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#Digvijaya Singh

Total published stories tagged under #Digvijaya Singh: 24

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पटवारी के 'सृजन' से पूरा 'संगठन' हुआ छिन्न-भिन्न टूट की कगार पर कांग्रेस सभी नेता अलाप रहे अपना-अपना राग
मध्य प्रदेश

पटवारी के 'सृजन' से पूरा 'संगठन' हुआ छिन्न-भिन्न टूट की कगार पर कांग्रेस सभी नेता अलाप रहे अपना-अपना राग

2/7/2026187
दिग्विजय सिंह सीएम के समर्थन में क्या आए कांग्रेस ने तो उन्हें 'स्लीपर' सेल ही घोषित कर दिया
मध्य प्रदेश

दिग्विजय सिंह सीएम के समर्थन में क्या आए कांग्रेस ने तो उन्हें 'स्लीपर' सेल ही घोषित कर दिया

1/7/2026135
जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को सुबह से मालूम था नामांकन रद्द होगा तेलंगाना के कांग्रेस अध्यक्ष दिग्विजय सिंह के निवास ही क्यों गए पढ़िए पूरी खबर मुखबिर पर
मध्य प्रदेश

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9/6/2026324
NEET पेपर मामले में मोदी सरकार के साथ दिग्विजय सिंह कहा सरकार के 'सिस्टम पर उन्हें भरोसा है'
मध्य प्रदेश

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1/6/2026175
दिग्विजय सिंह ने नर्मदा परिक्रमा की तो कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई अब भगवान राम के दर्शन किए तो क्या फिर बदलाव होगा
मध्य प्रदेश

दिग्विजय सिंह ने नर्मदा परिक्रमा की तो कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई अब भगवान राम के दर्शन किए तो क्या फिर बदलाव होगा

26/3/2026187
'हॉर्स ट्रेडिंग' को लेकर बेफिक्र कांग्रेस बीजेपी 'सेंध' लगाने को तैयार दिग्विजय सिंह फिर जा सकते हैं राज्यसभा
मध्य प्रदेश

'हॉर्स ट्रेडिंग' को लेकर बेफिक्र कांग्रेस बीजेपी 'सेंध' लगाने को तैयार दिग्विजय सिंह फिर जा सकते हैं राज्यसभा

20/3/2026145
एमपी कांग्रेस को लेकर दिल्ली में मंथन,हार के कारणों की देंगे जानकारी,नई कार्यकारिणी पर होगी चर्चा
मध्य प्रदेश

एमपी कांग्रेस को लेकर दिल्ली में मंथन,हार के कारणों की देंगे जानकारी,नई कार्यकारिणी पर होगी चर्चा

12/8/2024163
कल दो पूर्व सीएम की किस्मत ईवीएम में होगी कैद,कौन रचेगा इतिहास,कौन होगा नाकाम
भोपाल

कल दो पूर्व सीएम की किस्मत ईवीएम में होगी कैद,कौन रचेगा इतिहास,कौन होगा नाकाम

6/5/2024252
राजगढ़ बनी हाट सीट,दिग्विजय सिंह ने झोंकी ताकत,बीजेपी के वरिष्ठों ने दिखाया दम
भोपाल

राजगढ़ बनी हाट सीट,दिग्विजय सिंह ने झोंकी ताकत,बीजेपी के वरिष्ठों ने दिखाया दम

5/5/2024239
'दिग्विजय' के किले पर नरोत्तम मिश्रा की 'सेंधमारी' भरी जीत की हुंकार
भोपाल

'दिग्विजय' के किले पर नरोत्तम मिश्रा की 'सेंधमारी' भरी जीत की हुंकार

राजगढ़ लोकसभा (rajgarh constituency) का चुनाव अब दिलचश्प हो चला है। दरअसल चुनाव के दिलचश्प होने का कारण दो राजनीतिक महारथियों के आमने-सामने होने के कारण हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (digvijaya singh) राजगढ़ लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा की तरफ से राजनीति के खिलाड़ी डॉ. नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) को भाजपा उम्मीदवार को जिताने का जिम्मा सौंप दिया गया है। अभी तक माना जा रहा था कि राजगढ़ में दिग्विजय सिंह आसानी के साथ चुनाव में जीत दर्ज कर लेंगे और भाजपा के सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने के मंसूबों पर पानी फिर सकता है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने अपने सबसे भरोसेमंद नेता को राजगढ़ चुनाव की कमान सौंप दी है जिनकी जिंदगी में हार जैसा शब्द नहीं है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा पूर्व प्रधानमंत्री अटलविहारी वाजपेयी की उस कविता को ध्येय वाक्य मानते हैं जिसमें उन्होने कहा था 'हार नहीं मानूंगा,रार नहीं ठानुंगा' इसी कविता को ध्येय वाक्य मानते हुए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को राजगढ़ में जीत की हुंकार भरते हुए दिग्विजय सिंह के किले पर सेंधमारी का ऐलान कर दिया। गौरतलब है कि इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो जब भी भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री को जब कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है तब-तब उन्होने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के विश्वास पर खरा उतर कर पार्टी की झोली में जीत डाली है। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार राजगढ़ संसदीय क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में हार की हताशा घर कर रही थी लेकिन डॉ. नरोत्तम मिश्रा की एक सभा ने मानों भाजपा कार्यकर्ताओं को संजीवनी देने का काम किया हो। जिस प्रकार से पूर्व गृह मंत्री ने राजगढ़ में सभा के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित किया है उसके बाद भाजपा के कार्यकर्ता एक नए जोश और उत्साह के साथ चुनाव प्रचार में उतर चुके हैं। यूं ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पार्टी का 'संकट मोचक' नहीं कहा जाता है। पार्टी को जब भी विषम परिस्थिति दिखती है तो पूर्व गृह मंत्री को वहीं पर खड़ा कर दिया जाता है जो अपने चिर परिचित अंदाज में जनता का मन बदल कर पूरा माहौल भाजपा के पक्ष में करने की महारत रखते हैं।

11/4/2024198
डेढ़ घंटे की प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता नहीं बता पाए कि आखिर वो कहना क्या चाहते हैं?
भोपाल

डेढ़ घंटे की प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता नहीं बता पाए कि आखिर वो कहना क्या चाहते हैं?

कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर एमपी कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता (congress press conference) का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (jitu patwari) ,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार,विवेक तन्खा अरुण यादव,पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक शामिल हुए। प्रेसवार्ता के दौरान सभी नेताओं ने एक-एक कर अपनी तरफ से मीडिया को संबोधित किया। करीब डेढ़ घंटे तक चली प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस का एक भी नेता यह नहीं बता पाया कि वो कहना क्या चाहता है। विवेक तन्खा के हाथ में माइक गया तो वो न्यायालय पर सवाल खड़ा करते नजर आए,अरुण यादव के पास माइक आया तो उन्होने किसानों के विषय में बात की। जीतू पटवारी ने भी कई मिनट तक अपनी बात रखी लेकिन उन्हे खुल नहीं मालूम होगा कि उन्होने किस बारे में बात की है। इन सब नेताओं की बात खत्म हुई अथवा बता नहीं पाए तो जेपी धनोपिया को अंत में माइक पकड़ा दिया गया। कुछ देर जेपी धनोपिया ने बोला तो इतना समझ में आया कि कांग्रेस के नेत्रृत्व में सरकार बनी तो मनरेगा में 400 रुपये के हिसाब से मजदूरी मिलेगी। प्रेसवार्ता के दौरान मुकेश नायक ने अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सबको लिख कर ले दिया गया है जिसको जो पूछना हो पूछ सकते हैं। दिग्विजय सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि कांग्रेस कभी भेदभाव नहीं करती सभी को साथ लेकर चलती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने केन्द्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्या कारण है कि केन्द्र सरकार जातिगत जनगणना क्यों नहीं करवाती है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अर्जुन सिंह की सरकार में भी पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने की कोशिश हुई थी लेकिन न्यायालय ने यह कहा था कि 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता। दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरक्षण के लिए भारतीय संबिधान में संशोधन किया जाएगा।

10/4/2024227
सुरेश पचौरी के बीजेपी में शामिल होते ही एमपी कांग्रेस में 'दिग्विजय' बाद हावी
भोपाल

सुरेश पचौरी के बीजेपी में शामिल होते ही एमपी कांग्रेस में 'दिग्विजय' बाद हावी

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि कांग्रेस नेता आधारित पार्टी है। जहां नेताओं के जयकारे लगाए जाते हैं न कि पार्टी के समर्थन में जयकारे लगाए जाते हैं। पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी (suresh pachouri) ने अपने कई समर्थकों के साथ बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। सुरेश पचौरी के कांग्रेस छोड़ने पर पार्टी के नेताओं को पछतावा तो दूर की बात है बल्कि कांग्रेस पार्टी में जश्न का माहौल है। क्योंकि सुरेश पचौरी के पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस में मैदान खाली हो गया। एक के बाद एक कांटे कांग्रेस के खुद निकलते चले गए ऐसे में मैदान खाली देख कांग्रेस पार्टी में दिग्विजय सिंह (digvijaya singh) के समर्थकों ने अपना आधिपत्य स्थापित करना शुरु कर दिया। इन दिनों एमपी कांग्रेस में पूर्व सीएम दिग्विजय खेमे का बोलबाला देखने को मिल रहा है। ऐसे में जो दिग्विजय समर्थक नहीं हैं अथवा उनके खेमे के नहीं हैं वो अपनी ही पार्टी में बेगाना सा महसूस करने लगे हैं। पार्टी में अब भी ऐसे कई प्रतिभाशाली और मेहनती वर्कर हैं जो पार्टी के लिए काम तो करना चाहते हैं लेकिन दिग्विजय वाद हावी होने के कारण वो पार्टी में काम नहीं कर पा रहे हैं। कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ता आते हैं तो उन्हे बैठने के लिए स्थान भी नहीं मिलता जिसके कारण वो पार्टी कार्यालय के बाहर चाय की दुकान में भटकते हुए अक्शर देखे जाते हैं। जीतू पटवारी को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया लेकिन वो अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं। जिस दिन से जीतू पटवारी को पार्टी की कमान मिली है उस दिन से कांग्रेस में लगातार पलायन का दौर जारी है। एक के बाद एक बड़े नेता कांग्रेस का हाथ छोड़ कर फूल का दामन थामते चले जा रहे हैं। कुल मिला कर कांग्रेस पार्टी इस समय अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है। पार्टी की स्थिति सुधरना तो दूर लगातार नए-नए खेमे पनपते चले जा रहे हैं और जो नेता खेमेबाजी करने में सक्षम नहीं हैं वो दिग्विजय सिंह के सामने माथा टेकने के लिए मजबूर हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है और कांग्रेस कार्यालय में किसी प्रकार की चुनावी रौनक देखने को अब तक नहीं मिल रही है। स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि टीवी डिवेट में बैठने के लिए कांग्रेस में प्रवक्ता तक उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ऐसे में बीजेपी प्रवक्ताओं को भी डिबेट करने में मजा नहीं आ रहा है।

15/3/2024214
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