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चौथे चरण के लिए शुरु हुआ अभियान 'चलें बूथ की ओर' प्रारंभ

मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को मिलेगा छाछ, शरबत और आम पना,कूलर की होगी ब्यवस्था

पुलिस छावनी में तब्दील हुई राजधानी,पांच हजार जवानों ने संभाली सुरक्षा की कमान,कल होगा मतदान

वोटिंग से पहले निर्वाचन आयोग की पहल,हक जताओ और ईवीएम का बटन दबाओं,कार रैली से जागरुकता अभियान

23 कमजोर कड़ियों को सुलझाने में जुटी बीजेपी,बूथ और शक्ति केन्द्र लिखेंगे जीत की पटकथा

आखिर आनंद भट्ट से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला को मोह क्यों,क्या रीवा की जनता का अपमान चाहते हैं राजेन्द्र शुक्ला
इंसान के शांत चेहरे के पीछे क्या चल रहा है इस बात का अंदाजा लगाना मुस्किल है। और ये बात चरितार्थ होती है उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) के ऊपर। जिन्होने अपने निजी सचिव को इतनी छूट दे रखी है जो किसी का भी अपमान कर सकता है। राजेन्द्र शुक्ला एक सरल और सौम्य क्षवि वाले विकाश सील नेता की क्षवि रखते हैं। राजेन्द्र शुक्ला ने रीवा में विकास के नए आयाम रचे हैं लेकिन उनकी कीर्ति को उन्ही का निजी सचिव ध्वस्त कर रहा है जिसकी जानकारी उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला को नहीं है अथवा वो सब जान कर भी अनजान हैं। झाबुआ के रहने वाले आनंद भट्ट (anand bhatt) उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के साथ करीब 15 साल से जुड़े हैं और उनका सारा काम वही देखते हैं। आनंद भट्ट का एक ही काम है रीवा की जनता का अपमान करना,उनका तिरस्कार करना और किसी भी सूरत में रीवा के लोगों को राजेन्द्र शुक्ला से दूर रखना। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला और उनके निजी सचिव की जुगलबंदी की कहानियां अब संघ तक पहुंच चुकी हैं। जो राजेन्द्र शुक्ला संघ के काफी करीबी माने जाते थे उन्ही राजेन्द्र शुक्ला पर अब संघ की तीसरी नजर जम जुकी है। उप मुख्यमंत्री बनने के बाद राजेन्द्र शुक्ला ने आनंद भट्ट को अपना निजी सचिव बना लिया उसके बाद आनंद भट्ट ने धीरे-धीरे कर उनके पूरे स्टाफ में झाबुआ का ही पूरा स्टाफ शामिल हो गया है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाफ में तबादलों खूब दौर चला है। कहा जा रहा है कि आनंद भट्ट ने जिसकी फाइल भेजी उसी का ट्रांसफर हुआ है बांकी किसी के तबादले की फाइल आगे नहीं बढ़ी है। आनंद भट्ट की अंगुलियों पर रीवा के चहेते नेता राजेन्द्र शुक्ला नाचते हैं और रीवा की जनता को यही पसंद नहीं है कि उनका नेता एक ऐसे कर्मचारी की अंगुरियों में नाचे जो पर्दे के पीछे से उनके लिए विलेन का काम कर रहा है। पता चला है कि आनंद भट्ट के कारण उप मुख्यमंत्री कई करीबियों ने उनसे दूरी बनाना शुरु कर दिया है। आखिर ऐसा हो भी क्यों न अपनी इज्जत सभी को प्यारी है। क्योंकि रीवा के लोग राजेन्द्र शुक्ला से मिलने जाते हैं तो उन्हे कतार में लगने के लिए कहा जाता है और कही अन्य जगह के लोग राजेन्द्र शुक्ला से मिलने आते हैं तो उन्हे पीछे के दरवाजे से अंदर कर दिया जाता है और उनके लिए उप मुख्यमंत्री के पास पर्याप्त समय होता है। रीवा वालों को जो समय देना चाहिए वही समय बाहरी लोगों को दिया जा रहा है। और यही लोगों की नाराजगी का कारण भी बनता चला जा रहा है।

बच्चों के साथ विशेष भोज में शामिल हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव (mohan yadav) ने गणतंत्र दिवस (republic day) के अवसर पर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अन्तर्गत शासकीय जालसेवा निकेतन उमावि सीएम राइज स्कूल में आयोजित विशेष भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम जीरो वेस्ट थीम पर आयोजित किया गया था। विद्यालय के प्राचार्य डॉ.प्रदीप देशपांडे द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। अतिथियों द्वारा मां शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूल के बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कई वर्षों के कड़े संघर्ष के पश्चात हमारे देश को स्वतंत्रता मिली और उसके पश्चात गणतंत्र लागू हुआ। देश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी महापुरूषों और क्रान्तिकारियों को नमन है। हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है। भारत दुनिया में सबसे युवा जनसंख्या वाला देश है। आज गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर विद्यालय के बच्चों के साथ मध्याह्न भोजन में शामिल होने का अवसर मिला है। वर्तमान में आजादी का अमृतकाल चल रहा है। आने वाले समय में हमारा प्रदेश हर क्षेत्र में तरक्की करे, यही कामना है। सरकार द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को समय-समय पर आगे बढ़ने एवं उनकी प्रतिभाओं को निखारने के अवसर प्रदान किये जायेंगे। हमारे प्रदेश के युवा पढ़-लिखकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें एवं अपने सपनों को पूरा करें। मुख्यमंत्री ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।

ब्राम्हण समाज कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधि मंडल ने सीएम मोहन यादव से की मुलाकात
उज्जैन दक्षिण के लोकप्रिय विधायक और मुख्यमंत्री मोहन यादव (mohan yadav) से भोपाल स्थित सीएम हाउस में ब्राह्मण समाज मध्य प्रदेश (brahmin samaj mp) का एक प्रतिनिधि मंडल मिलने पहुंचा। इस मुलाकात में प्रतिनिधि मंडल ने ब्राह्मण कल्याण बोर्ड मुख्यमंत्री का सम्मान कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस प्रतिनिधि मंडल की ओर से ब्राह्मण कल्याण बोर्ड में और सामान्य कल्याण बोर्ड में एक-एक महिला प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए मांग मांग सीएम मोहन यादव से की है। समाज की ओर से उज्जैन में एक भब्य कार्यक्रम आयोजित कर सीएम का सम्मान करने की भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है जिसमें मंच से ही सीएम मोहन यादव से ब्रम्ह समाज के कल्याण की विभिन्न घोषणाएं भी करवाई जाएंगी। गौरतलब है कि ब्राम्हण समाज की तरफ से समय-समय पर समाज कल्याण के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। और उसी के तहत अब और कार्यक्रमों की रुप रेखा ब्राम्हण समाज तैयार करने जा रहा है। मनोज (अजय) रावत के नेत्रृत्व में ब्राम्हण समाज की भलाई के लिए कई तरह की योजनाएं और भी तैयार की जा रही हैं।

बीमार 'अस्पताल की सर्जरी' में जुटे डॉ. मोहन यादव
प्रदेश के शासकीय अस्पतालों की स्थिति ठीक नहीं है। इस बात के सबूत आए दिन न्यूज चैनल और अखबारों में प्रकाशित होती रहती है। प्रदेश के सभी अस्पताल चिकित्सकों और सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं और मरीज परेशान हो रहे हैं। अब प्रदेश की कमान डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) के हाथ है लिहाजा अब वो प्रदेश के शासकीय अस्पतालों की सर्जरी कर उन्हे एक बार फिर चलने योग्य बनाने की योजना तैयार कर रहे हैं। यही कारण है कि 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 18 दिसंबर को मुख्यमंत्री राजधानी के सबसे प्रमुख अस्पताल हमीदिया में औचक निरीक्षण पर निकले। यह बात और है कि यह निरीक्षण महज एक औपचारिकता मात्र निकला लेकिन इस दौरान मरीजों के परिजनों से मुख्यमंत्री मिले उन्हे गले लगा कर जिस प्रकार से मुख्यमंत्री ने उन्हें संवाल दिया वो जरुर काबिले तखरीफ है। सीएम बनने के बाद डॉ. मोहन यादव पहले कॉलेज गए उसके बाद उनका दौरा अस्पताल में हुआ उससे यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री बीमार पड़े अस्पताल और शिक्षा के मंदिरों का इलाज करने का मूड बना रहे हैं। डॉ. यादव इससे पहले उच्च शिक्षा मंत्री थे और नई शिक्षा नीति (new education policy) को सबसे पहले एमपी में लागू कर उन्होने रिकार्ड भी बनाया था।

मोहन यादव की पहली शॉर्ट कैबिनेट में दिखा संघ का एजेंडा
मध्यप्रदेश के नए सीएम के तौर पर पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव (mohan yadav) पूरी तरह से एक्टिव हो गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद सीएम मोहन यादव उज्जैन पहुंचे जहां उन्होंने बाबा महाकाल (mahakaleshwar) का आशीर्वाद लिया और फिर भोपाल लौटकर सीधे मंत्रालय पहुंचकर सीएम के तौर पर पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और अधिकारियों के साथ पहली शॉर्ट कैबिनेट बैठक की जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सीएम का पदभार संभालते ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने ली शॉर्ट कैबिनेट की बैठक। पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा व मुख्य सचिव वीरा राणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शॉर्ट कैबिनेट की बैठक की । शॉर्ट कैबिनेट के अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद खुद सीएम मोहन यादव ने मीडिया से बात करते हुए इन फैसलों के बारे में जानकारी दी। शॉर्ट कैबिनेट में जो अहम फैसले लिए गए हैं वो इस प्रकार हैं.. - मध्यप्रदेश में खुले में मांस की दुकानें नहीं चलेंगी - खुले में चलने वाली अंडे-मांस की दुकानों पर होगी कार्रवाई - प्रदेश के हर जिले में युवाओं के लिए बनेंगे एक्सिलेंस कॉलेज, प्रधानमंत्री एक्सिलेंस कॉलेज होगा नाम - धार्मिक स्थलों (मंदिर/मस्जिद) में तय सीमा से ज्यादा आवाज में नहीं बजाए जा सकेंगे लाउड स्पीकर - जमीन और मकान की रजिस्ट्री के बाद लोगों को नहीं होना पड़ेगा परेशान - रजिस्ट्री के साथ ही पूरी की जाएगी नामांतरण की प्रक्रिया - तेंदुपत्ता प्रति मानक बोरा 4000 रुपए के आदेश जारी - आदतन अपराधियों द्वारा अपराध करने पर पूर्व में सक्षम न्यायालय से प्राप्त ज़मानत को निरस्त करने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 437, 438 और 438 के प्रावधानों अनुसार सक्षम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने के दिशा निर्देश जारी किए गये । यह प्रदेश में अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

मोहन की 'अग्नि परीक्षा' चार दिग्गज परीक्षा लेने के लिए सदन में हमेशा रहेंगे मौजूद
डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) प्रदेश के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। काफी समय बाद एमपी को नया मुख्यमंत्री मिला है लेकिन सवाल इस बात का उठता है कि भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने जिस प्रकार से चार वरिष्ठ नेताओं को मोहन यादव का जूनियर बनने के लिए उन्हे मजबूर कर दिया है तो क्या वो चारों दिग्गज अपनी सिकस्त को ऐसे ही स्वीकार कर लेंगे या फिर डॉ. मोहन यादव के लिए समस्या भी खड़ी करेंगे। इस बात में कोई शक नहीं है कि डॉ. मोहन यादव एक सुलझे हुए खिलाड़ी हैं लेकिन जिन सीनियरों को उनका जूनियर बनने के लिए मजबूर कर दिया गया है तो क्या वो अपमान के आंसू पी कर ऐसे ही अपनी सियासी जमीन खिसकते हुए देखते रहेंगे। कहते हैं दुस्मन का दुस्मन दोस्त होता है ठीक वैसा ही जैसा मोहब्बत और जंग में सबकुछ जायज होता है। लिहाजा राजनीति में न कोई स्थाई दोस्त होता है और न ही कोई दुस्मन। मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे चल रहे नरेन्द्र सिंह तोमर (narendra singh tomar) को पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष बना कर उन्हे उनके राजनीतिक कद का अहसास करवा दिया है तो वहीं पश्चिम बंगाल में भाजपा की जमीन तैयार करने वाले कैलाश विजयवर्गीय (kailash Vijayvargiya) को भी भाजपा ने उनका कद और पार्टी में क्या हैसियत है वो बता दिया है। प्रलाद पटेल भी भाजपा के कद्दावर नेता हैं उम्र के अंतिम पड़ाव में वो भी अपना डेजिग्नेशन बदलना चाहते थे लेकिन केन्द्रीय नेत्रृत्व ने यह बता दिया कि आप विश्वास के लायक नहीं हो पहले पल्टी मार चुके हो। अब बात करते हैं एक ऐसे नेता कि जो पिछले 18 साल से एमपी बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा था। लाड़ली बहनों का भाई और लाड़ली लक्ष्मियों का मामा। प्रदेश में जब सब कह रहे थे कि सीएम विरोधी लहर है तब उन्होने सभी के समीकरण को धता बताते हुए 163 सीटें लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आखिर में नतीजा यह निकला कि केन्द्रीय नेत्रृत्व ने उन्हे भी दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकाल कर बाहर कर दिया। और तीसरी बार चुनाव जीत कर आए डॉ. मोहन यादव को मप्र का अगला मुख्यमंत्री बना दिया। फिलहाल भाजपा के सभी नेताओं के होंठों पर मुस्कान तो दिख रही है लेकिन मुस्कान कुटिलता की भी निशानी होती है किसी को यह नहीं भूलना चाहिए। आने वाले समय में प्रदेश के नए मुखिया को अपने घर के अंदर ही जूझने के लाए तैयार रहना पड़ेगा।

मोहन यादव सहित दो उप मुख्यमंत्रियों ने ली शपथ
मप्र के 19वें मुख्यमंत्री के रुप में डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) ने भोपाल के लाल परेढ ग्राउंड में पद और गोपनीयता की शपथ ली। मोहन यादव के साथ दो उप मुख्यमंत्रियों ने भी शपथ ली है जिसमें राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) और जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) शामिल हैं। शपद ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह,भाजपा के राष्ट्रीय जेपी नड्डा,पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रदेश भर से साधु संतों को भी आमंत्रित किया गया था जिनसे शपथ के बाद मुख्यमंत्री ने चरण छू कर उनका आशीर्वाद लिया। भारतीय जनता पार्टी ने लंबे समय बाद प्रदेश में सीएम के चेहरे में बदलाव किया है। और उस बदलाव को लेकर भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। वहीं प्रदेश की जनता के बीच भी यह मैसेज है कि अब कुछ नया देखने को मिलेगा। फिलहाल इस शपथ ग्रहण में किसी मंत्री को शपथ नहीं दिलाई गई है माना जा रहा है कि पीएम मोदी के पास ज्यादा समय नहीं था जिसके कारण मंत्रियों को शपथ नही दिलाई गई है। आने वाले एक दो दिन के अंदर कुछ मंत्रियों को राजभवन में शपथ दिलाई जाएगी।