Breaking
Stay connected for the latest news and exclusive updates...
मध्य प्रदेश

पीढ़ी परिवर्तन के नाम पर भाजपा में वरिष्ठ नेताओं को किनारे लगाने का प्रयास मोदी और शाह के लिए नहीं उम्र का बंधन

Aug 18, 2026 3 min read
पीढ़ी परिवर्तन के नाम पर भाजपा में वरिष्ठ नेताओं को किनारे लगाने का प्रयास मोदी और शाह के लिए नहीं उम्र का बंधन
ADVERTISEMENT
Font Size:

मध्य प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़े बदलाव का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने अब "पीढ़ी परिवर्तन" का संदेश देते हुए नई केंद्रीय टीम में युवा चेहरों को तरजीह दी है, वहीं वरिष्ठ नेताओं को संगठन और मार्गदर्शन की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।  

ADVERTISEMENT

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश और देश की राजनीति में युवाओं की भूमिका बढ़ेगी। मुखबिर को मिली सूचना के अनुसार 2027 के चुनाव को देखते हुए संगठन को नया रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। भाजपा के इस पीढ़ी परिवर्तन में जिन नेताओं को साइड लाइन किया जा रहा है वो खुल कर तो नहीं लेकिन दवी जुवां वो कह रहे हैं कि मोदी और अमित शाह पर उम्र का बंधन क्यों लागू नहीं हो रहा।

युवाओं और जेन-जी पर फोकस  
नई टीम में जेन-जी और युवा मतदाताओं को जोड़ने पर खास जोर दिया गया है। पार्टी का मानना है कि 18 से 35 साल के वोटर 2027 का चुनाव तय करेंगे। इसलिए संगठन में ऐसे चेहरे लाए जा रहे हैं जो युवाओं से सीधे संवाद कर सकें।  

ADVERTISEMENT

साथ ही आदिवासी बेल्ट, पिछड़े वर्ग और महिला मोर्चे को भी मजबूत किया जा रहा है। विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए नए रोडमैप पर काम शुरू हो चुका है।  

वरिष्ठों को मिलेगा नई भूमिका  
इस फेरबदल का मतलब यह नहीं है कि वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी होगी। पार्टी ने साफ किया है कि अनुभव और मार्गदर्शन के लिए वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी, चुनाव समितियों और प्रशिक्षण में अहम जिम्मेदारी दी जाएगी।  

एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "ये बदलाव समय की मांग है। पुराने लोग अनुभव देंगे और युवा उसे जमीन पर उतारेंगे।"  

ADVERTISEMENT

एमपी में चुनावी तैयारी तेज  
मध्य प्रदेश में पहले से ही भाजपा ने बूथ स्तर तक समीक्षा शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही जिलों और मंडलों में भी इसी तर्ज पर बदलाव देखने को मिलेंगे। पार्टी का लक्ष्य 2027 से पहले संगठन को "युवा-ऊर्जा" के साथ तैयार करना है।  

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह कदम कांग्रेस को घेरने और नए वोट बैंक को साधने की रणनीति का हिस्सा है। अब देखना होगा कि इस पीढ़ी परिवर्तन से पार्टी को जमीन पर कितना फायदा मिलता है।  

---  
क्या है खास  
- नई केंद्रीय टीम: युवा चेहरे, जेन-जी पर फोकस  
- 2027 की तैयारी: विधानसभा चुनाव के लिए नया रोडमैप  
- वरिष्ठों की भूमिका: संगठन, मार्गदर्शन और चुनाव रणनीति में अहम  
- टारगेट: आदिवासी, युवा और महिला वोटर

Reader Reactions

What is your reaction to this story?
ADVERTISEMENT
📢 Share this story with friends & WhatsApp groups:

Reader Discussion & Comments (0)

Moderated Comments

Leave a Comment

Loading comments...
ADVERTISEMENT
पीढ़ी परिवर्तन के नाम पर भाजपा में वरिष्ठ नेताओं को किनारे लगाने का प्रयास मोदी और शाह के लिए नहीं उम्र का बंधन | मुखबिर MP