मध्य प्रदेश
विधानसभा की अधिसूचना जारी होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर जनता के सवालों से भागने का लगाया आरोप
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की अधिसूचना जारी होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवालों का गोला दागते हुए कहा है कि प्रदेश में समस्य...
• Nov 6, 2026• 2 min read

📷 Cover Photo: विधानसभा की अधिसूचना जारी होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
ADVERTISEMENT
Font Size:
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की अधिसूचना जारी होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवालों का गोला दागते हुए कहा है कि प्रदेश में समस्याओं का अंबार लगा है, अस्पतालों में बच्चे मर रहे हैं, गांवों में जहरीली शराब से लाशें बिछ रही हैं, किसान कर्ज में डूबा है, युवा बेरोजगारी से परेशान है, लेकिन भाजपा सरकार के पास विधानसभा में चर्चा के लिए समय नहीं है!
सरकार ने शीतकालीन सत्र मात्र 5 दिनों का बुलाया है। सवाल ये है कि जब जनता के सवाल हजारों हैं, तो सदन सिर्फ 5 दिन क्यों? गौरतलब है कि यह विधानसभा सत्र 07 से 11 दिसंबर तक आयोजित किया जाना है। जिसमें पांच बैठकें आयोजित की जानी हैं। इस पांच दिवसीय सत्र को नेता प्रतिपक्ष छोटा होने और सरकार को जनता के सवालों से बचने का आरोप लगाया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इससे पहले मानसून सत्र भी 5 दिन का बुलाया गया था, लेकिन सरकार ने उसे 3 दिन में ही खत्म कर दिया। यानी सरकार को चर्चा से ही डर लगता है।
इन मुद्दों पर जवाब चाहिए, सरकार भाग रही है:
- बालाघाट: कुपोषण से 32 मासूम बच्चों की मौत - जिम्मेदार कौन?
- सागर और देवास: जहरीली शराब से 36 से ज्यादा मौतें - शराब माफिया पर कब कार्रवाई?
- किसान: खाद-बीज, मुआवजा और MSP पर सरकार चुप क्यों?
- युवा: बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती घोटालों पर कब चर्चा होगी?
- महिला सुरक्षा, आदिवासी अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य: हर मोर्चे पर सरकार फेल
- बढ़ता कर्ज और बिगड़ती कानून-व्यवस्था: प्रदेश को कर्ज के दलदल में कौन धकेल रहा है?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों से चुने गए विधायक 7 करोड़ से अधिक जनता की आवाज हैं। जब जनता के इतने सवाल हों, तो विधानसभा में चर्चा के लिए समय बढ़ना चाहिए, घटाना नहीं! सिंघार ने स्पष्ट कर दिया है कि पांच दिन की विधानसभा में सदन के अंदर और बाहर सवालों की जम कर गोलाबारी होगी।
Reader Reactions
What is your reaction to this story?ADVERTISEMENT
📢 Share this story with friends & WhatsApp groups:
Reader Discussion & Comments (0)
Moderated CommentsLoading comments...
ADVERTISEMENT
Related Top News

मुखबिर की खबर का असर निशांत खरे बनाए गए बीजेपी प्रदेश कार्यालय प्रभारी
6/11/2026
बीजेपी कार्यालय की धनतेरस पूजा में मौजूद नहीं था कोई स्थानीय विधायक और जिला संगठन का पदाधिकारी
6/11/2026
'कन्फ्यूज' भाजपा के कार्यकर्ता किसके पास जाएं किसको सुनाएं अपनी समस्या कार्यालय में नहीं होता कोई पदाधिकारी
6/11/2026