मध्य प्रदेश
'शांति' की तलाश में परिवार ने एक करोड़ गंवा दिया तब जाकर खुली आंख भाई और बहन ने खेला 'हॉरर-थ्रिलर' फिल्म जैसा ड्रामा
भोपाल से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो किसी हॉरर-थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है। जहां घर में शांति की तलाश थी, वहीं अंधविश्वास के अंधेरे में ए...
• Oct 31, 2026• 3 min read

📷 Cover Photo: 'शांति' की तलाश में परिवार ने एक करोड़ गंवा दिया तब जाकर खुल
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भोपाल से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो किसी हॉरर-थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है। जहां घर में शांति की तलाश थी, वहीं अंधविश्वास के अंधेरे में एक पूरा परिवार उजड़ते-उजड़ते बचा।
घर में कलह... और एंट्री हुई 'भाई-बहन' की
साकेत नगर में रहने वाले पुरुषोत्तम शर्मा का परिवार बिखर रहा था। बेटा घर से अलग रहने लगा था। घर में रोज़ की टेंशन। इसी उथल-पुथल के बीच उनकी पत्नी राजेश्वरी की मुलाकात मोहल्ले की एक परिचित के जरिए आशा यादव से हुई।
आशा ने एक मीठा सा जाल फेंका - "मेरा भाई मुकेश तंत्र-मंत्र का जानकार है, गृहशांति का माहिर है। आपका बिखरा परिवार फिर से एक हो जाएगा, 'हम साथ साथ हैं' की तरह।"
शांति की उम्मीद में राजेश्वरी को ये बात किसी मंत्र की तरह लगी और वो इस जाल में फंसती चली गईं।
25 मई से शुरू हुआ 'खूनी खेल'
पुलिस शिकायत के मुताबिक, 25 मई 2025 से गृहशांति के नाम पर वसूली का सिलसिला शुरू हुआ।
पहले फोन-पे से... फिर हाथों-हाथ कैश... फिर लॉकर में रखी पीढ़ियों की पूंजी तक।
आरोपों का आंकड़ा सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे -
- PhonePe से ट्रांसफर: 7.16 लाख रुपए सीधे आशा के खाते में
- नकद वसूली: घर से 12.54 लाख रुपए
- सोना-चांदी साफ: करीब 625 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी के जेवर
- टोटल हिसाब: करीब 1 करोड़ रुपए का खेल!
तंत्र-मंत्र के नाम पर परिवार का खजाना खाली होता रहा और घर में शांति की जगह एक अनजाना डर पसरता रहा।
जब ज्वेलर्स की एक कॉल ने खोली पोल
इस 'भूतिया' कहानी का क्लाइमेक्स तब आया जब 29 सितंबर को बिट्टन मार्केट के जेपी ज्वेलर्स के मालिक राम पंजवानी ने पुरुषोत्तम को फोन किया।
उन्होंने बताया - "5 महीने पहले आशा यादव 17 लाख का सोना ले गई थी, 5 लाख कैश दिया, बाकी का चेक... जो बाउंस हो गया।"
ये एक फोन कॉल पूरे परिवार के लिए किसी भूत के साये से जागने जैसा था। पुरुषोत्तम ने पत्नी से सख्ती से पूछा तो सारा भेद खुल गया।
क्राइम ब्रांच की एंट्री - मिला 10 करोड़ का सुराग!
परिवार सीधे क्राइम ब्रांच पहुंचा। 14 अक्टूबर को शिकायत दर्ज हुई। जांच में जो निकला उसने पुलिस को भी चौंका दिया।
राजेश्वरी ने पुलिस को 8 चेक सौंपे जिनकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपए है! साथ में एक खाली चेक और 6 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड भी।
पुलिस ने सभी को जब्त कर लिया है।
क्राइम ब्रांच ने आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव के खिलाफ BNS की धारा 318(4) धोखाधड़ी और 61(2) आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज कर लिया है।
अब पुलिस खंगाल रही है - आखिर इन चेक और ATM का इस्तेमाल किस और बड़े 'तंत्र' के लिए होना था?
सवाल वही है - क्या ये सिर्फ धोखाधड़ी है या अंधविश्वास के नाम पर चल रहा कोई बड़ा काला कारोबार? क्राइम ब्रांच की जांच जारी है।
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