भूपेन्द्र सिंह का बंगला लेने के लिए अड़ी मंत्री प्रतिमा बागरी
मप्र में भाजपा सरकार बन चुकी है और इस बार का मंत्रिमंडल भी कमाल का तैयार किया गया है। दिलचश्प बात यह है कि मोहन सरकार (mohan government) में इस बार पहली बार के विधायक बने कई नेताओं को मंत्री बनाया गया है। मंत्री भले पहली बार बनें हैं लेकिन रुतवे में कोई कमीं नहीं होनी चाहिए और बात जब विंध्य की हो तो कुछ अलग ही हो जाती। हम एक ऐसी युवा नेत्री और पहली बार चुनाव जीत कर आई और मंत्री बनीं नेत्री की कर रहे हैं जिन्होने मोहन यादव (mohan yadav) के माथे पर शिकन ला दिया है। दरअसल प्रतिमा बागरी (pratima bagri) पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह (bhupendra singh) का बंगला लेने के लिए अड़ गई हैं। उन्होने जिद ठान लिया है कि उन्हे भूपेन्द्र सिंह वाला ही बंगला चाहिए। अब सवाल इस बात का उठता है कि भूपेन्द्र सिंह का बंगला खाली कराने की हिम्मत किसमें है। मुख्यमंत्री खुद हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं कि उन्हे बंगला खाली करने के लिए बोल दें। लेकिन प्रतिमा बागरी हैं कि उन्होने जिद ठान लिया है कि उन्हे तो भूपेन्द्र सिंह वाला ही बंगला चाहिए। दरअसल प्रतिमा बागरी नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री हैं। इससे पहले नगरीय प्रशासन विभाग भूपेन्द्र सिंह के पास ही हुआ करता था। और मोहन कैबिनेट में भूपेन्द्र सिंह को मंत्री नहीं बनाया गया है। लिहाजा नैतिकता के आधार पर उन्हे खुल बंगला खाली कर देना चाहिए लेकिन ऐसा करने से भूपेन्द्र सिंह रहे। क्योंकि वो खुद को बड़ा नेता मानते हैं अगर वो बंगला खाली करते हैं तो उनकी शान के खिलाफ होगा। अब देखना यह दिलचश्प होगा कि मंत्री प्रतिमा बागरी की जिद पूरी होगी या पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह की इज्जत बरकरार रहेगी।

📷 Pratima Bagri
मप्र में भाजपा सरकार बन चुकी है और इस बार का मंत्रिमंडल भी कमाल का तैयार किया गया है। दिलचश्प बात यह है कि मोहन सरकार (mohan government) में इस बार पहली बार के विधायक बने कई नेताओं को मंत्री बनाया गया है। मंत्री भले पहली बार बनें हैं लेकिन रुतवे में कोई कमीं नहीं होनी चाहिए और बात जब विंध्य की हो तो कुछ अलग ही हो जाती। हम एक ऐसी युवा नेत्री और पहली बार चुनाव जीत कर आई और मंत्री बनीं नेत्री की कर रहे हैं जिन्होने मोहन यादव (mohan yadav) के माथे पर शिकन ला दिया है। दरअसल प्रतिमा बागरी (pratima bagri) पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह (bhupendra singh) का बंगला लेने के लिए अड़ गई हैं। उन्होने जिद ठान लिया है कि उन्हे भूपेन्द्र सिंह वाला ही बंगला चाहिए। अब सवाल इस बात का उठता है कि भूपेन्द्र सिंह का बंगला खाली कराने की हिम्मत किसमें है। मुख्यमंत्री खुद हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं कि उन्हे बंगला खाली करने के लिए बोल दें। लेकिन प्रतिमा बागरी हैं कि उन्होने जिद ठान लिया है कि उन्हे तो भूपेन्द्र सिंह वाला ही बंगला चाहिए। दरअसल प्रतिमा बागरी नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री हैं। इससे पहले नगरीय प्रशासन विभाग भूपेन्द्र सिंह के पास ही हुआ करता था। और मोहन कैबिनेट में भूपेन्द्र सिंह को मंत्री नहीं बनाया गया है। लिहाजा नैतिकता के आधार पर उन्हे खुल बंगला खाली कर देना चाहिए लेकिन ऐसा करने से भूपेन्द्र सिंह रहे। क्योंकि वो खुद को बड़ा नेता मानते हैं अगर वो बंगला खाली करते हैं तो उनकी शान के खिलाफ होगा। अब देखना यह दिलचश्प होगा कि मंत्री प्रतिमा बागरी की जिद पूरी होगी या पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह की इज्जत बरकरार रहेगी।
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राम मंदिर की प्रतिमा पर दिग्विजय सिंह ने उठाया सवाल,कहा नई मूर्ति की क्या आवश्यकता पड़ गई
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