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मध्य प्रदेश

'बापू की कुटिया' से चल रहा भाजपा युवा मोर्चा सूनी पड़ी 'दीनदयाल' की कुटिया वहीं से जेन-जी को साधने की बन रही 'नाकाम' रणनीति

भाजपा की रीढ़ कहलाने वाला युवा मोर्चा इन दिनों प्रदेश कार्यालय के बजाय बिट्टन मार्केट स्थित 'बापू की कुटिया' से संचालित हो रहा है। जिन पदाधिकारियों को...

• Oct 30, 2026• 3 min read
'बापू की कुटिया' से चल रहा भाजपा युवा मोर्चा सूनी पड़ी 'दीनदयाल' की कुटिया वहीं से जेन-जी को साधने की बन रही 'नाकाम' रणनीति

📷 Cover Photo: 'बापू की कुटिया' से चल रहा भाजपा युवा मोर्चा सूनी पड़ी 'दीनद

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भाजपा की रीढ़ कहलाने वाला युवा मोर्चा इन दिनों प्रदेश कार्यालय के बजाय बिट्टन मार्केट स्थित 'बापू की कुटिया' से संचालित हो रहा है। जिन पदाधिकारियों को अपने प्रदेश अध्यक्ष से मिलना होता है उनको उसी रेस्टोरेंट में बुलाया जाता है। मजे की बात यह है कि प्रदेश कार्यालय सूना पड़ा रहता है कई बार तो यहां तक देखने को मिलता है कि युवा मोर्चा के कार्यालय का दरवाजा आधे दिन तक बंद रहता है। क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष को कार्यालय से कोई सरोकार नहीं उनका शौक बड़े रेस्टोरेंट में बेठ कर अध्यक्षीय चलाना है। युवा मोर्चे की स्थिति ये है कि उसके मुखिया सत्ता और संगठन की परवाह किए बगैर खुद का संगठन चलाने पर विश्वास रखते हैं। कार्यालय तभी आते हैं जब पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की प्रदेश कार्यालय पहुंचने की खबर मिलती है। उसके लिए भी उनकी शर्त यही रहती है कि कार्यालय में उनकी अगुआनी करने के लिए कम से कम चार-500 कार्यकर्ता मौजूद रहे जिससे उनका डेकोरम मेंटेन हो सके। पूरे देश में जेन-जी को साधने के लिए भाजपा अलग-अलग तरह के अभियान चला रही है। उस वर्ग को सबसे ज्यादा साधने की जिम्मेदारी भी भाजपा युवा मोर्चे की ही है लेकिन युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष को आलीशान होटल और मंत्रियों के बंगले झांकने से फुर्सत ही नहीं है। भाजयुमों के अध्यक्ष अक्सर किसी न किसी मंत्री के बंगले में ही पाए जाते हैं। फोटो खिंचवाना पुष्पगुच्छ के साथ स्वागत सोशल मीडिया में पार्टी की छोड़ खुद की ब्रांडिंग करना उनकी हावी है। बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती अध्यक्ष बनते समय एक सामान्य गाड़ी से आने वाले भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष ने फार्च्यूनर तक का सफर कर लिया। पार्टी के सभी अभियानों से इतर भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष खुद की अलग पहचान स्थापित करने में लगे हैं। विपक्ष सत्ता पक्ष के विरोध में क्या कर रहा उसकी परवाह उन्हें नहीं है। हाल ही में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी के दिवंगत पिता पर टिप्पणी की थी जिसमें पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया विरोध प्रदरन भी किया लेकिन भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष को इन किसी भी मामलों की शायद भनक भी नहीं लगी क्योंकि उन्हें लग्जरी लाइफ जीना पसंद है। बड़े-बड़े होटलों में बैठना बड़ी और मंहगी गाड़ियों का शौक पालना बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवाना यही उनकी हावी हैं बांकी संगठन का काम करने के लिए टाट-दरी बिछाने वाले कार्यकर्ता मौजूद ही है। भाजपा युवा मोर्चा ने अब तक जितने भी अभियान चलाए वो सिर्फ नमो ऐप तक सीमित रहे उनका धरातल से कोई सरोकार नहीं रहा है और न ही संगठन से उसका सबसे बड़ा उदाहरण पार्टी में अब तक 25 से अधिक जिलों की कार्यकारिणी का घोषित नहीं होना है। युवा मोर्चा अभी तक सभी जिलों की कार्यकारिणी ही घोषित नहीं कर पाया तो वो पार्टी की योजनाओं को धरातल पर कैसे उतारेगी।

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