Breaking
Stay connected for the latest news and exclusive updates...
मध्य प्रदेश

'अजय-विजय' ने B-6 में दी दस्तक सांवला हिल्स में कांपी जमीन दिन भर लगा कयासों का दौर

राजनीति कब और किसी व्यक्ति का समय कब करवट बदलता है किसी को भनक तक नहीं लग पाती। दो दिन पहले ओरछा में हुई भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के बाद भोपाल के चार इ...

Sep 2, 2026 3 min read
'अजय-विजय' ने B-6 में दी दस्तक सांवला हिल्स में कांपी जमीन दिन भर लगा कयासों का दौर

📷 Cover Photo: 'अजय-विजय' ने B-6 में दी दस्तक सांवला हिल्स में कांपी जमीन द

ADVERTISEMENT
Font Size:
राजनीति कब और किसी व्यक्ति का समय कब करवट बदलता है किसी को भनक तक नहीं लग पाती। दो दिन पहले ओरछा में हुई भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के बाद भोपाल के चार इमली में अचानक सियासी गतिविधियां बढ़ने से सांवला हिल्स की जमीन में कंपन उत्पन्न हो गया। दरअसल भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल मंगलवार को चार इमली के B-6 पहुंचे जहां उनका जोरदार तरीके से स्वागत किया गया। दोनों नेताओं ने बंद कमरे में करीब आधे घंटे तक बात की। अजय जामवाल जब B-6 से निकले तो उनके अचानक दौरे को लेकर विश्लेषण का दौर चल ही रहा था कि भाजपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अचानक B-6 में दस्तक दे दी। दोनों नेताओं ने आपस में बैठ कर खूब बात की। अजय जामवाल,कैलाश विजयवर्गीय और B-6 के नेता के बीच आखिर बातें क्या हुई वो तो अभी रहस्य का विषय है। लेकिन प्रदेश कार्यसमिति के ठीक एक दिन बाद इन बड़े नेताओं का चार इमली में आना एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा कर रहा है। इस बात में कोई सक नहीं कि B-6 में रहने वाले नेता को संकट मोचक का दर्जा प्राप्त है जो भाजपा की प्रत्येक विषय परिस्थिति में सीना तान कर खड़े रहते थे लेकिन साल 2023 के विधानसभा चुनाव में हारने के बाद उनको लगातार हाशिए पर डालने का प्रयास किया गया। यहां तक कि दतिया में उप चुनाव हुआ तो वहां भी बगैर कोई जानकारी दिए ऐन मौके पर टिकट काट दिया गया। भाजपा में एक नेता की राजनीतिक हत्या का लगातार प्रयास किया गया। लेकिन नेता इतना मजबूत था कि सभी समस्याओं का डट कर सामना किया। आपा खोए बगैर माता रानी पर विश्वास रखा और कहा कि सब माता रानी देख रही हैं। उन्ही की मर्जी से सबकुछ होता है। जब माता रानी की मर्जी होगी तो फिर उन्हें याद किया जाएगा। लेकिन प्रदेश कार्यसमिति के बाद ही अचानक नेताओं का आना एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की ओर संकेत दे रहा है। फिलहाल तो इन मुलाकातों को सौजन्य मुलाकात ही बताया जा रहा है लेकिन हकीकत तो यही है कि कोई नेता इतना खाली नहीं बैठा है कि दूसरे नेता के घर सिर्फ चाय की चुस्की लेने जाएगा।

Reader Reactions

What is your reaction to this story?
ADVERTISEMENT
📢 Share this story with friends & WhatsApp groups:

Reader Discussion & Comments (0)

Moderated Comments

Leave a Comment

Loading comments...
ADVERTISEMENT