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मध्य प्रदेश

संविदा कर्मियों के आगे चार साल बाद झुकी सरकार अब नियमित नियुक्तियों में 50 फीसदी मिलेगा आरक्षण

May 3, 2026 3 min read
संविदा कर्मियों के आगे चार साल बाद झुकी सरकार अब नियमित नियुक्तियों में 50 फीसदी मिलेगा आरक्षण
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मध्य प्रदेश लंबे समय से चली आ रही संविदा कर्मियों की मांग अब पूरी होने जा रही है। प्रदेश भर में अलग-अलग विभागों में पदस्थ करीब डेढ़ लाख से अधिक संविदा कर्मियों को रिक्त पदों पर नियुक्ति में 50 प्रतिशत कोटा देने की मांग पूरी करने की कवायद शुरु हो गई है। इसके लिए सभी विभागों के सेवा भर्ती नियम में संशोधन करके उक्त प्रविधान किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह प्रविधान संविदा नीति में तो पहले ही कर दिया गया था लेकिन विभागों ने भर्ती नियमों में संशोधन नहीं किया था। अब सरकार की सख्ती के बाद नियम संशोधित कर लागू किए जाने की योजना पर काम शुरु हो गया है। संविदा नीति में संशोधन वर्ष 2023 में किया गया। यह प्रविधान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर किया गया था। विधानसभा चुनाव के बाद इस नियम को लागू करने में अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई। इसके कारण मामला टलता गया और कर्मचारियों का सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता चला गया। घोषणाओं को पूरा कराने के लिए संविदा कर्मचारियों का भोपाल में महासम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि सभी प्रविधानों को लागू किया जाएगा। अगर किसी प्रविधान को लेकर समस्या है तो संगठन के पदाधिकारी, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी बैठकर उसका रास्ता निकालेंगे। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने पत्र जारी कर सभी विभागाध्यक्षों से संविदा नियम के क्रियान्वयन का फीडबैक मांगा। जिसमें पूछा गया कि किसने नियम लागू किए और किसने नहीं। जहां नियम लागू नहीं हुए, उसके कारण क्या रहे। विभागों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि सरकार ने जब निर्णय ले लिया है तो फिर सेवा भर्ती नियम में संशोधन किए जाएं। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसमें पहल की और नियम संशोधित कर अधिसूचित कर दिए। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार वर्ष 2018 की संविदा नीति में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान था जिसे स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की भर्ती में नहीं दिया। कई मामले न्यायालय पहुंचे। इसमें विभागीय अधिकारी यह जवाब नहीं दे पाए कि उन्होंने पद आरक्षित कर लाभ क्यों नहीं दिया। अब विभाग ने गलती सुधारी है। यह प्रविधान किया गया है कि जिन संविदा कर्मचारियों ने पांच साल निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें नियमित भर्ती के समय लाभ मिलेगा।

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