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मध्य प्रदेश

फील्ड पर न जाने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई अफसरों की VC और मीटिंग पर लगी रोक HOD की अनुमति के बिना नहीं कर सकेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों पर मुख्य सचिव की वक्र दृष्टि पड़ चुकी है। दरअसल सीएम मोहन यादव कई बार मंत्रिय...

Sep 20, 2026 2 min read
फील्ड पर न जाने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई अफसरों की VC और मीटिंग पर लगी रोक HOD की अनुमति के बिना नहीं कर सकेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंस

📷 Cover Photo: फील्ड पर न जाने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई अफसरों की VC और

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों पर मुख्य सचिव की वक्र दृष्टि पड़ चुकी है। दरअसल सीएम मोहन यादव कई बार मंत्रियों से लेकर अधिकारियों को मैदानी दौरे करने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन अधिकारियों का दफ्तर से मोह भंग नहीं हो रहा है। अफसर दफ्तर में बैठकर या तो बैठकें कर रहे हैं या दिनभर वीडियो कॉन्फ्रेंस (VC) में व्यस्त रहते हैं। इससे दफ्तर आने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और मैदानी कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।

इसे लेकर सरकार ने अब कड़ा रुख अपनाया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने सख्त आदेश जारी किया है कि मुख्यालय में बिना अनुमति के कोई भी VC या बैठक नहीं की जाएगी।

ACS ने कहा- अफसर रोज VC करते हैं, लोग दिनभर बैठे रहते हैं

ACS संजय दुबे ने आदेश में स्पष्ट कहा है - देखने में आ रहा है कि अधिकारी प्रतिदिन वीसी करते हैं और लोगों को दिनभर बैठाकर रखते हैं, यह ठीक नहीं है। इसके लिए कहा गया है कि अधिकारी अति आवश्यक हो तो ही वीसी करें, इसके लिए HOD से पूर्व अनुमति लें। अधिकारियों को अधिक से अधिक फील्ड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

बिना अनुमति बैठक की तो अनुशासनहीनता मानी जाएगी

आदेश में कहा गया है कि VC और बैठकों का चलन इतना बढ़ गया है कि अधिकारी फील्ड पर ही नहीं दिखते। बिना ठोस एजेंडे की अनगिनत बैठकों से समय और सरकारी संसाधनों की बर्बादी हो रही है।

अब बैठकों का आयोजन केवल तय और अत्यंत महत्वपूर्ण एजेंडे पर ही होगा। यदि कोई अधिकारी बिना अनुमति बैठक करता पाया गया तो उसे अनुशासनहीनता माना जाएगा। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जब भी वे जिले के दौरे पर जाएं तो उसकी विस्तृत रिपोर्ट तय प्रपत्र पर भरकर दें, ताकि समीक्षा की जा सके कि दौरे का मैदानी कामकाज पर क्या असर रहा।

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