Breaking
Stay connected for the latest news and exclusive updates...
Topic & Tag Archive

#MP NEWS

Total published stories tagged under #MP NEWS: 1613

ADVERTISEMENT
सीएम शिवराज का राहुल गांधी पर निशाना,कहा झूठे वचन पत्र के लिए मांफी मांगे राहुल गांधी
भोपाल

सीएम शिवराज का राहुल गांधी पर निशाना,कहा झूठे वचन पत्र के लिए मांफी मांगे राहुल गांधी

प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू (model code of conduct) होते ही भाजपा और कांग्रेस के बीच जुवानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिं चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में वोट नहीं, झूठे वचन पत्र के लिए राहुल गांधी माफी मांगे। मुख्यमंत्री ने कहा राहुल गांधी झूठ की दुकान के मैनेजर हैं और , कमलनाथ झूठ के सेल्समेन। साथ में मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान की कांग्रेस सरकार के काले कारनामे मध्यप्रदेश में गिना रहे राहुल गांधी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी बात मोहब्बत की करते हैं लेकिन असलियत में वो झूठ की दुकान चला रहे हैं। कांग्रेस पर एक और बड़ा आरोप लगाते हुए सीएम ने कहा, कांग्रेस ने देश को बांटा है, राहुल गांधी मध्यप्रदेश को बांटने आए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस से जवाब मांगा है। सीएम शिवराज ने कहा राहुल गांधी बताए - क्यों आदिवासी बहनों का हक छीना ? क्यों किसानों की कर्जमाफी न करके उन्हें डिफाल्टर बनाया? क्यों 4000 रुपए बेरोजगारी भत्ते का युवाओं से झूठा वादा किया? मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी जब भी मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे उन्हे इसी प्रकार करारा जवाब दिया जाएगा। गौरतलब है कि साल 2018 के विधानसभा चुनाल में राहुल गांधी ने दस दिन के अंदर ऋण मांफी का वादा किया था जिसे कमलनाथ सरकार (Kamal Nath) पूरा नहीं कर पाई। और अब इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी 11 गारंटी लेकर आई है साथ में जातिगत जनगणना (caste census) कराने की लगातार बात कही जा रही है। मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी सभी वर्गों में जातियों का जहर घोल कर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाना चाहती है।

10/10/2023180
आज की सबसे बड़ी भविष्यवाणी- हारे कोई भी लेकिन सरकार तो 'कमल' की ही बनेगी
मुखबिर विशेष

आज की सबसे बड़ी भविष्यवाणी- हारे कोई भी लेकिन सरकार तो 'कमल' की ही बनेगी

मप्र सहित पांच राज्यों में कल से आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है (Madhya Pradesh Elections)। अगले 37 दिनों तक प्रदेश में सियासी बुखार जमकर देखने को मिलने वाला है। प्रदेश में जिस प्रकार से भाजपा और कांग्रेस सत्ता हासिल करने के लिए अपने सियासी मोहरे फिट करने में जुटे हैं उससे स्पष्ट है कि भाजपा और कांग्रेस इस चुनाव को बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले रहे हैं। कर्नाटक चुनाव में हार के बाद जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी ने वहां से सीख ली है तो वहीं कांग्रेस पार्टी अति उत्साहित नजर आ रही है। जो कांग्रेस अभी तक 150-180 सीटों का दावा कर रही थी उसी कांग्रेस के पदाधिकारी कुछ एजेंसियों द्वारा किए गए सर्वे को वाट्सेप ग्रुपों में वायरल कर खुश हो रहे हैं। दरअसल एक एजेंशी के सर्वे में भाजपा को 104 से 116 सीटें मिलती दिख रही हैं तो वहीं कांग्रेस को 116 से 125 सीट मिलने का अनुमान लगाया गया है। इस प्रकार के सर्वे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह नजर आ रहा है। लेकिन उन्हे यह नहीं मालूम कि चुनाव का काउनडाउन अब शुरु हुआ है। जिस भारतीय जनता पार्टी को लड़ाई में नहीं माना जा रहा था उसी भारतीय जनता पार्टी को सर्वे एजेंसियों 104 से 116 सीट तक दे रहे हैं। मतलब साफ है कि मुख्यमंत्री शिवराज स़िह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) द्वारा ऐन मौके पर शुरु की गई लाड़ली बहना योजना (Ladli Behana Yojana) काम कर गई है जिसके कारण भाजपा के वोटबैंक का ग्राफ बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अलग-अलग तरह की यात्राएं निकाल कर लगातार जनता से संवाद भी किया है। भाजपा महिला मोर्चा (BJP Mahila Morcha) को भी लक्ष्य दे दिया गया है कि वो हर बूथ में जाएं वाट्सेप ग्रुप बनाएं और स्थानीय महिलाओं को ग्रुपों में जोड़ कर केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से महिला हितैषी योजनाओं का जमकर प्रचार करें जिससे महिलाओं को भावनात्मक तरीके से भाजपा से जोड़ा जाए। जनता का दिल जीतने के लिए कांग्रेस (MP Congress) की ओर से भी बहुत सारे अभियान चलाए जाते रहे हैं लेकिन कांग्रेस की कमजोरी यही रही है कि भोपाल में पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamal Nath) को खुश करने के लिए नेता और कार्यकर्ता तो जुट जाते हैं लेकिन वो अभियान भोपाल से निकलने के बाद कहां जाता है और कहां खत्म होता है इसका पता आज तक नहीं चल पाया है। बात स्पष्ट है कि अगले 37 दिन मध्यप्रदेश में जमकर एमोश्नल ड्रामा देखने को मिलने वाला है। साम-दाम-दंड और भेद सभी इस चुनाव में स्पष्ट रुप से देखने को मिलने वाला है। इस बीच यह बात तय है कि सत्ता के सिंहासन की इस लड़ाई में भाजपा और कांग्रेस कितनी भी मेहनत कर लें लेकिन यह अटल सत्य है कि सरकार 'कमल' की ही बनेगी।

9/10/2023334
सीएम शिवराज करेंगे हरिद्वार में चिंतन,जाते-जाते पूछा कांग्रेस की कहां है सूची,वहां तो चल रही लट्ठम-लट्ठ
भोपाल

सीएम शिवराज करेंगे हरिद्वार में चिंतन,जाते-जाते पूछा कांग्रेस की कहां है सूची,वहां तो चल रही लट्ठम-लट्ठ

भारतीय जनता पार्टी की एक और सूची (BJP Candidate list) जारी होते ही सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश ने जो अनुशंसाएं भेजी थी उसी के अनुरूप सूची में घोषित नाम आए हैं। अब हमारे कुल 230 में से 136 उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं बाकी सूची भी जल्द ही आएगी। सीएम शिवराज ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस की सूची कहां है अब तो चुनाव की तारीख भी आ गई है लेकिन कांग्रेस की सूची का पता नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे उम्मीदवार मैदान में हैं भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां चल रही है लेकिन कांग्रेस में तो लट्ठम - लट्ठा मची हुई है। हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में चुनाव के मैदान में उतर चुके हैं। अपने कार्यकर्ताओं के साथ अपने अस्तित्व की संपूर्ण क्षमता झोंककर हम लोग काम करेंगे और निश्चित तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएंगे। क्योंकि यह प्रदेश के और प्रदेश की जनता के हित में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरिद्वार और ऋषिकेश जा रहा हूं कल दिन भर मुलाकात और चिंतन दोनों करूंगा। परसों सवेरे लौटूंगा और चुनाव अभियान में हम पूरी ताकत के साथ भिड़ जाएंगे। सूची जारी करने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व का धन्यवाद। गौरतलब है कि भाजपा ने अब तक अपने 136 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है जबकि पहले कांग्रेस कह रही थी कि वो चुनाव के छह महीने पहले अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी लेकिन अभी तक एक भी सूची जारी नहीं होने के कारण अब भाजपा के नेता कांग्रेस (MP Congress) पर लगातार हमला करने लगे हैं।

9/10/2023139
अतिथि विद्वानों को अब एक दिन के दो हजार रुपये मिलेंगे
भोपाल

अतिथि विद्वानों को अब एक दिन के दो हजार रुपये मिलेंगे

प्रदेश के सरकारी महाविद्यालय में कार्यरत अतिथि विद्वानों को अब 1500 से बढ़कर प्रतिदिन दो हजार रुपये मानदेय मिलेगा (MP guest teachers) । वही इनका अधिकतम मानदेय प्रतिमाह 50 हजार रुपये होगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। यह एक अक्टूबर से लागू होगा। इससे प्रदेश के 4500 अतिथि विद्वानों को लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने 11 सितंबर को अतिथि विद्वानों की महापंचायत में 50 हजार रुपये निश्चित मासिक वेतन देने की घोषणा की थी। हालांकि अतिथि विद्वानों का कहना है कि विभाग द्वारा जारी आदेश में प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय मिलने से 50 हजार रुपये से कम मानदेय होगा। इसी बीच कॉलेज में नियमित शिक्षकों के रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों को आमंत्रित करने के आदेश जारी किए गए हैं। आवेदन ऑनलाइन होंगे। इस बार अतिथि विद्वानों को साल में 13 दिन का आकस्मिक और तीन दिन का ऐच्छिक अवकाश दिया जाएगा। प्राचार्य को निर्देशित किया गया है कि अतिथि विद्वान के कार्य पर उपस्थित होने पर उसकी उपस्थिति इस दिन में शाम 5:30 बजे तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन मॉड्यूल में दर्ज किया जाए। साथी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी, और ग्रंथपाल भर्ती परीक्षा में चयनितों के लिए 25 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। फालेन आउट (विस्थापित) अतिथि विद्वान च्वाइस फिलिंग से भर्ती में शामिल होंगे।

8/10/2023127
पूरे देश में ट्विटर पर ट्रेंड किया युवाओं का कैंपेन,युवा मांगे रोजगार
भोपाल

पूरे देश में ट्विटर पर ट्रेंड किया युवाओं का कैंपेन,युवा मांगे रोजगार

प्रदेश के चयनित पटवारियों (mp patwari) द्वारा ट्विटर पर युवा मांगे रोजगार अभियान चलाया गया जो की पूरे देश में ट्रेंड किया और कुछ ही घंटो में 80 हजार से ज्यादा युवाओं ने ट्वीट किया। इस कैंपेन की कुछ प्रमुख मांगे थी चयनित पटवारियों को नियुक्ति, चयनित सब इंजीनियर्स को नियुक्ति, 51000 पद वृद्धि (वर्ग 3), MBBS PMS OBC को स्कॉलरशिप, बेरोजगारी से मुक्ति, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया (MPSI, वनरक्षक, महिला पर्यवेक्षक, जेल प्रहरी एवं समस्त सरकारी भर्तियां) इस कैंपेन में मध्यप्रदेश के हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया (Patwari News)। युवा हल्ला बोल के प्रदेश अध्यक्ष अरुणोदय सिंह परमार (Arunoday Singh Parmar) ने इस मौके पर कहा की आज का कैंपेन पूरे देश में ट्रेंड किया यह मध्यप्रदेश के युवाओं के आक्रोश को बताता है। युवा अब अपने रोजगार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। आज मध्यप्रदेश युवा हल्ला बोल द्वारा "युवा मांगता गारंटी" अभियान शुरू किया गया है जिसका पोस्टर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस अभियान के तहत हम मध्यप्रदेश के युवाओं से उसे वोट देने का आह्वान करेंगे जो पहली कैबिनेट बैठक में युवाओं के इन मुद्दों चयनित पटवारियों को नियुक्ति, चयनित सब इंजीनियर्स को नियुक्ति, 51000 पद वृद्धि (वर्ग 3), MBBS PMS OBC को स्कॉलरशिप, बेरोजगारी से मुक्ति, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया (MPSI, वनरक्षक, महिला पर्यवेक्षक, जेल प्रहरी एवं समस्त सरकारी भर्तियां) का समाधान करने की गारंटी देगा। परमार ने यह भी कहा की नियुक्ति नहीं तो वोट नहीं, स्कॉलरशिप नहीं तो वोट नहीं, 51 हजार पद वृद्धि नहीं तो वोट नहीं, बेरोजगारी से मुक्ति नहीं तो वोट नहीं, कुल मिला कर अगर युवा हितों की बात नहीं तो वोट नहीं।

7/10/2023860
'चुनाव लडूं या नहीं लडूं' मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता से कर रहे सवाल
भोपाल

'चुनाव लडूं या नहीं लडूं' मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता से कर रहे सवाल

प्रदेश की सियासत में इस वक्त एक ही सवाल है कि सीएम शिवराज चुनाव लड़ेंगे या नहीं। यही सवाल कई मंचों से सीएम शिवराज (Shivraj Singh Chouhan) प्रदेश की जनता से भी पूछते नजर आए हैं कि 'चुनाव लडूं या नहीं लडूं' गौरतलब है भारतीय जनता पार्टी ने अब तक जारी अपनी तीन सूचियों में 79 नामों की घोषणा की है जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल नहीं है। इसी लिए हर जुवान पर यही सवाल है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव लड़ेंगे या नहीं और लड़ेंगे तो कहां से लड़ेंगे। दरअसल भाजपा ने 103 विधानसभा सीटों को आकांक्षी सीट का नाम दिया था जिसमें भाजपा के विधायक नहीं थे। उन 103 में भाजपा ने 79 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की हैं इनमें तीन ऐसी सीटें भी हैं जहां भाजपा के विधायक थे,इनमें सीधी, मैहर और नरसिंहपुर शामिल है जहां भाजपा ने अपने उम्मीदवारों को बदला है। इस बीच प्रदेश में यही बात जोर पकड़ रही है कि सीएम शिवराज (Shivraj Government) का क्या होगा। बात को बल उस वक्त और ज्यादा बल मिला जब भाजपा ने जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Aashirwad Yatra) निकाली और सभी पांचों यात्राओं का अलग-अलग नेताओं को नेतृत्व सौंपा गया। पहले जब भी जन आशीर्वाद यात्रा निकला करती थी तो उसका नेतृत्व अकेले सीएम शिवराज करते थे लेकिन इस बार भाजपा ने पांच अलग-अलग जन आशीर्वाद यात्रा निकाली और सभी यात्राओं का नेतृत्व भी अलग-अलग नेताओं ने किया इसी लिए प्रदेश की जनता में संशय है कि सीएम शिवराज चुनाव लड़ेंगे या नहीं वहीं सीएम शिवराज खुद जनता से पूंछ रहे हैं कि 'चुनाव लडूं या नहीं'

7/10/2023333
चुनाव आचार संहिता लगने से पहले एक दिन में 53 हजार करोड़ से अधिक का लोकार्पण और भूमिपूजन
भोपाल

चुनाव आचार संहिता लगने से पहले एक दिन में 53 हजार करोड़ से अधिक का लोकार्पण और भूमिपूजन

प्रदेश की शिवराज सरका हमेशा यही कहती रही है कि वो विकास के माडल पर ही जनता से वोट मांगेगी और प्रदेश में पांचवी बार भाजपा की सरकार बनाएगी (Shivraj Government)। इसकी बानगी उस वक्त देखने को मिली जब ठीक चुनाव आचार संहिता (Model of Conduct) से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने एक दिन में 53 हजार करोड़ से ज्यादा का शिरान्याश और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के गुफा मंदिर को भी बड़ी सौगात दी और गुफा लोक बनाने का ऐलान किया साथ में सीएम शिवराज ने कहा कि 35 करोड़ की लागत से संत निवास का भी निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद माना जा रहा है कि गुफा मंदिर एक प्रसिद्ध स्थल के रुप में निर्मित होगा जहां देश भर के दर्शनार्थी और पर्यटक पहुंच सकेंगे। वहीं सीएम शिवराज की घोषणाओं और लोकार्पण पर कांग्रेस के प्रदेश मीडिया अध्यक्ष केके मिश्रा (KK Mishra) ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि एक दिन में मुख्यमंत्री ने 53 हजार करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया है तो 18 साल तक ये क्या कर रहे थे। केके मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि लोकार्पण और भूमिपूजन तो ठीक है लेकिन पहले सरकार ये बताए कि क्या सरकार के पास 53 हजार करोड़ रुपये हैं जिससे इतने सारे विकास कार्य किए जा रहे हैं। कांग्रेस का मानना है कि आदर्श आचार संहिता लगने से पहले सरकार एक दिखावा करती है और जिस प्रकार दिया बुझने से पहले खूब फड़फड़ाता है ठीक वही हालत वर्तमान में भाजपा सरकार की है क्योंकि उन्हे भविष्य की जानकारी हो चुकी है कि आगे क्या होने वाला है।

6/10/2023256
प्रदेश के 19 लाख नव मतदाताओं को साधने में जुटा भाजपा युवा मोर्च और यूथ कांग्रेस
भोपाल

प्रदेश के 19 लाख नव मतदाताओं को साधने में जुटा भाजपा युवा मोर्च और यूथ कांग्रेस

पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं पर भाजपा और कांग्रेस की नजर है (MP Elections)। मतदाता सूची का प्रकाशन होते ही भाजपा और कांग्रेस युवाओं को आकर्षित करते के लिए रणनीति बनाने में जुट गई हैं (First time voters)। मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश भर में 19 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। युवा मतदाताओं की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने युवा मोर्चा को जिम्मेदारी सौंप दी है (BJP Yuva Morcha)। पार्टी हाई कमान का आदेश मिलते ही भाजपा युवा मोर्चा ने तीन अक्टूबर से प्रदेश भर में नव मतदाता सप्ताह अभियान शुरु कर दिया है। इसके तहत युवा मोर्चा के कार्यकर्ता अपने सभी 1070 मंडलों में युवा मतदाताओं से घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। दस अक्टूबर को सभी मंडलों में इसका समापन होगा। इसमें युवा मतदाताओं के अलावा जिले के भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में कुछ युवा मतदाताओं को सम्मानित भी किया जाएगा। प्रदेश में नवंबर में विधानसभा चुनाव है ऐसे में युवा मोर्चा और युवा कांग्रेस दोनों ही संगठन युवा मतदाताओं पर डोरे डाल रहे हैं। युवा मोर्चा ने 'खेलेगा मध्यप्रदेश' समेत कई अभियान शुरु किए हैं। इसी प्रकार युवा कांग्रेस ने 'बूथ जोड़ो, यूथ जोड़ो' अभियान शुरु किया है (Youth Congress)। प्रदेश में एक करोड़ 48 लाख युवा मतदाता हैं। दोनों दलों को लगता है कि इन्हे साधने से पूरे परिवार के वोट उनकी झोली में आ जाएंगे।

4/10/2023259
स्थायी रोजगार के लिए भटक रहे प्रदेश के 26 हजार स्वच्छाग्राही कर्मी,नोटा पर वोट देने को मजबूर
भोपाल

स्थायी रोजगार के लिए भटक रहे प्रदेश के 26 हजार स्वच्छाग्राही कर्मी,नोटा पर वोट देने को मजबूर

प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने अलग-अलग वर्गों को खुश करने के तमाम प्रयास किए लेकिन उनमें कुछ वर्ग मुख्यमंत्री की नजर में नहीं आए और वो भटकने को मजबूर हैं। ऐसे ही प्रदेश भर में काम कर रहे करीब 26 हजार स्वच्छाग्राही कर्मी (swacchagrahi workers) आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। एक मामूली से पगार पर काम करने वाले इन स्वच्छाग्राही कर्मियों को जब पता चला कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंचायतों में काम करने वाले रोजगार सहायकों की नौ हजार से सीधे 18 हजार रुपये पगार कर दी और संविदा कर्मियों (samvida workers) को नियमित के समान वेतन और सुविधा कर दी तो स्वच्छाग्राहियों ने भी खुद के लिए न्याय की गुहार लगाना शुरु कर दिया। स्वच्छाग्राही संगठन सी.एफ. टी ने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) के बंगले से लेकर कई मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों के पास गुहार लगाई लेकिन नतीजा शिफर ही रहा। थक हार कर स्वच्छाग्राही संगठन के पदाधिकारी पवन परमार बीजेपी प्रदेश कार्यालय भी पहुंचे लेकिन वहां भी उन्हे सुनने वाला कोई नहीं मिला। अब इस संगठन का कहना है कि सरकार इनके लिए उचित फैसला नहीं लेती है तो प्रदेश भर में इनकी 26 हजार संख्या है तो वो और उनके परिवार के सभी सदस्य नोटा की बटन दबाएंगे (NOTA)। गौरतलब है कि इनकी नियुक्ति राज्य सरकार के निर्देश पर ग्राम पंचायत में शिक्षित ब्यक्तियों का चयन कर जनपद भेजा गया था। इन स्वच्छाग्राहियों ने कोरोनाकाल में वालेंटियर का कार्य किया,ई.ओ.एल कार्य, एस. एल.डब्ल्यु का योजना का कार्य विशेषकर मप्र में स्वच्छता मिशन अंतर्गत मध्यप्रदेश के समस्त पंचायतों को ओडीएफ कराने में स्वच्छाग्राहियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह स्वच्छाग्राही महज 150 रुपये प्रति दिन के हिसाब से काम करते हैं महीने में इन्हे महज तीन हजार रुपये मनदेय दिया जाता है क्योंकि इनसे काम भी सिर्फ 20 दिन लिया जाता है। लिहाजा इतने कम मानदेय में इनका गुजारा नहीं हो पा रहा है लिहाजा इनकी सरकार से गुजारिश है कि इनका मानदेय बढ़ाया जाए और नियमित कर्मचारियों की भांति इनसे काम लिया जाए जिससे ये अपने परिवार का ठीक तरीके से भरण पोषण कर सकें। सरकार इनकी बात नहीं मानती है तो ये नोटा की बटन दबाने के लिए मजबूर होंगे।

4/10/20231297
रुठे नेताओं को मनाने में जुटी भाजपा,100 पदाधिकारियों की भेजी टीम
भोपाल

रुठे नेताओं को मनाने में जुटी भाजपा,100 पदाधिकारियों की भेजी टीम

भारतीय जनता पार्टी ने अब तक 79 नामों की घोषणा की (BJP Candidates list) है जिसमें तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित कुल सात सांसद हैं। लेकिन सूची जारी जाने के बाद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में विवाद की स्थिति देखने को मिलने लगी है। बताया जा रहा है कि जिन केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को टिकट दिया गया है उन सीटों के विधायक और दावेदार नेता पार्टी से खासे नाराज चल रहे हैं। कुछ ऐसे भी नेता हैं जिन्होंने सूची जारी होने के बाद टिकट की उम्मीद खो दी है। पार्टी ने ऐसे रूठे नेताओं को मनाने के लिए 100 वरिष्ठ पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में माहौल टटोला जा रहा है। बैठक में चुनाव की कार्य योजना भी तय की जा रही है साथ ही चुनाव की तैयारी में हुई कमियों को चिन्हित कर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है (MP BJP)। यह रिपोर्ट अब चुनाव प्रबंधन समिति को सौंप जाएगी। गौरतलब है कि अब तक 79 सीटों की घोषणा हुई है जिसमें तीन विधायकों के टिकट काटे गए हैं। जिन तीन विधायकों के टिकट काटे हैं उनमें मैहर से आने वाले नारायण त्रिपाठी प्रमुख हैं उनकी जगह श्रीकांत चतुर्वेदी (Shrikant Chaturvedi) को प्रत्याशी घोषित किया गया है। वहीं सीधी से विधायक केदारनाथ शुक्ला (Kedarnath Shukla) का टिकट काट कर सांसद रीती पाठक (Riti Pathak) को उतारा गया है। नरसिंहपुर से जालम सिंह पटेल (Jalam Singh Patel) का टिकट काटा गया है उनकी जगह उनके भाई प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) को टिकट दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ हुई सीटों पर भाजपा ने उत्तर प्रदेश और गुजरात से आए मंत्री- विधायकों को जिम्मेदारी सौंप कर जीत की रणनीति तैयार करने का जिम्मा सौंप दिया है। गुजरात के कुछ मंत्रियों और विधायकों को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भेजा गया है। ये सभी नेता हारी हुई सीटों पर नाराज नेताओं के साथ बैठक कर समन्वय बनाने का काम करेंगे,और उन नेताओं की पार्टी के लिए जिम्मेदारी भी तय करेंगे।

2/10/2023134
कमलनाथ पर अजय सिंह का 'अजेय' वार,सिद्धार्थ कुशवाहा की नहीं करेंगे मदद
भोपाल

कमलनाथ पर अजय सिंह का 'अजेय' वार,सिद्धार्थ कुशवाहा की नहीं करेंगे मदद

कांग्रेस (MP Congress) विंध्य में काफी कमजोर है और उसकी विंध्य में अगर कोई उम्मीद हैं तो पूर्व मंत्री अजय सिंह (राहुल) भैया (Ajay Singh Rahul)। लेकिन पिछले कुछ महीनों में जिस प्रकार से अजय सिंह की उपेक्षा हुई है उससे वो खुद परिचित हैं यही कारण है कि राहुल सिंह इस वक्त पार्टी के बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के बजाय खुद की विधानसभा में मेहनत करना ज्यादा जरुरी समझते हैं। मामला अजय सिंह (राहुल) भैया और कमलनाथ (Kamal Nath) के बीच का है। दरअसल कमलनाथ ने अजय सिंह को बुलाकर कहा कि आपको सतना से विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा (Siddharth Kushwaha) की मदद करनी है जिसके बाद अजय सिंह ने कमलनाथ से सिद्धार्थ कुशवाहा की मदद करने से साफ इंकार कर दिया। अजय सिंह ने कहा कि जब रैगांव में विधानसभा का उपचुनाव चल रहा था तब उन्होने सिद्धार्थ कुशवाहा से मदद करने के लिए कहा था जबकि उसके रैगांव में करीब दस हजार वोट हैं लेकिन सिद्धार्थ कुशवाहा ने कांग्रेस उम्मीदवार कल्पना वर्मा की किसी भी सूरत में मदद नहीं की। अजय सिंह (राहुल) भैया ने कमलनाथ से यहां तक कहा कि आप चाहो तो मेरा टिकट काट दो अथवा प्रदेश में किसी के भी पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए कहो मैं करुंगा लेकिन सिद्धार्थ कुशवाहा की मदद नहीं करुंगा। अजय सिंह के इस प्रकार बात करने से पीसीसी चीफ कमलनाथ भी टेंशन में आ गए हैं। सही मायने में कहा जाए तो कांग्रेस के पास विंध्य में कोई मजबूत नेता नहीं है। साल 2013 के बाद विंध्य में कांग्रेस लगातार कमजोर पड़ती चली गई है। अजय सिंह खुद चुनाव नहीं जीत पाए माना यह भी जा रहा है कि विंध्य में अजय सिंह ने सही तरीके से मेहनत नहीं की तो फिर कांग्रेस पार्टी विंध्य (Vindhya)में ठीक तरीके से परफार्मेंश नहीं कर पाएगी।

2/10/2023550
'कैसे बनेगी भाजपा की सरकार',कितनी सीटें घटेंगी और कितनी बढ़ेंगी,कमलनाथ अपने ही करीबियों के शब्दजाल में फंसे
मुखबिर विशेष

'कैसे बनेगी भाजपा की सरकार',कितनी सीटें घटेंगी और कितनी बढ़ेंगी,कमलनाथ अपने ही करीबियों के शब्दजाल में फंसे

हर जगह एक ही सवाल किसकी सरकार होगी। सरकार बनेगी तो कैसे बनेगी। हर जगह गुड़ा भाग,राजनीतिक हिसाब लगाए जा रहे हैं सारे सियासी पंडित चार दीवारी में बैठ कर सरकार तय कर रहे हैं कुछ राजनीतिक पंडित टीवी डिवेट में बैठ कर सरकार बना रहे हैं (MP Elections)। कांग्रेस के प्रवक्ता और नेता कहते हैं कि इस बार कांग्रेस 150 से 180 सीटों के आस पास लेकर आएगी। पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) को भी उनके करीबी सलाहकार 180 सीटों का ही सपना दिखा रहे हैं। जब उनके करीबी उनके पास से निकल जाते हैं तो फिर कमलनाथ मन में सोचते हैं कि इसमें अगर कम करो तो 140 सीट तो आ ही जाएगी। लेकिन उसके उलट भाजपा के गणित की बात करें तो वहां कुछ और ही खिचड़ी पक रही है जिस पर कांग्रेस की शायद नजर नहीं पड़ी अथवा पड़ी भी है तो कोई ध्यान नहीं देना चाहता क्योंकि कांग्रेस में विश्वास कम अति विश्वास ज्यादा दिखाई पड़ रहा है। अब बात भाजपा के गणित की करते हैं। वर्तमान में भाजपा के पास 127 विधायक हैं। भाजपा यह मान कर चल रही है कि 127 में 57 सीट वो हार सकती है मतलब 70 सीट भाजपा 127 वर्तमान की सीटों में बचा पाएगी। इसकी पुष्टि तो कांग्रेस की वो 66 सीटें भी कर रही हैं जहां कांग्रेस लगातार तीन बार से हार रही है और भाजपा की वो सीटें गढ़ बनी हुई हैं। 230 विधानसभा सीटों में 127 विधायक भाजपा के पास हैं। 95 वे विधायक कांग्रेस के पास हैं बांकी अन्य,सपा बसपा के पास हैं। भाजपा ने हारी हुई 103 सीट जिन्हे आकांक्षी विधानसभा सीटों का नाम भी दिया गया था। उन सीटों पर भाजपा ने करीब एक साल से ही मंथन करना शुरु कर दिया था। आकांक्षी सीटों पर भाजपा ने जमकर काम किया,हर दावेदार के हिसाब से पार्टी ने सर्वे भी कराया यही कारण है कि आकांक्षी सीटों पर जहां भाजपा के पास जिताऊ उम्मीदवार नहीं थे वहां पर भाजपा ने नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ,कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) और प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) जैसे नेताओं नेताओं को चुनाव मैदान पर उतार दिया। मतलब साफ है सरकार कैसे बनाना है भाजपा को मालूम है। भाजपा का हिसाब है कि 103 आकांक्षी सीटों में भाजपा 50 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। ऐसी स्थिति में 70 और 50 को प्लस करें तो भाजपा को 120 सीट मिल रही है और वो सरकार बना रही है। इससे कुछ ऊपर नीचे होता है तो भाजपा उस पर अलग से विचार कर रही है पार्टी के नेता अलग-अलग आप्शनों पर भी काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की बात करें तो कमलनाथ के करीबी उन्हे 180 सीटों का सपना दिखा रहे हैं जिस पर कमलनाथ 140 सीट का आंकड़ा लेकर चल रहे हैं।

1/10/2023255
Page 134 of 135