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प्रदेश के विश्वविद्यालयों को उद्योगों की तरह सुविधा देने की योजना बना रही प्रदेश सरकार
मध्य प्रदेश

प्रदेश के विश्वविद्यालयों को उद्योगों की तरह सुविधा देने की योजना बना रही प्रदेश सरकार

16/6/2024139
एयर कनेक्टिविटी से जुड़े एमपी के आठ शहर,रीवा के लोग करेंगे हवाई सफर
मध्य प्रदेश

एयर कनेक्टिविटी से जुड़े एमपी के आठ शहर,रीवा के लोग करेंगे हवाई सफर

13/6/2024352
रीवा नगरीय विकास एवं आवास विभाग में नियम विरुद्ध नियुक्तियां,छह अधिकारी निलंबित
मध्य प्रदेश

रीवा नगरीय विकास एवं आवास विभाग में नियम विरुद्ध नियुक्तियां,छह अधिकारी निलंबित

30/4/2024208
राजेन्द्र शुक्ला की जिद के चलते बीजेपी के हाथ से फिसल सकता है रीवा,कांग्रेस मजबूत
भोपाल

राजेन्द्र शुक्ला की जिद के चलते बीजेपी के हाथ से फिसल सकता है रीवा,कांग्रेस मजबूत

रीवा में अपना वर्चश्व कायम रखने के लिए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) ने दो बार के सांसद जनार्दन मिश्रा (janardan mishra) को एक बार फिर चुनाव मैदान में टिकट दिला दिया है। जनार्दन मिश्रा उन निस्क्रिय सांसदों में गिने जाते हैं जो अपने दस साल के कार्यकाल में रीवा से बाहर ही नहीं निकले। रीवा संसदीय क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें हैं उन विधानसभा क्षेत्र का दस साल में जनार्दन मिश्रा दौरा नहीं कर पाए। जनार्दन मिश्रा राजेन्द्र शुक्ला के बेहद करीबी माने जाते हैं इसी लिए उन्होने जनार्दन को एकबार फिर टिकट दिला कर जिताने की गारंटी ली है। लेकिन जनार्दन के खिलाफ एंटीइनकमबेंसी इतनी ज्यादा है कि अब खुद राजेन्द्र शुक्ला को अपने फैसले पर पछतावा हो रहा है। ठीक इसी प्रकार उन्होने विधानसभा चुनाव में सेमरिया से केपी त्रिपाठी को टिकट दिलाया और आखिर में हताशा ही हाथ लगी। जिस उम्मीदवार ने विधानसभा में राजेन्द्र शुक्ला के करीबी केपी त्रिपाठी को चुनाव में हराया अब उन्ही अभय मिश्रा की पत्नी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के रुप में अपना भाग्य आजमा रही हैं। रीवा में राजनीतिक विश्लेषकों का साफ कहना है कि मोदी की गारंटी अलग विषय है लेकिन उन्हे एक ऐसा सांसद चाहिए जो उनके सुख दुख में खड़ा हो सके और जनार्दन मिश्रा में ऐसा कुछ नहीं है। वो थके हुए एक निस्क्रिय नेता हैं जो राजेन्द्र शुक्ला के द्वारा रीवा की जनता पर थोपे गए हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी कहना है कि पीएम मोदी,उनकी योजनाएं और गारंटी सबकुछ ठीक है लेकिन क्षेत्र में अगर उनको कोई जरुरत पड़ेगी तो सांसद के पास ही जाएंगे न की मोदी के पास। लिहाजा भाजपा किसी को भी चुनाव मैदान में उतार देगी तो उसे बार-बार बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

2/4/2024332
रीवा और सतना में 'पटेलवाद' मोदी की गारंटी में बनेगा रोड़ा,बीएसपी ने बढ़ाई मुसीबत
मध्य प्रदेश

रीवा और सतना में 'पटेलवाद' मोदी की गारंटी में बनेगा रोड़ा,बीएसपी ने बढ़ाई मुसीबत

एमपी में विध्य क्षेत्र हमेशा राजनीति के जानकारों के लिए अबूझ पहेली रहा है। पिछले कुछ सालों में इस क्षेत्र की तासीर बदली है लेकिन इतनी भी नहीं बदली है जितनी भाजपा ने उम्मीद की है। रीवा की बात करें तो यह संसदीय क्षेत्र ब्राम्हण बाहुल माना जाता है। और बीजेपी ने उस ब्राम्हणत्व का पिछली दो पंचवर्षीय से काफी लाभ उठाया है। लेकिन इस बार की परिस्थितियां भिन्न हैं। हांलाकि बीजेपी अब भी मोदी की गारंटी का दंभ भर रही है और बीजेपी का यह भी मानना है कि मोदी की गारंटी फेल हुई तो 'राम बेड़ा पार करेंगे' लेकिन जिस प्रकार से रीवा में भाजपा ने दो बार के सांसद जनार्दन मिश्रा (janardan mishra) और कांग्रेस ने नीलम मिश्रा (neelam mishra) पर दांव लगाया है उसके बाद लड़ाई दिलचश्प हो गई है। इन दोनों पार्टियों से अलग बीएसपी ने रीवा में भाजपा और कांग्रेस का तोड़ निकालते हुए कुर्मी को चुनाव मैदान में उतार कर भाजपा के लिए मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। रीवा में ब्राम्हणों के अलावा कुर्मी समाज की बड़ी आबादी है और बीएसपी ने उसी का फायदा उठाते हुए अभिषेक पटेल (abhishekh patel) को चुनाव मैदान में उतार दिया है। इतिहास गवाह है कि जब भी भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने ब्राम्हण को अपना उम्मीदवार बनाया है तो रीवा में बीएसपी उम्मीदवारों ने चमत्कारिक प्रदर्शन कर जीत दर्ज की है। सतना का भी सूरतेहाल कुछ ऐसा ही है। बीजेपी ने चार बार के सांसद गणेश सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है जो विधानसभा चुनाव में हार चुके हैं और कट्टर कुर्मी होने के कारण अन्य वर्ग इनसे काफी नाराज है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा (siddharth kushwaha) को चुनाव मैदान में उतारा है दोनों नेता ओबीसी वर्ग से आते हैं। यहां भी बीएसपी ने बड़ा खेला करते हुए पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी को चुनाव मैदान में उतार दिया है। मतलब साब है कि बहुजन और ब्राम्हण एक तरफ होंगे तो यहां नारायण त्रिपाठी यानि बीएसपी जीत दर्ज कर सकती है। ऐसी परिस्थितियों में मोदी की गारंटी रीवा और सतना में फैल होने की उम्मीद की जा रही है।

29/3/2024243
रीवा और सतना में जातीय समीकरण के आगे फेल हो सकती है मोदी की 'गारंटी'
भोपाल

रीवा और सतना में जातीय समीकरण के आगे फेल हो सकती है मोदी की 'गारंटी'

विंध्य क्षेत्र राजनीतिक दृष्टिकोण से हमेशा कठिन माना जाता रहा है। और बात जब चुनाव की आती है तो विंध्य में जातीय समीकरण पूरे शबाब पर आ जाते हैं। बात सतना और रीवा की हो तो कुछ अलग ही समीकरण सामने आते हैं। सतना से भाजपा ने चार बार के सांसद गणेश सिंह (ganesh singh) को पांचवीं बार चुनाव मैदान में उतार दिया है जो विधानसभा चुनाव में शिकस्त खा चुके हैं फिर भी भाजपा ने उनके नाम पर ही विश्वास दिखाया है। उनके खिलाफ कांग्रेस ने शिद्धार्थ कुशवाहा (siddharth kushwaha) को चुनाव मैदान में उतारा है दोनों नेता ओबीसी वर्ग से आते हैं। गणेश सिंह को कट्टर कुर्मी और जातिवादी नेता माना जाता है इसी लिए सतना में अन्य वर्ग के वोटर गणेश सिंह को पसंद नहीं करते। अब पता चल रहा है कि मैहर विधानसभा से कई बार विधायक रह चुके नारायण त्रिपाठी फिर से चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति बना रहे हैं। नारायण त्रिपाठी एक ब्राम्हण नेता हैं और भाजपा कांग्रेस दोनों दलों से ओबीसी नेताओं के चुनाव लड़ने के कारण नारायण त्रिपाठी को ब्राम्हण वोट मिलना तय है। कुछ इसी प्रकार रीवा में भी समीकरण देखने को मिल रहे हैं जहां भाजपा ने दो बार के सांसद जनार्दन मिश्रा को फिर चुनाव मैदान में उतार दिया है। जनार्दन मिश्रा सरल और सौम्य ब्यक्तित्व के धनी हैं लेकिन उनकी क्षेत्र में उपस्थिति न के बराबर रहती है इसलिए रीवा की जनता उनसे नाराज है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस भी ब्राम्हण उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने की योजना बना रही है। अगर यहां से कांग्रेस ने किसी DMT वर्ग के नेता यानि मिश्रा,तिवारी अथवा दुबे पर दांव लगाया तो मुकाबला दिलचश्प हो जाएगा। और इनसे हट कर बीएसपी ने अगर किसी कुर्मी वर्ग (पटेल) नेता को चुनाव मैदान में उतार दिया तो मुकाबला त्रिकोणीय हो जाएगा और बीएसपी के जीतने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। रीवा और सतना में जिस प्रकार से जातीय समीकरण देखने को मिल रहे हैं उसमें मोदी की 'गारंटी' भी कुछ ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाएगी।

14/3/2024326
पूर्व मंत्री का आरोप डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला और उनका स्टाफ नहीं उठाता फोन
भोपाल

पूर्व मंत्री का आरोप डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला और उनका स्टाफ नहीं उठाता फोन

अभी तक रीवा की जनता डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) के निजी सचिव आनंद भट्ट से परेशान थी लेकिन अब तो भाजपा के नेता भी उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला और उनके स्टाफ से परेशान हो चुके हैं। ताजा मामला भाजपा की वरिष्ठ नेत्री कुसुम मंहदेले (kusum mahdele) का है जिन्होने सार्वजनिक रुप से ट्वीट कर इस बात का खुलासा किया है कि उन्होने राजेन्द्र शुक्ला सहित उनके स्टाफ के लोगों को एक नहीं बल्कि दस बार फोन लगाया लेकिन राजेन्द्र शुक्ला तो दूर उनके किसी स्टाफ ने उनका फोन उठाने की जहमत तक नहीं उठाई । राजेन्द्र शुक्ला और उनके स्टाफ ने पूर्व मंत्री कुसुम मंहदेले का जब फोन नहीं उठाया तो उन्होने इस बात से आहत होकर सार्वजनिक रुप से ट्वीट कर दिया। गौरतलब है कि इस वक्त भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'मोदी मेरा परिवार' नामक एक अभियान चला रखा है जिसके तहत भाजपा के सभी नेता और कार्यकर्ता अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर खुद को मोदी का परिवार कहते नजर आ रहे हैं। अब स्थिति ये है कि मोदी का परिवार ही मोदी के परिवार का फोन उठाने से कतरा रहा है। बात जब उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला की आती है तो अलग ही हो जाती है। रीवा की जनता ने उनको कामयाबी के शिखर तक पहुंचाया और आज वो रीवा की जनता से मिलना पसंद नहीं करते हैं। इतना ही नहीं उनके निजी सचिव आनंद भट्ट सहित अन्य स्टाफ भी रीवा की जनता को महत्व नहीं देते हैं। यहां तक तो ठीक है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला को तो यहां तक कहते सुना गया है कि वो रीवा की जनता से परेशान हो चुके हैं। जहां भी जाते हैं रीवा की जनता उनका पीछा करते हुए पहुंच जाती है।

11/3/2024420
अबकी बार 'गणेश विसर्जन' पर ध्यान,सतना रीवा की जनता भाजपा के 'थोपे' उम्मीदवारों से नाराज
भोपाल

अबकी बार 'गणेश विसर्जन' पर ध्यान,सतना रीवा की जनता भाजपा के 'थोपे' उम्मीदवारों से नाराज

लोकसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने देश के 16 राज्यों की 195वे लोकसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसमें एमपी की 29 सीटों के 24 उम्मीदवार भी शामिल हैं। भाजपा ने इस बार कोई भी चौकाने वाला निर्णय नहीं लिया जो जनता के गले से नहीं उतर रहा है। विंध्य की बात करें तो सतना लोकसभा सीट से सांसद गणेश सिंह (ganesh singh) पर भाजपा ने एक बार फिर भरोसा कर स्थानीय जनता को नाराज कर दिया है। सतना एक ब्राम्हण बाहुल सीट मानी जाती है और गणेश सिंह कुर्मी समाज से आते हैं। और गणेश सिंह एक कट्टर जातिवादी नेता माने जाते हैं जिसके चलते अन्य वर्ग के लोग उनसे नाराज रहते हैं। दो बार सतना की जनता ने मोदी के नाम पर सांसद बना दिया लेकिन इस बार सतना की जनता गणेश सिंह को फिर सांसद नहीं बनाना चाहती है। जनता मोदी को तो चाहती है लेकिन गणेश सिंह को नहीं चाहती जिसका उदाहरण विधानसभा चुनाव में देखने को मिल चुका है। सतना की जनता गणेश सिंह को विधानसभा चुनाव में हरा चुकी है। कुछ ऐसा ही हाल रीवा का भी देखने को मिल रहा है जहां भाजपा ने दो बार के सांसद जनार्दन मिश्रा को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतारा है। जनार्दन मिश्रा को राजेन्द्र शुक्ला का डमी कैंडीडेट के रुप में माना जाता है। जनार्दन मिश्रा एक सरल और सौम्य सांसद की छवि रखते हैं लेकिन उनकी समस्या ये है कि वो क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहते हैं। दस साल तक सांसद रहने के बाद भी जनार्दन मिश्रा आज तक पूरे रीवा का भ्रमण नहीं कर पाए हैं। रीवा की जनता बहुत जागरुक मानी जाती है। थोपे गए नेताओं को रीवा की जनता ज्यादा बर्दास्त नहीं करती है। लिहाजा इस बार के लोकसभा चुनाव में रीवा और सतना की लोकसभा सीटें भाजपा के लाए कठिनाई पैदा कर सकती हैं। देखना दिलचश्प यही होगा कि जनता की नाराजगी जीतती है अथवा मोदी की गारंटी के आगे जनता नतमस्तक होती है।

5/3/2024227
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के शासकीय आवास पर रीवा की जनता का होता है अपमान
भोपाल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के शासकीय आवास पर रीवा की जनता का होता है अपमान

विंध्य क्षेत्र से उप मुख्यमंत्री बनाए गए राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर रीवा सहित विंध्य के रहवासियों के साथ भेदभाव की खबरें आ रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उप मुख्यमंत्री के निजी सचिव आनंद भट्ट का ब्यौहार रीवा की जनता के प्रति ठीक नहीं बताया जाता है। इतना ही नहीं विंध्य क्षेत्र के मीडिया कर्मी जो भोपाल के अलग-अलग न्यूज चैनल अथवा अखबार में काम करते हैं और वो आनंद भट्ट को फोन करते हैं तो आनंद भट्ट बुरी तरह से बात करते हैं। आनंद भट्ट के बात करने के तरीके पर ना सिर्फ मीडिया कर्मी नाराज बताए जा रहे हैं बल्कि विंध्य अथवा रीवा से आने वाले सामान्य नागरिक अथवा भाजपा के कार्यकर्ता भी काफी नाराज नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि राजेन्द्र शुक्ला को ब्राह्मण होने और विंध्य में भाजपा के पक्ष में अच्छे नतीजे आने के इनाम के तौर पर उप मुख्यमंत्री बनाया गया था। राजेन्द्र शुक्ला में तो कमी की शिकायत नहीं है क्योंकि उन तक कोई पहुंच जाता है तो उसका काम हो अथवा नहीं लेकिन राजेन्द्र शुक्ला उसकी बात सुनते हैं और उस काम को पूरा करने का आश्वासन भी देते हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या इसी बात की है कि राजेन्द्र शुक्ला से भोपाल में मिलना आम जनता को मुश्किल हो रहा है। क्योंकि उनका जो स्टाफ है उनका ब्यौहार ही जनता के प्रति ठीक नहीं है। और जिस प्रकार से रीवा-सतना और सीधी के लोगों को उपेक्षित किया जाता है उससे राजेन्द्र शुक्ला के प्रति लोगों के मन में नफरत का माहौल तैयार हो रहा है। राजेन्द्र शुक्ला को विकास पुरुष कहा जाता है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला की भी एक समस्या है। उनको विंध्य क्षेत्र के मीडिया कर्मियों ने कई बार उनके स्टाफ के बारे में बताने का प्रयास भी किया जिसे राजेन्द्र शुक्ला सुनते तो बड़े ध्यान से हैं लेकिन उसके बाद वो गुनते नहीं हैं। मतलब साफ है कि जनता के साथ जिस प्रकार से दुरव्यहार की खबरें आ रही हैं अथवा उनके साथ जिस प्रकार से दुरव्यहार किया जा रहा है उसमें राजेन्द्र शुक्ला की भी मौन स्वीकृति है। नहीं तो इतनी शिकायतें मिलने के बाद भी राजेन्द्र शुक्ला अपने स्टाफ को नसीहत देते अथवा बदलाव की कोशिश करते।

31/1/2024387
3 स्टार शहर बना रीवा, कचरा मुक्त शहरों के सर्वेक्षण में लगाई छलांग,अब नंबर एक पर नजर
भोपाल

3 स्टार शहर बना रीवा, कचरा मुक्त शहरों के सर्वेक्षण में लगाई छलांग,अब नंबर एक पर नजर

देश भर के स्वच्छ शहरों में रीवा (rewa) शहर ने भी अपनी छाप छोड़ते हुए 3 स्टार की रेटिंग हासिल की है। दरअसल कचरा मुक्त शहरों के सर्वेक्षण (swachh survekshan) में रीवा शहर को 3 स्टार रैकिंग हासिल हुई है। नगर निगम रीवा ने 5 स्टार रैकिंग के लिए आवेदन किया था। लेकिन 3 स्टार रैकिंग मिलने से भी नगर निगम प्रशासन उत्साहित है। अब उसे यह उम्मीद है कि अगले प्रयास में रीवा शहर को 5 स्टार रैंकिंग मिल जाएगी। निगमायुक्त संस्कृति जैन ने नगर निगम की इस सफलता का श्रेय शहर के नागरिकों के साथ-साथ कर्मचारियों एवं अधिकारियों को दिया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन के मार्गदर्शन में शैलेन्द्र शुक्ला नोडल अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन एवं उनकी टीम के प्रयास से स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के स्टार रैकिंग में रीवा शहर ने 3 स्टार रैंक प्राप्त किया है। इस तरह रीवा शहर मध्य प्रदेश में अव्वल आया है। संभागीय स्तर पर तीन नगर निगमों में रीवा शहर 3 स्टार रैकिंग में आया है। नगर पालिक निगम रीवा की इस उपलब्धि पर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने सहयोग के लिये शहर की जनता के प्रति आभार ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि इस बार रीवा को 3 स्टार रैंकिंग मिली है। अगली बार नगर की जनता के सहयोग से 5 स्टार की तैयारी की जाएगी। रीवा संभाग का सिंगरौली नगर निगम पहले से ही कई वर्षों से 3 स्टार रैंकिंग पर है तथा सतना नगर निगम ने सिंगल स्टार रेकिंग प्राप्त किया है। सन् 2024 के सर्वेक्षण में सूरत एवं नवी मुंबई ने 7 स्टार रैकिंग प्राप्त किए हैं तथा प्रदेश का इंदौर नगर निगम पहले से ही सेवन स्टार है। इस प्रकार 5 स्टार शहरों में नई दिल्ली, पटना, रायपुर, भोपाल, पिंपरी चिंचवाड़ तथा नोएडा इत्यादि 10 शहर हैं।

7/1/2024220
रीवा को सौगातों की बौछार, 337 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन और लोकार्पण
भोपाल

रीवा को सौगातों की बौछार, 337 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन और लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) शुक्रवार को रीवा जिले के दौरे पर पहुंचे। जहां वो कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जन आभार यात्रा के माध्यम से रीवा की जनता का आभार भी जताया। साथ ही उन्होने रीवा के एनसीसी मैदान में 337 करोड़ 90 लाख रुपए के जनकल्याणकारी विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित किया। जहां उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विंध्य क्षेत्र का समग्र विकास होगा। विंध्य क्षेत्र अब विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन ने विकास कार्यों के विकेंद्री करण करने की व्यवस्था बनाई गई है। सरकार अब घर-घर तक विकास ले जायेगी। हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्त‍ि तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक बेरोजगार को रोजगार मिले (mohan yadav in rewa) । उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव हो। इसके लिए आने वाले समय में मानव संसाधन पर अधिक निर्भर रहने वाले उद्योगों की स्थापना की जाएगी। खनिज संसाधन की उपलब्धता वाले जिलों में विशेष सब्सिडी देकर उद्योग विकसित किए जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपना सारा जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पित किया था। आज भी जन-जन के हृदय में राम राज्य का सपना बसा हुआ है। भगवान श्रीराम लोगों के रोम-रोम में समाये हुए हैं। इसलिए सिर्फ रोटी, कपड़ा और मकान की आवश्यकता पूर्ति नहीं होगी बल्कि सनातन संस्कृति और धर्म को भी संरक्षित और संवर्धित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आम जनता के मान सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह सरकार जनता की सरकार है। गरीबों की सरकार है। जनता के बीच से ही यह सरकार चुनी गई है। इसलिए जनता का सम्मान करना शासन और प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व है। संभागीय बैठकों में शासन के निर्णय का पालन हो यह सुनिश्चित किया जाएगा।

6/1/2024141
रीवा की धरती पर बजी 'मोहन' की मुरली,सीएम के स्वागत के लिए हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़
भोपाल

रीवा की धरती पर बजी 'मोहन' की मुरली,सीएम के स्वागत के लिए हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़

अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रीवा की देश भर में अलग ही पहचान है। रीवा में अतिथि देवो भवह की परंपरा को सबसे आगे रखा जाता है। और बात जब प्रदेश के मुखिया की हो तो रीवा की जनता पलक पावड़े बिछा कर उनका स्वागत करती है। कुछ ऐसा ही नजारा शुक्रवार को उस वक्त देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mohan yadav) रीवा पहुंचे। सबसे पहले उन्होने रीवा के कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक की उसके बाद भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत पर वो आभार यात्रा निकालते नजर आए। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ रीवा के विकास पुरुष और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के साथ सांसद जनार्दन मिश्रा भी मौजूद रहे। रीवा के प्रमुख मार्गों से मुख्यमंत्री का रोड शो निकाला गया। मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए रीवा की जनता सड़क पर उतर आई (mohan yadav in rewa)। मुख्यमंत्री का काफिला जिस गली से गुजरा उसी गली में फूलों की बारिश हुई। रीवा की जनता का स्वागत देख मुख्यमंत्री भी काफी प्रसन्न नजर आए। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार संभागवार समीक्षा कर रहे हैं और वहां जाकर आभार यात्रा निकाल कर स्थानीय जनता का भाजपा के उम्मीदवारों को वोट देने पर आभार भी ब्यक्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रीवा में दौरा प्रस्तावित किया गया था जहां पर मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट में एक समीक्षा बैठक करते हुए रीवा में करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी है। जो अलग-अलग क्षेत्रों में इस्तेमाल की जाएगी। विधानसभा चुनाव में रीवा की आठ सीटों में सात सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई हैं और पूरे विंध्य की बात करें तो सीत सीटों में 25 सीटें भाजपा के खाते में गई हैं जो 2018 की तुलना में एक सीट अधिक है। विंध्य और रीवा को इस समय भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है। इसी लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से राजेन्द्र शुक्ला को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। माना जा रहा है कि जिस प्रकार से विंध्य में भाजपा ने सीटें जीती हैं उसमें राजेन्द्र शुक्ला (rajendra shukla) की रणनीति काफी कारगर साबित हुए है यही कारण है कि मुख्यमंत्री भी रीवा की तरफ काफी ध्यान दे रहे हैं।

5/1/2024232