#mohan cabinet
Total published stories tagged under #mohan cabinet: 11

मोहन कैबिनेट में कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला कटनी में सिंचाई परियोजना को मिली मंजूरी

मिनी आंगनबाड़ियों को पूर्ण आंगनबाड़ी बनाएगी सरकार,मोहन कैबिनेट में हुआ फैसला

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला,जैन कल्याण बोर्ड का सरकार ने किया गठन,जैन समाज के बच्चों पर होगा विशेश फोकस

मंत्री ही होंगे निगम-मंडलों के अध्यक्ष,मोहन कैबिनेट में बड़ा फैसला,17 सितंबर से दो अक्टूबर तक होगा स्वच्छता पखवाड़ा

गौ पालकों के लिए खुशखबरी,बढ़ेगी राशि और मानदेय,कैबिनेट बैठक में हुआ फैसला
मोहन कैबिनेट (mohan cabinet) में बड़ा फैसला लिया गया है। सड़क में दिखने वाले गौ वंशों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) कैबिनेट में अलग से बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर वर्षा काल में प्रमुख सड़कों और राजमार्गो पर गौ माता के बैठे रहने की घटनाएं सामने आती हैं। गौ माता दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाती हैं। ऐसी व्यवस्था आवश्यक है कि गौ माता सड़कों पर न दिखें , इसके लिए गौशालाओं के लिए राशि और मानदेय वृद्धि का निर्णय लिया जाएगा। श्रेष्ठ प्रबंधन से गौ माता के सम्मान में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। यदि गौ माता मृत्यु का शिकार होती हैं तो उनके सम्मानजनक दाह संस्कार की व्यवस्था की जाए। साथ ही गौ माता के अवशेष कहीं अपमानित न हों इसके लिए समाधि अथवा अन्य व्यवस्थाओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। मंत्री परिषद के सदस्यों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का हर्ष ध्वनि के साथ मेजें थपथपाकर स्वागत किया। मंत्री परिषद के सदस्यों ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी इस कार्य में लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पशु पालन एवं डेयरी विभाग को इस संबंध में आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए। पशु पालन मंत्री लखन पटेल (lakhan patel) ने कहा कि वो शीघ्र ही गौशाला संचालकों (cow farmers) को बैठक में आमंत्रित कर सुझाव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इसी माह यह बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरों के महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल किए जाएं। बैठक में गौ शालाओं के बेहतर संचालक, गौ पालकों द्वारा भी गौ माता के स्वतंत्र विचरण पर अंकुश, पुलिस द्वारा सहयोग प्राप्त करने और केंद्र सरकार से इस संबंध में अधो संरचनात्मक कार्यों के लिए राशि प्राप्त करने पर भी चर्चा हुई।

भूपेन्द्र सिंह का बंगला लेने के लिए अड़ी मंत्री प्रतिमा बागरी
मप्र में भाजपा सरकार बन चुकी है और इस बार का मंत्रिमंडल भी कमाल का तैयार किया गया है। दिलचश्प बात यह है कि मोहन सरकार (mohan government) में इस बार पहली बार के विधायक बने कई नेताओं को मंत्री बनाया गया है। मंत्री भले पहली बार बनें हैं लेकिन रुतवे में कोई कमीं नहीं होनी चाहिए और बात जब विंध्य की हो तो कुछ अलग ही हो जाती। हम एक ऐसी युवा नेत्री और पहली बार चुनाव जीत कर आई और मंत्री बनीं नेत्री की कर रहे हैं जिन्होने मोहन यादव (mohan yadav) के माथे पर शिकन ला दिया है। दरअसल प्रतिमा बागरी (pratima bagri) पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह (bhupendra singh) का बंगला लेने के लिए अड़ गई हैं। उन्होने जिद ठान लिया है कि उन्हे भूपेन्द्र सिंह वाला ही बंगला चाहिए। अब सवाल इस बात का उठता है कि भूपेन्द्र सिंह का बंगला खाली कराने की हिम्मत किसमें है। मुख्यमंत्री खुद हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं कि उन्हे बंगला खाली करने के लिए बोल दें। लेकिन प्रतिमा बागरी हैं कि उन्होने जिद ठान लिया है कि उन्हे तो भूपेन्द्र सिंह वाला ही बंगला चाहिए। दरअसल प्रतिमा बागरी नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री हैं। इससे पहले नगरीय प्रशासन विभाग भूपेन्द्र सिंह के पास ही हुआ करता था। और मोहन कैबिनेट में भूपेन्द्र सिंह को मंत्री नहीं बनाया गया है। लिहाजा नैतिकता के आधार पर उन्हे खुल बंगला खाली कर देना चाहिए लेकिन ऐसा करने से भूपेन्द्र सिंह रहे। क्योंकि वो खुद को बड़ा नेता मानते हैं अगर वो बंगला खाली करते हैं तो उनकी शान के खिलाफ होगा। अब देखना यह दिलचश्प होगा कि मंत्री प्रतिमा बागरी की जिद पूरी होगी या पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह की इज्जत बरकरार रहेगी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात
सोमवार को कैबिनेट का विस्तार होने के बाद मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) से मिलने उनके निवास पर पहुंचे। इस दौरान पूर्व सीएम ने पुष्प गुच्छ देकर वर्तमान सीएम का पूरी गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। गौरतलब है कि डॉ. मोहन यादव का जब पहली बार सीएम बनाने के लिए नाम प्रस्तावित किया गया था तब भी डॉ. मोहन यादव पूर्व सीएम शिवराज के निवास पर सबसे पहले पहुंचे थे और उनके पैर छू कर उनसे आशीर्वाद लिया था। गौरतलब है कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान करीब 17 साल से ज्यादा मप्र के मुख्यमंत्री रहे हैं और सरकार चलाने का उन्हे काफी अनुभव है यही कारण है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार पूर्व सीएम से मुलाकात करने पहुंचते रहते हैं जिससे समय-समय पर उनसे रायसुमारी कर सरकार को और बेहतर ढंग से चलाने की सीख ली जा सके।

'शिव' युग खत्म 'मोहन' युग में एमपी राम राज की रखेगा नींव
मप्र की मोहन सेना (mohan cabinet) तैयार हो चुकी है। राजभवन में 29 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। कुल मिला कर 18 साल के बिखरे रायते पर भारतीय जनता पार्टी ने झाडू मार दिया है और एक नए सीएम के साथ नए मंत्रियों की टीम तैयार की गई (mp cabinet)। सपोर्ट के लिए दो उप मुख्यमंत्री भी सरकार में बनाए गए हैं। जिस प्रकार का मंत्रिमंडल तैयार किया गया है उससे लोग चौक जरुर गए हैं। नए मंत्रिमंडल में पुराने मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों को स्थान दिया गया है जिसमें तीन सिंधिया खेमे के हैं और पार्टी के स्थापित कार्यकर्ता विश्वास सारंग शामिल हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र सिंह और गोपाल भार्गव की मंत्रिमंडल से छुट्टी कर दी गई है। नई टीम में युवा और अनुभवियों का तालमेल बिठाया गया है। कैलाश विजयवर्गीय को एक बार फिर मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वहीं पहली बार के विधायक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि प्रहलाद पटेल को कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। लेकिन इस मंत्रिमंडल विस्तार से यह साफ हो गया है कि शिवराज युग का समापन कर दिया गया है। उनके जितने भी करीबी थे उन सभी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यपाल से मुलाकात कर दी मंत्रियों की सूची
मोहन कैबिनेट (mohan cabinet) का आज विस्तार होने जा रहा है। इस विस्तार को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थी कि आखिर वह कौन दिन और कौन सा वक्त होगा जब मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) अपने कैबिनेट को शपथ दिलाएंगे। लगातार दो दिनों तक दिल्ली में हुए मंथन के बाद मंत्रियों की सूची तैयार कर ली गई है। सूची को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव को कल फिर बुलाया गया था और देर रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (amit shah) और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को मंत्रियों की सूची सौंपी है। फिलहाल भाजपा की तरफ से यह कोई नहीं बता पा रहा कि कितने मंत्री शपथ ले रहे हैं (mp cabinet) और कौन-कौन नेता मंत्री बन रहे हैं। विधायकों को फोन करके गुप्त रूप से सूचित किया जा रहा है कि 3:30 पर उनको राजभवन में शपथ लेने के लिए पहुंचना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मंत्रिमंडल में करीब 28 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। सभी लोकसभा सीटों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा छिंदवाड़ा को छोड़कर क्योंकि छिंदवाड़ा में भाजपा का एक भी विधायक नहीं जीत पाया है।

मुखबिर की खबर पर मुहर,आज होगी मोहन मंत्रिमंडल की शपथ,20 दिसंबर को मुखबिर ने प्रकाशित की थी खबर
मप्र सरकार के मंत्रिमंडल (mp cabinet) का शपथ ग्रहण समारोह आज अरीब 3.30 मिनट पर राजभवन में आयोजित किया जा रहा है। इसकी जनकारी Mukhbirmp.com ने 20 दिसंबर को अपने पाठकों को दी थी। गौरतलब है कि 13 दिसंबर को डॉ. मोहन यादव और दो उप मुख्यत्रियों ने शपथ ली थी। तब से लगातार मंत्रिमंडल को लेकर कयासों का दौर चल रहा है। न्यूज चैनलों के माध्यम से रोजाना मंत्रिमंडल के शपथ की खबरें चलाई जा रही थी लेकिन इन सबसे अलग मुखबिर ने 20 दिसंबर को तय तारीख बताई थी आखिरकार उस खबर पर मुहर लगी और आज मोहन कैबिनेट का शपर ग्रहण होने जा रहा है। Mukhbir को मिली जानकारी के अनुसार इस मंत्रिमंडल में 28 से 30 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही है। मंत्रिमंडल में कुछ चौकाने वाले चेहरे भी देकने को मिलने वाले हैं। जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेनी है उन्हे गुप्त रुप से देर रात फोन पर जानकारी दे दी गई है। फिलहाल सभी जानकारियां गुप्त रखी जा रही हैं।

मंत्रिमंडल पर तस्वीर अब तक नहीं हुई साफ,ओबीसी पर फोकस
एमपी में भाजपा की राजनीति का केन्द्र लगातार ओबीसी बना हुआ है (mp politics)। पार्टी नेताओं की दिल्ली में हाई कमान के साथ हुई बैठक में प्रदेश के नेताओं को भी अवगत कराया गया है। मंत्रिमंडल विस्तार में भी इसकी झलक दिखाई देगी (mohan cabinet)। बैठक में शामिल हुए प्रदेश के सभी बड़े नेताओं की ओर से प्रस्तावित नाम की सूची भी हाई कमान के पास है। लेकिन इस पर किसी तरह का अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। बताया जा रहा है कि अब केंद्रीय मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष द्वारा अंतिम सूची तैयार की जाएगी। बैठक में हाई कमान ने मंत्रियों के चयन के लिए अलग- अलग तरह के पैरामीटर (मानक) बनाए हैं इस आधार पर मंत्रियों का चयन होगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (mohan yadav) प्रदेश संगठन और संघ द्वारा प्रस्तावित नामों की सूची भेजी गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय महासचिव विजय वर्गी और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल से भी सुझाव लिए गए हैं। बैठक में यह भी योजना तैयार की गई है कि भ्रष्टाचार के दाग या छवि खराब होने वाले विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाएगा। जो नेता कई वर्षों से कैबिनेट में रहे हैं उन्हें भी इस मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया जाएगा। जिन दावेदारों के नाम पर सहमति बनेगी उनका जाति, वर्ग और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर चयन किया जाएगा। मंत्रिमंडल में लोकसभा चुनाव का अनुमान और विधानसभा चुनाव के परिणाम को भी ध्यान में रखा जाएगा। जिन दावेदारों के नाम पर अंतिम मोहर लगेगी उनमें से संघ और भाजपा संगठन की सहमति अवश्य ली जाएगी।