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युवाओं और इन्फ्लुएंसर्स को संगठन से जोड़ेगी कांग्रेस 'सोशल मीडिया वारियर्स' अभियान का हुआ आगाज

'कॉकरोच पार्टी' अब बिगाड़ेगी बड़ी पार्टियों का खेल पार्टी के पदाधिकारी बोले हम पॉलिटिकल पार्टी नहीं

गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तिकरण पर आधारित रहा सीएम यादव का एक साल

नर्मदापुरम कॉन्क्लेव में 18 हजार करोड़ निवेश से 24 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

सवा तीन लाख युवाओं को रोजगार देने की तैयारी,ग्वालियर के साथ रीवा में होगा तानसेन समारोह,चिंतन शिविर होगा आयोजित

युवाओं के लिए रोजगार 'संघ' की पहली प्राथमिकता,एक टीम का किया गया गठन,मोहन सरकार के हर काम की होगी निगरानी

युवा कांग्रेस का संगठन होगा मजबूत,कमजोर प्रदर्शन वाले होंगे बाहर,अध्यक्ष मितेन्द्र सिंह ने ली बैठक

बेरोजगार जनसेवा मित्रों ने दिया धरना,न्याय के लिए सीएम हाउस गए तो पुलिस ने लाठियां बरसाई
शनिवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में हजारों की संख्या में जनसेवा मित्र (janseva mitra) न्याय की आस लेकर धरने पर बैठे। दरअसल जनसेवा मित्रों की तत्कालीन शिवराज सरकार (shivraj government) के द्वारा ज्वाइनिंग कराई गई थी। प्रदेश के हर जिलों में पदस्थ जनसेवा मित्रों से सरकार जनहित की योजनाओं को कराने का काम करती थी। लेकिन जनवरी के महीने में जनसेवा मित्रों का अनुबंध खत्म हो गया और वो बेरोजगार हो गए। बेरोजगारी से आर्थिक तंगी की मार झेल रहे जनसेवा मित्रों ने राजधानी के जंबूरी मैदान में दिन भर धरना दिया। और जब वहां उनकी खोई खोज खबर लेने नहीं पहुंचा तो हजारों की संख्या में मौजूद जनसेवा मित्रों ने सीएम हाउस की तरफ कूंच कर दिया।सीएम हाउस की तरफ जा रहे सभी कर्मचारियों को रास्ते में पुलिस ने पहले रोकने का प्रयास किया जब वो नहीं माने तो पुलिस ने उन जनसेवकों पर हल्का बल प्रयोग भी किया जिसके कारण उन्हे खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। गौरतलब है की जनसेवा मित्र के रुप में काम कर रहे इन कर्मचारियों से लाड़ली बहन योजना के साथ-साथ अन्य योजनाओं के लाभ दिलाना एवं उसकी जानकारी लोगों को प्रदान करना उनके डॉक्यूमेंट की केवाईसी करना जैसे काम दिया जाता था। राज्य सरकार के दमनकारी नीति के कारण फिलहाल जनसेवा मित्रों ने अपने कदम पीछे कर लिया है लेकिन वो जल्द भी एक बड़ा जन आंदोलन सरकार के खिलाफ करने की योजना बना रहे हैं।

भर्तियों में गड़बड़ी की कांग्रेस कराएगी जांच,युवाओं को साधने के लिए कांग्रेस पार्टी की बड़ी रणनीति
मप्र कांग्रेस कमेटी हर वर्ग को साधने के लिए अलग-अलग तरह के प्लान पर काम कर रही है (MP Congress)। कांग्रेस को इस बात का अहसास है कि युवाओं को अपने पक्ष में कर लिया तो विधानसभा चुनाव में फतह हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर शासकीय भर्तियों में हुई गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी (congress vachan patra)। गौरतलब है कि एमपी में बहुचर्चित व्यापम घोटाले (vyapam ghotala) सहित पटवारी चयन परीक्षा (patwari exam) और पुलिस भर्ती सहित अलग-अलग परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोप कांग्रेस पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और अब कांग्रेस उसी आरोप को अपना हथियार बना कर चुनाव मैदान में उतरना चाहती है। गौरतलब है कि नई मतदाता सूची के हिसाब से प्रदेश में 14 लाख से अधिक युवा मतदाता जुड़े हैं और कांग्रेस को मालूम है कि इन युवाओं को अपने पक्ष में कर लिया तो चुनाव में फतह हासिल करने से कोई रोक नहीं पाएगा। क्योंकि इस वक्त प्रदेश में बेरोजगारी युवाओं की दुखती रग माना जाता है। जिस प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में युवाओं का पलायन चल रहा है उससे सरकार के प्रति लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी लिए कांग्रेस पार्टी भर्तियों में गड़बड़ी की जांच की गारंटी दे रही है। कांग्रेस की ओर से इंदौर में एक बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाना है जिसके माध्यम से कांग्रेस इस बात की ब्रैंडिंग करेगी कि कांग्रेस की सरकार बनी तो किस प्रकार से भर्तियों की गड़बड़ी को सामने लाया जाएगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस इंदौर में बड़ा कार्यक्रम कर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों के युवाओं में एक मैसेज देना चाहती है कि कांग्रेस पर विश्वास कीजिए,सरकार बनी तो भर्तियों की गड़बड़ी का खुलासा होकर रहेगा। हांलाकि ये बात और है कि कांग्रेस ने भाजपा की सरकार पर आज तक जितने भी आरोप लगाए हैं उनको सिद्ध करने में कांग्रेस नाकाम रही है इसी लिए कांग्रेस पर प्रदेश की जनता पूरी तरह से विश्वास भी नहीं कर पा रही है। इससे पहले साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने व्यापम घोटाले को मुद्दा बनाया था और जब सरकार बनी तो कांग्रेस व्यापम घोटाले को भूल गई,ना कोई जांच हुई ना कोई खुलासा हुआ जिसके कारण कांग्रेस की गारंटी पर प्रदेश की जनता विश्वास भी नहीं कर पा रही है।

प्रदेश के 19 लाख नव मतदाताओं को साधने में जुटा भाजपा युवा मोर्च और यूथ कांग्रेस
पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं पर भाजपा और कांग्रेस की नजर है (MP Elections)। मतदाता सूची का प्रकाशन होते ही भाजपा और कांग्रेस युवाओं को आकर्षित करते के लिए रणनीति बनाने में जुट गई हैं (First time voters)। मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश भर में 19 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। युवा मतदाताओं की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने युवा मोर्चा को जिम्मेदारी सौंप दी है (BJP Yuva Morcha)। पार्टी हाई कमान का आदेश मिलते ही भाजपा युवा मोर्चा ने तीन अक्टूबर से प्रदेश भर में नव मतदाता सप्ताह अभियान शुरु कर दिया है। इसके तहत युवा मोर्चा के कार्यकर्ता अपने सभी 1070 मंडलों में युवा मतदाताओं से घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। दस अक्टूबर को सभी मंडलों में इसका समापन होगा। इसमें युवा मतदाताओं के अलावा जिले के भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में कुछ युवा मतदाताओं को सम्मानित भी किया जाएगा। प्रदेश में नवंबर में विधानसभा चुनाव है ऐसे में युवा मोर्चा और युवा कांग्रेस दोनों ही संगठन युवा मतदाताओं पर डोरे डाल रहे हैं। युवा मोर्चा ने 'खेलेगा मध्यप्रदेश' समेत कई अभियान शुरु किए हैं। इसी प्रकार युवा कांग्रेस ने 'बूथ जोड़ो, यूथ जोड़ो' अभियान शुरु किया है (Youth Congress)। प्रदेश में एक करोड़ 48 लाख युवा मतदाता हैं। दोनों दलों को लगता है कि इन्हे साधने से पूरे परिवार के वोट उनकी झोली में आ जाएंगे।