15 दिन में अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में लिखी जीत की इबारत एक-एक करके पिटे ममता के मोहरे

अमित शाह भारत के गृह मंत्री उन्हें ऐसे ही आधुनिक भारत का चाणक्य नहीं कहा जाता। जहां संभावना नहीं होती वहां पर वो संभावना के बीज रोपित करते हैं। ठीक उसी प्रकार साल 2021 में पश्चिम बंगाल में संभावना का बीज अमित शाह ने बोया था। जिसकी फसल साल 2026 में प्रचंड बिजय के रुप में काटने को मिली। पश्चिम बंगाल में सरकार विरोधी लहर तो पहले से ही थी लेकिन उसको हवा देने वाले की जरुरत थी। और उसके साथ दूसरी बड़ी जरुरत थी पश्चिम बंगाल की जनता के मन विश्वास जगाने की कि यहां पर भी कमल खिल सकता है। और अमित शाह ने वही किया। करीब 15 दिन तक अमित शाह पश्चिम बंगाल में रुके। केन्द्रीय गृह मंत्री लगभग 2 सप्ताह तक पश्चिम बंगाल में डेरा डाल कर रहे। 50 से अधिक रैलियों और रोडशो को संबोधित किया। उन्होंने 2026 में 15 दिनों तक पश्चिम बंगाल में रहकर माइक्रो-मैनेजमेंट के जरिए बीजेपी की जीत की रणनीति तैयार की। भाजपा के 30 से अधिक संगठनात्मक जिलों में अमित शाह ने रात-रात तक बैठकें की और जीत की रणनीति पर काम किया। अमित शाह कार्यकर्ताओं को बैठ कर निर्देश देते रहे और कार्यकर्ता ठीक वैसा ही करते चले गए। नतीजे के तौर पर भारत के इतिहास में पहली बार पश्चिम बंगाल में कमल खिल गया। चेक एंड मेट के इस खेल में ममता के आगे अमित शाह ने ऐसी बिसात बिछाई कि ममता के सारे मोहरे एक-एक करके तास के पत्ते की तरह ढहते चले गए। ममता के पैर की जमीन भी कब खिसक गई ममता को अहसास ही नहीं हुआ। जब तक अहसास हुआ तब तक वो खुद दोनों विधानसभा सीट से चुनाव हार चुकी थी। असल में यह एक महज चुनावी जीत नहीं अमित शाह के त्याग और समर्पण की कहानी भी है। क्योंकि कोई भी जीत बगैर त्याग और समर्पण के नहीं मिलती है। जीत हासिल करने के लिए रणनीति बनानी होती है और लगातार उस रणनीति पर काम करके उसका फीडबैक नेता पड़ता है तभी कोई रणनीति धरातल में उतरती है। चुनाव तो पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता लड़ रहे थे लेकिन चुनाव कैसे लड़ना है और उसे जीत में कैसे तब्दील करना है ये अमित शाह से बेहतर कोई नहीं बता सकता। आम तौर पर फिल्म हिट होने के बाद उसके हीरो की चर्चा होती है न कि फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने वाले की। पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने की पटकथा अमित शाह ने लिखी आज जीत के बाद उसका श्रेय भले मोदी के सिर जा रहा हो लेकिन हकीकत तो यही है कि इस जीत के सूत्रधार अमित शाह हैं दूसरा कोई नहीं।
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