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607 विशेषज्ञ चिकित्सकों की जल्द होगी भर्ती,उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने विभागीय समीक्षा में दिया निर्देश

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला की अध्यक्षता में चार सदस्यीय मंत्रिपरिषद की उप समिति गठित

निजी हाथों में जाएंगे प्रदेश के मेडिकल कॉलेज,कैबिनेट में प्रस्ताव हो चुका पास,चुनाव के बाद धरातल में उतरेगी योजना

डॉ. नरोत्तम मिश्रा के लिए उमड़ा ब्राह्मणों का जन सैलाव,जम कर लगे नारे
देश में ब्राम्हण भी खूब हैं और नेता भी खूब हैं लेकिन ऐसा एक भी ब्राम्हण नेता नहीं जो ब्राम्हणों के हित की बात खुलेआम करता हो। आज प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) हैं जो किसी ब्राम्हण के कार्यक्रम में जाने से परहेज करते हैं वहीं किसी मुस्लिम के टेंट हाउस का शुभारंभ करना हो तो वो उसका रिबन काटने के लिए समय से पहले पहुंच जाते हैं। एक और ब्राम्हण नेता बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (vd sharma) हैं जिनके निवास पर ब्राम्हण जाते हैं तो वो पहले ही कह देते हैं कि मै कोई ब्राम्हण नेता नहीं हूं। कुछ हद तक गोपाल भार्गव (gopal bhargava) अपने क्षेत्र में कोशिश करते हैं लेकिन वो भी बेमन होकर। और एक हैं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा जिसको प्रदेश के हर कोने का ब्राम्हण राजनीति से हट कर अपना नेता मानता है। क्योंकि डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) का ही एक ऐसा दरवाजा है जो ब्राम्हणों के हित के लिए 24 घंटे खुला रहता है। ऐसा भी नहीं है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा सिर्फ ब्राम्हणों के हित की ही बात करते हैं वो हर समाज के विकास की बात करते हैं और हर समाज के ब्यक्ति के सुख समृद्धि की हमेशा कामना करते हैं। असल में ब्राम्हण भी वही है जो समाज के हर वर्ग की बात करे। आज देश का हर वर्ग ब्राम्हणों को गाली देने में ब्यस्त रहता है लेकिन कभी कोई यह नहीं सोचता कि ब्राम्हतों ने शिक्षा देने में कभी कोई भेदभाव नहीं किया। ब्राम्हणों के दरवाजे जिस समाज का भी ब्यक्ति गया उसके कल्याण की बात ब्राम्हण करता है। मंगलवार को गुना में ब्राम्हणों के होली मिलन में जब डॉ. नरोत्तम मिश्रा पहुंचे तो वहां पर मौजूद ब्राम्हण समाज के लोगों ने दोनों बाहें फैला कर उनका स्वागत किया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा का जब तक संबोधन चला उसका एक-एक शब्द लोग ऐसे सुन रहे थे जैसे श्रीमद भगवत गीता का पाठ चल रहा हो। डॉ. नरोत्तम मिश्रा को आज ब्राम्हण वर्ग के समर्थन की जरुरत है क्योंकि एक ब्राम्हण हजार पर भारी होता है।

राजेन्द्र शुक्ला की जिद के चलते बीजेपी के हाथ से फिसल सकता है रीवा,कांग्रेस मजबूत
रीवा में अपना वर्चश्व कायम रखने के लिए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) ने दो बार के सांसद जनार्दन मिश्रा (janardan mishra) को एक बार फिर चुनाव मैदान में टिकट दिला दिया है। जनार्दन मिश्रा उन निस्क्रिय सांसदों में गिने जाते हैं जो अपने दस साल के कार्यकाल में रीवा से बाहर ही नहीं निकले। रीवा संसदीय क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें हैं उन विधानसभा क्षेत्र का दस साल में जनार्दन मिश्रा दौरा नहीं कर पाए। जनार्दन मिश्रा राजेन्द्र शुक्ला के बेहद करीबी माने जाते हैं इसी लिए उन्होने जनार्दन को एकबार फिर टिकट दिला कर जिताने की गारंटी ली है। लेकिन जनार्दन के खिलाफ एंटीइनकमबेंसी इतनी ज्यादा है कि अब खुद राजेन्द्र शुक्ला को अपने फैसले पर पछतावा हो रहा है। ठीक इसी प्रकार उन्होने विधानसभा चुनाव में सेमरिया से केपी त्रिपाठी को टिकट दिलाया और आखिर में हताशा ही हाथ लगी। जिस उम्मीदवार ने विधानसभा में राजेन्द्र शुक्ला के करीबी केपी त्रिपाठी को चुनाव में हराया अब उन्ही अभय मिश्रा की पत्नी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के रुप में अपना भाग्य आजमा रही हैं। रीवा में राजनीतिक विश्लेषकों का साफ कहना है कि मोदी की गारंटी अलग विषय है लेकिन उन्हे एक ऐसा सांसद चाहिए जो उनके सुख दुख में खड़ा हो सके और जनार्दन मिश्रा में ऐसा कुछ नहीं है। वो थके हुए एक निस्क्रिय नेता हैं जो राजेन्द्र शुक्ला के द्वारा रीवा की जनता पर थोपे गए हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी कहना है कि पीएम मोदी,उनकी योजनाएं और गारंटी सबकुछ ठीक है लेकिन क्षेत्र में अगर उनको कोई जरुरत पड़ेगी तो सांसद के पास ही जाएंगे न की मोदी के पास। लिहाजा भाजपा किसी को भी चुनाव मैदान में उतार देगी तो उसे बार-बार बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

पूर्व मंत्री का आरोप डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला और उनका स्टाफ नहीं उठाता फोन
अभी तक रीवा की जनता डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) के निजी सचिव आनंद भट्ट से परेशान थी लेकिन अब तो भाजपा के नेता भी उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला और उनके स्टाफ से परेशान हो चुके हैं। ताजा मामला भाजपा की वरिष्ठ नेत्री कुसुम मंहदेले (kusum mahdele) का है जिन्होने सार्वजनिक रुप से ट्वीट कर इस बात का खुलासा किया है कि उन्होने राजेन्द्र शुक्ला सहित उनके स्टाफ के लोगों को एक नहीं बल्कि दस बार फोन लगाया लेकिन राजेन्द्र शुक्ला तो दूर उनके किसी स्टाफ ने उनका फोन उठाने की जहमत तक नहीं उठाई । राजेन्द्र शुक्ला और उनके स्टाफ ने पूर्व मंत्री कुसुम मंहदेले का जब फोन नहीं उठाया तो उन्होने इस बात से आहत होकर सार्वजनिक रुप से ट्वीट कर दिया। गौरतलब है कि इस वक्त भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'मोदी मेरा परिवार' नामक एक अभियान चला रखा है जिसके तहत भाजपा के सभी नेता और कार्यकर्ता अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर खुद को मोदी का परिवार कहते नजर आ रहे हैं। अब स्थिति ये है कि मोदी का परिवार ही मोदी के परिवार का फोन उठाने से कतरा रहा है। बात जब उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला की आती है तो अलग ही हो जाती है। रीवा की जनता ने उनको कामयाबी के शिखर तक पहुंचाया और आज वो रीवा की जनता से मिलना पसंद नहीं करते हैं। इतना ही नहीं उनके निजी सचिव आनंद भट्ट सहित अन्य स्टाफ भी रीवा की जनता को महत्व नहीं देते हैं। यहां तक तो ठीक है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला को तो यहां तक कहते सुना गया है कि वो रीवा की जनता से परेशान हो चुके हैं। जहां भी जाते हैं रीवा की जनता उनका पीछा करते हुए पहुंच जाती है।

आखिर आनंद भट्ट से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला को मोह क्यों,क्या रीवा की जनता का अपमान चाहते हैं राजेन्द्र शुक्ला
इंसान के शांत चेहरे के पीछे क्या चल रहा है इस बात का अंदाजा लगाना मुस्किल है। और ये बात चरितार्थ होती है उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) के ऊपर। जिन्होने अपने निजी सचिव को इतनी छूट दे रखी है जो किसी का भी अपमान कर सकता है। राजेन्द्र शुक्ला एक सरल और सौम्य क्षवि वाले विकाश सील नेता की क्षवि रखते हैं। राजेन्द्र शुक्ला ने रीवा में विकास के नए आयाम रचे हैं लेकिन उनकी कीर्ति को उन्ही का निजी सचिव ध्वस्त कर रहा है जिसकी जानकारी उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला को नहीं है अथवा वो सब जान कर भी अनजान हैं। झाबुआ के रहने वाले आनंद भट्ट (anand bhatt) उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के साथ करीब 15 साल से जुड़े हैं और उनका सारा काम वही देखते हैं। आनंद भट्ट का एक ही काम है रीवा की जनता का अपमान करना,उनका तिरस्कार करना और किसी भी सूरत में रीवा के लोगों को राजेन्द्र शुक्ला से दूर रखना। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला और उनके निजी सचिव की जुगलबंदी की कहानियां अब संघ तक पहुंच चुकी हैं। जो राजेन्द्र शुक्ला संघ के काफी करीबी माने जाते थे उन्ही राजेन्द्र शुक्ला पर अब संघ की तीसरी नजर जम जुकी है। उप मुख्यमंत्री बनने के बाद राजेन्द्र शुक्ला ने आनंद भट्ट को अपना निजी सचिव बना लिया उसके बाद आनंद भट्ट ने धीरे-धीरे कर उनके पूरे स्टाफ में झाबुआ का ही पूरा स्टाफ शामिल हो गया है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाफ में तबादलों खूब दौर चला है। कहा जा रहा है कि आनंद भट्ट ने जिसकी फाइल भेजी उसी का ट्रांसफर हुआ है बांकी किसी के तबादले की फाइल आगे नहीं बढ़ी है। आनंद भट्ट की अंगुलियों पर रीवा के चहेते नेता राजेन्द्र शुक्ला नाचते हैं और रीवा की जनता को यही पसंद नहीं है कि उनका नेता एक ऐसे कर्मचारी की अंगुरियों में नाचे जो पर्दे के पीछे से उनके लिए विलेन का काम कर रहा है। पता चला है कि आनंद भट्ट के कारण उप मुख्यमंत्री कई करीबियों ने उनसे दूरी बनाना शुरु कर दिया है। आखिर ऐसा हो भी क्यों न अपनी इज्जत सभी को प्यारी है। क्योंकि रीवा के लोग राजेन्द्र शुक्ला से मिलने जाते हैं तो उन्हे कतार में लगने के लिए कहा जाता है और कही अन्य जगह के लोग राजेन्द्र शुक्ला से मिलने आते हैं तो उन्हे पीछे के दरवाजे से अंदर कर दिया जाता है और उनके लिए उप मुख्यमंत्री के पास पर्याप्त समय होता है। रीवा वालों को जो समय देना चाहिए वही समय बाहरी लोगों को दिया जा रहा है। और यही लोगों की नाराजगी का कारण भी बनता चला जा रहा है।

उज्जैन में होगा ब्राह्मण रत्न सम्मान समारोह,संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति के सदस्यों ने की तैयारी
संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति एवं मध्य प्रदेश ब्राह्मण महासभा के नेतृत्व में उज्जैन में अति शीघ्र होने वाले ब्राह्मण रत्न सम्मान (brahmin ratna samman) समारोह को लेकर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) से संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक संगठन के सदस्यों ने इस मामले को लेकर ब्राह्मण नेताओं से मुलाकात कर कार्यक्रम की जानकारी दी है। संगठन की तरफ से राष्ट्रीय अध्यक्ष पं मनोज (अजय) रावत ने बताया कि ब्राह्मण रत्न सम्मान समारोह के आयोजन को लेकर राजेंद्र शुक्ला उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा मंत्री से चर्चा की है। साथ ही प्रतिभा बागरी नगरी विकास एवं आवास राज्य मंत्री, राधा सिंह पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री से भी भेंट की गई। इस अवसर पर पं मनोज (अजय) रावत राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ ही पं संजय शर्मा, पं राधेश्याम शर्मा देवास, जितेंद्रजी, श्यामली शर्मा, निहारिका शर्मा, सविता चौहान आदि मौजूद रहे। इस ब्राह्मण रत्न कार्यक्रम की रुप रेखा तैयार कर ली गई है जल्द ही तारीख की भी घोषणा की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के शासकीय आवास पर रीवा की जनता का होता है अपमान
विंध्य क्षेत्र से उप मुख्यमंत्री बनाए गए राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर रीवा सहित विंध्य के रहवासियों के साथ भेदभाव की खबरें आ रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उप मुख्यमंत्री के निजी सचिव आनंद भट्ट का ब्यौहार रीवा की जनता के प्रति ठीक नहीं बताया जाता है। इतना ही नहीं विंध्य क्षेत्र के मीडिया कर्मी जो भोपाल के अलग-अलग न्यूज चैनल अथवा अखबार में काम करते हैं और वो आनंद भट्ट को फोन करते हैं तो आनंद भट्ट बुरी तरह से बात करते हैं। आनंद भट्ट के बात करने के तरीके पर ना सिर्फ मीडिया कर्मी नाराज बताए जा रहे हैं बल्कि विंध्य अथवा रीवा से आने वाले सामान्य नागरिक अथवा भाजपा के कार्यकर्ता भी काफी नाराज नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि राजेन्द्र शुक्ला को ब्राह्मण होने और विंध्य में भाजपा के पक्ष में अच्छे नतीजे आने के इनाम के तौर पर उप मुख्यमंत्री बनाया गया था। राजेन्द्र शुक्ला में तो कमी की शिकायत नहीं है क्योंकि उन तक कोई पहुंच जाता है तो उसका काम हो अथवा नहीं लेकिन राजेन्द्र शुक्ला उसकी बात सुनते हैं और उस काम को पूरा करने का आश्वासन भी देते हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या इसी बात की है कि राजेन्द्र शुक्ला से भोपाल में मिलना आम जनता को मुश्किल हो रहा है। क्योंकि उनका जो स्टाफ है उनका ब्यौहार ही जनता के प्रति ठीक नहीं है। और जिस प्रकार से रीवा-सतना और सीधी के लोगों को उपेक्षित किया जाता है उससे राजेन्द्र शुक्ला के प्रति लोगों के मन में नफरत का माहौल तैयार हो रहा है। राजेन्द्र शुक्ला को विकास पुरुष कहा जाता है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भी एक समस्या है। उनको विंध्य क्षेत्र के मीडिया कर्मियों ने कई बार उनके स्टाफ के बारे में बताने का प्रयास भी किया जिसे राजेन्द्र शुक्ला सुनते तो बड़े ध्यान से हैं लेकिन उसके बाद वो गुनते नहीं हैं। मतलब साफ है कि जनता के साथ जिस प्रकार से दुरव्यहार की खबरें आ रही हैं अथवा उनके साथ जिस प्रकार से दुरव्यहार किया जा रहा है उसमें राजेन्द्र शुक्ला की भी मौन स्वीकृति है। नहीं तो इतनी शिकायतें मिलने के बाद भी राजेन्द्र शुक्ला अपने स्टाफ को नसीहत देते अथवा बदलाव की कोशिश करते।

संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति के सदस्यों ने की उप मुख्यमंत्री से मुलाकात
संयुक्त ब्राह्मण सामाजिक कल्याण समिति (sanyukt brahmin samajik kalyan samiti) के सदस्यों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पं मनोज रावत (manoj rawat) के नेत्रृत्व में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) से मुलाकात ही। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने ब्राह्मण समाज की मातृशक्ति को परशुराम कल्याण बोर्ड एवं सामान्य कल्याण बोर्ड के गठन में प्रतिनिधित्व देने के लिए डिप्टी सीएम के निवास पर बैठक कर चर्चा करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज मात्रृशक्ति को भी समाज में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रयास रत है। उप मुख्यमंत्री ने संगठन के सदस्यों की बात को ध्यान से सुना और उनकी तारीफ करते हुए कहा कि यह एक अच्छा काम है। इस संगठन की ओर से आने वाले समय में उज्जैन में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला का सम्मान किया जाएगा।

रीवा की धरती पर बजी 'मोहन' की मुरली,सीएम के स्वागत के लिए हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़
अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रीवा की देश भर में अलग ही पहचान है। रीवा में अतिथि देवो भवह की परंपरा को सबसे आगे रखा जाता है। और बात जब प्रदेश के मुखिया की हो तो रीवा की जनता पलक पावड़े बिछा कर उनका स्वागत करती है। कुछ ऐसा ही नजारा शुक्रवार को उस वक्त देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) रीवा पहुंचे। सबसे पहले उन्होने रीवा के कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक की उसके बाद भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत पर वो आभार यात्रा निकालते नजर आए। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ रीवा के विकास पुरुष और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के साथ सांसद जनार्दन मिश्रा भी मौजूद रहे। रीवा के प्रमुख मार्गों से मुख्यमंत्री का रोड शो निकाला गया। मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए रीवा की जनता सड़क पर उतर आई (mohan yadav in rewa)। मुख्यमंत्री का काफिला जिस गली से गुजरा उसी गली में फूलों की बारिश हुई। रीवा की जनता का स्वागत देख मुख्यमंत्री भी काफी प्रसन्न नजर आए। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार संभागवार समीक्षा कर रहे हैं और वहां जाकर आभार यात्रा निकाल कर स्थानीय जनता का भाजपा के उम्मीदवारों को वोट देने पर आभार भी ब्यक्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रीवा में दौरा प्रस्तावित किया गया था जहां पर मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट में एक समीक्षा बैठक करते हुए रीवा में करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी है। जो अलग-अलग क्षेत्रों में इस्तेमाल की जाएगी। विधानसभा चुनाव में रीवा की आठ सीटों में सात सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई हैं और पूरे विंध्य की बात करें तो सीत सीटों में 25 सीटें भाजपा के खाते में गई हैं जो 2018 की तुलना में एक सीट अधिक है। विंध्य और रीवा को इस समय भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से राजेन्द्र शुक्ला को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। माना जा रहा है कि जिस प्रकार से विंध्य में भाजपा ने सीटें जीती हैं उसमें राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) की रणनीति काफी कारगर साबित हुए है यही कारण है कि मुख्यमंत्री भी रीवा की तरफ काफी ध्यान दे रहे हैं।

पीएम मोदी से मिले मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजेन्द्र शुक्ला
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) और जगदीश देवड़ा (jagdish dewda) के साथ दिल्ली दौरे पर गए। इस दौरान उन्होने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (amit shah) ,राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (jp nadda) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm narendra modi) से मुलाकात की। तीनों नेताओं का यह दिल्ली दौरा मप्र की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ दो उप मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन किसी मंत्री को शपथ नहीं दिलाई गई। इस वक्त मप्र में हर ब्यक्ति की जुवान पर एक ही नाम है कि मंत्रिमंडल में कौन शामिल होगा। सूत्रों के मुताबिक आज मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की सूची पर अंतिम मुहर लगवा ली है। अब शपथ का इंतजार है। बताया जा रहा है कि इस मंत्रिमंडल में कुछ पुराने चेहरों के लिया जाएगा। बांकी नए चेहरों को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की बात सामने आ रही है। इस बार की विधानसभा में बहुत से ऐसे नेता हैं जो तीसरी अथवा चौथी बार जीत कर आए हैं और वो सभी मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। सभी नेताओं को खुश नहीं किया जा सकता लेकिन केन्द्रीय नेत्रृत्व ऐसे नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहता है जो लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मेहनत कर सकें।