Breaking
Stay connected for the latest news and exclusive updates...
मध्य प्रदेश

भाजपा ने 6 साल के लिए निष्कासित युवा नेता को बनाया नर्मदापुरम का जिलाध्यक्ष इटारसी नगर मंडल के अध्यक्ष से मारपीट के आरोप में हुआ था निष्कासन

भोपाल हृदेश कुमार धारवार। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पार्टी से निष्कासित युवा नेता कुलदीप रघुवंशी को युवा मोर्चा में  नर्मदापुरम का जिला अध्यक्ष ...

• Oct 31, 2026• 3 min read
भाजपा ने 6 साल के लिए निष्कासित युवा नेता को बनाया नर्मदापुरम का जिलाध्यक्ष इटारसी नगर मंडल के अध्यक्ष से मारपीट के आरोप में हुआ था निष्कासन

📷 Cover Photo: भाजपा ने 6 साल के लिए निष्कासित युवा नेता को बनाया नर्मदापुर

ADVERTISEMENT
Font Size:
भोपाल हृदेश कुमार धारवार। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पार्टी से निष्कासित युवा नेता कुलदीप रघुवंशी को युवा मोर्चा में  नर्मदापुरम का जिला अध्यक्ष बना दिया है। बता दें कि कुलदीप रघुवंशी को तत्कालीन  जिला अध्यक्ष माधवदास ने 2023 में 6 साल के लिए निष्कासित किया था। विगत दिवस जारी हुई जिला अध्यक्षों की सूची में भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से 19 जिलों के नए जिलाध्यक्षों और महामंत्रियों की सूची जारी की। इस सूची में नर्मदापुरम जिले की कमान इटारसी निवासी कुलदीप रघुवंशी को सौंपी गई है साथ ही रूपेन्द्र साहू को जिला महामंत्री बनाया गया है। भाजपा में निष्कासन के बाद ग्रैंड वापसी का एक ट्रेंड सा चल पड़ा है इसी तरह महेश केवट को भी पार्टी से निष्कासित किया गया था और फिर निगम मंडल में उनकी वापसी हुई और अब राज्यसभा की सीढ़ियां भी महेश केवट चढ़ चुके हैं।

क्या  है पूरा मामला

कुलदीप रघुवंशी का नाम 31 मार्च 2023 को इटारसी में हुए बहुचर्चित भाजयुमो मारपीट कांड में सामने आया था। गौरतलब है कि  इटारसी नगर मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष अभिषेक निर्मल को पद मिलने से नाराज होकर कुलदीप रघुवंशी और उनके साथियों गोपाल मालवीय और दुर्गेश बघेल ने माला पहनाने के बाद उनकी मारपीट की थी और बाइक पर बैठा कर सुनसान जगह ले गए थे।पुलिस ने अभिषेक निर्मल की रिपोर्ट पर मेडिकल के बाद मामला दर्ज किया था और बाद में अपहरण की धारा बढ़ा कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया था, जहां से एक दिन बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।

इस घटना से संगठन की काफी किरकिरी हुई थी। इसके बाद तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष माधवदास अग्रवाल ने कुलदीप रघुवंशी को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था और अभिषेक निर्मल की नियुक्ति पर भी रोक लगा दी थी।

बिना बहाली के कैसे हुई वापसी? 

नियमानुसार 6 साल का निष्कासन 2029 में खत्म होना था, लेकिन संगठन ने साढ़े तीन साल में ही न सिर्फ उनकी वापसी कराई, बल्कि सीधे जिला अध्यक्ष जैसा महत्वपूर्ण पद दे दिया। इसको लेकर जिले में चर्चा का दौर शुरू हो गया है। नियुक्ति की घोषणा के बाद इटारसी में उनके समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और फूल-मालाओं से स्वागत किया। रघुवंशी को जिला अध्यक्ष बनाए जाने के एक बार फिर जिले में अंदरूनी गुटबाजी बढ़ने की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

Reader Reactions

What is your reaction to this story?
ADVERTISEMENT
📢 Share this story with friends & WhatsApp groups:

Reader Discussion & Comments (0)

Moderated Comments

Leave a Comment

Loading comments...
ADVERTISEMENT