिशा निर्देशों को जमीन में उतारने का काम बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लगातार कर रहे हैं। कांग्रेस पर हमला करने की बात होती है तो वीडी शर्मा खुद सामने खड़े मिलते हैं। भाजपा ने अपने कई केन्द्रीय मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतार दिया है जिसके बाद बीजेपी अध्यक्ष की भूमिका और बढ़ गई है। इन दिनों प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का ना सिर्फ दौरा कर रहे हैं बल्कि जहां पार्टी प्रत्याशी कमजोर है वहां के लिए वो विशेश रणनीति बना कर अन्य नेताओं को तैनात कर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा संगठन की मेहनत का नतीजा है कि आज अब राजनीतिक पंडितों की राय बदल चुकी है और अब सभी यही कहते नजर आ रहे हैं कि दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है। सरकार किसी की भी बन सकती है। लोगों की राय बदलने से मतलब साफ है कि भाजपा के संगठन ने कड़ी मेहनत की है जिसका नतीजा दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला है।

1/11/2023116
शक्ति की आराधना करते नरोत्तम,आस्था में झुके सिर
भोपाल

शक्ति की आराधना करते नरोत्तम,आस्था में झुके सिर

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक ऐसी सख्सियत हैं जो दतिया की जनता को भगवान मानते हैं। जनता उनका स्वागत करने पहुंचती है तो वो फूलों का हार खुद पहनने के बजाय उसी जनता को पहना देते हैं। (दादा) के नाम से मशहूर नरोत्तम मिश्रा के दिल में दतिया बसता है (Narottam Mishra)। जिस प्रकार से दतिया की जनता ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को वोट का आशीर्वाद देकर लगातार सियासत के शिखर पर पहुंचाया है उसका ऋण वो अगले पांच साल तक उतारते हैं। दतिया का एक बच्चा भी भोपाल में आता है तो उनके 'दादा' नरोत्तम मिश्रा उनकी आव भगत में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। लगातार जनता की सेवा करने के बाद अब डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर जनता के बीच उपस्थित हैं। इस दौरान उनके अलग-अलग रुप भी देखने को मिल रहे हैं। लेकिन आज तो उनका एक ऐसा रुप देखने को मिला जो नवरात्रि की याद को ताजा कर गया। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ना सिर्फ लोगों के घर पहुंचे बल्कि उन घरों की लक्ष्मी स्वरुपा महिलाओं की आरती कर उनके पैर छुए और जीत का आशीर्वाद भी लिया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा की यही विनम्रता उनको अन्य नेताओं से अलग बनाती है। गृह मंत्री ना सिर्फ खुद के लिए मेहनत कर रहे हैं बल्कि प्रदेश में भाजपा की सरकार एकबार फिर स्थापित करने के लिए वो स्टार प्रचारक के रुप में प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा सीटों में दौरा कर पार्टी प्रत्याशियों के लिए भी वोट की अपील कर रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं में गिने जाते हैं उनका प्रभाव प्रदेश की कई सीटों पर है। विंध्य की जनता भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उतना ही चाहती है जितना दतिया और डबरा की जनता नरोत्तम मिश्रा को चाहती है। फिलहाल डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपने कर्तब्य पथ पर लगातार लगे हैं और जनता से खुद के साथ पार्टी की जीत के लिए आशीर्वाद मांग रहे हैं।

31/10/2023183
आशीष अग्रवाल ने बदली बीजेपी मीडिया विभाग की तस्वीर,नई प्रतिभाओं को दिया मंच
भोपाल

आशीष अग्रवाल ने बदली बीजेपी मीडिया विभाग की तस्वीर,नई प्रतिभाओं को दिया मंच

किसी भी पार्टी का चेहरा उसका अध्यक्ष होता है,और पार्टी का अहम हिस्सा उसका मीडिया विभाग होता है जो पार्टी की आवाज को हर फोरम में रखता है। पार्टी की बात सभी अपने-अपने तरीके से रखते हैं लेकिन उनका प्रजेंटेशन किस प्रकार का है वो मायने रखता है। बीजेपी मीडिया विभाग की बात करें तो उसमें अलग-अलग समय पर मीडिया प्रभारी बनाए गए (bjp media department)। सभी ने अपनी काबिलियत और क्षमता के मुताबिक बीजेपी के मीडिया विभाग को संचालित किया। लेकिन जिस दिन से भाजपा की ओर से युवा प्रवक्ता आशीष अग्रवाल (ashish agarwal) को बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाया गया उस दिन से बीजेपी मीडिया विभाग की तस्वीर बदल गई। आशीष अग्रवाल की उम्र कम है लेकिन अनुभव उससे ज्यादा है। उन्हे ऐसे समय पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया विभाग की कमान सौंपी गई जब प्रदेश में भाजपा के खिलाफ एंटीइकबेंसी की बात की जा रही थी। इतना ही नहीं टिकट की दौड़ में शामिल कई प्रवक्ताओं ने बीजेपी प्रदेश कार्यालय आना बंद कर दिया था। हर न्यूज चैनल से बीजेपी प्रदेश मीडिया विभाग की शिकायतें आ रही थी। ऐसी स्थिति में भाजपा के नेतृत्व ने युवा प्रवक्ता आशीष अग्रवाल को प्रदेश मीडिया विभाग का प्रभारी बना कर यह बता दिया कि वो युवाओं को पीछे नहीं आगे रखकर पार्टी की आवाज को बुलंद करना चाहती है। आशीष अग्रवाल को जब प्रदेश मीडिया विभाग का प्रभारी बनाया गया उस वक्त लोगों को लग रहा था कि उनमें अनुभव की कमी है और चुनाव के समय वो दबाव नहीं झेल पाएंगे। लेकिन आशीष अग्रवाल ने इस पद को ना सिर्फ अवसर मान कर स्वीकार किया बल्कि एक चुनौती के रुप में उन्होने मीडिया प्रभारी के पद को स्वीकार किया। यह चुनौती उनके लिए आसान भी नहीं थी क्योंकि जिम्मेदारी मिलने के महज कुछ दिनों के पहले ही आशीष अग्रवाल की मां का लंबी बीमारी के बाद स्वर्गवास हो गया था और वो अपनी मां के काफी करीब थे। मां के स्वर्गवासी होने का दुख उनके दिल और दिमांग में काफी दिनों तक रहा,आज भी वो अपनी मां की तस्वीर अपने साथ लेकर चलते हैं कार्यालय में अपनी कुर्सी में बैठने से पहले वो अपनी मां की पूजा करते हैं और फिर उसके बाद ही वो पार्टी के काम में लगते हैं। मां की पूजा से उनको शक्ति मिलती है और यही कारण है कि भाजपा के बहुत ऐसे युवा पैनलिष्ट थे जिन्हे घर बैठा दिया गया था उन्हे कोई पूछने वाला नहीं था। आशीष अग्रवाल ने पद सभांलते ही सभी प्रतिभाशाली युवाओं को बुलाया और काम पर लगा दिया। इतना ही नहीं समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले प्रतिभाशाली लोगों की भी आशीष अग्रवाल ने खोज की और उन्हे भी मंच देकर पार्टी की बात जनता के सामने रखने की आजादी दी। इस वक्त चुनाव पूरे शबाब पर है प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के नेता लगातार आ रहे हैं सभी को प्रजेंटेशन देना प्रदेश की भौगोलिक स्थिति की जानकारी देना और विपक्ष की रणनीति और आरोपों को बताने का काम वो बखूबी रखते हैं। चुनाव के चलते बीजेपी प्रदेश कार्यालय में वरिष्ठ प्रवक्ताओं का जमावड़ा लगा रहता है। सभी को सम्मान देना और सभी को खबर देना एक बड़ी चुनौती है लेकिन आशीष अग्रवाल किसी को मायूस नहीं करते। पार्टी की गाइडलाइन के मुताबिक वो खबर देते हैं और सम्मान का वो विशेष ध्यान देते हैं। अग्रवाल समाज से आने के नाते आशीष अग्रवाल को लोगों को मैनेज करने की खूबी जन्म से मिली है। जब कोई भी प्रवक्ता कांग्रेस से भाजपा के मीडिया सेंटर आता है तो वो बीजेपी मीडिया सेंटर की तारीफ किए बगैर नहीं रह पाता।

30/10/2023272
कांग्रेस को 'राम' से आपत्ति है या 'मंदिर' से स्पष्ट करें: सुधांशु त्रिवेदी
भोपाल

कांग्रेस को 'राम' से आपत्ति है या 'मंदिर' से स्पष्ट करें: सुधांशु त्रिवेदी

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी (sudhanshu trivedi) ने कांग्रेस पर करारा प्रहार कर राम के नाम और मंदिर पर सवाल किया है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि उसे राम से आपत्ति है अथवा मंदिर से। गौरतलब है कि कांग्रेस की तरफ से एक प्रेसवार्ता के दौरान बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराने पर शहीदी का नाम दिया गया था (babri masjid demolition)। कांग्रेस का इस प्रकार बयान आते ही भारतीय जनता पार्टी को मौका मिला और राम के नाम के साथ मंदिर के नाम पर कांग्रेस के ऊपर हमला बोल दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब न्यायालय ने मान लिया कि वहां पर राम मंदिर था और उसी को आधार मानते हुए मंदिर बनाने का आदेश दिया गया फिर भी कांग्रेस की ओर से विवादित ढांचे को शहीदी का नाम देने का तात्पर्य क्या है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वो श्री राम का विरोध कर रही है या मंदिर का। सुधांशु त्रिवेदी ने साफ आरोप लगाया कि जब चुनाव आते हैं तब कांग्रेस के नेता मंदिर जाने लगते हैं खुद को हिंदू बताने लगते हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही कांग्रेस वालों के बयान बदल जाते हैं।

29/10/2023111
'जय वीरु' की दोस्ती में दरार,दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रचार से बनाई दूरी
भोपाल

'जय वीरु' की दोस्ती में दरार,दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रचार से बनाई दूरी

विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों और 'पुराने दोस्तों' में ठन गई है(MP Elections)। कमलनाथ से नाराज होकर दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने प्रचार अभियान से दूरी बना ली है। दमोह में प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के कार्यक्रम से भी वह नदारद रहे। टिकट वितरण और उससे उपजे असंतोष पर कमलनाथ (Kamal Nath) के 'दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़ो' वाले बयान ने कांग्रेस में असहज स्थिति बना दी है। कांग्रेस के चुनाव अभियान के दो अग्रणी नेताओं में मनभेद हो गया है। कमलनाथ से नाराज होकर दिग्विजय सिंह कोपभवन में चले गए हैं। न तो कांग्रेस के कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं और न ही बगावत शांत करने में सक्रिय दिख रहे हैं। दमोह में प्रियंका गांधी की सभा में भी वह नहीं दिखे। नदारद ही रहे। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार दिग्विजय सिंह अपने कुछ समर्थकों को टिकट दिलाना चाहते थे (congress candidate list)। कमलनाथ ने फीडबैक सर्वे के बहाने उनकी इच्छा को अस्वीकार कर दिया। इससे उखड़े दिग्विजय सिंह ने खुद को अपने भोपाल के बंगले में कैद कर लिया है। शुक्रवार को उन्होंने पार्टी के मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) से भी मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। इसमें भी कोई रास्ता नहीं निकला है। उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि दिग्विजय सिंह फिर से बागियों और बगावत करने वाले नेताओं का गुस्सा शांत करने की अपनी भूमिका को निभाएं। हालांकि, दोनों ही तरफ से नाराजगी या असंतोष को लेकर कोई बयान नहीं है। दिग्विजय सिंह खुले तौर पर स्वीकार कर चुके हैं कि कोलारस विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रहे वीरेंद्र रघुवंशी (Veerendra Raghuvanshi) को कांग्रेस में शामिल होने के बाद शिवपुरी में टिकट मिलना चाहिए था। टिकट नहीं मिल सका, इसका उन्हें खेद है। कमलनाथ के कपड़ा फाड़ बयान को लेकर उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों बहुत पुराने दोस्त हैं। उन्हें मुझे गाली देने और मेरे कपड़े फाड़ने की पॉवर ऑफ अटॉर्नी दे रखी है। भाजपा भी इसका लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। लगातार हमले किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) से लेकर केंद्रीय नेता तक दिग्विजय सिंह की नाराजगी और कपड़े फाड़ने के बयान को मुद्दा बना चुके हैं। भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी (Pankaj Chaturvedi) ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कपड़ा फाड़ से बहिष्कार तक बात पहुंच गई है। दिग्विजय सिंह शुक्रवार को प्रचार के लिए नहीं निकले। वह पीसीसी चीफ कमलनाथ से नाराज होकर कोप भवन में चले गए हैं।

28/10/2023124
एक ऐसी विधानसभा सीट जहां पार्टियां बदलती हैं विधायक नहीं
भोपाल

एक ऐसी विधानसभा सीट जहां पार्टियां बदलती हैं विधायक नहीं

मप्र की एक ऐसी विधानसभा सीट है जहां हर पंचवर्षीय में राजनीतिक पार्टियां तो बदल जाती हैं लेकिन विधायक वही रहता है। इस सीट से समाजवादी पार्टी,कांग्रेस पार्टी और फिर भारतीय जनता पार्टी की जीत हुई लेकिन विधायक वही रहा। इस सीट का नाम सुन कर हैरानी होगी,महाकौशल और विंध्य क्षेत्र का वार्डर भी कहा जा सकता है। यह सीट है मैहर (Maihar) विधानसभा जो शारदामाई का स्थल भी है। और वो विधायक हैं नारायण त्रिपाठी (Narayan Tripathi) जो चुनाव तो लगातार जीतते हैं लेकिन इन्होने हर बार दल बदल कर ही चुनाव जीता है। इस सीट की मान्यता है कि अगर कोई विधायक एक ही पार्टी से चुनाव लड़ता है तो वो चुनाव हार जाता है। तीन अलग-अलग पार्टियों से जीत दर्ज करने वाले विधायक नारायण त्रिपाठी ने इस बार खुद की पार्टी बनाई है VJP (विंध्य जनता पार्टी), नाराण त्रिपाठी उन नेताओं में शामिल हैं जो लगातार एक पार्टी में नहीं रहते दल बदल करते रहते हैं। और इनकी खूबी है कि जिस पार्टी में वो रहते हैं उस पार्टी का भी वो विरोध करते रहते हैं। नारायण त्रिपाठी को किसी भी पार्टी में टिकाऊ नेता के रुप में नहीं देखा जाता है। ये दल बदल की एक मूर्ति हैं। पिछले कुछ महीनों से नारायण त्रिपाठी पृथक विंध्य राज्य की मांग करते रहे हैं इसके लिए नारायण त्रिपाठी ने अलग-अलग तरह की मुहिम चलाई,कई यात्राएं भी निकाली लेकिन अभी तक उनको सफलता नहीं मिली है और वो पृथक विंध्य राज्य को लेकर आज भी संघर्ष कर रहे हैं। और यही कारण है कि नारायण त्रिपाठी ने विंध्य के नाम से ही अब अपनी पार्टी का गठन किया है। फिलहाल विंध्य जनता पार्टी की ओर से 25 उम्मीदवारों का ऐलान हो चुका है। नारायण त्रिपाठी का कहना है कि अभी तो शुरुआत है लोकसभा चुनाव में विंध्य जनता पार्टी (Vindhya Janta Party) का विराट रुप देखने को मिलेगा जो प्रदेश की जनता को पसंद भी आएगा। नारायण त्रिपाठी का साफ कहना है कि उन्होने अलग से पार्टी का गठन ही इसलिए किया है क्योंकि उन्हे किसी भी सूरत में पृथक विंध्य राज्य चाहिए और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती तस तक अलग-अलग तरीके से उनका आंदोलन जारी रहेगा और वो विंध्य की जनता के बीच जाकर पृथक विंध्य राज्य की अपनी मांग को दोहराते रहेंगे।

27/10/2023181
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