जेपी नड्डा नहीं बनेंगे अध्यक्ष तो कौन होगा भाजपा का अध्यक्ष,दो नामों की चर्चा,चौका सकते हैं वीडी शर्मा

जेपी नड्डा के राज्यसभा में नेता सदन बनाए जाने के बाद भाजपा को जल्द ही नया कार्यकारी अध्यक्ष मिलने की अटकलें तेज हो गई हैं। भाजपा के संविधान के अनुसार जनवरी में भाजपा के स्थायी अध्यक्ष का चुनाव होना है, तब तक के लिए पार्टी का संसदीय बोर्ड किसी वरिष्ठ नेता को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप सकता है। गौरतलब है कि हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में अगले छह महीने के अंदर होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन के लिए पूरा वक्त देने वाले अध्यक्ष की जरूरत बढ़ गई है। वैसे तो जेपी नड्डा के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण और रसायन, उर्वरक मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद से भाजपा के लिए नए कार्यकारी अध्यक्ष की चर्चा शुरू हो गई थी। लेकिन एक विकल्प के रूप में नड्डा को नए अध्यक्ष के चुनाव तक बनाए रखने की बात भी हो रही थी। लेकिन उनके संसदीय दल का नेता बनाए जाने के बाद नए कार्यकारी अध्यक्ष को पार्टी की जिम्मेदारी देना तय माना जा रहा है। ध्यान देने की बात है कि 2019 में तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह के सरकार में गृहमंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और 2014 में राजनाथ सिंह के गृह मंत्री बनने के बाद यह जिम्मेदारी अमित शाह ने खुद संभाली थी। अधिकांश बड़े नेताओं के सरकार में शामिल होने के बाद भाजपा के लिए कार्यकारी अध्यक्ष के विकल्प सीमित रह गए हैं। लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में पार्टी के लचर प्रदर्शन और तीन महीने बाद अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए विनोद तावड़े कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पार्टी पहली पसंद हो सकते हैं। मराठा समुदाय से आने वाले तावड़े विधानसभा चुनाव में पार्टी के जनाधार को वापस लाने में सहायक हो सकते हैं। विनोद तावड़े अभी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वहीं, 2014, 2017, 2019 और 2022 में उत्तर प्रदेश में भाजपा को भारी जीत की रणनीति बनाने में सहयोगी रहे। सुनील बंसल भी कार्यकारी अध्यक्ष की दौड़ में बताये जा रहे हैं। राष्ट्रीय महासचिव के रूप में सुनील बंसल को इस बार पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना की जिम्मेदारी दी गई थी। पश्चिम बंगाल में भाजपा पिछले प्रदर्शन को नहीं दोहरा पाई और एक तिहाई सीटें कम हो गईं, लेकिन ओडिशा में भाजपा पहली बार सरकार बनाने के साथ-साथ 21 में से 20 सीटें जीतने में सफल रही। इसी तरह से तेलंगाना में भाजपा की सीटें दोगुनी हो गईं। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार पार्टी का शीर्ष नेतृत्व संगठन में मौजूदा अहम चेहरे के अलावा किसी नए चेहरे पर भी दाव लगा सकता है। जिसमें एमपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम आगे आ सकता है। वीडी शर्मा को कुशल संगठक के रुप में जाना जाता है और उनके कार्यकाल में 100% जीत का रिकार्ड रहा है। वीडी शर्मा के नेतृत्व में भाजपा ने जो भी चुनाव लड़े सभी में जीत मिली। चाहे उपचुनाव हो,नगरीय निकाय हो,फिर विधानसभा या लोकसभा सभी जगहों पर वीडी शर्मा के नेतृत्व में बीजेपी ने एकतरफा जीत हासिल की है। इसलिए माना जा रहा है कि बीजेपी वडी शर्मा पर बड़ा दांव खेल सकती है।
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