मध्य प्रदेश
भाजपा में शुरु होगा कसावट का दौर सातों मोर्चों की अलग-अलग होगी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भोपाल में बनेगा रोडमैप
रामराजा की नगरी ओरछा में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद अब भाजपा ने मोर्चा संभाल लिया है। पार्टी अब अपने सातों मोर्चों की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ...
• Sep 5, 2026• 2 min read

📷 Cover Photo: भाजपा में शुरु होगा कसावट का दौर सातों मोर्चों की अलग-अलग हो
ADVERTISEMENT
Font Size:
रामराजा की नगरी ओरछा में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद अब भाजपा ने मोर्चा संभाल लिया है। पार्टी अब अपने सातों मोर्चों की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक करने जा रही है। इन बैठकों का पूरा रोडमैप भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में बनाया जा रहा है।
मुखबिर को मिली सूचना के अनुसार इन बैठकों में युवा, महिला, किसान, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक मोर्चा के एजेंडे पर चर्चा होगी और प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का दिया अल्टीमेटम
बैठकों से पहले सभी मोर्चों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी कर लें। पार्टी का लक्ष्य है कि हर वर्ग तक पहुंच बनाई जाए।
क्या है रणनीति?
- पकड़ मजबूत: मोर्चों के जरिये अलग-अलग वर्गों में पकड़ बनाने की रणनीति तैयार होगी।
- अलग लक्ष्य: हर मोर्चे को उसके अनुरूप अलग-अलग लक्ष्य दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि ओरछा में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने बड़े राजनीतिक फैसले लिए थे। अब मोर्चों की बैठकों के जरिये उन फैसलों को जमीनी स्तर तक ले जाया जाएगा।
Reader Reactions
What is your reaction to this story?ADVERTISEMENT
← PREVIOUS ARTICLE
भाजपा में सुलगती विद्रोह की आग विकराल रुप लेने की कगार पर पहुंची संगठन के आगे होगी बड़ी चुनौती
NEXT ARTICLE →
रोहित शर्मा जैसी सीएम मोहन यादव की हालत BCCI क्लियर नहीं करता वर्ल्ड कप खेलेंगे या नहीं इधर राष्ट्रीय नेतृत्व बोलने को तैयार नहीं
📢 Share this story with friends & WhatsApp groups:
Reader Discussion & Comments (0)
Moderated CommentsLoading comments...
ADVERTISEMENT
Related Top News

विंध्य में कांग्रेस की 'दुर्दशा' का कारण गलत टिकट वितरण और सोशल इंजीनियरिंग
19/10/2026
रावण का दहन करने वाले क्या श्रीराम के आदर्शों पर चलते हैं और नहीं तो उन्हें रावण दहन भी नहीं करना चाहिए क्योंकि रावण का दहन करने के लिए राम चाहिए
19/10/2026
एमपी के बजट से ज्यादा 'कर्ज' फिर लिया 4500 करोड़ का कर्ज सड़क-सिंचाई और ऊर्जा प्रोजेक्ट पर होगा खर्च
19/10/2026