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मध्य प्रदेश

BJP के संगठन की रफ्तार पर ब्रेक 30 अक्टूबर की डेडलाइन खत्म नियुक्तियों पर खींचतान जारी दीपावली बाद होगी अग्निपरीक्षा

भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा विपक्ष की 'अराजकता' का जवाब देने में और लोकतंत्र बचाने में सक्षम है लेकिन पार्टी के संविधान को बचा पाने में पार्टी और संगठ...

• Nov 3, 2026• 3 min read
BJP के संगठन की रफ्तार पर ब्रेक 30 अक्टूबर की डेडलाइन खत्म नियुक्तियों पर खींचतान जारी दीपावली बाद होगी अग्निपरीक्षा

📷 Cover Photo: BJP के संगठन की रफ्तार पर ब्रेक 30 अक्टूबर की डेडलाइन खत्म न

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भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा विपक्ष की 'अराजकता' का जवाब देने में और लोकतंत्र बचाने में सक्षम है लेकिन पार्टी के संविधान को बचा पाने में पार्टी और संगठन कमजोर साबित हो रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी का संगठन एक साल से अटका पड़ा है और अब तक हालत ये है कि पार्टी का युवा चेहरा तक तय नहीं हो पा रहा है। जिन युवाओं पर भाजपा ने दांव लगाया तो वो बापू की कुटिया में जायके का आनंद लें रहे हैं बांकी सरकार की चासनी का स्वाद चख रहे हैं। 

30 अक्टूबर की डेडलाइन हुई फेल!

भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी विप्लव देव ने भोपाल आकर 30 अक्टूबर तक सभी संगठनात्मक नियुक्तियां पूरी करने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन डेडलाइन निकल गई और कुर्सियां आज भी खाली हैं। मुखबिरों की मानें तो इसकी वजह नेताओं, सांसदों और युवा मोर्चा के बीच की अंदरूनी खींचतान है। कोई भी अपने आदमी के नाम पर सहमति नहीं बनने दे रहा।

13 जिलों में अध्यक्ष ही नहीं!

सबसे ज्यादा फजीहत युवा मोर्चा में हो रही है। प्रदेश के 13 जिलों में अब तक युवा मोर्चा के अध्यक्ष ही नियुक्त नहीं हो पाए हैं। जहाँ नियुक्ति हुई भी, वहाँ विवादित चेहरों को लेकर विरोध शुरू हो गया है। आलम ये है कि जो पार्टी Gen-Z और कॉलेज के युवाओं को जोड़ने के लिए 'लोकतंत्र बचाओ' जैसा अभियान चलाने की तैयारी कर रही है, उसके पास ही युवाओं को दिखाने के लिए कोई चेहरा नहीं है।

वरिष्ठ नेताओं की बैठक में भी नहीं बनी बात

बताया जा रहा है कि कुछ चेहरों को लेकर वरिष्ठ नेताओं के बीच कई दौर की बैठकें हुईं, नाम भी सुझाए गए, लेकिन एक भी नाम पर सहमति नहीं बन पाई। पार्टी को एक ऐसा चेहरा चाहिए जिसकी खुद की पहचान हो, न कि सिर्फ राजनीतिक पहचान के सहारे चलने वाला।

अब निगम-मंडल पर टिकी नजर

संगठन के साथ-साथ निगम, मंडल, प्राधिकरण और आयोगों में भी राजनीतिक नियुक्तियां अटकी हैं। सरकार चाहती है कि पहले संगठन हरी झंडी दे, फिर लिस्ट जारी हो। कई विधायक भी इन पदों के लिए दावेदारी ठोक रहे हैं, जिससे पेंच और फंसता जा रहा है।

दीपावली बाद होगा फैसला?
अब सबकी नजरें दीपावली के बाद भोपाल में होने वाली बड़ी संगठनात्मक बैठक पर टिकी हैं।फिलहाल तो साफ है - बाहर से एकजुट दिखने वाली MP BJP के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।

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