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मध्य प्रदेश

मोहन यादव सरकार पर चार बड़े घोटालों के आरोप लगाने के बाद पीछे हटी कांग्रेस अब लोकतंत्र बचाने की दे रही दुहाई

भोपाल। मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी

• Nov 1, 2026• 3 min read
मोहन यादव सरकार पर चार बड़े घोटालों के आरोप लगाने के बाद पीछे हटी कांग्रेस अब लोकतंत्र बचाने की दे रही दुहाई

📷 Cover Photo: मोहन यादव सरकार पर चार बड़े घोटालों के आरोप लगाने के बाद पीछ

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भोपाल। मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। दिसंबर 2023 से नवंबर 2026 तक उनकी सरकार पर विपक्ष ने कई बड़े घोटालों के आरोप लगाए हैं। इनमें से कुछ मामलों में सरकार ने खुद अधिकारियों पर कार्रवाई की है, तो कुछ मामले आरोप-प्रत्यारोप के स्तर पर हैं।

मुखबिर MP की पड़ताल में सामने आए 4 बड़े मामले, जो वेबसाइट के हिसाब से सधे तथ्यों पर आधारित हैं -

1. नगरीय निकाय खरीद घोटाला - 250 करोड़ का ओवरबिलिंग कांड
सबसे बड़ा मामला नगरीय विकास विभाग का है।
- अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की समीक्षा में खुलासा हुआ कि 374 नगरीय निकायों ने 3 साल में GeM पोर्टल से करीब 1,134 करोड़ की खरीद की, जिसमें करीब 250 करोड़ ज्यादा भुगतान का अनुमान है।
- एक ही सामान के दाम में भारी अंतर मिला - कहीं कचरा वाहन 2 लाख में तो कहीं 6 लाख में।
- एक बाल्टी 1 लाख, फिनायल 36 हजार और बल्ब 11 हजार में खरीदने के आरोप कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लगाए।
- सरकार ने इस मामले में 392 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की है, जिनमें 135 सीएमओ शामिल हैं और 7 को बर्खास्त किया गया है।
- सीएम मोहन यादव ने कैबिनेट में कहा - "भ्रष्टाचार में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।" 

2. उज्जैन लैंड स्कैम का आरोप
- इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के हवाले से कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सीएम बनने के बाद मोहन यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में 2 साल में 137 प्लॉट, करीब 168 एकड़ जमीन 45 करोड़ में खरीदी।
- आरोप है कि ज्यादातर जमीनें उन इलाकों में हैं जहां सरकार ने रोड प्रोजेक्ट और मास्टर प्लान 2035 में लैंड-यूज बदला।
- कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच और सीएम के इस्तीफे की मांग की।
- बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आरोपों को "बेबुनियाद" बताया और कहा कि 2023 के नामांकन में सीएम के पास 17 एकड़ जमीन थी जो 2026 तक वही है। 

3. 575 करोड़ का विमान-हेलीकॉप्टर खरीद विवाद
- जुलाई 2024 में कैबिनेट ने जेट और हेलीकॉप्टर खरीद को मंजूरी दी।
- कांग्रेस का आरोप - जेट की कीमत 234 करोड़ से बढ़कर 350 करोड़ और हेलीकॉप्टर 125 से बढ़कर 225 करोड़ हो गई, इंटीरियर पर 80 करोड़ अलग खर्च।
- कांग्रेस ने 100 करोड़ कमीशन का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। सरकार ने आधिकारिक तौर पर इसे सामान्य सरकारी खरीद बताया है। 

4. आबकारी टेंडर में 1 करोड़ रिश्वत का आरोप
- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि 2024-25 के शराब दुकान टेंडर में 1 करोड़ रिश्वत ली गई।
- एक आरोपी मोहित गोगिया के बयान के हवाले से उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के OSD पर भी आरोप लगे। इस मामले में स्वतंत्र SIT जांच की मांग उठी है। 

खास बात यह है कि इन सभी घोटालों का आरोप कांग्रेस की तरफ से लगाए गए लेकिन अब तक कांग्रेस एक भी आरोप सिद्ध नहीं कर पाई। दो-चार दिन कांग्रेस के नेता सरकार पर हमलावर रहते हैं उसके बाद जुवान में दही जमा कर बैठ जाते हैं। फिलहाल कांग्रेस नेताओं से सभी मोर्चों में नाकामी मिलने के बाद लोकतंत्र बचाने का ठेका ले रखा है।

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