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एक दूसरे से आंख मिचोली खेल रही भाजपा और कांग्रेस राज्यसभा उम्मीदवार के लिए दोनों पार्टियां नहीं खोल रही पत्ते
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर जून के महीने में चुनाव होना है। 18 जून को वोटिंग होनी हैं एक जून से नामांकन प्रक्रिया शुरु हो रही हैं। लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। दरअसल तीन सीटों में एक सीट कांग्रेस कोटे की है तो वहीं दो सीट भाजपा कोटे की है। कांग्रेस को चुनाव में हार्स ट्रेडिंग का डर सता रहा है जबकि भाजपा तीसरी सीट में कब्जा कर मध्य प्रदेश में अपने राज्यसभा सांसदों की संख्या आठ से नौ करने की जुगाड़ में लगी है। कांग्रेस में उम्मीदवार चयन को लेकर काफी मंथन हो चुका है जिसमें कमलनाथ,दिग्विजय सिंह,मिनाक्षी नटराजन,अरुण यादव,जीतू पटवारी सहित कई नामों पर चर्चा हो चुकी है लेकिन सहमति किसी नाम पर नहीं बन पाई है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार कांग्रेस चाहती है कि भाजपा पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा करे। भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद परिस्थिति के हिसाब से कांग्रेस अपने उम्मीदवार की घोषणा करना चाहती है। वहीं कांग्रेस अपने विधायकों पर भी लगातार नजर रख रही है। कांग्रेस को सक है कि उसके विधायक क्रास वोटिंग कर सकते हैं लिहाजा खुद के विधायकों पर विश्वास न कर कांग्रेस भाजपा की अगली रणनीति पर नजर रख रही है। हांलांकि कांग्रेस ने तीसरी सीट को बचाए रखने के लिए अलग से विकल्प तैयार कर रखा है जिसके तहत कांग्रेस कमलनाथ को राज्यसभा उम्मीदवार बना सकती है। कांग्रेस को इस बात की उम्मीद है कि अगर कमलनाथ राज्यसभा के उम्मीदवार होंगे तो भाजपा तीसरी सीट में अपना उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी। वहीं दूसरी तरफ भाजपा भी इंतजार कर रही है कि कांग्रेस अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दे तो फिर वो परिस्थिति के हिसाब से अपने उम्मीदवारों की घोषणा करे। मुखबिरों के मुताबिक भाजपा ने दो नाम फाइनल कर रखे हैं। तीसरे नाम पर भाजपा कन्फ्यूज है कि उम्मीदवार उतारें अथवा नहीं। लेकिन खबर यह भी है कि भाजपा डमी उम्मीदवार के तौर पर किसी तीसरे नेता का नामांकन करा सकती है। ताकि परिस्थिति के हिसाब से आगे की रणनीति तैयार कर सके। फिलहाल दोनों ही पार्टियां एक दूसरे से आंख मिचोली खेलने की स्थिति में नजर आ रही हैं और पहले आप-पहले आप की लड़ाई लड़ रही हैं।

भाजपा के स्थापना दिवस पर हफ्ते भर चलेंगे विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम हर प्रकार के पदाधिकारी होंगे शामिल
भारतीय जनता पार्टी आज स्थापना दिवस मनाने जा रही है। स्थापना दिवस पर बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी कार्यालयों और कार्यकर्ताओं के निवास पर पार्टी का झंडा फहराया जाएगा एवं कार्यालयों की सजावट कर मिठाई बांटी जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल एवं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश कार्यालय में ध्वजारोहण करेंगे। इसके बाद प्रदेश के 14 जिलों में पार्टी के जिला कार्यालयों का भूमिपूजन एवं तीन जिलों में कार्यारंभ समारोह में वर्चुअली सहभागिता कर संबोधित करेंगे। स्थापना दिवस समारोह में वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया जायेगा। पूरे प्रदेश में मंडल स्तर पर होने वाले स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश कार्यालय में होने वाले भूमिपूजन एवं कार्यरंभ समारोह का लाइव प्रसारण होगा। भाजपा के स्थापना दिवस पर 5, 6 एवं 7 अप्रैल को प्रदेश कार्यालय सहित प्रदेश के सभी मंडल, जिला कार्यालयों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। छह अप्रैल को प्रदेश के बूथों पर पार्टी का झंडा फहराकर मिठाई वितरित की जाएगी। इसके बाद पार्टी के इतिहास और विकास यात्रा पर उदबोधन होगा। साथ ही प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्य सम्मेलन आयोजित होंगे। 8 और 9 अप्रैल को सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें 1 वक्ता प्रदेश से और 2 वक्ता जिले से होंगे। 7 से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलो अभियान के तहत पार्टी पदाधिकारी, सांसद, विधायक, जिला पंचायत, जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, सभी पार्षद और पार्टी के सभी कार्यकर्ता अभियान में भाग लेंगे। इस अभियान के अंतर्गत एक विधानसभा में 50 बड़े गांवों में कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान, पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान, समाज के विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य व्यक्तियों से संपर्क और उनका सम्मान, केन्द्र सरकार एवं एनडीए शासित प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी।

पीएम मोदी शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से करेंगे चर्चा गैस और पेट्रोल डीजल की कमी पर होगी चर्चा
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। विषम परिस्थितियों के बाद भी केन्द्र की मोदी सरकार ने स्थिति को नियंत्रित कर रखा है और जरुरत के हिसाब से गैस सिलेंडर डीजल,पेट्रोल सभी चीजें उपलब्ध कराई जा रही है। इतना सबकुछ होने के बाद भी मध्य प्रदेश सहित देश के अलग-अलग राज्यों में गैस और फ्यूल को लेकर भीड़ देखने को मिल रही है। जनता के बीच पैनिक स्थिति निर्मित हो रही है। इन सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए पीएम मोदी ने शुक्रवार शाम छह बजे देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों के अलावा अन्य पार्टी के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इस मीटिंग में पीएम मोदी अलग-अलग राज्यों के सीएम से वन टू वन चर्चा कर राज्यों की स्थिति को समझने का प्रयास करेंगे। सभी सीएम से बात करने के बाद मुख्यमंत्रियों को पीएम मोदी महत्वपूर्ण दिशा निर्देश देते नजर आएंगे। बैठक के दौरान कुछ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा संभव है।

अमेरिका से शुरु हुई लड़ाई दिल्ली पहुंची और अब 24 को भोपाल में होगी 'महाभारत' निशाने पर होंगे मोदी
कांग्रेस पार्टी एक बार फिर सड़क पर उतरने जा रही है और इस बार लड़ाई का केन्द्रबिंदु किसान होने जा रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापार समझौते को कांग्रेस किसानों के विरुद्ध बता रही है। उस व्यापार समझौते के विरुद्ध कांग्रेस पार्टी राज्यवार किसान सम्मेलन करने जा रही है। इसकी शुरुआत 24 फरवरी को भोपाल से होगी। इसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे। दिल्ली में हुई पार्टी की बैठक में सम्मेलन की रणनीति पर चर्चा की गई। इस बैठक में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए। इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कमर कस ली है। कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, पहला किसान सम्मेलन भोपाल में आयोजित करने के उनके प्रस्ताव को इसलिए कांग्रेस हाई कमान ने स्वीकार किया है, क्योंकि मध्य प्रदेश में अभी बजट सत्र चल रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत के बीच हुए व्यापार समझौते का असर मध्य प्रदेश के किसानों पर भी पड़ेगा और उनकी आमदनी प्रभावित होगी। इस व्यापार समझौते से खासकर सोयाबीन, मक्का, कपास, फल उत्पादक किसान ज्यादा प्रभावित होंगे। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भोपाल आने की खबर मिलते ही भाजपा नेताओं के तेवर तीखे हो गए हैं। भाजपा की तरफ से एक-एक करके नेताओं ने राहुल गांधी पर निशाना साधना शुरु कर दिया है।

विश्व के पहले नवग्रह शक्तिपीठ में 10 से 20 फरवरी तक उमड़ेगा आस्था और विश्वास का जन सैलाव
मध्यप्रदेश का डबरा नगर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। जहां अगले 10 दिन तक आस्था और विश्वास का जन सैलाव उमड़ने जा रहा है। दरअसल यहां पर विश्व का पहला भव्य नवग्रह शक्तिपीठ मंदिर का निर्माण किया गया है। जहां नौ ग्रह अपनी-अपनी पत्नियों के साथ विराजमान होंगे। यह अनूठी अवधारणा डबरा को वैश्विक धार्मिक मानचित्र पर एक नई और विशिष्ट पहचान दिलाने जा रही है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने Mukhbir को बताया कि नवग्रह शक्तिपीठ की प्राण प्रतिष्ठा का महाआयोजन 10 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। 10 फरवरी को स्टेडियम ग्राउंड से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई नवग्रह शक्तिपीठ पहुंचेगी। इस यात्रा में 20 हजार से अधिक महिलाओं के सम्मिलित होने की संभावना है। इस महा आयोजन में देश-विदेश से संत-महापुरुषों का आगमन होने जा रहा है। इस विश्वस्तरीय धार्मिक आयोजन में देश के प्रमुख संत, कथावाचक और आध्यात्मिक विभूतियां सहभागिता करेंगी। मुख्य रूप से बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पंडित प्रदीप मिश्रा प्रख्यात कवि कुमार विश्वास दांती महाराज, पंडोखर धाम के गुरुशरण शर्मा,धूमेश्वर धाम, दंदरौआ धाम, रावतपुरा सरकार सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहेंगे। 11 से 13 फरवरी: पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा शिव महापुराण कथा 14 से 16 फरवरी कुमार विश्वास की भावनात्मक काव्य-प्रस्तुति “अपने-अपने राम”17 से 20 फरवरी: बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा एवं दिव्य दरबार इसी अवधि में नौ मंजिला भव्य यज्ञशाला में प्रतिदिन प्रत्येक ग्रह देवता के लिए एक-एक लाख आहुतियां दी जाएंगी। संत बद्रीश जी महाराज एवं उनके 70 उपासक विधि-विधान संपन्न कराएंगे, जबकि दांती महाराज द्वारा पूरे दस दिन विशेष अनुष्ठान किया जाएगा। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि पूरा डबरा नगर एक परिवार की तरह इस आयोजन को सफल बनाने में न केवल जुटा हुआ है बल्कि हर तरह का सहयोग भी कर रहा है। मुझे पूरी आशा है कि “विश्व का पहला नवग्रह शक्तिपीठ डबरा को आध्यात्मिक पर्यटन का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाएगा। यह आयोजन सनातन संस्कृति और ज्योतिष परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करेगा।”

SIR में हजारों मामले ऐसे पाए गए जहां बच्चों की उम्र पिता से ज्यादा पाई गई सुधार में जुटा निर्वाचन आयोग
भोपाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान डेटा में ऐसी गड़बड़ियां सामने आई हैं जिसके कारण निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के होश उड़ गए हैं। जिले में करीब 7 लाख मतदाताओं के डिजिटल रिकॉर्ड में तार्किक त्रुटियां (Logical Errors) पाई गई हैं। इनमें सबसे चौंकाने वाले मामले ऐसे हैं जहां तकनीकी गड़बड़ी के कारण माता-पिता की उम्र उनकी संतान से भी कम दर्ज हो गई है। बीएलओ (BLO) एप के जरिए की गई छंटनी में भोपाल और मध्यप्रदेश स्तर पर लाखों गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं। भोपाल में 1.19 लाख और प्रदेश में 39 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनकी उम्र उनके माता-पिता से महज 15 साल कम या उससे भी कम दर्ज है। करीब 18 हजार मामलों में माता-पिता की उम्र मतदाता से 50 साल से भी ज्यादा बड़ी दिखाई गई है। जिले के 46 हजार मतदाताओं के रिकॉर्ड में 6 या उससे अधिक संतानें दर्ज पाई गई हैं। पिता के नाम में मिसमैच और जेंडर की गड़बड़ी के भी लाखों मामले सामने आए हैं। एसआइआर के दौरान मिली गड़बड़ियों में लगातार सुधार का काम तो किया जा रहा है लेकिन प्रदेश के जो वोटर हैं उनके मन में निर्वाचन आयोग के प्रति संदेह की स्थिति बन गई है जिसे ठीक करना अब आयोग की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।

'मिलेनियल पीढ़ी' के बीजेपी अध्यक्ष को देश के 'बॉस' ने बताया अपना 'बॉस' कहा कम उम्र अनुभव ज्यादा
45 वर्ष की भाजपा में 45 वर्ष के युवा नेता नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना कर भाजपा के नेतृत्व ने यह साबित कर दिया है कि यह चमत्कार भाजपा में ही देखने को मिल सकता है। दिल्ली बीजेपी कार्यालय में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नितिन खुद एक तरह से मिलेनियल पीढ़ी के हैं। वो उस पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं, जिसने भारत में बहुत बदलाव देखे हैं। वो उस युग से हैं, जिसने बचपन में रेडियो पर खबरें सुनीं और आज एआई का इस्तेमाल करने में माहिर हैं। नितिन में युवा ऊर्जा और अपार अनुभव दोनों हैं।BJP मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नव निर्वाचित अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा। 'आज सबसे पहले मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। आपने मुझ जैसे एक साधारण कार्यकर्ता को पार्टी के इस सर्वोच्च पद तक पहुंचने का अवसर दिया है और इसके लिए मैं आप सभी को नमन करता हूं। प्रधानमंत्री जी का भी आभार व्यक्त करता हूं। क्योंकि हम जैसे साधारण कार्यकर्ताओं ने हमेशा उन्हें दूर से देखा है कि आप राष्ट्र सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। नितिन नबीन ने कहा, 'मुझे याद है कि जब मैंने पहली बार गुजरात के आनंद में आपके साथ एक कार्यक्रम में भाग लिया था। उस वक्त मैं राष्ट्रीय महासचिव था और मैंने सद्भावना मिशन कार्यक्रम के दौरान आपको प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यान से सुनते हुए देखा था. कार्यक्रम खत्म होने के बाद, जब आपने अपने ग्रीन रूम में हमसे बात की तो आपने बड़ी भावुकता से समझाया कि गुजरात से इतने सारे लोग क्यों आए थे... उस दिन मुझे समझ आया कि एक व्यक्ति तभी महान बनता है, जब वह जनता की भावनाओं से जुड़ता है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नितिन नवीन कार्यकारी अध्यक्ष होंगे नवीन
भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला करते हुए बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन नवीन को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। नितिन नवीन सिन्हा बिहार से आते हैं और बड़े नेता माने जाते हैं। कायस्थ समाज से आने वाले नितिन नवीन को भारतीय जनता पार्टी ने जेपी नड्डा की जगह कार्यकारी अध्यक्ष बना कर फिलहाल राष्ट्रीय अध्य। पद को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने का काम किया है। नितिन नवीन पांच बार के विधायक हैं और भाजपा में अलग-अलग पदों पर रह चुके हैं। नितिन नवीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना कर भाजपा ने तीसरी पीढ़ी को आगे करने का काम किया है। नितिन नवीन एक युवा नेता माने जाते हैं। पांच राज्यों में होने वाले चुनाव को देखते हुए युवा चेहरे को आगे कर भाजपा ने बड़ा दांव खेलने का प्रयास किया है।

बिहार में NDA की जीत तयं,बूथ-बूथ और घर-घर भाजपा का प्रचार,मंच और रैली तक सिमटा इंडिया गठबंधन
बात जब चुनाव की होती है तो भाजपा की जमीनी जमावट का कोई तोड़ नहीं होता है। तेजस्वी यादव के हर घर नौकरी के अभियान को भाजपा के कार्यकर्ता घर-घर जाकर तहस नहस कर रहे हैं। दरअसल बिहार में छह और 11 अक्टूबर को होने वाली वोटिंग के लिए चुनाव प्रचार पूरे शबाब पर है। बिहार में सालों से सत्ता से दूर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने आपस में मिल कर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजश्वी यादव ने एक बड़ा दांव चलते हुए हर घर में एक व्यक्ति को शासकीय नौकरी देने का वादा किया है जिसके कारण बिहार चुनाव काफी दिलचश्प हो गया है। तेजश्वी के दांव पर केन्दीय गृह मंत्री अमित शाह ने ये कह कर पानी फेर दिया है कि बिहार में हर घर से अगर नौकरी दी जाती है तो 12 लाख करोड़ रुपये की जरुरत पड़ेगी जबकि बिहार का बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ का है। लिहाजा तेजश्वी यादव तो दावे कर रहे हैं और युवाओं को सपने दिखा रहे हैं तो उन्हे यह भी मालूम होना चाहिए कि बिहार का युवा पढ़ा लिखा है। और उन्हे राज्य की आर्थिक स्थिति मालूम है इसलिए वो तेजश्वी के हवा हवाई वादे पर विश्वास नहीं करेंगे। दूसरी तरफ एनडीए और इंडिया गठबंधन के चुनाव प्रचार की बात करें तो एक दोनों के बीच बड़ा अंतर है। क्योंकि इंडिया गठबंधन की तरफ से राहुल और तेजश्वी यादव सिर्फ मंचों पर भाषण और रैलियों पर निर्भर हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी का चुनाव उससे बेहद अलग है। भाजपा के बड़े नेता मंच और रैलियों के माध्यम से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बांकी के कार्यकर्ता बूथों पर सक्रिय हैं। भाजपा ने 'मेरा बूथ-सबसे मजबूत' अभियान चला कर अपने ही कार्यकर्ताओं के बीच प्रतिस्पर्धा खड़ी कर दिया है जिसके परिणाम पॉजिटिव आ रहे हैं। भाजपा का हर कार्यकर्ता अपने बूथ को मजबूत करने की जद्दोजहद में जुट गया है। हर बूथ में भाजपा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उतर चुके हैं। और यही भाजपा की स्ट्रेंथ है जिसके बल पर भाजपा चुनाव जीतती है। उसके अलावा भाजपा ने एमपी,यूपी,दिल्ली,हरियाणा और राजस्थान से अपने चुनिंदा नेताओं को बिहार भेज दिया है जो संगठनात्म प्रक्रिया के माहिर माने जाते हैं। जिन नेताओं का चुनाव प्रबंधन काफी मजबूत है ऐसे नेता बिहार में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार करने के साथ रणनीति बना रहे हैं। इन सब बातों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि शोर शराबे के बीच कठिन दिख रहे चुनाव को एनडीए गठबंधन एकतरफा जीतने वाला है।

इस त्योहार जमकर सोने की करें खरीदी,खुशियों से मनाएं त्योहार
त्योहारी सीजन शुरु हो चुका है। दशहरे से दीपावली के बीच हर व्यक्ति अपने घर में सोना खरीद कर अपनी संपत्ति को सुरक्षित करना चाहता है। ऐसी स्थिति में अगर आप सोने में इनवेस्ट करने के बारे में सोच रहे हैं या अपने लिए सोने की ज्वैलरी खरीदना चाहते हैं, तो आपको खरीदारी से पहले आपकी जरूरत वाली सभी महत्वपूर्ण जानकारी यहां मिल सकती है। देश में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के लेटेस्ट प्राइसेज देखें और एक समझदारी वाला फैसला करने के लिए इनकी तुलना करें। देश में आज सोने का दाम 24 कैरेट के लिए 1,14,310 रुपये और 22 कैरेट के लिए 1,04,710 रुपये है। सभी दामों को आज अपडेट किया गया है और ये इंडस्ट्री के स्टैंडर्ड के अनुसार हैं।

एमपी में दो महीने में ’16 लाख बढ़े वोटर’ हर दिन 26 हजार बढ़े वोटर,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लगाया आरोप
वोट चोरी मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्वाचन आयोग पर बड़ा हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग ट्रांसपेरेंसी की बात करता है और मतदाता सूची में गड़बड़ी करता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जून 2023 को वोट जोड़ने,काटने और संशोधन को किसी से शेयर करने के लिए मना किया गया और न ही उसे वेबसाइड में डाला गया पांच राज्यों के साथ वोटों की एमपी में भी चोरी हुई। दिसंबर 2022 को 8.5 लाख वोटर हटाने का आदेश कागजों तक सीमित रहा। एमपी में कई ऐसी सीटें हैं जहां दो महीने में वोटर बढ़े। नतीजों से ज्यादा कई जगहों पर वोट में अंतर था। चुनाव आयोग अपनी ड्यूटी से भाग रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वोटर की जानकारी फोटो के साथ क्यों नहीं दी जाती। दावे आपत्ति के बाद भी नाम जुड़ते हैं और पोलिंग बूथ के पास अलग सूची जाती है। उमंग सिंघार ने कहा कि दस हजार वोट प्रति सीट ऑन एवरेज बढ़े हैं। और हारने वाली सीटों पर साम-दाम दंड भेद अपनाया गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार यहीं नहीं रुके उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि दो महीने के अंदर 16 लाख से अधिक एमपी में वोटर बढ़े जो हर दिन का 16 हजार का औसत है। यह अपने आप में पर्याप्त है कि किस प्रकार से निर्वाचन आयोग ने एमपी के वोटिंग में गड़बड़ी की है।

'देश के सबसे झूठे नेता' राहुल गांधी,पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने लगाया आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोप पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने करारा प्रहार करते हुए कहा कि राहुल गांधी का यह बयान देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सीधा हमला है। उनका यह आरोप भी एक बार फिर उनकी आदत के मुताबिक ‘पहले बोलो, बाद में भागो’ वाला ही सिद्ध होने वाला है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा, “राहुल गांधी, एक शायरी है — ‘बड़ा शोर सुनते थे पहलू में दिल का... चीर के देखा तो कतरा-ए-खून न निकला।’ आपका चुनाव आयोग पर एटम बम, फुस्सी बम निकला। देश की जनता पहले ही जान चुकी थी कि आपके पास कुछ नहीं है, वरना आप सबसे पहले विदेश भागते और फिर कोर्ट में जाते। क्योंकि देश को बदनाम करना हो तो आप विदेश भागने में सबसे आगे रहते हैं।” पूर्व गृह मंत्री ने तंज कसते हुए कहा, “लगता है कांग्रेस ने देश की छवि खराब करने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का टेंडर ही ले रखा है। चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, सेना— कोई भी संस्था इनकी झूठी राजनीति से बची नहीं है। राहुल गांधी को अब समझ लेना चाहिए कि सबूत के बिना चिल्लाने से सिर्फ हंसी उड़ती है।” डॉ. मिश्रा ने चुनौती देते हुए कहा, “अगर आपके पास सच में सबूत हैं, तो तुरंत चुनाव आयोग में हलफनामा दें। वरना यह देश आपको आधिकारिक रूप से ‘भारत का सबसे बड़ा झूठा’ मान लेगा। यही हाल रहा तो झूठ का पर्यायवाची ही कही राहुल गांधी न हो जाएं।पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के बयान देश में अराजकता फैलाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा हैं। “राहुल गांधी को देश की जनता ने बार-बार नकारा है, इसलिए अब वो चुनाव में हार का ठीकरा कभी ईवीएम पर, कभी चुनाव आयोग पर फोड़ते हैं। लेकिन देश अब भ्रम की राजनीति करने वालो को पहचान चुका है — अब ये ड्रामा नहीं चलने वाला है।