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मध्य प्रदेश

अब तक हुई 32 निगम-मंडलों की नियुक्ति में सिर्फ तीन महिलाओं को अध्यक्ष और आठ को बनाया सदस्य ऐसे में केसे होगा 'नारी का वंदन'

May 2, 2026 3 min read
अब तक हुई 32 निगम-मंडलों की नियुक्ति में सिर्फ तीन महिलाओं को अध्यक्ष और आठ को बनाया सदस्य ऐसे में केसे होगा 'नारी का वंदन'
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मध्य प्रदेश सरकार और संगठन की तरफ से अब तक 32 निगम-मंडलों के अध्यक्षों और सदस्यों की घोषणा की जा चुकी है। हैरान करने वाली बात यह है कि नारी वंदन अधिनियम बिल लाने वाली भाजपा सरकार में महिला नेतृत्व की क्या स्थिति है वो निगम-मंडलों की सूची में साफ देखी जा सकती है। अब तक भाजपा सरकार की तरफ से 32 निगम-मंडलों के अध्यक्षों की घोषणा हुई है जिसमें तीन महिलाओं को अध्यक्ष बनाया गया है तो आठ महिलाओं को सदस्य बनाया गया है। जबकि इसी भाजपा सरकार ने विपक्ष को नारी वंदन अधिनियम के नाम कर सड़क और सदन में जमकर घेरते हुए महिला विरोधी बताया था। नारी वंदन अधिनियम बिल संसद में पास नहीं होने के कारण मध्य प्रदेश में भाजपा ने आक्रोश यात्राएं निकाली। 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जिससे विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जा सके। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। जिस वक्त नारी वंदन अधिनियम की बात हो रही थी उसी वक्त एमपी सरकार और संगठन ने मिल कर निगम-मंडलों की सूची जारी करना शुरु कर दिया। हद तो तब हो गई जब निगम-मंडलों की सूची में दागी और बागी नेताओं को स्थान मिलना शुरु हो गया। इतना ही नहीं जो नेता पार्टी से निष्काशित थे अथवा जिन्होंने पार्टी विरोधी गतिवियों को संचालित किया था उन्हें ढूंढ-ढूढ कर निगम-मंडलों का अध्यक्ष बनाया गया। जबकि दागदार छवि वाले कार्यकर्ता सरकार और संगठन का मुंह ही ताकतें रह गए। भाजपा सरकार की तरफ से जारी निगम-मंडल की सूची में एकात्मवाद स्पष्ट नजर आता है। मतलब यह है कि सारे नाम सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा तय किए गए हैं। जब निगम-मंडलों की सूची तय हुई तो किसी नेता के बैक-ग्राउंड की पड़ताल नहीं हुई। जिसको जो मन आया उसको पद बांट दिया गया। देश भर में नारी वंदन की बात हो रही है उस पर भी विचार नहीं किया गया। भाजपा जिस ट्रैक पर चल रही है उससे यह साफ है कि यहां बार-बार कार्यकर्ताओं को आइना दिखाने का काम हो रहा है कि जो कार्यकर्ता टाट-दरी बिछाने का काम कर रहा है वो आगे भी वही काम करता रहे क्योंकि पार्टी फिलहाल दागी और बागी नेताओं को खुश करने में दिलचस्पी ले रही है। जिस भाजपा में सारे फैसले आपसी बैठक में लिए जाते थे उसी भाजपा में अब हर कार्यकर्ता यही बात कर रहा है कि फैसले कौन ले रहा है और फैसले का आधार क्या है।

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अब तक हुई 32 निगम-मंडलों की नियुक्ति में सिर्फ तीन महिलाओं को अध्यक्ष और आठ को बनाया सदस्य ऐसे में केसे होगा 'नारी का वंदन' | मुखबिर MP