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मध्य प्रदेश

निजी स्कूलों पर पड़ेगी भारी भरकम जुर्माने की मार,34 हजार निजी स्कूलों में सिर्फ 16 हजार स्कूलों ने दी फीस की जानकारी,समय-सीमा भी समाप्त

Jun 24, 2024 3 min read
निजी स्कूलों पर पड़ेगी भारी भरकम जुर्माने की मार,34 हजार निजी स्कूलों में सिर्फ 16 हजार स्कूलों ने दी फीस की जानकारी,समय-सीमा भी समाप्त
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शिक्षा को ब्यवसाय समझने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग भारी भरकम पेनाल्टी लगाने की तैयारी में है| दरअसल निजी स्कूलों से फीस संबंधित और पाठ्यक्रमों की जानकारी मांगी गई थी जिसके लिए 24 जून तक अंतिम तारीख का भी ऐलान किया गया था जिसके लिए फीस और अन्य जानकारियां आनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज करनी थी लेकिन सोमवार को डेडलाइन खत्म होने तक सिर्फ 16 हजार स्कूलों ने जानकारी अपलोड की है| अब जानकारी नहीं देने वाले स्कूलों पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा| गौरतलब है कि मप्र निजी विद्यालय अधिनियम 2020 के तहत जबलपुर कलेक्टर ने जिलों में निजी स्कूलों की फीस की गड़बड़ी का मामला पकड़ा था| इसमें 11 स्कूलों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई भी की थी| इसके बाद प्रदेश स्तर पर निजी स्कूलों पर कार्रवाई के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी किया था| इसके तहत आठ जून तक सभी निजी स्कूलों को फीस और अन्य जानकारी आनलाइन अपलोड करनी थी| इसके बाद तिथि 24 जून कर दी गई थी| गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों के ऊपर फीस वृद्धि संबंधित मामलों को लेकर और फर्जी,डुप्लीकेट आइएसबीएन फाट्य पुस्तकें खोजने का अभियान जिला स्तर पर प्रारंभ किया था| यह विशेष अभियान 30 जून तक चलेगा| अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रकाशक और बुक डिपो के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया था| लेकिन राजधानी में यह अधिनियम ठंडा पड़ा है| Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार निजी स्कूलों पर सरकार ने जुर्माने की राशि तय की है| इसके तहत जिन विद्यालयों का नामांकन दो हजार विद्यार्थियों से अधिक का है,उनके लिए समय-सीमा में निर्धारित प्रक्रिया शुक्ल पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा| समय-सीमा के बाद पांच गुना यानि 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा| जिन निजी स्कूलों का नामांकन 1001 से 2000 तक है,उनके लिए समय-सीमा में निर्धारित शुक्ल तीस हजार रुपये है| समय सीमा के बाद 15 हजार रुपये देना होगा| जिन स्कूलों का नामांकन 501 से 1000 तक है उन स्कूलों को समय-सीमा में दो हजार रुपये शुक्ल देना होगा| समय सीमा के बाद दस हजार रुपये अर्थदंड के रुप में भी लगाया जाएगा|

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